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गांव रजोलका के रहने वाले अंतरराष्ट्रीय बीन वादक हवा सिंह नाथ को 96 साल की उम्र में प्रतिष्ठित संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार-2024 से सम्मानित किया गया है। दिल्ली राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनको पुरस्कार देकर सम्मानित किया। हरियाणा के सीएम नायब सैनी ने भी ट्वीट कर बधाई दी है। इससे पहले भी राज्य स्तर पर उनको कई पुरस्कार मिले है। पलवल लोक कलाकार हवा सिंह नाथ ने बताया कि उनका परिवार घुमन्तू आदिवासी समुदाय के गरीब सपेरा परिवार में हुआ। उन्होंने कहा कि बीन बजाना सपेरा समुदाय की लोक कला है। परिवार के लोग बीन बजाकर परिवार का पालन पोषण करते थे। उन्होंने भी बचपन से ही बीन बजाने की इस कला को सीख लिया और इस लोक कला और संस्कृति के विकास के लिए कार्य करने लगे। पूरे सपेरा समाज में उनकी बीन बजाने के चर्चे होने लगे। गांव के लोग उनकी बीन की धुन सुनकर मोहित हो जाते थे और कई कई घंटों तक बीन की धुन सुनते रहते थे। आसपास के क्षेत्रों में त्यौहार या उत्सव मनाया जाता था तो हवा सिंह नाथ की धुनें सुनने के लिए उन्हें बुलाने लगे। उन्होंने बताया कि बढ़ती लोकप्रियता के चलते आकाशवाणी रोहतक में बीन की प्रस्तुति देने लगे। उसके बाद 1986 में दिल्ली में आयोजित अपना उत्सव कार्यक्रम में देशभर से आए लोक कलाकारों में हिस्सा लिया। इसके बाद मुंबई और दुबई शॉपिंग फेस्टिवल में भी शानदार प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि गणतंत्र दिवस समारोह,सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला सहित देशभर के राज्यों में बीन बजाने की लोक कला को प्रस्तुत किया। हवा सिंह नाथ ने बताया कि 96 वर्ष की उम्र में भी अपनी कला के क्षेत्र में सक्रिय है और आज भी कई घंटों तक बीज बजा लेते है। उन्होंने कहा कि अपने बच्चों को भी बीन बजाने की लोक कला को सिखाया है ताकि यह लोक कला कभी भी विलुप्त ना हो। उन्होंने कहा कि माननीय राष्ट्रपति द्वारा जो सम्मान दिया गया है,उसे प्राप्त कर बेहद खुश है। बाइट : हवा सिंह नाथ सपेरा लोक कलाकार पलवल फाइल नं 5 हवा सिंह का गांव रजोलका में एक बड़ा परिवार है। उनके 5 बेटे है जो गांव में ही उनके साथ रहते है। हवा सिंह के 10 पोते ( बेटे के बच्चे) और 3 पोतियां है। लेकिन उनके बेटों के बाद कोई भी इस कला से जुड़ाना नही चाहता है। जिसका सबसे बड़ा कारण यही है कि इस कला के साथ परिवार चलाना बेहद मुशकिल है। इसलिए वो बच्चों को पढ़ा रहे है। उनके कई पोते नौकरी भी कर रहे है।

1 hr ago
user_Mahipal
Mahipal
Journalist पलवल, पलवल, हरियाणा•
1 hr ago

गांव रजोलका के रहने वाले अंतरराष्ट्रीय बीन वादक हवा सिंह नाथ को 96 साल की उम्र में प्रतिष्ठित संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार-2024 से सम्मानित किया गया है। दिल्ली राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनको पुरस्कार देकर सम्मानित किया। हरियाणा के सीएम नायब सैनी ने भी ट्वीट कर बधाई दी है। इससे पहले भी राज्य स्तर पर उनको कई पुरस्कार मिले है। पलवल लोक कलाकार हवा सिंह नाथ ने बताया कि उनका परिवार घुमन्तू आदिवासी समुदाय के गरीब सपेरा परिवार में हुआ। उन्होंने कहा कि बीन बजाना सपेरा समुदाय की लोक कला है। परिवार के लोग बीन बजाकर परिवार का पालन पोषण करते थे।

