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लंबित भुगतान, रॉयल्टी सहित अन्य मांगों को लेकर संवेदक संघ ने दिया धरना, अनिश्चितकालीन काम बंद करने की चेतावनी

8 hrs ago
user_Sunderam Keshri
Sunderam Keshri
चैनपुर, गुमला, झारखंड•
8 hrs ago

लंबित भुगतान, रॉयल्टी सहित अन्य मांगों को लेकर संवेदक संघ ने दिया धरना, अनिश्चितकालीन काम बंद करने की चेतावनी

More news from झारखंड and nearby areas
  • लंबित भुगतान, रॉयल्टी सहित अन्य मांगों को लेकर संवेदक संघ ने दिया धरना, अनिश्चितकालीन काम बंद करने की चेतावनी
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    लंबित भुगतान, रॉयल्टी सहित अन्य मांगों को लेकर संवेदक संघ ने दिया धरना, अनिश्चितकालीन काम बंद करने की चेतावनी
    user_Sunderam Keshri
    Sunderam Keshri
    चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    8 hrs ago
  • सस्ती दवा पर ताला! गुमला सदर अस्पताल में वर्षों से बंद जन औषधि केंद्र, मरीजों का सवाल– जिम्मेदार कौन?* गुमला। केंद्र सरकार द्वारा आम लोगों को कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि योजना का लाभ गुमला सदर अस्पताल के मरीजों को वर्षों से नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल परिसर में संचालित जन औषधि केंद्र लंबे समय से बंद पड़ा है, जिससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों को बाजार से महंगी दवाएं खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जन औषधि केंद्र बंद रहने से सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य अधूरा रह गया है। मरीजों और उनके परिजनों ने सवाल उठाया है कि आखिर इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है—अस्पताल प्रबंधन या जन औषधि केंद्र का संचालक? लोगों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच कर जन औषधि केंद्र को जल्द शुरू कराने की मांग की है, ताकि मरीजों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं का लाभ मिल सके। यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो गरीब मरीजों की परेशानी और बढ़ती जाएगी।
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    सस्ती दवा पर ताला! गुमला सदर अस्पताल में वर्षों से बंद जन औषधि केंद्र, मरीजों का सवाल– जिम्मेदार कौन?*
गुमला। केंद्र सरकार द्वारा आम लोगों को कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि योजना का लाभ गुमला सदर अस्पताल के मरीजों को वर्षों से नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल परिसर में संचालित जन औषधि केंद्र लंबे समय से बंद पड़ा है, जिससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों को बाजार से महंगी दवाएं खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जन औषधि केंद्र बंद रहने से सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य अधूरा रह गया है। मरीजों और उनके परिजनों ने सवाल उठाया है कि आखिर इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है—अस्पताल प्रबंधन या जन औषधि केंद्र का संचालक?
लोगों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच कर जन औषधि केंद्र को जल्द शुरू कराने की मांग की है, ताकि मरीजों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं का लाभ मिल सके। यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो गरीब मरीजों की परेशानी और बढ़ती जाएगी।
    user_Shivam Singh
    Shivam Singh
    Local News Reporter गुमला, गुमला, झारखंड•
    16 hrs ago
  • जशपुर में मेडिकल स्टोर की आड़ में मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़; बिना डिग्री धड़ल्ले से चल रहा अवैध 'झोलाछाप' क्लीनिक... जशपुर। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन : जशपुर में मेडिकल स्टोर की आड़ में मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़; बिना डिग्री धड़ल्ले से चल रहा अवैध 'झोलाछाप' क्लीनिक...। