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थाना धनघटा क्षेत्र के दौलतपुर घाट पर कुआनों नदी में दो बच्चों के डूबने की घटना सामने आई है। इस मामले में क्षेत्राधिकारी धनघटा ने पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही के संबंध में जानकारी साझा की है।

7 days ago
user_Ramesh Dubey
Ramesh Dubey
पत्रकारिता Ghanghata, Sant Kabeer Nagar•
7 days ago

थाना धनघटा क्षेत्र के दौलतपुर घाट पर कुआनों नदी में दो बच्चों के डूबने की घटना सामने आई है। इस मामले में क्षेत्राधिकारी धनघटा ने पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही के संबंध में जानकारी साझा की है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) की संघीय कार्यकारिणी की बैठक 12 जून को बेंगलुरु में संपन्न हुई, जिसमें उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मियों एवं अभियंताओं के आंदोलन तथा प्रस्तावित विद्युत (संशोधन) विधेयक-2025 के विरोध में सर्वसम्मति से महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। फेडरेशन ने उत्तर प्रदेश में चल रहे निजीकरण विरोधी आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है। संघर्ष समिति के पदाधिकारी रंजन कुमार ने एआईपीईएफ द्वारा दिए गए समर्थन का स्वागत करते हुए कहा कि इससे प्रदेश के बिजली कर्मियों और अभियंताओं का मनोबल और मजबूत हुआ है। एआईपीईएफ ने अपने प्रस्ताव में इस बात पर जोर दिया कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में पिछले 562 दिनों से बिजली कर्मी एवं अभियंता शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। बिजली पंचायतों, महापंचायतों, रैलियों और जनसभाओं के माध्यम से यह आंदोलन अब एक व्यापक जन आंदोलन का स्वरूप ले चुका है। फेडरेशन ने आंदोलन के दौरान कर्मचारियों के स्थानांतरण, संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त करने तथा अनुशासनात्मक कार्रवाई के नाम पर किए गए कदमों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इन्हें लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का प्रयास बताया। संघर्ष समिति के पदाधिकारी राघवेंद्र सिंह ने मांग की है कि निजीकरण का निर्णय तत्काल वापस लिया जाए तथा आंदोलन के दौरान बिजली कर्मियों और अभियंताओं के विरुद्ध की गई सभी दमनात्मक कार्रवाइयों को बिना शर्त समाप्त किया जाए। बैठक में पारित दूसरे प्रस्ताव में, एआईपीईएफ ने प्रस्तावित विद्युत (संशोधन) विधेयक-2025 का कड़ा विरोध करते हुए इसे बिजली क्षेत्र के निजीकरण को बढ़ावा देने वाला बताया। फेडरेशन का कहना है कि विधेयक के प्रावधान सार्वजनिक वितरण कंपनियों को कमजोर कर निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाएंगे, जिससे किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं, छोटे व्यापारियों और कमजोर वर्गों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। एआईपीईएफ ने चेतावनी दी कि यदि आगामी मानसून सत्र में यह विधेयक संसद में प्रस्तुत किया गया, तो राष्ट्रीय समन्वय समिति (एनसीसीओईईई) एवं अन्य संगठनों के साथ मिलकर देशव्यापी विरोध कार्यक्रम चलाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर राष्ट्रव्यापी "लाइटनिंग स्ट्राइक" सहित अन्य आंदोलनात्मक कदम भी उठाए जाएंगे। संघर्ष समिति की पदाधिकारी दीक्षा श्रीवास्तव ने जोर दिया कि उत्तर प्रदेश में निजीकरण के खिलाफ चल रहा आंदोलन अब राष्ट्रीय स्वरूप ग्रहण कर चुका है और यह सार्वजनिक बिजली क्षेत्र, उपभोक्ताओं, किसानों तथा बिजली कर्मियों के हितों की रक्षा का एक महत्वपूर्ण अभियान बन गया है। इसी क्रम में, शुक्रवार को संतकबीरनगर में भी बिजली कर्मियों ने अपना विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें सहायक लेखाकार प्रिंस गुप्ता, संतोष गुप्ता, कार्यकारी सहायक अमरनाथ यादव, दिलीप सिंह, राघवेंद्र सिंह, दीक्षा श्रीवास्तव, सूरज प्रजापति, अशोक कुमार, सत्येंद्र सिंह, रंजन कुमार, वीरेंद्र मौर्य, प्रदुम्न कुमार और संजय यादव समेत अन्य विद्युत कर्मी मौजूद रहे।
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    ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) की संघीय कार्यकारिणी की बैठक 12 जून को बेंगलुरु में संपन्न हुई, जिसमें उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मियों एवं अभियंताओं के आंदोलन तथा प्रस्तावित विद्युत (संशोधन) विधेयक-2025 के विरोध में सर्वसम्मति से महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। फेडरेशन ने उत्तर प्रदेश में चल रहे निजीकरण विरोधी आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है।

