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सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘सेवा के रंग-राष्टï्र के संग’ मॉड्यूल के अंतर्गत उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर के मार्गदर्शन में गुरुवार को एसपीएस इंटरनेशनल स्कूल, सेक्टर-2, पलवल में ‘विकसित भारत’ थीम पर आधारित की रंगोली कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ एमडी शुगर मिल द्विजा ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पूर्व मंत्री जगदीश नायर,पूर्व विधायक प्रवीण डागर,एसपीएस इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन सुरेश भारद्वाज भी मौजूद थे। पलवल एमडी शुगर मिल द्विजा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन एवं शासन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में हरियाणा सरकार द्वारा 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है। सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के निरंतर सार्वजनिक सेवा काल की जनकल्याणकारी उपलब्धियों एवं योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक को ‘विकसित भारत-2047’ के सामूहिक संकल्प से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘सेवा के रंग-राष्ट्र के संग’ मॉड्यूल के अंतर्गत पलवल में विभिन्न स्थानों पर रंगोली कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। ‘विकसित भारत’ थीम पर आधारित की विशाल रंगोली कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही। जिसमें नेचुरल रंगों का प्रयोग किया गया है। विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों द्वारा विभिन्न रचनात्मक रंगोलियों के माध्यम से देश की विकास यात्रा और जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रदर्शित किया है। उन्होंने बताया कि मे रंगोली के माध्यम से विकसित भारत-2047 के संकल्प, सेवा, जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण का संदेश आमजन तक पहुंचाया जाएगा।

6 hrs ago
user_Mahipal
Mahipal
Journalist Palwal, Haryana•
6 hrs ago

सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘सेवा के रंग-राष्टï्र के संग’ मॉड्यूल के अंतर्गत उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर के मार्गदर्शन में गुरुवार को एसपीएस इंटरनेशनल स्कूल, सेक्टर-2, पलवल में ‘विकसित भारत’ थीम पर आधारित की रंगोली कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ एमडी शुगर मिल द्विजा ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पूर्व मंत्री जगदीश नायर,पूर्व विधायक

प्रवीण डागर,एसपीएस इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन सुरेश भारद्वाज भी मौजूद थे। पलवल एमडी शुगर मिल द्विजा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन एवं शासन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में हरियाणा सरकार द्वारा 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है। सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य प्रधानमंत्री के 25 वर्षों

के निरंतर सार्वजनिक सेवा काल की जनकल्याणकारी उपलब्धियों एवं योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक को ‘विकसित भारत-2047’ के सामूहिक संकल्प से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘सेवा के रंग-राष्ट्र के संग’ मॉड्यूल के अंतर्गत पलवल में विभिन्न स्थानों पर रंगोली कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। ‘विकसित भारत’ थीम पर आधारित की

विशाल रंगोली कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही। जिसमें नेचुरल रंगों का प्रयोग किया गया है। विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों द्वारा विभिन्न रचनात्मक रंगोलियों के माध्यम से देश की विकास यात्रा और जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रदर्शित किया है। उन्होंने बताया कि मे रंगोली के माध्यम से विकसित भारत-2047 के संकल्प, सेवा, जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण का संदेश आमजन तक पहुंचाया जाएगा।

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  • number one painter Palwal jisko bhi leviation karani Ho contact Karen palwal