उन्होंने भी बचपन से ही बीन बजाने की इस कला को सीख लिया और इस लोक कला और संस्कृति के विकास के लिए कार्य करने लगे। पूरे सपेरा समाज में उनकी बीन बजाने के चर्चे होने लगे। गांव के लोग उनकी बीन की धुन सुनकर मोहित हो जाते थे और कई कई घंटों तक बीन की धुन सुनते रहते थे। आसपास के क्षेत्रों में त्यौहार या उत्सव मनाया जाता था तो हवा सिंह नाथ की धुनें सुनने के लिए उन्हें बुलाने लगे। उन्होंने बताया कि बढ़ती लोकप्रियता के चलते आकाशवाणी रोहतक में बीन की प्रस्तुति देने लगे। उसके बाद 1986 में दिल्ली में आयोजित

अपना उत्सव कार्यक्रम में देशभर से आए लोक कलाकारों में हिस्सा लिया। इसके बाद मुंबई और दुबई शॉपिंग फेस्टिवल में भी शानदार प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि गणतंत्र दिवस समारोह,सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला सहित देशभर के राज्यों में बीन बजाने की लोक कला को प्रस्तुत किया। हवा सिंह नाथ ने बताया कि 96 वर्ष की उम्र में भी अपनी कला के क्षेत्र में सक्रिय है और आज भी कई घंटों तक बीज बजा लेते है। उन्होंने कहा कि अपने बच्चों को भी बीन बजाने की लोक कला को सिखाया है ताकि यह लोक कला कभी भी विलुप्त ना हो। उन्होंने कहा कि माननीय राष्ट्रपति द्वारा

जो सम्मान दिया गया है,उसे प्राप्त कर बेहद खुश है। बाइट : हवा सिंह नाथ सपेरा लोक कलाकार पलवल फाइल नं 5 हवा सिंह का गांव रजोलका में एक बड़ा परिवार है। उनके 5 बेटे है जो गांव में ही उनके साथ रहते है। हवा सिंह के 10 पोते ( बेटे के बच्चे) और 3 पोतियां है। लेकिन उनके बेटों के बाद कोई भी इस कला से जुड़ाना नही चाहता है। जिसका सबसे बड़ा कारण यही है कि इस कला के साथ परिवार चलाना बेहद मुशकिल है। इसलिए वो बच्चों को पढ़ा रहे है। उनके कई पोते नौकरी भी कर रहे है।

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  • गांव रजोलका के रहने वाले अंतरराष्ट्रीय बीन वादक हवा सिंह नाथ को 96 साल की उम्र में प्रतिष्ठित संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार-2024 से सम्मानित किया गया है। दिल्ली राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनको पुरस्कार देकर सम्मानित किया। हरियाणा के सीएम नायब सैनी ने भी ट्वीट कर बधाई दी है। इससे पहले भी राज्य स्तर पर उनको कई पुरस्कार मिले है। पलवल लोक कलाकार हवा सिंह नाथ ने बताया कि उनका परिवार घुमन्तू आदिवासी समुदाय के गरीब सपेरा परिवार में हुआ। उन्होंने कहा कि बीन बजाना सपेरा समुदाय की लोक कला है। परिवार के लोग बीन बजाकर परिवार का पालन पोषण करते थे। उन्होंने भी बचपन से ही बीन बजाने की इस कला को सीख लिया और इस लोक कला और संस्कृति के विकास के लिए कार्य करने लगे। पूरे सपेरा समाज में उनकी बीन बजाने के चर्चे होने लगे। गांव के लोग उनकी बीन की धुन सुनकर मोहित हो जाते थे और कई कई घंटों तक बीन की धुन सुनते रहते थे। आसपास के क्षेत्रों में त्यौहार या उत्सव मनाया जाता था तो हवा सिंह नाथ की धुनें सुनने के लिए उन्हें बुलाने लगे। उन्होंने बताया कि बढ़ती लोकप्रियता के चलते आकाशवाणी रोहतक में बीन की प्रस्तुति देने लगे। उसके बाद 1986 में दिल्ली में आयोजित अपना उत्सव कार्यक्रम में देशभर से आए लोक कलाकारों में हिस्सा लिया। इसके बाद मुंबई और दुबई शॉपिंग फेस्टिवल में भी शानदार प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि गणतंत्र दिवस समारोह,सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला सहित देशभर के राज्यों में बीन बजाने की लोक कला को प्रस्तुत किया। हवा सिंह नाथ ने बताया कि 96 वर्ष की उम्र में भी अपनी कला के क्षेत्र में सक्रिय है और आज भी कई घंटों तक बीज बजा लेते है। उन्होंने कहा कि अपने बच्चों को भी बीन बजाने की लोक कला को सिखाया है ताकि यह लोक कला कभी भी विलुप्त ना हो। उन्होंने