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Available for Sale - Agricultural / Farm Land Locality : meja Area (dimensions) : 1.520 Expected Price : 1000000 Property Type : Agricultural / Farm Land और भी कई तरह की जमीन उपलब्ध है

1 hr ago
user_AdAwadhesh Kumar
AdAwadhesh Kumar
Lawyer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

Available for Sale - Agricultural / Farm Land Locality : meja Area (dimensions) : 1.520 Expected Price : 1000000 Property Type : Agricultural / Farm Land और भी कई तरह की जमीन उपलब्ध है

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  • Available for Sale - Agricultural / Farm Land Locality : meja Area (dimensions) : 1.520 Expected Price : 1000000 Property Type : Agricultural / Farm Land और भी कई तरह की जमीन उपलब्ध है
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    Available for Sale - Agricultural / Farm Land
Locality : meja
Area (dimensions) : 1.520
Expected Price : 1000000
Property Type : Agricultural / Farm Land
और भी कई तरह की जमीन उपलब्ध है
    user_AdAwadhesh Kumar
    AdAwadhesh Kumar
    Lawyer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • प्रयागराज की बेटी शिफा फातिमा ने अपनी कड़ी मेहनत, लगन और पारिवारिक संस्कारों के दम पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के संघटक के.पी. ट्रेनिंग कॉलेज की छात्रा शिफा ने सत्र 2023-25 की बीएड मुख्य परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस शानदार सफलता के लिए उन्हें कॉलेज प्रशासन द्वारा गोल्ड मेडल और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया, जिससे उन्होंने महाविद्यालय के साथ-साथ अपने माता-पिता और पूरे प्रयागराज शहर का मान बढ़ाया है। शिफा की इस कामयाबी के पीछे वर्षों की अथक मेहनत, अनुशासित जीवनशैली और परिवार का मजबूत सहयोग रहा है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई टैगोर पब्लिक स्कूल से पूरी की थी। बचपन से ही शिक्षा के प्रति उनका गहरा झुकाव था और वे एक शिक्षक बनने का सपना देखती थीं, जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने पूरी निष्ठा से बीएड की पढ़ाई की। उल्लेखनीय है कि शिफा ने अपनी शिक्षा के दौरान किसी बाहरी कोचिंग का सहारा नहीं लिया। उनकी माँ, जो स्वयं एक इंटर कॉलेज में अध्यापिका हैं, उनकी सबसे बड़ी मार्गदर्शक रहीं। माँ ने शिफा को किताबों के ज्ञान के अलावा अनुशासन, धैर्य और संघर्ष की भी सीख दी, और एक शिक्षक की तरह हर कदम पर उनका मार्गदर्शन किया। वहीं, उनके पिता, जो पेशे से डेंटिस्ट हैं, ने भी बेटी की शिक्षा और सपनों को सदैव प्राथमिकता दी। परिवार ने उन्हें ऐसा माहौल दिया जहाँ पढ़ाई और मेहनत को सबसे अधिक महत्व दिया गया, और माता-पिता के इसी सहयोग और विश्वास ने शिफा को यह उपलब्धि हासिल करने के लिए प्रेरित किया। गोल्ड मेडल प्राप्त करने के बाद शिफा फातिमा ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया। उन्होंने कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है। अब शिफा का अगला लक्ष्य संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा की तैयारी करना है, ताकि वे देश सेवा के उद्देश्य के साथ आगे बढ़ सकें। शिफा की यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि यदि मन में कुछ बड़ा करने की इच्छा हो, परिवार का पूरा साथ मिले और निरंतर मेहनत की जाए, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं रहती। उनकी यह सफलता आज हजारों युवाओं, विशेषकर छात्राओं के लिए एक सच्ची प्रेरणा बनकर उभरी है।
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    प्रयागराज की बेटी शिफा फातिमा ने अपनी कड़ी मेहनत, लगन और पारिवारिक संस्कारों के दम पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के संघटक के.पी. ट्रेनिंग कॉलेज की छात्रा शिफा ने सत्र 2023-25 की बीएड मुख्य परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस शानदार सफलता के लिए उन्हें कॉलेज प्रशासन द्वारा गोल्ड मेडल और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया, जिससे उन्होंने महाविद्यालय के साथ-साथ अपने माता-पिता और पूरे प्रयागराज शहर का मान बढ़ाया है।