संघर्ष समिति के पदाधिकारी रंजन कुमार ने एआईपीईएफ द्वारा दिए गए समर्थन का स्वागत करते हुए कहा कि इससे प्रदेश के बिजली कर्मियों और अभियंताओं का मनोबल और मजबूत हुआ है। एआईपीईएफ ने अपने प्रस्ताव में इस बात पर जोर दिया कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में पिछले 562 दिनों से बिजली कर्मी एवं अभियंता शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। बिजली पंचायतों, महापंचायतों, रैलियों और जनसभाओं के माध्यम से यह आंदोलन अब एक व्यापक जन आंदोलन का स्वरूप ले चुका है। फेडरेशन ने आंदोलन के दौरान कर्मचारियों के स्थानांतरण, संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त करने तथा अनुशासनात्मक कार्रवाई के नाम पर किए गए कदमों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इन्हें लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का प्रयास बताया। संघर्ष समिति के पदाधिकारी राघवेंद्र सिंह ने मांग की है कि निजीकरण का निर्णय तत्काल वापस लिया जाए तथा आंदोलन के दौरान बिजली कर्मियों और अभियंताओं के विरुद्ध की गई सभी दमनात्मक कार्रवाइयों को बिना शर्त समाप्त किया जाए।

बैठक में पारित दूसरे प्रस्ताव में, एआईपीईएफ ने प्रस्तावित विद्युत (संशोधन) विधेयक-2025 का कड़ा विरोध करते हुए इसे बिजली क्षेत्र के निजीकरण को बढ़ावा देने वाला बताया। फेडरेशन का कहना है कि विधेयक के प्रावधान सार्वजनिक वितरण कंपनियों को कमजोर कर निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाएंगे, जिससे किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं, छोटे व्यापारियों और कमजोर वर्गों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। एआईपीईएफ ने चेतावनी दी कि यदि आगामी मानसून सत्र में यह विधेयक संसद में प्रस्तुत किया गया, तो राष्ट्रीय समन्वय समिति (एनसीसीओईईई) एवं अन्य संगठनों के साथ मिलकर देशव्यापी विरोध कार्यक्रम चलाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर राष्ट्रव्यापी "लाइटनिंग स्ट्राइक" सहित अन्य आंदोलनात्मक कदम भी उठाए जाएंगे।

