उपायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित हुआ साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस, विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे आवेदकों की समस्याएं सुनी गईं, त्वरित कार्रवाई के दिए निर्देश गुमला: उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय सभागार में साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए बड़ी संख्या में नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत, राजस्व, विधि-व्यवस्था, सेवा, सामाजिक सुरक्षा, मुआवजा, रोजगार एवं अन्य जनहित से जुड़े मामलों को लेकर आवेदन उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किए। उपायुक्त ने सभी मामलों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को नियमानुसार त्वरित जांच एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जन शिकायत निवारण दिवस के दौरान विशुनपुर प्रखंड के ग्राम सुरसा निवासी के एक आवेदक ने भूमि विवाद को लेकर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा जान से मारने की धमकी दिए जाने तथा अपने एवं परिवार की सुरक्षा उपलब्ध कराने संबंधी आवेदन समर्पित किया। उन्होंने बताया कि विवादित भूमि पर कार्य कराने को लेकर उन्हें फोन पर गंभीर धमकी दी गई है तथा पूर्व में भी उन पर जानलेवा हमला हो चुका है। उपायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस विभाग को आवेदन की जांच कर विधिसम्मत कार्रवाई करने तथा आवेदक की सुरक्षा संबंधी आवश्यक पहल सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। कामडारा प्रखंड के ग्राम जरिया निवासी अनिकान्त प्यारेलाल ओहदार ने माननीय झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा पारित अंतरिम आदेश के आलोक में उनके हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के पेट्रोल पंप से संबंधित लंबित प्रशासनिक कार्रवाई पूर्ण कराने का अनुरोध किया। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को न्यायालय के आदेश का परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। घाघरा प्रखंड के ग्राम बर्राग निवासी निरंजन महतो ने स्वयं को शिक्षित बेरोजगार बताते हुए रोजगार उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। उन्होंने किसी भी उपयुक्त पद पर नियुक्ति अथवा रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की। रायडीह प्रखंड के ग्राम परसा निवासी लोलस तिर्की ने राष्ट्रीय राजमार्ग-43 के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजा भुगतान में अपने हिस्से से वंचित किए जाने तथा संबंधित लोगों द्वारा धमकी दिए जाने की शिकायत दर्ज कराई। उपायुक्त ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को पूरे मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। बिहार के पटना निवासी नजमा खातून ने अपने पति, जो पालकोट प्रखंड कार्यालय में सहायक उर्दू अनुवादक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे, के परिवार से अलग रहने एवं परिवार के समक्ष उत्पन्न आर्थिक संकट से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किया। उपायुक्त ने संबंधित विभाग को मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। रायडीह प्रखंड के जनसेवक (वीएलडब्ल्यू) गनु शांति एक्का के पुत्र आशित एक्का ने अपने पिता की गंभीर बीमारी के बाद योगदान एवं लंबित वेतन से संबंधित समस्या को लेकर आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि आवश्यक आदेश प्राप्त होने के बावजूद उन्हें अब तक योगदान नहीं कराया जा रहा है, जिससे वेतन भी लंबित है और परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा है। उपायुक्त ने संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को मामले का परीक्षण कर नियमानुसार शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। गुमला प्रखंड के घटगांव पंचायत अंतर्गत पहाड़ पनारी निवासी संजय नायक ने अपनी पत्नी, जो सहिया के पद पर कार्यरत थीं, के निधन के बाद तीन पुत्रियों के पालन-पोषण एवं शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता तथा सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रखंडों से आए आवेदकों द्वारा भूमि विवाद, राजस्व अभिलेखों में सुधार, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति, सड़क निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, प्रमाण-पत्र निर्गत करने, रोजगार, मुआवजा भुगतान एवं अन्य जनहित से जुड़े मामलों में भी आवेदन प्रस्तुत किए गए। उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने कहा कि साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस आम नागरिकों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्राप्त प्रत्येक आवेदन का निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से परीक्षण कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों के निष्पादन में अनावश्यक विलंब न हो तथा प्रत्येक पात्र व्यक्ति को नियमानुसार लाभ एवं न्याय उपलब्ध कराया जाए। जन शिकायत निवारण दिवस के दौरान विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
उपायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित हुआ साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस, विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे आवेदकों की समस्याएं सुनी गईं, त्वरित कार्रवाई के दिए निर्देश गुमला: उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय सभागार में साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए बड़ी संख्या में नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत, राजस्व, विधि-व्यवस्था, सेवा, सामाजिक सुरक्षा, मुआवजा, रोजगार एवं अन्य जनहित से जुड़े मामलों को लेकर आवेदन उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किए। उपायुक्त ने सभी मामलों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को नियमानुसार त्वरित जांच एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जन शिकायत निवारण दिवस के दौरान विशुनपुर प्रखंड के ग्राम सुरसा निवासी के एक आवेदक ने भूमि विवाद को लेकर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा जान से मारने की धमकी दिए जाने तथा अपने एवं परिवार की सुरक्षा उपलब्ध कराने संबंधी आवेदन समर्पित किया। उन्होंने बताया कि विवादित भूमि पर कार्य कराने को लेकर उन्हें फोन पर गंभीर धमकी दी गई है तथा पूर्व में
भी उन पर जानलेवा हमला हो चुका है। उपायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस विभाग को आवेदन की जांच कर विधिसम्मत कार्रवाई करने तथा आवेदक की सुरक्षा संबंधी आवश्यक पहल सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। कामडारा प्रखंड के ग्राम जरिया निवासी अनिकान्त प्यारेलाल ओहदार ने माननीय झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा पारित अंतरिम आदेश के आलोक में उनके हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के पेट्रोल पंप से संबंधित लंबित प्रशासनिक कार्रवाई पूर्ण कराने का अनुरोध किया। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को न्यायालय के आदेश का परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। घाघरा प्रखंड के ग्राम बर्राग निवासी निरंजन महतो ने स्वयं को शिक्षित बेरोजगार बताते हुए रोजगार उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। उन्होंने किसी भी उपयुक्त पद पर नियुक्ति अथवा रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की। रायडीह प्रखंड के ग्राम परसा निवासी लोलस तिर्की ने राष्ट्रीय राजमार्ग-43 के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजा भुगतान में अपने हिस्से से वंचित किए जाने तथा संबंधित लोगों द्वारा धमकी दिए जाने की शिकायत दर्ज कराई। उपायुक्त ने
जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को पूरे मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। बिहार के पटना निवासी नजमा खातून ने अपने पति, जो पालकोट प्रखंड कार्यालय में सहायक उर्दू अनुवादक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे, के परिवार से अलग रहने एवं परिवार के समक्ष उत्पन्न आर्थिक संकट से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किया। उपायुक्त ने संबंधित विभाग को मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। रायडीह प्रखंड के जनसेवक (वीएलडब्ल्यू) गनु शांति एक्का के पुत्र आशित एक्का ने अपने पिता की गंभीर बीमारी के बाद योगदान एवं लंबित वेतन से संबंधित समस्या को लेकर आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि आवश्यक आदेश प्राप्त होने के बावजूद उन्हें अब तक योगदान नहीं कराया जा रहा है, जिससे वेतन भी लंबित है और परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा है। उपायुक्त ने संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को मामले का परीक्षण कर नियमानुसार शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। गुमला प्रखंड के घटगांव पंचायत अंतर्गत पहाड़ पनारी निवासी संजय नायक ने अपनी पत्नी,