शिफा की इस कामयाबी के पीछे वर्षों की अथक मेहनत, अनुशासित जीवनशैली और परिवार का मजबूत सहयोग रहा है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई टैगोर पब्लिक स्कूल से पूरी की थी। बचपन से ही शिक्षा के प्रति उनका गहरा झुकाव था और वे एक शिक्षक बनने का सपना देखती थीं, जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने पूरी निष्ठा से बीएड की पढ़ाई की। उल्लेखनीय है कि शिफा ने अपनी शिक्षा के दौरान किसी बाहरी कोचिंग का सहारा नहीं लिया। उनकी माँ, जो स्वयं एक इंटर कॉलेज में अध्यापिका हैं, उनकी सबसे बड़ी मार्गदर्शक रहीं। माँ ने शिफा को किताबों के ज्ञान के अलावा अनुशासन, धैर्य और संघर्ष की भी सीख दी, और एक शिक्षक की तरह हर कदम पर उनका मार्गदर्शन किया। वहीं, उनके पिता, जो पेशे से डेंटिस्ट हैं, ने भी बेटी की शिक्षा और सपनों को सदैव प्राथमिकता दी। परिवार ने उन्हें ऐसा माहौल दिया जहाँ पढ़ाई और मेहनत को सबसे अधिक महत्व दिया गया, और माता-पिता के इसी सहयोग और विश्वास ने शिफा को यह उपलब्धि हासिल करने के लिए प्रेरित किया।

गोल्ड मेडल प्राप्त करने के बाद शिफा फातिमा ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया। उन्होंने कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है। अब शिफा का अगला लक्ष्य संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा की तैयारी करना है, ताकि वे देश सेवा के उद्देश्य के साथ आगे बढ़ सकें। शिफा की यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि यदि मन में कुछ बड़ा करने की इच्छा हो, परिवार का पूरा साथ मिले और निरंतर मेहनत की जाए, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं रहती। उनकी यह सफलता आज हजारों युवाओं, विशेषकर छात्राओं के लिए एक सच्ची प्रेरणा बनकर उभरी है।
    user_Umesh chandra patrkar
    Umesh chandra patrkar
    Advertising Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज द्वारा गोसंरक्षण और सनातन संस्कृति के संरक्षण को लेकर निकाली जा रही 81 दिवसीय जन जागरण यात्रा का सोमवार को प्रयागराज के मेजारोड में भव्य स्वागत किया गया। यात्रा के मेजारोड पहुंचने पर अभिषेक सिंह अंशु के आवास पर श्रद्धालुओं, संत समाज और क्षेत्रीय नागरिकों ने पूज्य स्वामी जी का जोरदार अभिनंदन किया। इस अवसर पर विधि-विधान से चरण पादुका पूजन एवं सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही और पूरा वातावरण भक्ति एवं उत्साह से ओतप्रोत नजर आया। अपने संबोधन में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने भारतीय संस्कृति में गौ माता के विशेष महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गोसंरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि गोवंश ही गांवों की अर्थव्यवस्था, कृषि व्यवस्था और भारतीय परंपरा का आधार रहा है। स्वामी जी ने गौ संरक्षण के मुद्दे पर सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जब गाय को माता माना जाता है, तो उसे केवल पशु के रूप में दर्ज करना उचित नहीं है, और गोवंश की उपेक्षा राष्ट्रहित के विरुद्ध है। उन्होंने लोगों से गौमाता के सम्मान और संरक्षण के लिए समाज को संगठित होकर आगे आने का आह्वान किया। शंकराचार्य ने अंशु सिंह को क्षेत्र में जनसहयोग जुटाने की जिम्मेदारी भी सौंपी, जिसमें हर घर से ₹1, ₹2 या ₹5 तक का सहयोग एकत्र कर गौ रक्षा के कार्य में लगाने की बात कही गई। उन्होंने बताया कि इस 81 दिवसीय जन जागरण यात्रा के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों, धार्मिक स्थलों, गोशालाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है, तथा जनसभाएं, धर्म सभाएं और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित कर समाज को गोसंरक्षण के प्रति प्रेरित किया जा रहा है। कार्यक्रम के आयोजक अंशु सिंह ने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य समाज को गोसंरक्षण के लिए जागरूक करना और सरकार का ध्यान इस महत्वपूर्ण मुद्दे की ओर आकर्षित करना है। इस दौरान भारी संख्या में लोग मौजूद रहे, जिनमें क्षेत्र के समाजसेवी दिलावर सिंह, पूर्व चेयरमैन सिरसा श्यामकृष्ण यादव उर्फ पप्पू समेत कई गणमान्य लोग शामिल थे। अन्य उपस्थित लोगों में लल्लन शुक्ला, देशराज सिंह, संदीप सिंह सीपू, दर्शन तिवारी, रामबाबू मिश्रा, महेश राज यादव, नीरज सिंह यादव, जितेन्द्र शर्मा, नियाज अहमद, विशाल पटेल, शिवाकांत द्विवेदी, राहुल पटेल, विनोद शर्मा, गोरे लाल, आशीष सिंह, संजू सिंह, अवधेश यादव, राजेश तिवारी, अमित तिवारी, सुरेश यादव सहित भारी संख्या में सपाई उपस्थित थे। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
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    जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज द्वारा गोसंरक्षण और सनातन संस्कृति के संरक्षण को लेकर निकाली जा रही 81 दिवसीय जन जागरण यात्रा का सोमवार को प्रयागराज के मेजारोड में भव्य स्वागत किया गया। यात्रा के मेजारोड पहुंचने पर अभिषेक सिंह अंशु के आवास पर श्रद्धालुओं, संत समाज और क्षेत्रीय नागरिकों ने पूज्य स्वामी जी का जोरदार अभिनंदन किया। इस अवसर पर विधि-विधान से चरण पादुका पूजन एवं सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही और पूरा वातावरण भक्ति एवं उत्साह से ओतप्रोत नजर आया।