संघर्ष समिति की पदाधिकारी दीक्षा श्रीवास्तव ने जोर दिया कि उत्तर प्रदेश में निजीकरण के खिलाफ चल रहा आंदोलन अब राष्ट्रीय स्वरूप ग्रहण कर चुका है और यह सार्वजनिक बिजली क्षेत्र, उपभोक्ताओं, किसानों तथा बिजली कर्मियों के हितों की रक्षा का एक महत्वपूर्ण अभियान बन गया है। इसी क्रम में, शुक्रवार को संतकबीरनगर में भी बिजली कर्मियों ने अपना विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें सहायक लेखाकार प्रिंस गुप्ता, संतोष गुप्ता, कार्यकारी सहायक अमरनाथ यादव, दिलीप सिंह, राघवेंद्र सिंह, दीक्षा श्रीवास्तव, सूरज प्रजापति, अशोक कुमार, सत्येंद्र सिंह, रंजन कुमार, वीरेंद्र मौर्य, प्रदुम्न कुमार और संजय यादव समेत अन्य विद्युत कर्मी मौजूद रहे।
    user_LIVE UP ONE NEWS UTTAR PRADESH
    LIVE UP ONE NEWS UTTAR PRADESH
    खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • संतकबीरनगर के नाथनगर स्थित महुली थाने की पुलिस टीम ने, थानाध्यक्ष के नेतृत्व में, थाना क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर न्यायालय द्वारा जारी गैर जमानती वारंट से संबंधित दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई इलाहाबाद उच्च न्यायालय में लंबित क्रिमिनल अपील नंबर 947/1985, हरनरायण अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य प्रकरण में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, संतकबीरनगर के आदेश के अनुपालन में की गई। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में दादर हरदो निवासी अखिलानंद (पुत्र हरनरायण) और गौराखुर्द निवासी सीताराम (पुत्र रामविलास) शामिल हैं, जिन्हें नियमानुसार न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, संतकबीरनगर भेजा गया। इस गिरफ्तारी अभियान में उपनिरीक्षक अजय कुमार भारती, हेड कांस्टेबल आनंद दुबे और कांस्टेबल सुनील सिंह की टीम शामिल थी। महुली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधों और अपराधियों के विरुद्ध उनकी प्रभावी कार्यवाही आगे भी लगातार जारी रहेगी।
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    संतकबीरनगर के नाथनगर स्थित महुली थाने की पुलिस टीम ने, थानाध्यक्ष के नेतृत्व में, थाना क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर न्यायालय द्वारा जारी गैर जमानती वारंट से संबंधित दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई इलाहाबाद उच्च न्यायालय में लंबित क्रिमिनल अपील नंबर 947/1985, हरनरायण अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य प्रकरण में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, संतकबीरनगर के आदेश के अनुपालन में की गई। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में दादर हरदो निवासी अखिलानंद (पुत्र हरनरायण) और गौराखुर्द निवासी सीताराम (पुत्र रामविलास) शामिल हैं, जिन्हें नियमानुसार न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, संतकबीरनगर भेजा गया।

इस गिरफ्तारी अभियान में उपनिरीक्षक अजय कुमार भारती, हेड कांस्टेबल आनंद दुबे और कांस्टेबल सुनील सिंह की टीम शामिल थी। महुली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधों और अपराधियों के विरुद्ध उनकी प्रभावी कार्यवाही आगे भी लगातार जारी रहेगी।
    user_Ashwini Kumar Pandey
    Ashwini Kumar Pandey
    पत्रकार Khalilabad, Sant Kabeer Nagar•
    17 hrs ago
  • संतकबीरनगर जिला कारागार में शुक्रवार को 'बंदी समस्या समाधान दिवस' के तहत एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जनपद न्यायाधीश रणधीर सिंह के निर्देशन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सुनील कुमार सिंह की पहल पर संपन्न हुआ। शिविर में लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ अन्जय कुमार श्रीवास्तव ने जेल में बंद कैदियों की समस्याओं को सुना। इस दौरान, धनघटा थाना क्षेत्र के रामपुर मध्य गांव निवासी रामानंद ने गांजा रखने के आरोप में कानूनी सहायता मांगी, जबकि बेलहर कला थाना क्षेत्र के लोहरसन गांव निवासी अहमद अली ने चोरी के मामले में अधिवक्ता उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अतिरिक्त, बनौली गांव निवासी छोटू राजभर ने बताया कि जमानत मंजूर होने के बावजूद जमानतदार न मिलने के कारण वे जेल से रिहा नहीं हो पा रहे हैं। अन्य बंदियों ने भी अपनी कानूनी और व्यक्तिगत समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा, जिस पर उन्हें समाधान का भरोसा दिलाया गया। इस दौरान बंदियों को निःशुल्क कानूनी सहायता एवं उनके अधिकारों की जानकारी भी प्रदान की गई। कार्यक्रम में डिप्टी जेलर हरिकेश और जेल पीएलवी सुनील कुमार सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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    संतकबीरनगर जिला कारागार में शुक्रवार को 'बंदी समस्या समाधान दिवस' के तहत एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जनपद न्यायाधीश रणधीर सिंह के निर्देशन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सुनील कुमार सिंह की पहल पर संपन्न हुआ।