जो सहिया के पद पर कार्यरत थीं, के निधन के बाद तीन पुत्रियों के पालन-पोषण एवं शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता तथा सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रखंडों से आए आवेदकों द्वारा भूमि विवाद, राजस्व अभिलेखों में सुधार, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति, सड़क निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, प्रमाण-पत्र निर्गत करने, रोजगार, मुआवजा भुगतान एवं अन्य जनहित से जुड़े मामलों में भी आवेदन प्रस्तुत किए गए। उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने कहा कि साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस आम नागरिकों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्राप्त प्रत्येक आवेदन का निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से परीक्षण कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों के निष्पादन में अनावश्यक विलंब न हो तथा प्रत्येक पात्र व्यक्ति को नियमानुसार लाभ एवं न्याय उपलब्ध कराया जाए। जन शिकायत निवारण दिवस के दौरान विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- लंबित भुगतान, रॉयल्टी सहित अन्य मांगों को लेकर संवेदक संघ ने दिया धरना, अनिश्चितकालीन काम बंद करने की चेतावनी1
- सस्ती दवा पर ताला! गुमला सदर अस्पताल में वर्षों से बंद जन औषधि केंद्र, मरीजों का सवाल– जिम्मेदार कौन?* गुमला। केंद्र सरकार द्वारा आम लोगों को कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि योजना का लाभ गुमला सदर अस्पताल के मरीजों को वर्षों से नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल परिसर में संचालित जन औषधि केंद्र लंबे समय से बंद पड़ा है, जिससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों को बाजार से महंगी दवाएं खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जन औषधि केंद्र बंद रहने से सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य अधूरा रह गया है। मरीजों और उनके परिजनों ने सवाल उठाया है कि आखिर इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है—अस्पताल प्रबंधन या जन औषधि केंद्र का संचालक? लोगों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच कर जन औषधि केंद्र को जल्द शुरू कराने की मांग की है, ताकि मरीजों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं का लाभ मिल सके। यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो गरीब मरीजों की परेशानी और बढ़ती जाएगी।1
- जशपुर में मेडिकल स्टोर की आड़ में मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़; बिना डिग्री धड़ल्ले से चल रहा अवैध 'झोलाछाप' क्लीनिक... जशपुर। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन : जशपुर में मेडिकल स्टोर की आड़ में मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़; बिना डिग्री धड़ल्ले से चल रहा अवैध 'झोलाछाप' क्लीनिक...। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के ग्रामीण अंचल में स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक चौकसी की पोल खोलती एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। यहाँ ‘माँ भगवती मेडिकल स्टोर’ की आड़ में खुलेआम एक अवैध क्लीनिक का संचालन किया जा रहा था। बिना किसी वैध मेडिकल डिग्री के, मरीजों को इंजेक्शन लगाने से लेकर ड्रिप (सलाइन) चढ़ाने का काम धड़ल्ले से जारी था। स्थानीय पत्रकारों और जागरूक नागरिकों की जमीनी पड़ताल में इस पूरे काले कारोबार का भांडाफोड़ हुआ है। स्टिंग जैसी पड़ताल: 'विक्स' माँगने के बहाने घुसे, अंदर खुला सच : मामले की शुरुआत तब हुई जब पत्रकार की टीम सामान्य ग्राहक बनकर मेडिकल स्टोर पर पहुँची। शुरुआत में साधारण बातचीत के दौरान दुकान संचालक ने क्लीनिक या इलाज की बात से साफ इनकार कर दिया और दावा किया कि "यहाँ कोई डॉक्टर आते हैं जो इलाज करते हैं।" हालाँकि, जब पड़ताल करने वाली टीम ने दुकान के अंदरूनी हिस्से और डस्टबिन की जाँच की, तो सच्चाई सामने आ गई: बायो-मेडिकल कचरे का अंबार : डस्टबिन और रैक के पीछे भारी मात्रा में इस्तेमाल की गई सिरिंज (सुइयां), ग्लूकोज व सलाइन की खाली बोतलें, और इस्तेमाल किए गए कॉटन बरामद हुए। इलाज के उपकरण : दुकान के भीतर एक टेबल पर बीपी मॉनिटर, कैंची और मरीजों को भर्ती कर ड्रिप लगाने का पूरा सेटअप मौजूद था। डिग्री माँगी तो खुली पोल: फार्मेसी की पढ़ाई पर चला रहे थे क्लीनिक - जब टीम ने दुकान संचालक से मरीजों को सुई लगाने, ड्रिप चढ़ाने और इलाज करने का लाइसेंस या योग्यता (MBBS/BAMS डिग्री) दिखाने को कहा, तो संचालक कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। स्वीकारोक्ति : संचालक ने केवल B.Pharma/D.Pharma (फार्मेसी) की पढ़ाई करने की बात स्वीकार की। कानूनी स्थिति : भारतीय चिकित्सा परिषद (NMC) और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के अनुसार, फार्मेसी की डिग्री केवल दवाइयाँ बेचने की अनुमति देती है; इसके आधार पर किसी मरीज को इंजेक्शन लगाना, भर्ती करना या क्लिनिकल इलाज करना पूरी तरह से गैर-कानूनी और संज्ञेय अपराध है। बहस और भीड़ जुटाकर मामला दबाने का प्रयास - जब संचालक से किसी अधिकृत डॉक्टर का नाम, समय या रजिस्ट्रेशन नंबर पूछा गया, तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। पोल खुलते ही संचालक ने फोन करके अपने परिचितों और आसपास के लोगों को मौके पर बुला लिया। देखते ही देखते दुकान के बाहर दर्जनों लोगों की भीड़ जमा हो गई। दबाव बनाकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की गई, लेकिन मौके पर मौजूद साक्ष्यों और वीडियो फुटेज ने पूरे घटनाक्रम की पुष्टि कर दी। किन नियमों की उड़ रही हैं धज्जियाँ? - छत्तीसगढ़ नर्सिंग होम एक्ट: किसी भी स्थान पर मरीज को भर्ती करने या क्लिनिकल प्रक्रिया अपनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग से पंजीयन अनिवार्य है। ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट: बिना रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर की पर्ची (Prescription) के गंभीर दवाइयाँ, एंटीबायोटिक्स और सलाइन देना प्रतिबंधित है। * बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स: प्रयुक्त सुइयों और बोतलों को खुले डस्टबिन में फेंकना संक्रामक बीमारियों (जैसे हेपेटाइटिस, एचआईवी) को न्योता देना है। ग्रामीणों का गुस्सा, CMHO और कलेक्टर से कड़ी कार्रवाई की माँग - ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच कम होने का फायदा उठाकर इस तरह के अवैध क्लीनिक ग्रामीणों की जेब काटने के साथ-साथ उनकी जान को भी जोखिम में डाल रहे हैं। किसी गलत इंजेक्शन या दवा के ओवरडोज से किसी मरीज की जान भी जा सकती है। नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मुख्य माँगें: > जशपुर CMHO (मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी) और ड्रग इंस्पेक्टर की संयुक्त टीम तुरंत 'माँ भगवती मेडिकल स्टोर' पर छापा मारे। दुकान को तत्काल प्रभाव से सील किया जाए और लाइसेंस रद्द हो। अवैध रूप से डॉक्टरी अभ्यास (Quackery) करने के जुर्म में संचालक के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए।2
- रांची में छात्रों का जोरदार धरना-प्रदर्शन, मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे छात्र.? #shorts #ranchi1
- *समाजसेवी रोहित शर्मा के पहल पर मंगलो टंगराटोली में लगा 25 केवी का नया ट्रांसफार्मर , ग्रामीणों ने जताया आभार* सिसई प्रखंड के मंगलो टंगराटोली गांव में पिछले एक महीने से अंधेरे का सामना कर रहे ग्रामीणों की समस्या का समाधान हो गया है। समाजसेवी रोहित शर्मा की त्वरित पहल पर विद्युत विभाग द्वारा मात्र तीन दिनों के भीतर 25 केवी का नया ट्रांसफार्मर लगा दिया गया है। बुधवार को विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के प्रखंड अध्यक्ष सह समाजसेवी पंकज कुमार साहू और रोहित शर्मा ने संयुक्त रूप से फीता काटकर नए ट्रांसफार्मर का विधिवत उद्घाटन किया। गौरतलब है कि गांव का ट्रांसफार्मर एक माह पूर्व जल गया था। बीते शनिवार को ग्रामीणों ने इसकी सूचना समाजसेवी रोहित शर्मा को दी। ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए उन्होंने तुरंत संज्ञान लिया और बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से संपर्क कर नए ट्रांसफार्मर की मांग की। अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सोमवार को ही नया ट्रांसफार्मर उपलब्ध करा दिया, जिससे ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई।1
- RATO POWER WEEDER+91 7667913218 address angrabari bichna khunti pin code 835210 jharkhand1
- विवेकानंद शिशु विद्या मंदिर बसिया में धूमधाम से मनाई गई गुरु पूर्णिमा और वेद व्यास जयंती **विवेकानंद शिशु विद्या मंदिर बसिया में धूमधाम से मनाई गई गुरु पूर्णिमा और वेद व्यास जयंती** **बसिया:** बसिया-हरीबनवासी विकास समिति द्वारा संचालित विवेकानंद शिशु विद्या मंदिर बसिया में बुधवार को गुरु पूर्णिमा सह महर्षि वेद व्यास जयंती बड़े उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन और महर्षि वेद व्यास, भारत माता व माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। मुख्य अतिथि वनवासी कल्याण केंद्र के प्रांत शिक्षा प्रमुख सुभाष चंद दुबे ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है। गुरु अज्ञानता के अंधकार को दूर कर जीवन को सही दिशा देते हैं। वहीं, विद्यालय के सचिव सुनील कुमार और प्राचार्य अभिमन्यु महतो ने महर्षि वेद व्यास के योगदान पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को गुरुजनों के बताए मार्ग पर चलने और अनुशासित नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने गुरु वंदना, स्वागत गीत और मनमोहक सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किए। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि कुमुद कुमार झा, उपाध्यक्ष अभय चौधरी, भुनेश्वर साहू, शंकर साहू, नरेश कुमार, विजय सिंह, प्रकाश साहू सहित विद्यालय के शिक्षक, अभिभावक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।2
- Post by Rishi Kisan Machine1