कहा कि माननीय राष्ट्रपति द्वारा जो सम्मान दिया गया है,उसे प्राप्त कर बेहद खुश है। बाइट : हवा सिंह नाथ सपेरा लोक कलाकार पलवल फाइल नं 5 हवा सिंह का गांव रजोलका में एक बड़ा परिवार है। उनके 5 बेटे है जो गांव में ही उनके साथ रहते है। हवा सिंह के 10 पोते ( बेटे के बच्चे) और 3 पोतियां है। लेकिन उनके बेटों के बाद कोई भी इस कला से जुड़ाना नही चाहता है। जिसका सबसे बड़ा कारण यही है कि इस कला के साथ परिवार चलाना बेहद मुशकिल है। इसलिए वो बच्चों को पढ़ा रहे है। उनके कई पोते नौकरी भी कर रहे है।
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    गांव रजोलका के रहने वाले अंतरराष्ट्रीय बीन वादक हवा सिंह नाथ को 96 साल की उम्र में प्रतिष्ठित संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार-2024 से सम्मानित किया गया है। दिल्ली राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनको पुरस्कार देकर सम्मानित किया। हरियाणा के सीएम नायब सैनी ने भी ट्वीट कर बधाई दी है। इससे पहले भी राज्य स्तर पर उनको कई पुरस्कार मिले है।

पलवल लोक कलाकार हवा सिंह नाथ ने बताया कि उनका परिवार घुमन्तू आदिवासी समुदाय के गरीब सपेरा परिवार में हुआ। उन्होंने कहा कि बीन बजाना सपेरा समुदाय की लोक कला है। परिवार के लोग बीन बजाकर परिवार का पालन पोषण करते थे। उन्होंने भी बचपन से ही बीन बजाने की इस कला को सीख लिया और इस लोक कला और संस्कृति के विकास के लिए कार्य करने लगे। पूरे सपेरा समाज में उनकी बीन बजाने के चर्चे होने लगे। गांव के लोग उनकी बीन की धुन सुनकर मोहित हो जाते थे और कई कई घंटों तक बीन की धुन सुनते रहते थे। आसपास के क्षेत्रों में त्यौहार या उत्सव मनाया जाता था तो हवा सिंह नाथ की धुनें सुनने के लिए उन्हें बुलाने लगे। उन्होंने बताया कि बढ़ती लोकप्रियता के चलते आकाशवाणी रोहतक में बीन की प्रस्तुति देने लगे। उसके बाद 1986 में दिल्ली में आयोजित अपना उत्सव कार्यक्रम में देशभर से आए लोक कलाकारों में हिस्सा लिया। इसके बाद मुंबई और दुबई शॉपिंग फेस्टिवल में भी शानदार प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि गणतंत्र दिवस समारोह,सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला सहित देशभर के राज्यों में बीन बजाने की लोक कला को प्रस्तुत किया।
हवा सिंह नाथ ने बताया कि 96 वर्ष की उम्र में भी अपनी कला के क्षेत्र में सक्रिय है और आज भी कई घंटों तक बीज बजा लेते है। उन्होंने कहा कि अपने बच्चों को भी  बीन बजाने की लोक कला को सिखाया है ताकि यह लोक कला कभी भी विलुप्त ना हो। उन्होंने कहा कि माननीय राष्ट्रपति द्वारा जो सम्मान दिया गया है,उसे प्राप्त कर बेहद खुश है।
बाइट : हवा सिंह नाथ सपेरा लोक कलाकार पलवल फाइल नं 5 
हवा सिंह का गांव रजोलका में एक बड़ा परिवार है। उनके 5 बेटे है जो गांव में ही उनके साथ रहते है। हवा सिंह के 10 पोते ( बेटे के बच्चे) और 3 पोतियां है। लेकिन उनके बेटों के बाद कोई भी इस कला से जुड़ाना नही चाहता है। जिसका सबसे बड़ा कारण यही है कि इस कला के साथ परिवार चलाना बेहद मुशकिल है। इसलिए वो बच्चों को पढ़ा रहे है। उनके कई पोते  नौकरी भी कर रहे है।
    user_Mahipal
    Mahipal
    Journalist पलवल, पलवल, हरियाणा•
    1 hr ago
  • खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने 13 अगस्त की भव्य तिरंगा यात्रा के लिए स्कूल संचालकों का किया धन्यवाद
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    खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने 13 अगस्त की भव्य तिरंगा यात्रा के लिए स्कूल संचालकों का किया धन्यवाद