शिविर में लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ अन्जय कुमार श्रीवास्तव ने जेल में बंद कैदियों की समस्याओं को सुना। इस दौरान, धनघटा थाना क्षेत्र के रामपुर मध्य गांव निवासी रामानंद ने गांजा रखने के आरोप में कानूनी सहायता मांगी, जबकि बेलहर कला थाना क्षेत्र के लोहरसन गांव निवासी अहमद अली ने चोरी के मामले में अधिवक्ता उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अतिरिक्त, बनौली गांव निवासी छोटू राजभर ने बताया कि जमानत मंजूर होने के बावजूद जमानतदार न मिलने के कारण वे जेल से रिहा नहीं हो पा रहे हैं।

अन्य बंदियों ने भी अपनी कानूनी और व्यक्तिगत समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा, जिस पर उन्हें समाधान का भरोसा दिलाया गया। इस दौरान बंदियों को निःशुल्क कानूनी सहायता एवं उनके अधिकारों की जानकारी भी प्रदान की गई। कार्यक्रम में डिप्टी जेलर हरिकेश और जेल पीएलवी सुनील कुमार सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_Vipin Rai Journalist
    Vipin Rai Journalist
    खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • अंबेडकरनगर के आलापुर स्थित बहिंगवा जोगीपुर गाँव में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है, जहाँ 11000 वोल्ट के तार को काटकर गिरा दिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जानबूझकर बिजली की सप्लाई चालू नहीं की जा रही है। इस संबंध में लाइनमैन से बात करने पर उसने शाम तक आपूर्ति बहाल करने का आश्वासन दिया, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि तार खंभे से नीचे काट कर गिरा दिया गया है, जिससे तत्काल बहाली की संभावना कम दिख रही है। यह स्थिति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बिजली विभाग (UPPCL) से हस्तक्षेप की मांग करती है।
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    अंबेडकरनगर के आलापुर स्थित बहिंगवा जोगीपुर गाँव में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है, जहाँ 11000 वोल्ट के तार को काटकर गिरा दिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जानबूझकर बिजली की सप्लाई चालू नहीं की जा रही है। इस संबंध में लाइनमैन से बात करने पर उसने शाम तक आपूर्ति बहाल करने का आश्वासन दिया, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि तार खंभे से नीचे काट कर गिरा दिया गया है, जिससे तत्काल बहाली की संभावना कम दिख रही है। यह स्थिति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बिजली विभाग (UPPCL) से हस्तक्षेप की मांग करती है।
    user_BALRAM
    BALRAM
    पत्रकार Allapur, Ambedkar Nagar•
    22 hrs ago
  • मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में, उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने सरकार की उपलब्धियों पर बात की। उन्होंने इस अवसर पर सरकार के विभिन्न कार्यों और सफलताओं के बारे में जानकारी दी।
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    मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में, उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने सरकार की उपलब्धियों पर बात की। उन्होंने इस अवसर पर सरकार के विभिन्न कार्यों और सफलताओं के बारे में जानकारी दी।
    user_Nihal
    Nihal