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    number one painter Palwal jisko bhi leviation karani Ho contact Karen
palwal
    user_Ishwar Chauhan
    Ishwar Chauhan
    पलवल, पलवल, हरियाणा•
    55 min ago
  • सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘सेवा के रंग-राष्टï्र के संग’ मॉड्यूल के अंतर्गत उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर के मार्गदर्शन में गुरुवार को एसपीएस इंटरनेशनल स्कूल, सेक्टर-2, पलवल में ‘विकसित भारत’ थीम पर आधारित की रंगोली कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ एमडी शुगर मिल द्विजा ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पूर्व मंत्री जगदीश नायर,पूर्व विधायक प्रवीण डागर,एसपीएस इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन सुरेश भारद्वाज भी मौजूद थे। पलवल एमडी शुगर मिल द्विजा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन एवं शासन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में हरियाणा सरकार द्वारा 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है। सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के निरंतर सार्वजनिक सेवा काल की जनकल्याणकारी उपलब्धियों एवं योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक को ‘विकसित भारत-2047’ के सामूहिक संकल्प से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘सेवा के रंग-राष्ट्र के संग’ मॉड्यूल के अंतर्गत पलवल में विभिन्न स्थानों पर रंगोली कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। ‘विकसित भारत’ थीम पर आधारित की विशाल रंगोली कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही। जिसमें नेचुरल रंगों का प्रयोग किया गया है। विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों द्वारा विभिन्न रचनात्मक रंगोलियों के माध्यम से देश की विकास यात्रा और जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रदर्शित किया है। उन्होंने बताया कि मे रंगोली के माध्यम से विकसित भारत-2047 के संकल्प, सेवा, जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण का संदेश आमजन तक पहुंचाया जाएगा।
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    सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘सेवा के रंग-राष्टï्र के संग’ मॉड्यूल के अंतर्गत उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर के मार्गदर्शन में गुरुवार को एसपीएस इंटरनेशनल स्कूल, सेक्टर-2, पलवल में ‘विकसित भारत’ थीम पर आधारित की रंगोली कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ एमडी शुगर मिल द्विजा ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पूर्व मंत्री जगदीश नायर,पूर्व विधायक प्रवीण डागर,एसपीएस इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन सुरेश भारद्वाज भी मौजूद थे।

पलवल एमडी शुगर मिल द्विजा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन एवं शासन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में हरियाणा सरकार द्वारा 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है। सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के निरंतर सार्वजनिक सेवा काल की जनकल्याणकारी उपलब्धियों एवं योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक को ‘विकसित भारत-2047’ के सामूहिक संकल्प से जोड़ना है।
उन्होंने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘सेवा के रंग-राष्ट्र के संग’ मॉड्यूल के अंतर्गत पलवल में विभिन्न स्थानों पर रंगोली कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। ‘विकसित भारत’ थीम पर आधारित की विशाल रंगोली कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही। जिसमें नेचुरल रंगों का प्रयोग किया गया है। विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों द्वारा विभिन्न रचनात्मक रंगोलियों के माध्यम से देश की विकास यात्रा और जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रदर्शित किया है। उन्होंने बताया कि मे रंगोली के माध्यम से विकसित भारत-2047 के संकल्प, सेवा, जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण का संदेश आमजन तक पहुंचाया जाएगा।
