Shuru
Apke Nagar Ki App…
लोहरदगा में आईटीआई बस स्टैंड का पूरी तरह से सुधार किया जा रहा है और इसे नए सिरे से बनाया जा रहा है। इस बस स्टैंड के कायाकल्प और हो रहे नए निर्माण का पूरा वीडियो सामने आया है, जिसमें स्टैंड की बदलती हुई तस्वीर को साफ तौर पर देखा जा सकता है। यह पूरा बस स्टैंड अब बिल्कुल नए रूप में तैयार हो रहा है।
Jharkhand local news
लोहरदगा में आईटीआई बस स्टैंड का पूरी तरह से सुधार किया जा रहा है और इसे नए सिरे से बनाया जा रहा है। इस बस स्टैंड के कायाकल्प और हो रहे नए निर्माण का पूरा वीडियो सामने आया है, जिसमें स्टैंड की बदलती हुई तस्वीर को साफ तौर पर देखा जा सकता है। यह पूरा बस स्टैंड अब बिल्कुल नए रूप में तैयार हो रहा है।
More news from झारखंड and nearby areas
- लोहरदगा में आईटीआई बस स्टैंड का पूरी तरह से सुधार किया जा रहा है और इसे नए सिरे से बनाया जा रहा है। इस बस स्टैंड के कायाकल्प और हो रहे नए निर्माण का पूरा वीडियो सामने आया है, जिसमें स्टैंड की बदलती हुई तस्वीर को साफ तौर पर देखा जा सकता है। यह पूरा बस स्टैंड अब बिल्कुल नए रूप में तैयार हो रहा है।1
- झारखंड के लोहरदगा में लखन सासु ने जमीन के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए कहा है कि हम किसी की जमीन नहीं लूटते हैं। उन्होंने लोगों से कहा कि अगर कोई भी आपकी जमीन हड़प रहा है, तो इसकी जानकारी तुरंत हमें दें।1
- NEET पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस सरकार ने नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। परीक्षा का पेपर लीक होने के इस गंभीर मुद्दे पर कांग्रेस सरकार सीधे तौर पर नरेंद्र मोदी को अपने निशाने पर लेते हुए हमलावर है।1
- झारखंड फील्ड वर्कर की परीक्षा से लाखों विद्यार्थी वंचित रह गए हैं। इस परीक्षा में शामिल होने से लाखों की संख्या में छात्रों को वंचित होना पड़ा है।1
- गुमला के समाहरणालय सभागार में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में मंगलवार को साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से आए 50 से अधिक नागरिकों ने अपनी समस्याओं, मांगों और शिकायतों को लेकर उपायुक्त के समक्ष अपने आवेदन प्रस्तुत किए। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से भूमि विवाद, राजस्व अभिलेखों में सुधार, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, विभिन्न आवास योजनाओं का लाभ, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और प्रमाण-पत्र निर्गत करने सहित कई जनहित से जुड़े मामलों पर विस्तार से सुनवाई की गई। विशिष्ट शिकायतों के क्रम में, रायडीह प्रखंड के जरजट्टा पंचायत अंतर्गत महुआटोली निवासी आशिफ नैयर ने गांव में जल चुके ट्रांसफार्मर के स्थान पर अधिक क्षमता का नया ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की, ताकि अत्यधिक भार के कारण दो महीने से बाधित बिजली आपूर्ति बहाल हो सके। इसी महुआटोली गांव के ग्रामीणों ने भी गांव में गहराते पेयजल संकट की समस्या को सामने रखा और बताया कि 100 से 150 घरों की आबादी के लिए केवल एक जलमीनार उपलब्ध है। ग्रामीणों ने कोंदा बगीचा और महुआडांड़ बस्ती में अतिरिक्त जलमीनार के निर्माण की मांग की। शिक्षा विभाग से जुड़े एक अन्य मामले में, एक आवेदक ने जिला शिक्षा अधीक्षक द्वारा कथित रूप से जारी अनिवार्य सेवानिवृत्ति पत्र को अमान्य बताते हुए अप्रैल 2023 से लंबित निलंबन भत्ते के भुगतान की गुहार लगाई। इसके अलावा, बसिया प्रखंड के झारखंड आंदोलनकारियों ने गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा सूची जारी किए जाने के बाद भी सम्मान राशि और पेंशन का लाभ नहीं मिलने की शिकायत दर्ज कराई। वहीं, गुमला प्रखंड के करौंदा