    वाराणसी, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • बस्ती जनपद के कप्तानगंज थाना क्षेत्र से गुजरने वाले व्यस्त हाईवे पर कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमराती दिख रही है, जहाँ रात 10:00 बजे के बाद खुलेआम अवैध शराब का कारोबार फल-फूल रहा है। आरोप है कि यह गोरखधंधा पुलिस और आबकारी विभाग की मिलीभगत से चल रहा है। स्थानीय सूत्रों और निवासियों के अनुसार, हाईवे किनारे स्थित ढाबों और अवैध अड्डों पर ग्राहकों से 100-50 रुपये अतिरिक्त 'सुविधा शुल्क' लेकर शराब बेची जा रही है। यह महज एक अवैध व्यापार नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह की तरह काम कर रहा है, जिसे स्थानीय प्रशासन और पुलिस का मौन संरक्षण प्राप्त है। इस अवैध धंधे के कारण स्थानीय लोग और राहगीर भारी दहशत में हैं। जब भी किसी ने इसका विरोध करने की कोशिश की, तो उसे दबंगों और शराब माफियाओं द्वारा जान से मारने या गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियाँ दी गई हैं। आम जनता सवाल उठा रही है कि एक जिम्मेदार नागरिक को कानून का पालन करने की अपेक्षा करने पर क्यों डराया-धमकाया जा रहा है, और क्या माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे कानून को अपने जेब में लेकर घूम रहे हैं? लोगों के बीच यह चर्चा का विषय है कि क्या कप्तानगंज पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारी इस बड़े पैमाने पर हो रही अवैध बिक्री से अनभिज्ञ हैं। इतने बड़े कारोबार को स्थानीय बीट सिपाहियों और गश्ती दलों द्वारा न देख पाना उनकी कार्यशैली और मंशा पर गंभीर सवाल खड़ा करता है, जिससे यह संदेह गहराता है कि ये विभाग अपनी जेबें भरने के लिए इस अवैध धंधे को फलने-फूलने दे रहे हैं। यह स्थिति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की कानून-व्यवस्था को लेकर अपनाई गई सख्त नीति के दावों को धज्जियां उड़ा रही है। हाईवे पर देर रात बिकती शराब न केवल अवैध है, बल्कि यह नशे में धुत होकर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को भी न्योता दे रही है। स्थानीय निवासियों ने उच्च अधिकारियों से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और अवैध धंधे को संरक्षण देने वाले पुलिस व आबकारी विभाग के अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो किसी बड़ी अनहोनी या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। यह देखना बाकी है कि क्या बस्ती प्रशासन इस 'सुविधा शुल्क' वाले अवैध कारोबार पर लगाम कसने का साहस दिखा पाएगा, या फिर पुलिस की चुप्पी इसी तरह आम जनता पर भारी पड़ती रहेगी।
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    बस्ती जनपद के कप्तानगंज थाना क्षेत्र से गुजरने वाले व्यस्त हाईवे पर कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमराती दिख रही है, जहाँ रात 10:00 बजे के बाद खुलेआम अवैध शराब का कारोबार फल-फूल रहा है। आरोप है कि यह गोरखधंधा पुलिस और आबकारी विभाग की मिलीभगत से चल रहा है। स्थानीय सूत्रों और निवासियों के अनुसार, हाईवे किनारे स्थित ढाबों और अवैध अड्डों पर ग्राहकों से 100-50 रुपये अतिरिक्त 'सुविधा शुल्क' लेकर शराब बेची जा रही है। यह महज एक अवैध व्यापार नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह की तरह काम कर रहा है, जिसे स्थानीय प्रशासन और पुलिस का मौन संरक्षण प्राप्त है।

इस अवैध धंधे के कारण स्थानीय लोग और राहगीर भारी दहशत में हैं। जब भी किसी ने इसका विरोध करने की कोशिश की, तो उसे दबंगों और शराब माफियाओं द्वारा जान से मारने या गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियाँ दी गई हैं। आम जनता सवाल उठा रही है कि एक जिम्मेदार नागरिक को कानून का पालन करने की अपेक्षा करने पर क्यों डराया-धमकाया जा रहा है, और क्या माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे कानून को अपने जेब में लेकर घूम रहे हैं?