    user_खबरदार पलवल
    खबरदार पलवल
    पलवल, पलवल, हरियाणा•
    10 hrs ago
  • बहीन निवासी भगवत रावत ने मुस्लिम परिवार को बचाकर पेश की भाईचारे की मिसाल हथीन/माथुर : बहीन निवासी भगवत रावत ने एक मुस्लिम परिवार को आक्रोशित जनता से बचाकर हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल पेश की। प्राप्त जानकारी के अनुसार हरियाली तीज के मौके पर उपतहसील बहीन में ग्रामीणों द्वारा तीज का त्यौहार मनाया जा रहा था जिसमें भारी संख्या में गांव की लड़कियां व बच्चे व महिलाएं शामिल थी,जब यह कार्यक्रम समाप्त हुआ तो शाम के करीब 6 बजे कुछ महिलाएं अपने छोटे बच्चों के साथ सड़क पार कर रही थी तभी खटेला सराय निवासी हारून खान अपनी मोटरसाइकिल पर अपनी पत्नी व दो बच्चों सहित वहां से नूंह की तरह जा रहा था तभी हारून की मोटरसाइकिल की चपेट में एक छोटा बच्चा आ गया, और बुरी तरह जख्मी हो गया,जिसे देखकर भीड़ इक्कट्ठा हो गई और हारून अपनी मारपीट के डर से वहां से भाग निकला लेकिन उसके पीछे गांव के ही कुछ युवा मोटरसाइकिल से उसका पीछे करने लगे इस दौरान गांव के ही भगवत रावत व शेर सिंह मोड़ा ने उन्हें गौशाला बहीन के पास रोक लिया व वहां से हारून को सुरक्षित निकालकर थाना बहीन पहुंचा दिया जहां घायल बच्चे के दादा प्रहलाद फौजी को बुला लिया गया और उनसे पूछकर हारून को सुरक्षित गांव से बाहर छोड़ दिया गया। इसके बाद हारून व उसके परिवार ने भगवत रावत का धन्यवाद किया और वहां से चले गए।
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    बहीन निवासी भगवत रावत ने मुस्लिम परिवार को बचाकर पेश की भाईचारे की मिसाल

हथीन/माथुर : बहीन निवासी भगवत रावत ने एक मुस्लिम परिवार को आक्रोशित जनता से बचाकर हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल पेश की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हरियाली तीज के मौके पर उपतहसील बहीन में ग्रामीणों द्वारा तीज का त्यौहार मनाया जा रहा था जिसमें भारी संख्या में गांव की लड़कियां व बच्चे व महिलाएं शामिल थी,जब यह कार्यक्रम समाप्त हुआ तो शाम के करीब 6 बजे कुछ महिलाएं अपने छोटे बच्चों के साथ सड़क पार कर रही थी तभी खटेला सराय निवासी हारून खान अपनी मोटरसाइकिल पर अपनी पत्नी व दो बच्चों सहित वहां से नूंह की तरह जा रहा था तभी हारून की मोटरसाइकिल की चपेट में एक छोटा बच्चा आ गया, और बुरी तरह जख्मी हो गया,जिसे देखकर भीड़ इक्कट्ठा हो गई और हारून अपनी मारपीट के डर से वहां से भाग निकला लेकिन उसके पीछे गांव के ही कुछ युवा मोटरसाइकिल से उसका पीछे करने लगे इस दौरान गांव के ही भगवत रावत व शेर सिंह मोड़ा ने उन्हें गौशाला बहीन के पास रोक लिया व वहां से हारून को सुरक्षित निकालकर थाना बहीन पहुंचा दिया जहां घायल बच्चे के दादा प्रहलाद फौजी को बुला लिया गया और उनसे पूछकर हारून को सुरक्षित गांव से बाहर छोड़ दिया गया।
इसके बाद हारून व उसके परिवार ने भगवत रावत का धन्यवाद किया और वहां से चले गए।
    user_माथुर पत्रकार
    माथुर पत्रकार
    Voice of people हथीन, पलवल, हरियाणा•
    4 hrs ago
  • यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण नहीं सुन रहा किसानों की बात। मास्टर श्यौराज
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    यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण नहीं सुन रहा किसानों की बात। मास्टर श्यौराज
    user_Bku lokshakti master sheoraj singh
    Bku lokshakti master sheoraj singh
    Jewar, Gautam Buddha Nagar•
    58 min ago