अपने संबोधन में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने भारतीय संस्कृति में गौ माता के विशेष महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गोसंरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि गोवंश ही गांवों की अर्थव्यवस्था, कृषि व्यवस्था और भारतीय परंपरा का आधार रहा है। स्वामी जी ने गौ संरक्षण के मुद्दे पर सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जब गाय को माता माना जाता है, तो उसे केवल पशु के रूप में दर्ज करना उचित नहीं है, और गोवंश की उपेक्षा राष्ट्रहित के विरुद्ध है।

उन्होंने लोगों से गौमाता के सम्मान और संरक्षण के लिए समाज को संगठित होकर आगे आने का आह्वान किया। शंकराचार्य ने अंशु सिंह को क्षेत्र में जनसहयोग जुटाने की जिम्मेदारी भी सौंपी, जिसमें हर घर से ₹1, ₹2 या ₹5 तक का सहयोग एकत्र कर गौ रक्षा के कार्य में लगाने की बात कही गई। उन्होंने बताया कि इस 81 दिवसीय जन जागरण यात्रा के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों, धार्मिक स्थलों, गोशालाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है, तथा जनसभाएं, धर्म सभाएं और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित कर समाज को गोसंरक्षण के प्रति प्रेरित किया जा रहा है।

कार्यक्रम के आयोजक अंशु सिंह ने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य समाज को गोसंरक्षण के लिए जागरूक करना और सरकार का ध्यान इस महत्वपूर्ण मुद्दे की ओर आकर्षित करना है। इस दौरान भारी संख्या में लोग मौजूद रहे, जिनमें क्षेत्र के समाजसेवी दिलावर सिंह, पूर्व चेयरमैन सिरसा श्यामकृष्ण यादव उर्फ पप्पू समेत कई गणमान्य लोग शामिल थे। अन्य उपस्थित लोगों में लल्लन शुक्ला, देशराज सिंह, संदीप सिंह सीपू, दर्शन तिवारी, रामबाबू मिश्रा, महेश राज यादव, नीरज सिंह यादव, जितेन्द्र शर्मा, नियाज अहमद, विशाल पटेल, शिवाकांत द्विवेदी, राहुल पटेल, विनोद शर्मा, गोरे लाल, आशीष सिंह, संजू सिंह, अवधेश यादव, राजेश तिवारी, अमित तिवारी, सुरेश यादव सहित भारी संख्या में सपाई उपस्थित थे। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
    user_राजेश कुमार
    राजेश कुमार
    रिपोर्टर मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • प्रयागराज के जसरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से सामने आई तस्वीरों और वीडियो ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश सरकार जहां गरीब मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं सीएचसी जसरा के परिसर के बाहर कबाड़ और कचरे के ढेर में सरकारी दवाइयां, जांच किट और चिकित्सा सामग्री बेतरतीब हालत में पड़ी मिलीं, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और सोशल मीडिया पर बवाल मच गया। रविवार को स्थानीय लोगों ने सीएचसी जसरा की बाउंड्री के बाहर दवाओं और मेडिकल सामग्री के ढेर को देखा तो वे दंग रह गए। आरोप है कि जिन दवाओं और जांच किटों को गरीब मरीजों तक पहुंचना चाहिए था, वे धूल और कचरे में सड़ती पाई गईं। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को सरकारी दवाइयां देने के बजाय बाहर महंगे मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदने को मजबूर किया जाता है, और जांच सुविधाएं होने के बावजूद निजी पैथोलॉजी सेंटरों पर भेजा जाता है। यह भी आरोप है कि मुफ्त इलाज और जांच के लिए भेजी गई दवाइयां व किट स्टोरों में पड़ी-पड़ी खराब हो जाती हैं और फिर चुपचाप फेंक दी जाती हैं, ताकि निजी मेडिकल स्टोर और पैथोलॉजी सेंटरों को फायदा पहुंचाने के लिए कमीशनखोरी का संगठित खेल चलता रहे। इस पूरे मामले से स्वास्थ्य विभाग की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं। गरीब और असहाय मरीज आर्थिक शोषण झेलने को मजबूर हैं, जबकि सरकारी संसाधनों की खुलेआम बर्बादी की जा रही है। क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है और लोगों ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी डॉक्टरों, कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं हुई तो सरकारी अस्पतालों पर जनता का भरोसा टूट जाएगा। अब सभी की निगाहें स्वास्थ्य विभाग पर टिकी हैं कि वह इस गंभीर मामले में क्या सख्त कदम उठाता है।
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    प्रयागराज के जसरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से सामने आई तस्वीरों और वीडियो ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश सरकार जहां गरीब मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं सीएचसी जसरा के परिसर के बाहर कबाड़ और कचरे के ढेर में सरकारी दवाइयां, जांच किट और चिकित्सा सामग्री बेतरतीब हालत में पड़ी मिलीं, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और सोशल मीडिया पर बवाल मच गया।

रविवार को स्थानीय लोगों ने सीएचसी जसरा की बाउंड्री के बाहर दवाओं और मेडिकल सामग्री के ढेर को देखा तो वे दंग रह गए। आरोप है कि जिन दवाओं और जांच किटों को गरीब मरीजों तक पहुंचना चाहिए था, वे धूल और कचरे में सड़ती पाई गईं। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को सरकारी दवाइयां देने के बजाय बाहर महंगे मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदने को मजबूर किया जाता है, और जांच सुविधाएं होने के बावजूद निजी पैथोलॉजी सेंटरों पर भेजा जाता है। यह भी आरोप है कि मुफ्त इलाज और जांच के लिए भेजी गई दवाइयां व किट स्टोरों में पड़ी-पड़ी खराब हो जाती हैं और फिर चुपचाप फेंक दी जाती हैं, ताकि निजी मेडिकल स्टोर और पैथोलॉजी सेंटरों को फायदा पहुंचाने के लिए कमीशनखोरी का संगठित खेल चलता रहे।