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के ग्रामीण अंचल में स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक चौकसी की पोल खोलती एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। यहाँ ‘माँ भगवती मेडिकल स्टोर’ की आड़ में खुलेआम एक अवैध क्लीनिक का संचालन किया जा रहा था। बिना किसी वैध मेडिकल डिग्री के, मरीजों को इंजेक्शन लगाने से लेकर ड्रिप (सलाइन) चढ़ाने का काम धड़ल्ले से जारी था। स्थानीय पत्रकारों और जागरूक नागरिकों की जमीनी पड़ताल में इस पूरे काले कारोबार का भांडाफोड़ हुआ है। स्टिंग जैसी पड़ताल: 'विक्स' माँगने के बहाने घुसे, अंदर खुला सच : मामले की शुरुआत तब हुई जब पत्रकार की टीम सामान्य ग्राहक बनकर मेडिकल स्टोर पर पहुँची। शुरुआत में साधारण बातचीत के दौरान दुकान संचालक ने क्लीनिक या इलाज की बात से साफ इनकार कर दिया और दावा किया कि "यहाँ कोई डॉक्टर आते हैं जो इलाज करते हैं।" हालाँकि, जब पड़ताल करने वाली टीम ने दुकान के अंदरूनी हिस्से और डस्टबिन की जाँच की, तो सच्चाई सामने आ गई: बायो-मेडिकल कचरे का अंबार : डस्टबिन और रैक के पीछे भारी मात्रा में इस्तेमाल की गई सिरिंज (सुइयां), ग्लूकोज व सलाइन की खाली बोतलें, और इस्तेमाल किए गए कॉटन बरामद हुए। इलाज के उपकरण : दुकान के भीतर एक टेबल पर बीपी मॉनिटर, कैंची और मरीजों को भर्ती कर ड्रिप लगाने का पूरा सेटअप मौजूद था। डिग्री माँगी तो खुली पोल: फार्मेसी की पढ़ाई पर चला रहे थे क्लीनिक - जब टीम ने दुकान संचालक से मरीजों को सुई लगाने, ड्रिप चढ़ाने और इलाज करने का लाइसेंस या योग्यता (MBBS/BAMS डिग्री) दिखाने को कहा, तो संचालक कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। स्वीकारोक्ति : संचालक ने केवल B.Pharma/D.Pharma (फार्मेसी) की पढ़ाई करने की बात स्वीकार की। कानूनी स्थिति : भारतीय चिकित्सा परिषद (NMC) और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के अनुसार, फार्मेसी की डिग्री केवल दवाइयाँ बेचने की अनुमति देती है; इसके आधार पर किसी मरीज को इंजेक्शन लगाना, भर्ती करना या क्लिनिकल इलाज करना पूरी तरह से गैर-कानूनी और संज्ञेय अपराध है। बहस और भीड़ जुटाकर मामला दबाने का प्रयास - जब संचालक से किसी अधिकृत डॉक्टर का नाम, समय या रजिस्ट्रेशन नंबर पूछा गया, तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। पोल खुलते ही संचालक ने फोन करके अपने परिचितों और आसपास के लोगों को मौके पर बुला लिया। देखते ही देखते दुकान के बाहर दर्जनों लोगों की भीड़ जमा हो गई। दबाव बनाकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की गई, लेकिन मौके पर मौजूद साक्ष्यों और वीडियो फुटेज ने पूरे घटनाक्रम की पुष्टि कर दी। किन नियमों की उड़ रही हैं धज्जियाँ? - छत्तीसगढ़ नर्सिंग होम एक्ट: किसी भी स्थान पर मरीज को भर्ती करने या क्लिनिकल प्रक्रिया अपनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग से पंजीयन अनिवार्य है। ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट: बिना रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर की पर्ची (Prescription) के गंभीर दवाइयाँ, एंटीबायोटिक्स और सलाइन देना प्रतिबंधित है। * बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स: प्रयुक्त सुइयों और बोतलों को खुले डस्टबिन में फेंकना संक्रामक बीमारियों (जैसे हेपेटाइटिस, एचआईवी) को न्योता देना है। ग्रामीणों का गुस्सा, CMHO और कलेक्टर से कड़ी कार्रवाई की माँग - ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच कम होने का फायदा उठाकर इस तरह के अवैध क्लीनिक ग्रामीणों की जेब काटने के साथ-साथ उनकी जान को भी जोखिम में डाल रहे हैं। किसी गलत इंजेक्शन या दवा के ओवरडोज से किसी मरीज की जान भी जा सकती है। नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मुख्य माँगें: > जशपुर CMHO (मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी) और ड्रग इंस्पेक्टर की संयुक्त टीम तुरंत 'माँ भगवती मेडिकल स्टोर' पर छापा मारे। दुकान को तत्काल प्रभाव से सील किया जाए और लाइसेंस रद्द हो। अवैध रूप से डॉक्टरी अभ्यास (Quackery) करने के जुर्म में संचालक के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए।
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    जशपुर में मेडिकल स्टोर की आड़ में मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़; बिना डिग्री धड़ल्ले से चल रहा अवैध 'झोलाछाप' क्लीनिक...