  • Gurgaon gurugram jharsa Sector 39 Vijali Vibhag and Road Vibhag se Hamara nivedan Hai is latthe aur Gali per Dhyan de 🙏
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    Gurgaon gurugram jharsa Sector 39
Vijali Vibhag and Road Vibhag se Hamara nivedan Hai is latthe aur Gali per Dhyan de 🙏
    user_Vikash Babu
    Vikash Babu
    Sohna, Gurugram•
    8 hrs ago
  • मांडीखेड़ा अस्पताल में शव रखने के लिए फ्रीजर नहीं, स्वास्थ्य मंत्री से निष्पक्ष जांच और व्यवस्था की मांग नूंह के गांव बलई निवासी एवं पंचायत समिति सदस्य जुनैद खान ने हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री को पत्र भेजकर मांडीखेड़ा स्थित अल-आफिया अस्पताल में शव रखने के लिए फ्रीजर की व्यवस्था कराने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में फ्रीजर नहीं होने के कारण कई बार मृतकों के परिजनों को स्वयं व्यवस्था करनी पड़ती है। पत्र में उन्होंने फ्रीजर कब तक उपलब्ध होगा, उसकी कंपनी, क्षमता और कितने शव रखे जा सकेंगे, इसकी जानकारी भी मांगी है। साथ ही दोषी पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
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    मांडीखेड़ा अस्पताल में शव रखने के लिए फ्रीजर नहीं, स्वास्थ्य मंत्री से निष्पक्ष जांच और व्यवस्था की मांग
नूंह के गांव बलई निवासी एवं पंचायत समिति सदस्य जुनैद खान ने हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री को पत्र भेजकर मांडीखेड़ा स्थित अल-आफिया अस्पताल में शव रखने के लिए फ्रीजर की व्यवस्था कराने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में फ्रीजर नहीं होने के कारण कई बार मृतकों के परिजनों को स्वयं व्यवस्था करनी पड़ती है। पत्र में उन्होंने फ्रीजर कब तक उपलब्ध होगा, उसकी कंपनी, क्षमता और कितने शव रखे जा सकेंगे, इसकी जानकारी भी मांगी है। साथ ही दोषी पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
    user_Mk
    Mk
    नूंह, नूंह, हरियाणा•
    1 hr ago
  • स्वतंत्रता दिवस से पहले नूंह के तीन गांवों और एक शिक्षण संस्थान में रातभर चला सघन तलाशी अभियान करीब पांच जिलों की पुलिस और एस टी एफ हरियाणा की संयुक्त कार्रवाई इस तलाशी अभियान पर चुप्पी साधे हुए हैं पुलिस अधिकारी एवं शिक्षण संस्थान प्रबंधन संवाददाता लियाकत अली नूँह मेवात स्वतंत्रता दिवस से पहले शुक्रवार - शनिवार की रात नूंह जिले के थाना रोजकामेव नूँह एवं गुरुग्राम जिले के सोहना क्षेत्र के तीन गांवों और एक शिक्षण संस्थान में चार जिलों की पुलिस ने सघन तलाशी अभियान चलाया। इस अभियान से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों से लेकर शिक्षण संस्थान प्रबंधन भी अभी तक समझ नहीं पा रहा आख़िरकार इतनी बड़ी संख्या में पुलिस अभी तक भी इस इलाके में क्यों डेरा डाला हुआ है। पुलिस सूत्रों और ग्रामीणों के अनुसार यह कार्रवाई सिलानी, करनकी और भीरावटी गांव के साथ - साथ वर्ल्ड इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी नामक प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान में की गई। बताया जा रहा है कि एक विदेशी आपराधिक गैंग के मुखिया के संपर्क में कुछ युवकों के होने के शक के आधार पर यह तलाशी ली गई। अभियान में गुरुग्राम एसटीएफ, फरीदाबाद पुलिस, पलवल पुलिस और नूंह पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। रात करीब 3 बजे तक चले इस अभियान के दौरान गांवों में चप्पे - चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया। भारी हथियारों से लैस एसटीएफ और सीआईए की टीमों ने घर - घर जाकर तलाशी ली। आने - जाने वाले वाहनों की भी नाकाबंदी कर जांच की गई। शिक्षण संस्थान परिसर की भी गहनता से तलाशी ली गई और वहां अभी भी पुलिस बल तैनात है।
