Shuru
Apke Nagar Ki App…
अगर आपके घर में गाड़ी रखी है और आपको उसे चलाने के लिए ड्राइवर की आवश्यकता है, तो संपर्क कर सकते हैं। यह ड्राइवर सर्विस पूरे रांची क्षेत्र के लिए उपलब्ध कराई जा रही है।
Jharkhand local news
अगर आपके घर में गाड़ी रखी है और आपको उसे चलाने के लिए ड्राइवर की आवश्यकता है, तो संपर्क कर सकते हैं। यह ड्राइवर सर्विस पूरे रांची क्षेत्र के लिए उपलब्ध कराई जा रही है।
More news from झारखंड and nearby areas
- लोहरदगा में आईटीआई बस स्टैंड का पूरी तरह से सुधार किया जा रहा है और इसे नए सिरे से बनाया जा रहा है। इस बस स्टैंड के कायाकल्प और हो रहे नए निर्माण का पूरा वीडियो सामने आया है, जिसमें स्टैंड की बदलती हुई तस्वीर को साफ तौर पर देखा जा सकता है। यह पूरा बस स्टैंड अब बिल्कुल नए रूप में तैयार हो रहा है।1
- झारखंड के लोहरदगा में जनता का भारी गुस्सा फूट पड़ा है। आक्रोशित लोग तीखे तेवर दिखाते हुए "विधायक गिरी छोड़ दो" की मांग कर रहे हैं। इस पूरे विरोध में आदिवासी समाज का गुस्सा भी साफ तौर पर देखा जा सकता है, जो विधायक के खिलाफ अपनी भारी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं।1
- गुमला के सिसई प्रखंड क्षेत्र स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय सोंगरा के परिसर में योगगुरु गजराज महतो के सानिध्य में सभी छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने योगाभ्यास किया। इस दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षक और शिक्षिकाएं उपस्थित रहे और सभी ने प्रतिदिन नियमित रूप से योग करने का संकल्प लिया। शिविर में योगगुरु गजराज महतो ने उम्र के हर पड़ाव में शरीर को स्वस्थ और दीर्घायु बनाए रखने के लिए योगासन एवं प्राणायाम को दिनचर्या में शामिल करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि नियमित रूप से सुबह कम से कम आधा घंटा योगासन व प्राणायाम करने से शरीर के अंदरूनी और बाहरी अंग लंबे समय तक निरोग व क्रियाशील रहते हैं। अभ्यास के दौरान उन्होंने भस्त्रिका, कपालभांति, अनुलोम-विलोम प्राणायाम और विभिन्न आसनों का अभ्यास कराते हुए कहा कि इससे पक्षाघात और लकवा जैसे रोगों का खतरा कम होता है। इसके अलावा, माइग्रेन, तनाव और अनिद्रा से मुक्ति के लिए भ्रामरी प्राणायाम और सूक्ष्म व्यायाम भी कराए गए। योगाभ्यास के बाद हृदय की पवित्रता और शुद्धि के लिए सामूहिक योग भजन का आयोजन किया गया। अंत में शांति पाठ के साथ इस योग शिविर का समापन हुआ।4
- झारखंड में फील्ड वर्कर की परीक्षा से लाखों विद्यार्थी वंचित रह गए हैं। राज्य के लाखों अभ्यर्थियों को इस परीक्षा में शामिल होने का अवसर नहीं मिल सका है।1
- झारखंड फील्ड वर्कर प्रतियोगिता परीक्षा 2024, जो 19 जुलाई 2026 को आयोजित की गई थी, उसमें एक बड़ा खेल सामने आया है। इस परीक्षा में शामिल होने वाले लाखों अभ्यर्थी परीक्षा देने से सिर्फ इसलिए वंचित रह गए क्योंकि उन्हें सिटी इंफॉर्मेशन स्लिप ही परीक्षा खत्म होने के बाद प्राप्त हुई। सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है कि अभ्यर्थियों को फाइनल एडमिट कार्ड मिला ही नहीं, बल्कि केवल सिटी स्लिप दी गई थी। इस स्लिप पर साफ तौर पर लिखा था कि परीक्षा केंद्र के नाम वाला फाइनल e-Admit Card परीक्षा से 3 दिन पहले जारी किया जाएगा, लेकिन जब सिटी स्लिप ही देर से आई तो फाइनल एडमिट कार्ड कभी आया ही नहीं। लातेहार के अभ्यर्थी अमित कुमार गुप्ता के पास मौजूद ईमेल सबूत के तौर पर इस लापरवाही को उजागर करता है। अमित की परीक्षा सुबह 7:30 बजे निर्धारित थी, लेकिन उनकी सिटी स्लिप का नोटिफिकेशन परीक्षा वाले दिन शाम को 5:52 बजे आया। अमित ने बताया कि उन्होंने साल 2024 में फॉर्म भरा था और वे दो साल से इसके लिए सेल्फ स्टडी कर रहे थे। परीक्षा से 2-3 दिन पहले से एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की कोशिश करने के बावजूद जब तक स्लिप डाउनलोड हुई, तब तक परीक्षा का समय समाप्त हो चुका था। अमित ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनका मौका छीन लिया गया है। वहीं, एक अन्य अभ्यर्थी पवन कुमार मिश्रा को तो यह ईमेल अगले दिन यानी 20 जुलाई को सुबह 08:08 बजे प्राप्त हुआ। इस अव्यवस्था पर लातेहार के माकपा नेता अयूब खान ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इसे घोर अन्याय बताते हुए कहा कि बच्चे भूख, प्यास और धूप सहकर दो साल तक मेहनत करते हैं और ऐन मौके पर सूचना का विलंब से आना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस लापरवाही से वंचित रह गए सभी छात्रों के लिए तुरंत दोबारा परीक्षा आयोजित की जाए।1
- अगर आपके घर में गाड़ी रखी है और आपको उसे चलाने के लिए ड्राइवर की आवश्यकता है, तो संपर्क कर सकते हैं। यह ड्राइवर सर्विस पूरे रांची क्षेत्र के लिए उपलब्ध कराई जा रही है।1
- झारखंड के गुमला जिले के एक प्रवासी मजदूर की बेंगलुरु में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है, जिसके बाद परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। गुमला जिले में रोजगार की कमी के कारण विभिन्न प्रखंडों के प्रवासी मजदूर अपने परिवारों के पालन-पोषण और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के लिए अपने घर और राज्य को छोड़कर दूसरे राज्यों में काम करने के लिए मजबूर हैं। रोजी-रोटी की तलाश में गए इस मजदूर की संदिग्ध मौत की यह दिल दहला देने वाली घटना अब सामने आई है। इस दुखद घटना के बाद जिला प्रशासन और राज्य सरकार से इस पूरे मामले पर तुरंत संज्ञान लेने की पुरजोर मांग की जा रही है। परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार और प्रशासन को इस संदिग्ध मौत के मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।1