जशपुर। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन : जशपुर में मेडिकल स्टोर की आड़ में मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़; बिना डिग्री धड़ल्ले से चल रहा अवैध 'झोलाछाप' क्लीनिक...। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के ग्रामीण अंचल में स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक चौकसी की पोल खोलती एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। यहाँ ‘माँ भगवती मेडिकल स्टोर’ की आड़ में खुलेआम एक अवैध क्लीनिक का संचालन किया जा रहा था। बिना किसी वैध मेडिकल डिग्री के, मरीजों को इंजेक्शन लगाने से लेकर ड्रिप (सलाइन) चढ़ाने का काम धड़ल्ले से जारी था।
स्थानीय पत्रकारों और जागरूक नागरिकों की जमीनी पड़ताल में इस पूरे काले कारोबार का भांडाफोड़ हुआ है।
स्टिंग जैसी पड़ताल: 'विक्स' माँगने के बहाने घुसे, अंदर खुला सच : मामले की शुरुआत तब हुई जब पत्रकार की टीम सामान्य ग्राहक बनकर मेडिकल स्टोर पर पहुँची। शुरुआत में साधारण बातचीत के दौरान दुकान संचालक ने क्लीनिक या इलाज की बात से साफ इनकार कर दिया और दावा किया कि "यहाँ कोई डॉक्टर आते हैं जो इलाज करते हैं।"
हालाँकि, जब पड़ताल करने वाली टीम ने दुकान के अंदरूनी हिस्से और डस्टबिन की जाँच की, तो सच्चाई सामने आ गई:
बायो-मेडिकल कचरे का अंबार : डस्टबिन और रैक के पीछे भारी मात्रा में इस्तेमाल की गई सिरिंज (सुइयां), ग्लूकोज व सलाइन की खाली बोतलें, और इस्तेमाल किए गए कॉटन बरामद हुए।
इलाज के उपकरण : दुकान के भीतर एक टेबल पर बीपी मॉनिटर, कैंची और मरीजों को भर्ती कर ड्रिप लगाने का पूरा सेटअप मौजूद था।
डिग्री माँगी तो खुली पोल: फार्मेसी की पढ़ाई पर चला रहे थे क्लीनिक - जब टीम ने दुकान संचालक से मरीजों को सुई लगाने, ड्रिप चढ़ाने और इलाज करने का लाइसेंस या योग्यता (MBBS/BAMS डिग्री) दिखाने को कहा, तो संचालक कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका।
स्वीकारोक्ति : संचालक ने केवल B.Pharma/D.Pharma (फार्मेसी) की पढ़ाई करने की बात स्वीकार की।
कानूनी स्थिति : भारतीय चिकित्सा परिषद (NMC) और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के अनुसार, फार्मेसी की डिग्री केवल दवाइयाँ बेचने की अनुमति देती है; इसके आधार पर किसी मरीज को इंजेक्शन लगाना, भर्ती करना या क्लिनिकल इलाज करना पूरी तरह से गैर-कानूनी और संज्ञेय अपराध है।
बहस और भीड़ जुटाकर मामला दबाने का प्रयास - जब संचालक से किसी अधिकृत डॉक्टर का नाम, समय या रजिस्ट्रेशन नंबर पूछा गया, तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। पोल खुलते ही संचालक ने फोन करके अपने परिचितों और आसपास के लोगों को मौके पर बुला लिया।
देखते ही देखते दुकान के बाहर दर्जनों लोगों की भीड़ जमा हो गई। दबाव बनाकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की गई, लेकिन मौके पर मौजूद साक्ष्यों और वीडियो फुटेज ने पूरे घटनाक्रम की पुष्टि कर दी।
किन नियमों की उड़ रही हैं धज्जियाँ? -
छत्तीसगढ़ नर्सिंग होम एक्ट: किसी भी स्थान पर मरीज को भर्ती करने या क्लिनिकल प्रक्रिया अपनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग से पंजीयन अनिवार्य है।
ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट: बिना रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर की पर्ची (Prescription) के गंभीर दवाइयाँ, एंटीबायोटिक्स और सलाइन देना प्रतिबंधित है।
* बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स: प्रयुक्त सुइयों और बोतलों को खुले डस्टबिन में फेंकना संक्रामक बीमारियों (जैसे हेपेटाइटिस, एचआईवी) को न्योता देना है।
ग्रामीणों का गुस्सा, CMHO और कलेक्टर से कड़ी कार्रवाई की माँग - ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच कम होने का फायदा उठाकर इस तरह के अवैध क्लीनिक ग्रामीणों की जेब काटने के साथ-साथ उनकी जान को भी जोखिम में डाल रहे हैं। किसी गलत इंजेक्शन या दवा के ओवरडोज से किसी मरीज की जान भी जा सकती है।
नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मुख्य माँगें:
> जशपुर CMHO (मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी) और ड्रग इंस्पेक्टर की संयुक्त टीम तुरंत 'माँ भगवती मेडिकल स्टोर' पर छापा मारे।
दुकान को तत्काल प्रभाव से सील किया जाए और लाइसेंस रद्द हो।