सरनाटोली की सुमित्रा कुमारी और करौंदा लिटाटोली की सरोज सपना कुमारी ने जमीन की खरीद-बिक्री के नाम पर कथित रूप से ₹21 लाख 37 हजार 500 की ठगी का मामला उठाया और संबंधित बिचौलियों के विरुद्ध कार्रवाई व राशि वापस दिलाने की मांग की। इसी तरह, चैनपुर प्रखंड के प्रेमनगर स्थित दैनिक मजदूर परिवारों ने करीब 50 वर्षों से निवासरत भूमि का सामूहिक बंदोबस्ती पट्टा प्रदान करने का आग्रह किया, जिस पर वन विभाग और अंचल कार्यालय द्वारा अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। गुमला नगर क्षेत्र की एक महिला ने अपने पारिवारिक संपत्ति विवाद को लेकर आवेदन सौंपा, जिसमें उन्होंने अपने हिस्से के मकान में प्रवेश की अनुमति और बाहरी गेट की चाबी दिलाने की मांग की। इन सभी आवेदनों को सुनने के बाद उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को प्रत्येक मामले की आवश्यक जांच कर नियमानुसार त्वरित व प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन और पात्र लाभुकों को समयबद्ध राहत प्रदान करने पर बल देते हुए कहा कि प्राप्त प्रत्येक आवेदन का पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से परीक्षण कर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी भी उपस्थित थे।1
- गुमला शहर में कुछ ही घंटों की बारिश ने यहाँ की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं, जिससे लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। सबसे बदतर स्थिति वार्ड संख्या 18 की है, जहाँ कई गलियों और लोगों के घरों में बारिश का पानी घुस गया है। घरों में गंदा पानी भरने से घरेलू सामान को भारी नुकसान पहुँच रहा है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी पैदा हो गया है। इस जलभराव के चलते लोगों को घरों से बाहर निकलने, बच्चों को स्कूल भेजने और अपने रोजमर्रा के जरूरी कार्यों को पूरा करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बदहाली को लेकर स्थानीय नागरिकों में प्रशासन के खिलाफ भारी गुस्सा है। निवासियों का आरोप है कि हर साल बारिश के दिनों में यहाँ यही स्थिति बनती है, लेकिन प्रशासन कोई स्थायी समाधान करने के बजाय सिर्फ आश्वासन देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है। लोगों ने प्रशासन से तुरंत जल निकासी की व्यवस्था करने और भविष्य में इस समस्या से परमानेंट निजात दिलाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। अब लोग प्रशासन से महज खोखले आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर त्वरित और ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1
- अगर आपके घर में गाड़ी रखी है और आपको उसे चलाने के लिए ड्राइवर की आवश्यकता है, तो संपर्क कर सकते हैं। यह ड्राइवर सर्विस पूरे रांची क्षेत्र के लिए उपलब्ध कराई जा रही है।1
- झारखंड के गुमला जिले के एक प्रवासी मजदूर की बेंगलुरु में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है, जिसके बाद परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। गुमला जिले में रोजगार की कमी के कारण विभिन्न प्रखंडों के प्रवासी मजदूर अपने परिवारों के पालन-पोषण और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के लिए अपने घर और राज्य को छोड़कर दूसरे राज्यों में काम करने के लिए मजबूर हैं। रोजी-रोटी की तलाश में गए इस मजदूर की संदिग्ध मौत की यह दिल दहला देने वाली घटना अब सामने आई है। इस दुखद घटना के बाद जिला प्रशासन और राज्य सरकार से इस पूरे मामले पर तुरंत संज्ञान लेने की पुरजोर मांग की जा रही है। परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार और प्रशासन को इस संदिग्ध मौत के मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।1