लोगों के बीच यह चर्चा का विषय है कि क्या कप्तानगंज पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारी इस बड़े पैमाने पर हो रही अवैध बिक्री से अनभिज्ञ हैं। इतने बड़े कारोबार को स्थानीय बीट सिपाहियों और गश्ती दलों द्वारा न देख पाना उनकी कार्यशैली और मंशा पर गंभीर सवाल खड़ा करता है, जिससे यह संदेह गहराता है कि ये विभाग अपनी जेबें भरने के लिए इस अवैध धंधे को फलने-फूलने दे रहे हैं। यह स्थिति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की कानून-व्यवस्था को लेकर अपनाई गई सख्त नीति के दावों को धज्जियां उड़ा रही है। हाईवे पर देर रात बिकती शराब न केवल अवैध है, बल्कि यह नशे में धुत होकर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को भी न्योता दे रही है।

स्थानीय निवासियों ने उच्च अधिकारियों से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और अवैध धंधे को संरक्षण देने वाले पुलिस व आबकारी विभाग के अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो किसी बड़ी अनहोनी या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। यह देखना बाकी है कि क्या बस्ती प्रशासन इस 'सुविधा शुल्क' वाले अवैध कारोबार पर लगाम कसने का साहस दिखा पाएगा, या फिर पुलिस की चुप्पी इसी तरह आम जनता पर भारी पड़ती रहेगी।
    user_अजीत मिश्रा (खोजी)
    अजीत मिश्रा (खोजी)
    बस्ती, बस्ती, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • भारत और अफगानिस्तान के बीच धर्मशाला में आज (13 जून) होने वाले पहले वनडे मुकाबले से पूर्व भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने विराट कोहली की अनुपस्थिति से लेकर जसप्रीत बुमराह के बैकअप प्लान, हार्दिक पंड्या की भूमिका और अफगानिस्तान के चैलेंज पर विस्तार से चर्चा की। मोर्कल ने 'आजतक' से बातचीत में स्वीकार किया कि विराट कोहली की कमी खलेगी, क्योंकि वह लंबे समय से टीम इंडिया के मिडिल ऑर्डर की रीढ़ रहे हैं और उनका अनुभव टीम को अतिरिक्त मजबूती देता है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय क्रिकेट में टैलेंट की कोई कमी नहीं है और कोहली की गैरमौजूदगी यंग खिलाड़ियों, जैसे ईशान किशन, केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल और अन्य बल्लेबाजों के लिए खुद को साबित करने का बड़ा मंच है। जसप्रीत बुमराह के विकल्प के सवाल पर मोर्कल ने स्पष्ट किया कि टीम मैनेजमेंट भविष्य को देखते हुए अधिक से अधिक विकल्प तैयार करना चाहता है। 2027 वर्ल्ड कप और साउथ अफ्रीका टूर को ध्यान में रखते हुए गुरनूर और प्रिंस जैसे युवा पेसर्स को टीम में शामिल कर मौका दिया जा रहा है, जिनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। हार्दिक पंड्या की भूमिका पर उन्होंने कहा कि हार्दिक भारतीय टीम के लिए बेहद खास हैं और बल्ले व गेंद दोनों से योगदान देकर टीम को संतुलन प्रदान करते हैं। मोर्कल ने माना कि हार्दिक जैसे ऑलराउंडर का विकल्प ढूंढना आसान नहीं है, लेकिन युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने के लिए अवसर देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। अफगानिस्तान के चैलेंज को लेकर मोर्कल ने जोर देकर कहा कि भारतीय टीम विपक्षी टीम को किसी भी हाल में हल्के में नहीं ले रही है। उन्होंने याद दिलाया कि अफगानिस्तान ने हाल ही में साउथ अफ्रीका जैसी मजबूत टीम को हराया था और उनके खिलाड़ी लगातार बेहतर हो रहे हैं, खासकर रेड-बॉल क्रिकेट खेलने से उनके खेल में परिपक्वता आई है। यही वजह है कि भारतीय टीम पूरी गंभीरता के साथ मैदान में उतरेगी। उन्होंने भारतीय तेज गेंदबाजी के भविष्य की भी तारीफ करते हुए कहा कि नई पीढ़ी के गेंदबाजों का प्रदर्शन उत्साह बढ़ाने वाला है और यह दर्शाता है कि भारतीय क्रिकेट का तेज गेंदबाजी विभाग मजबूत हाथों में है। धर्मशाला के मौसम और बारिश की संभावना पर मोर्कल ने बताया कि हाल के दिनों में लगातार बारिश हुई है और मैच के दिन भी मौसम चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि मौसम पर नियंत्रण न होने के बावजूद भारतीय टीम हर तरह की परिस्थिति के लिए तैयार है और खिलाड़ी बल्लेबाजी व गेंदबाजी दोनों तरह की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। भारतीय टीम अब अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले में जीत के साथ शुरुआत करने के इरादे से उतरेगी, जबकि टीम प्रबंधन की नजर केवल मौजूदा मैच पर नहीं बल्कि भविष्य की बड़ी चुनौतियों के लिए मजबूत विकल्प तैयार करने पर भी है। भारतीय स्क्वॉड में रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्ष दुबे, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बरार, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव शामिल हैं।
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    भारत और अफगानिस्तान के बीच धर्मशाला में आज (13 जून) होने वाले पहले वनडे मुकाबले से पूर्व भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने विराट कोहली की अनुपस्थिति से लेकर जसप्रीत बुमराह के बैकअप प्लान, हार्दिक पंड्या की भूमिका और अफगानिस्तान के चैलेंज पर विस्तार से चर्चा की। मोर्कल ने 'आजतक' से बातचीत में स्वीकार किया कि विराट कोहली की कमी खलेगी, क्योंकि वह लंबे समय से टीम इंडिया के मिडिल ऑर्डर की रीढ़ रहे हैं और उनका अनुभव टीम को अतिरिक्त मजबूती देता है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय क्रिकेट में टैलेंट की कोई कमी नहीं है और कोहली की गैरमौजूदगी यंग खिलाड़ियों, जैसे ईशान किशन, केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल और अन्य बल्लेबाजों के लिए खुद को साबित करने का बड़ा मंच है।