इस पूरे मामले से स्वास्थ्य विभाग की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं। गरीब और असहाय मरीज आर्थिक शोषण झेलने को मजबूर हैं, जबकि सरकारी संसाधनों की खुलेआम बर्बादी की जा रही है। क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है और लोगों ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी डॉक्टरों, कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं हुई तो सरकारी अस्पतालों पर जनता का भरोसा टूट जाएगा। अब सभी की निगाहें स्वास्थ्य विभाग पर टिकी हैं कि वह इस गंभीर मामले में क्या सख्त कदम उठाता है।
    user_दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
    दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
    मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के मेजा में स्थित प्रसिद्ध पहाड़ी महादेव मंदिर से जुड़ा एक मामला सामने आया है। मंदिर के संत ने कुछ लोगों द्वारा मंदिर की जमीन पर किए जा रहे कब्जे को लेकर अपनी बात कही है।
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    उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के मेजा में स्थित प्रसिद्ध पहाड़ी महादेव मंदिर से जुड़ा एक मामला सामने आया है। मंदिर के संत ने कुछ लोगों द्वारा मंदिर की जमीन पर किए जा रहे कब्जे को लेकर अपनी बात कही है।
    user_Vaibhav Yadav India Tv
    Vaibhav Yadav India Tv
    Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के सरायमीर में एंटी करप्शन टीम ने एक दरोगा को ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। इस घटना ने प्रदेश के थानों में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर किया है। लोगों का आरोप है कि यह स्थिति केवल सरायमीर की नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के हर थाना और चौकी का यही हाल है, जहाँ रिश्वत के बिना कोई काम नहीं होता।
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    उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के सरायमीर में एंटी करप्शन टीम ने एक दरोगा को ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। इस घटना ने प्रदेश के थानों में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर किया है। लोगों का आरोप है कि यह स्थिति केवल सरायमीर की नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के हर थाना और चौकी का यही हाल है, जहाँ रिश्वत के बिना कोई काम नहीं होता।
    user_T B NEWS
    T B NEWS
    Bara, Prayagraj•
    3 hrs ago
  • प्रयागराज के लालापुर थाना क्षेत्र स्थित घूरी गांव की निवासी अनीता देवी को उनकी बेटी, दामाद और देवरानी ने घर से बाहर निकाल दिया। रहने और खाने का सहारा छिन जाने के कारण अनीता देवी ने 21 मई 2026 को आत्महत्या करने का प्रयास किया। आत्महत्या के लिए जा रही अनीता देवी को रास्ते में भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के एक कार्यकर्ता से मदद मिली। कार्यकर्ता की सूचना पर किसान सेवक दीपक तिवारी ने महिला को लालापुर थाने पहुंचाया, जहां अनीता देवी ने अपनी बेटी, दामाद और देवरानी के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस जब महिला को उनके घर छोड़ने गई, तो बेटी ने आक्रामक रुख अपनाया। आरोप है कि उसने पुलिसकर्मियों को धक्का दिया और पत्थर उठाकर उन पर हमला करने की कोशिश की। इसके साथ ही बेटी ने अपनी मां को गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी मौजूद बताया गया है। किसान सेवक दीपक तिवारी ने शासन-प्रशासन से इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और साथ ही उन लोगों पर रोक लगाने की भी अपील की है, जो इस मामले को बेवजह तूल दे रहे हैं।
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    प्रयागराज के लालापुर थाना क्षेत्र स्थित घूरी गांव की निवासी अनीता देवी को उनकी बेटी, दामाद और देवरानी ने घर से बाहर निकाल दिया। रहने और खाने का सहारा छिन जाने के कारण अनीता देवी ने 21 मई 2026 को आत्महत्या करने का प्रयास किया।

आत्महत्या के लिए जा रही अनीता देवी को रास्ते में भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के एक कार्यकर्ता से मदद मिली। कार्यकर्ता की सूचना पर किसान सेवक दीपक तिवारी ने महिला को लालापुर थाने पहुंचाया, जहां अनीता देवी ने अपनी बेटी, दामाद और देवरानी के खिलाफ तहरीर दी।

पुलिस जब महिला को उनके घर छोड़ने गई, तो बेटी ने आक्रामक रुख अपनाया। आरोप है कि उसने पुलिसकर्मियों को धक्का दिया और पत्थर उठाकर उन पर हमला करने की कोशिश की। इसके साथ ही बेटी ने अपनी मां को गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी मौजूद बताया गया है।

किसान सेवक दीपक तिवारी ने शासन-प्रशासन से इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और साथ ही उन लोगों पर रोक लगाने की भी अपील की है, जो इस मामले को बेवजह तूल दे रहे हैं।
    user_Rohit Sharma
    Rohit Sharma
    निष्पक्षता से खबर को प्रकाशित करना मेरा बारा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • Available for Sale - Agricultural / Farm Land Locality : meja Area (dimensions) : 1.520 Expected Price : 1000000 Property Type : Agricultural / Farm Land और भी कई तरह की जमीन उपलब्ध है
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    Available for Sale - Agricultural / Farm Land
Locality : meja
Area (dimensions) : 1.520
Expected Price : 1000000
Property Type : Agricultural / Farm Land
और भी कई तरह की जमीन उपलब्ध है
    user_AdAwadhesh Kumar
    AdAwadhesh Kumar
    Lawyer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
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