    user_Mahipal
    Mahipal
    Journalist Palwal, Haryana•
    6 hrs ago
  • मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कुरुक्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीपला में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित चित्र प्रदर्शनी, पेंटिंग एवं रंगोली का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल परिसर में पौधारोपण भी किया। सेवा संकल्प अभियान पूरे प्रदेश में 17 अक्टूबर तक चलेगा। #Haryana #SevaSankalpAbhiyan #NayabSinghSaini
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    मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कुरुक्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीपला में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित चित्र प्रदर्शनी, पेंटिंग एवं रंगोली का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल परिसर में पौधारोपण भी किया।

सेवा संकल्प अभियान पूरे प्रदेश में 17 अक्टूबर तक चलेगा।

#Haryana #SevaSankalpAbhiyan #NayabSinghSaini
    user_माथुर पत्रकार
    माथुर पत्रकार
    Voice of people हथीन, पलवल, हरियाणा•
    5 hrs ago
  • फरीदाबाद के गणपति कॉलोनी में अवैध मस्जिद पर चला बुल्डोजर फरीदाबाद के गणपति कॉलोनी में उसे समय हड़कंप मच गया जब नगर निगम का तोड़फोड़ का दस्ता बुलडोजर लेकर अवैध रूप से बना रहे मस्जिद को तोड़ने के लिए पहुंच गया इस दौरान भारी पुलिस बल तन तैनात रहा प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि यह मस्जिद गैर कानूनी रूप से बनाई जा रही थी मस्जिद प्रशासन पर ना तो जमीन की रजिस्ट्री है ना ही कमर्शियल मीटर लगा हुआ ।
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    फरीदाबाद के गणपति कॉलोनी में अवैध मस्जिद पर चला बुल्डोजर 
फरीदाबाद के गणपति कॉलोनी में उसे समय हड़कंप मच गया जब नगर निगम का तोड़फोड़ का दस्ता बुलडोजर लेकर अवैध रूप से बना रहे मस्जिद को तोड़ने के लिए पहुंच गया इस दौरान भारी पुलिस बल तन तैनात रहा प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि यह मस्जिद गैर कानूनी रूप से बनाई जा रही थी मस्जिद प्रशासन पर ना तो जमीन की रजिस्ट्री है ना ही कमर्शियल मीटर लगा हुआ ।
    user_Ravinder Pandat News
    Ravinder Pandat News
    Reporter फरीदाबाद, फरीदाबाद, हरियाणा•
    5 hrs ago
  • सीधा सा सवाल ? जब तुम हमारे नहीं तो हम तुम्हारे नहीं। मास्टर श्यौराज
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    सीधा सा सवाल ? जब तुम हमारे नहीं तो हम तुम्हारे नहीं। मास्टर श्यौराज
    user_Bku lokshakti master sheoraj singh
    Bku lokshakti master sheoraj singh
    जेवर, गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • प्रयागराजयमुनानगर क्षेत्र के घूरपुर थाना अंतर्गत गौहनिया के बुदावां गांव में स्थित एक होटल को लेकर कथित देह व्यापार का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और इस प्रकरण से जुड़ी खबर सामने आने के बाद चारों तरफ एक ही सवाल चर्चा में है कि यदि होटल परिसर में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने के आरोप हैं तो आखिर इतने दिनों तक यह सब घूरपुर पुलिस की निगाहों से कैसे बचा रहा? आरोप है कि ‘इलाहाबाद प्रॉपर्टी एंड होटल ग्रुप’ के परिसर में संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जानकारी मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने की बात सामने आ रही है। बताया जाता है कि सूचना के बाद जब लोग मौके पर पहुंचे तो होटल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दिया। इसी दौरान बनाए गए वायरल वीडियो में कुछ महिलाएं और युवतियां होटल परिसर से बाहर निकलती हुई दिखाई दे रही हैं। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्रवाई और सूचना तंत्र को लेकर खड़ा हो रहा है। यदि पुलिस को पहले ही सूचना दी गई थी तो पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले होटल परिसर कथित रूप से खाली कैसे हो गया? सूचना मिलने से लेकर पुलिस के पहुंचने तक कितना समय बीता? क्या सूचना समय रहते संबंधित पुलिसकर्मियों तक पहुंची थी? और यदि पहुंची थी तो मौके पर कार्रवाई से पहले कथित रूप से लोग वहां से कैसे निकल गए? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और खबर के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों के बीच यह अंदेशा भी उठ रहा है कि यदि जांच में होटल में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आती है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। आखिर बीट पुलिसकर्मी की निगरानी कहां थी? क्या होटल की गतिविधियों पर कभी नजर रखी गई? क्या आसपास के लोगों से कभी जानकारी जुटाई गई? या फिर पुलिस की निगाहों से यह पूरा मामला लगातार बचता रहा? यही अंदेशा अब कई सवालों की ओर इशारा कर रहा है, जिनका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। मामला केवल होटल तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क था, यह भी जांच का विषय है। पुलिस को होटल परिसर के सीसीटीवी फुटेज, प्रवेश-निकास से संबंधित अभिलेख, कर्मचारियों और संचालक से पूछताछ तथा वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम की सत्यता की जांच करनी चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम कितने समय में मौके पर पहुंची। बुदावां और आसपास के ग्रामीणों में मामले को लेकर नाराजगी बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। वहीं यदि वायरल वीडियो अथवा लगाए गए आरोपों में तथ्य नहीं हैं तो पुलिस की जांच से स्थिति भी साफ होनी चाहिए, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ गलत धारणा न बने। अब निगाहें घूरपुर थाना पुलिस और उच्च पुलिस अधिकारियों की जांच पर टिकी हैं। इस पूरे प्रकरण में सबसे अहम सवाल यही है कि आखिर इतने दिनों से कथित गतिविधियां चलने की बात सामने आ रही है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था कहां थी और पुलिस को सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचने से पहले ही परिसर कथित रूप से कैसे खाली हो गया? इन सवालों का निष्पक्ष जवाब ही पूरे मामले की असल तस्वीर सामने ला सकता है। प्रयागराजयमुनानगर क्षेत्र के घूरपुर थाना अंतर्गत गौहनिया के बुदावां गांव में स्थित एक होटल को लेकर कथित देह व्यापार का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और इस प्रकरण से जुड़ी खबर सामने आने के बाद चारों तरफ एक ही सवाल चर्चा में है कि यदि होटल परिसर में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने के आरोप हैं तो आखिर इतने दिनों तक यह सब घूरपुर पुलिस की निगाहों से कैसे बचा रहा? आरोप है कि ‘इलाहाबाद प्रॉपर्टी एंड होटल ग्रुप’ के परिसर में संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जानकारी मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने की बात सामने आ रही है। बताया जाता है कि सूचना के बाद जब लोग मौके पर पहुंचे तो होटल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दिया। इसी दौरान बनाए गए वायरल वीडियो में कुछ महिलाएं और युवतियां होटल परिसर से बाहर निकलती हुई दिखाई दे रही हैं। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्रवाई और सूचना तंत्र को लेकर खड़ा हो रहा है। यदि पुलिस को पहले ही सूचना दी गई थी तो पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले होटल परिसर कथित रूप से खाली कैसे हो गया? सूचना मिलने से लेकर पुलिस के पहुंचने तक कितना समय बीता? क्या सूचना समय रहते संबंधित पुलिसकर्मियों तक पहुंची थी? और यदि पहुंची थी तो मौके पर कार्रवाई से पहले कथित रूप से लोग वहां से कैसे निकल गए? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और खबर के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों के बीच यह अंदेशा भी उठ रहा है कि यदि जांच में होटल में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आती है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। आखिर बीट पुलिसकर्मी की निगरानी कहां थी? क्या होटल की गतिविधियों पर कभी नजर रखी गई? क्या आसपास के लोगों से कभी जानकारी जुटाई गई? या फिर पुलिस की निगाहों से यह पूरा मामला लगातार बचता रहा? यही अंदेशा अब कई सवालों की ओर इशारा कर रहा है, जिनका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। मामला केवल होटल तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क