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    स्वतंत्रता दिवस से पहले नूंह के तीन गांवों और एक शिक्षण संस्थान में रातभर चला सघन तलाशी अभियान

करीब पांच जिलों की पुलिस और एस टी एफ हरियाणा की संयुक्त कार्रवाई
इस तलाशी अभियान पर चुप्पी साधे हुए हैं पुलिस अधिकारी एवं शिक्षण संस्थान प्रबंधन
संवाददाता लियाकत अली नूँह मेवात
स्वतंत्रता दिवस से पहले शुक्रवार - शनिवार की रात नूंह जिले के थाना रोजकामेव नूँह एवं गुरुग्राम जिले के सोहना क्षेत्र के तीन गांवों और एक शिक्षण संस्थान में चार जिलों की पुलिस ने सघन तलाशी अभियान चलाया। इस अभियान से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों से लेकर शिक्षण संस्थान प्रबंधन भी अभी तक समझ नहीं पा रहा आख़िरकार इतनी बड़ी संख्या में पुलिस अभी तक भी इस इलाके में क्यों डेरा डाला हुआ है।
पुलिस सूत्रों और ग्रामीणों के अनुसार यह कार्रवाई सिलानी, करनकी और भीरावटी गांव के साथ - साथ वर्ल्ड इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी नामक प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान में की गई। बताया जा रहा है कि एक विदेशी आपराधिक गैंग के मुखिया के संपर्क में कुछ युवकों के होने के शक के आधार पर यह तलाशी ली गई। अभियान में गुरुग्राम एसटीएफ, फरीदाबाद पुलिस, पलवल पुलिस और नूंह पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। रात करीब 3 बजे तक चले इस अभियान के दौरान गांवों में चप्पे - चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया। भारी हथियारों से लैस एसटीएफ और सीआईए की टीमों ने घर - घर जाकर तलाशी ली। आने - जाने वाले वाहनों की भी नाकाबंदी कर जांच की गई। शिक्षण संस्थान परिसर की भी गहनता से तलाशी ली गई और वहां अभी भी पुलिस बल तैनात है।
    user_Liyakat Ali Reporter
    Liyakat Ali Reporter
    Local News Reporter नूंह, नूंह, हरियाणा•
    12 hrs ago
  • 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम्’ के पूरे संस्करण के गायन को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ पूरा गाया जा रहा था। इसी दौरान एक वीडियो सामने आया, जिसे भाजपा ने आधार बनाकर आरोप लगाया कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने गायन रोकने या इसे लेकर आपत्ति जताने का इशारा किया। भाजपा नेताओं ने इसे राष्ट्रगीत के प्रति कांग्रेस के रवैये से जोड़ते हुए निशाना साधा। 1 मिनट 33 सेकेंड के बाद जो कुछ हुआ, उसी पर विवाद खड़ा हो गया है
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    15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम्’ के पूरे संस्करण के गायन को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।
कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ पूरा गाया जा रहा था। इसी दौरान एक वीडियो सामने आया, जिसे भाजपा ने आधार बनाकर आरोप लगाया कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने गायन रोकने या इसे लेकर आपत्ति जताने का इशारा किया। भाजपा नेताओं ने इसे राष्ट्रगीत के प्रति कांग्रेस के रवैये से जोड़ते हुए निशाना साधा।

1 मिनट 33 सेकेंड के बाद जो कुछ हुआ, उसी पर विवाद खड़ा हो गया है
    user_माथुर पत्रकार
    माथुर पत्रकार
    Voice of people हथीन, पलवल, हरियाणा•
    11 hrs ago
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