अवैध रूप से डॉक्टरी अभ्यास (Quackery) करने के जुर्म में संचालक के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए।
    user_ANURAG
    ANURAG
    Local News Reporter जशपुर, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    22 hrs ago
  • रांची में छात्रों का जोरदार धरना-प्रदर्शन, मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे छात्र.? #shorts #ranchi
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    रांची में छात्रों का जोरदार धरना-प्रदर्शन, मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे छात्र.? #shorts #ranchi
    user_AAM JANATA
    AAM JANATA
    लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    17 hrs ago
  • *समाजसेवी रोहित शर्मा के पहल पर मंगलो टंगराटोली में लगा 25 केवी का नया ट्रांसफार्मर , ग्रामीणों ने जताया आभार* सिसई प्रखंड के मंगलो टंगराटोली गांव में पिछले एक महीने से अंधेरे का सामना कर रहे ग्रामीणों की समस्या का समाधान हो गया है। समाजसेवी रोहित शर्मा की त्वरित पहल पर विद्युत विभाग द्वारा मात्र तीन दिनों के भीतर 25 केवी का नया ट्रांसफार्मर लगा दिया गया है। बुधवार को विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के प्रखंड अध्यक्ष सह समाजसेवी पंकज कुमार साहू और रोहित शर्मा ने संयुक्त रूप से फीता काटकर नए ट्रांसफार्मर का विधिवत उद्घाटन किया। गौरतलब है कि गांव का ट्रांसफार्मर एक माह पूर्व जल गया था। बीते शनिवार को ग्रामीणों ने इसकी सूचना समाजसेवी रोहित शर्मा को दी। ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए उन्होंने तुरंत संज्ञान लिया और बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से संपर्क कर नए ट्रांसफार्मर की मांग की। अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सोमवार को ही नया ट्रांसफार्मर उपलब्ध करा दिया, जिससे ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई।
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    *समाजसेवी रोहित शर्मा के पहल पर मंगलो टंगराटोली में लगा 25 केवी का नया ट्रांसफार्मर , ग्रामीणों ने जताया आभार* 

सिसई प्रखंड के मंगलो टंगराटोली गांव में पिछले एक महीने से अंधेरे का सामना कर रहे ग्रामीणों की समस्या का समाधान हो गया है। समाजसेवी रोहित शर्मा की त्वरित पहल पर विद्युत विभाग द्वारा मात्र तीन दिनों के भीतर 25 केवी का नया ट्रांसफार्मर लगा दिया गया है। बुधवार को विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के प्रखंड अध्यक्ष सह समाजसेवी पंकज कुमार साहू और रोहित शर्मा ने संयुक्त रूप से फीता काटकर नए ट्रांसफार्मर का विधिवत उद्घाटन किया। गौरतलब है कि गांव का ट्रांसफार्मर एक माह पूर्व जल गया था। बीते शनिवार को ग्रामीणों ने इसकी सूचना समाजसेवी रोहित शर्मा को दी। ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए उन्होंने तुरंत संज्ञान लिया और बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से संपर्क कर नए ट्रांसफार्मर की मांग की। अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सोमवार को ही नया ट्रांसफार्मर उपलब्ध करा दिया, जिससे ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई।
    user_कृष्णा कुमार साहु
    कृष्णा कुमार साहु
    रिपोर्टर सिसई, गुमला, झारखंड•
    22 hrs ago
  • Jharkhand ki rajdhani Ranchi mein purani gadi kabadi ho chuki hai
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    Jharkhand ki rajdhani Ranchi mein purani gadi kabadi ho chuki hai
    user_Jharkhand local news
    Jharkhand local news
    भंडरा, लोहरदगा, झारखंड•
    15 min ago
  • RATO POWER WEEDER+91 7667913218 address angrabari bichna khunti pin code 835210 jharkhand
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    RATO POWER WEEDER+91 7667913218
address angrabari bichna khunti pin code 835210 jharkhand
    user_Rishi Kisan Machine
    Rishi Kisan Machine
    Farmer Kisko, Lohardaga•
    4 hrs ago
  • Post by Rishi Kisan Machine
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    Post by Rishi Kisan Machine
    user_Rishi Kisan Machine
    Rishi Kisan Machine
    Farmer Kurdeg, Simdega•
    4 hrs ago
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