था, यह भी जांच का विषय है। पुलिस को होटल परिसर के सीसीटीवी फुटेज, प्रवेश-निकास से संबंधित अभिलेख, कर्मचारियों और संचालक से पूछताछ तथा वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम की सत्यता की जांच करनी चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम कितने समय में मौके पर पहुंची। बुदावां और आसपास के ग्रामीणों में मामले को लेकर नाराजगी बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। वहीं यदि वायरल वीडियो अथवा लगाए गए आरोपों में तथ्य नहीं हैं तो पुलिस की जांच से स्थिति भी साफ होनी चाहिए, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ गलत धारणा न बने। अब निगाहें घूरपुर थाना पुलिस और उच्च पुलिस अधिकारियों की जांच पर टिकी हैं। इस पूरे प्रकरण में सबसे अहम सवाल यही है कि आखिर इतने दिनों से कथित गतिविधियां चलने की बात सामने आ रही है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था कहां थी और पुलिस को सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचने से पहले ही परिसर कथित रूप से कैसे खाली हो गया? इन सवालों का निष्पक्ष जवाब ही पूरे मामले की असल तस्वीर सामने ला सकता है।
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    प्रयागराजयमुनानगर क्षेत्र के घूरपुर थाना अंतर्गत गौहनिया के बुदावां गांव में स्थित एक होटल को लेकर कथित देह व्यापार का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और इस प्रकरण से जुड़ी खबर सामने आने के बाद चारों तरफ एक ही सवाल चर्चा में है कि यदि होटल परिसर में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने के आरोप हैं तो आखिर इतने दिनों तक यह सब घूरपुर पुलिस की निगाहों से कैसे बचा रहा? आरोप है कि ‘इलाहाबाद प्रॉपर्टी एंड होटल ग्रुप’ के परिसर में संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जानकारी मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने की बात सामने आ रही है। बताया जाता है कि सूचना के बाद जब लोग मौके पर पहुंचे तो होटल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दिया। इसी दौरान बनाए गए वायरल वीडियो में कुछ महिलाएं और युवतियां होटल परिसर से बाहर निकलती हुई दिखाई दे रही हैं। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्रवाई और सूचना तंत्र को लेकर खड़ा हो रहा है। यदि पुलिस को पहले ही सूचना दी गई थी तो पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले होटल परिसर कथित रूप से खाली कैसे हो गया? सूचना मिलने से लेकर पुलिस के पहुंचने तक कितना समय बीता? क्या सूचना समय रहते संबंधित पुलिसकर्मियों तक पहुंची थी? और यदि पहुंची थी तो मौके पर कार्रवाई से पहले कथित रूप से लोग वहां से कैसे निकल गए? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और खबर के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों के बीच यह अंदेशा भी उठ रहा है कि यदि जांच में होटल में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आती है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। आखिर बीट पुलिसकर्मी की निगरानी कहां थी? क्या होटल की गतिविधियों पर कभी नजर रखी गई? क्या आसपास के लोगों से कभी जानकारी जुटाई गई? या फिर पुलिस की निगाहों से यह पूरा मामला लगातार बचता रहा? यही अंदेशा अब कई सवालों की ओर इशारा कर रहा है, जिनका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। मामला केवल होटल तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क था, यह भी जांच का विषय है। पुलिस को होटल परिसर के सीसीटीवी फुटेज, प्रवेश-निकास से संबंधित अभिलेख, कर्मचारियों और संचालक से पूछताछ तथा वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम की सत्यता की जांच करनी चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम कितने समय में मौके पर पहुंची। बुदावां और आसपास के ग्रामीणों में मामले को लेकर नाराजगी बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। वहीं यदि वायरल वीडियो अथवा लगाए गए आरोपों में तथ्य नहीं हैं तो पुलिस की जांच से स्थिति भी साफ होनी चाहिए, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ गलत धारणा न बने। अब निगाहें घूरपुर थाना पुलिस और उच्च पुलिस अधिकारियों की जांच पर टिकी हैं। इस पूरे प्रकरण में सबसे अहम सवाल यही है कि आखिर इतने दिनों से कथित गतिविधियां चलने की बात सामने आ रही है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था कहां थी और पुलिस को सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचने से पहले ही परिसर कथित रूप से कैसे खाली हो गया? इन सवालों का निष्पक्ष जवाब ही पूरे मामले की असल तस्वीर सामने ला सकता है।
प्रयागराजयमुनानगर क्षेत्र के घूरपुर थाना अंतर्गत गौहनिया के बुदावां गांव में स्थित एक होटल को लेकर कथित देह व्यापार का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और इस प्रकरण से जुड़ी खबर सामने आने के बाद चारों तरफ एक ही सवाल चर्चा में है कि यदि होटल परिसर में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने के आरोप हैं तो आखिर इतने दिनों तक यह सब घूरपुर पुलिस की निगाहों से कैसे बचा रहा? आरोप है कि ‘इलाहाबाद प्रॉपर्टी एंड होटल ग्रुप’ के परिसर में संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जानकारी मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने की बात सामने आ रही है। बताया जाता है कि सूचना के बाद जब लोग मौके पर पहुंचे तो होटल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दिया। इसी दौरान बनाए गए वायरल वीडियो में कुछ महिलाएं और युवतियां होटल परिसर से बाहर निकलती हुई दिखाई दे रही हैं। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्रवाई और सूचना तंत्र को लेकर खड़ा हो रहा है। यदि पुलिस को पहले ही सूचना दी गई थी तो पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले होटल परिसर कथित रूप से खाली कैसे हो गया? सूचना मिलने से लेकर पुलिस के पहुंचने तक कितना समय बीता? क्या सूचना समय रहते संबंधित पुलिसकर्मियों तक पहुंची थी? और यदि पहुंची थी तो मौके पर कार्रवाई से पहले कथित रूप से लोग वहां से कैसे निकल गए? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और खबर के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों के बीच यह अंदेशा भी उठ रहा है कि यदि जांच में होटल में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आती है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। आखिर बीट पुलिसकर्मी की निगरानी कहां थी? क्या होटल की गतिविधियों पर कभी नजर रखी गई? क्या आसपास के लोगों से कभी जानकारी जुटाई गई? या फिर पुलिस की निगाहों से यह पूरा मामला लगातार बचता रहा? यही अंदेशा अब कई सवालों की ओर इशारा कर रहा है, जिनका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। मामला केवल होटल तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क था, यह भी जांच का विषय है। पुलिस को होटल परिसर के सीसीटीवी फुटेज, प्रवेश-निकास से संबंधित अभिलेख, कर्मचारियों और संचालक से पूछताछ तथा वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम की सत्यता की जांच करनी चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम कितने समय में मौके पर पहुंची। बुदावां और आसपास के ग्रामीणों में मामले को लेकर नाराजगी बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। वहीं यदि वायरल वीडियो अथवा लगाए गए आरोपों में तथ्य नहीं हैं तो पुलिस की जांच से स्थिति भी साफ होनी चाहिए, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ गलत धारणा न बने। अब निगाहें घूरपुर थाना पुलिस और उच्च पुलिस अधिकारियों की जांच पर टिकी हैं। इस पूरे प्रकरण में सबसे अहम सवाल यही है कि आखिर इतने दिनों से कथित गतिविधियां चलने की बात सामने आ रही है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था कहां थी और पुलिस को सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचने से पहले ही परिसर कथित रूप से कैसे खाली हो गया? इन सवालों का निष्पक्ष जवाब ही पूरे मामले की असल तस्वीर सामने ला सकता है।
    user_पानीपत क्रांति न्यूज़ पानीपत क
    पानीपत क्रांति न्यूज़ पानीपत क
    Court reporter Faridabad, Haryana•
    20 hrs ago
  • फ़रीदाबाद- चांदपुर में कबाड़ गोदाम पर काम करने वाले दो 18 वर्षीय युवकों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, जांच की मांग फ़रीदाबाद- छांयसा थाना क्षेत्र के चांदपुर गांव में कबाड़ के गोदाम पर काम करने वाले दो 18 वर्षीय युवकों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतकों की पहचान अरबाज और शंकर के रूप में हुई है। दोनों युवक एक ही कबाड़ के गोदाम पर काम करते थे। परिजनों के अनुसार सोमवार रात दोनों युवकों ने गोदाम पर रहने वाले अन्य मजदूरों के साथ खाना खाया था। खाना खाने के कुछ समय बाद अचानक दोनों की तबीयत खराब हो गई। अरबाज ने सीने में दर्द होने की बात मजदूरों को बताई, जबकि शंकर ने पेट में दर्द की शिकायत की। हालत बिगड़ने पर अरबाज को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद मंगलवार सुबह करीब चार बजे शंकर की तबीयत भी अचानक ज्यादा खराब हो गई। साथी मजदूर उसे भी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक शंकर की मौत अरबाज की मौत के करीब तीन घंटे बाद हुई। परिजनों का कहना है कि दोनों युवकों के मुंह से झाग निकल रहा था। उन्हें आशंका है कि किसी जहरीली चीज, कीड़े या कोई गलत पदार्थ खाने की वजह से दोनों की तबीयत खराब हुई हो सकती है। हालांकि अभी मौत के सही कारण की पुष्टि नहीं हुई है। मौत की असली वजह पोस्टमार्टम और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। परिजनों के अनुसार शंकर के माता-पिता नहीं हैं। उसकी एक बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। वहीं अरबाज मेवात का रहने वाला था और 18 सितंबर को ही काम करने के लिए चांदपुर गांव आया था। उसे यहां काम करते हुए अभी चार दिन ही हुए थे। दोनों की अचानक हुई मौत के बाद परिजनों ने मामले की सही जांच कराने और मौत के कारण का पता लगाने की मांग की है।
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    फ़रीदाबाद- चांदपुर में कबाड़ गोदाम पर काम करने वाले दो 18 वर्षीय युवकों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, जांच की मांग
फ़रीदाबाद- छांयसा थाना क्षेत्र के चांदपुर गांव में कबाड़ के गोदाम पर काम करने वाले दो 18 वर्षीय युवकों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतकों की पहचान अरबाज और शंकर के रूप में हुई है। दोनों युवक एक ही कबाड़ के गोदाम पर काम करते थे। परिजनों के अनुसार सोमवार रात दोनों युवकों ने गोदाम पर रहने वाले अन्य मजदूरों के साथ खाना खाया था। खाना खाने के कुछ समय बाद अचानक दोनों की तबीयत खराब हो गई। अरबाज ने सीने में दर्द होने की बात मजदूरों को बताई, जबकि शंकर ने पेट में दर्द की शिकायत की। हालत बिगड़ने पर अरबाज को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद मंगलवार सुबह करीब चार बजे शंकर की तबीयत भी अचानक ज्यादा खराब हो गई। साथी मजदूर उसे भी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक शंकर की मौत अरबाज की मौत के करीब तीन घंटे बाद हुई।
परिजनों का कहना है कि दोनों युवकों के मुंह से झाग निकल रहा था। उन्हें आशंका है कि किसी जहरीली चीज, कीड़े या कोई गलत पदार्थ खाने की वजह से दोनों की तबीयत खराब हुई हो सकती है। हालांकि अभी मौत के सही कारण की पुष्टि नहीं हुई है। मौत की असली वजह पोस्टमार्टम और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। परिजनों के अनुसार शंकर के माता-पिता नहीं हैं। उसकी एक बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। वहीं अरबाज मेवात का रहने वाला था और 18 सितंबर को ही काम करने के लिए चांदपुर गांव आया था। उसे यहां काम करते हुए अभी चार दिन ही हुए थे। दोनों की अचानक हुई मौत के बाद परिजनों ने मामले की सही जांच कराने और मौत के कारण का पता लगाने की मांग की है।
    user_Dinesh kumar ( Lalbabu )
    Dinesh kumar ( Lalbabu )
    Media and information sciences faculty फरीदाबाद, फरीदाबाद, हरियाणा•
    22 hrs ago
  • number one painter Palwal jis bhi Bhai bahan ko Kaisa hi sticker banvana Ho use sampark Karen new sticker Hanuman Ji
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    number one painter Palwal jis bhi Bhai bahan ko Kaisa hi sticker banvana Ho use sampark Karen
new sticker Hanuman Ji
    user_Ishwar Chauhan
    Ishwar Chauhan
    पलवल, पलवल, हरियाणा•
    7 hrs ago
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