जसप्रीत बुमराह के विकल्प के सवाल पर मोर्कल ने स्पष्ट किया कि टीम मैनेजमेंट भविष्य को देखते हुए अधिक से अधिक विकल्प तैयार करना चाहता है। 2027 वर्ल्ड कप और साउथ अफ्रीका टूर को ध्यान में रखते हुए गुरनूर और प्रिंस जैसे युवा पेसर्स को टीम में शामिल कर मौका दिया जा रहा है, जिनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। हार्दिक पंड्या की भूमिका पर उन्होंने कहा कि हार्दिक भारतीय टीम के लिए बेहद खास हैं और बल्ले व गेंद दोनों से योगदान देकर टीम को संतुलन प्रदान करते हैं। मोर्कल ने माना कि हार्दिक जैसे ऑलराउंडर का विकल्प ढूंढना आसान नहीं है, लेकिन युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने के लिए अवसर देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

अफगानिस्तान के चैलेंज को लेकर मोर्कल ने जोर देकर कहा कि भारतीय टीम विपक्षी टीम को किसी भी हाल में हल्के में नहीं ले रही है। उन्होंने याद दिलाया कि अफगानिस्तान ने हाल ही में साउथ अफ्रीका जैसी मजबूत टीम को हराया था और उनके खिलाड़ी लगातार बेहतर हो रहे हैं, खासकर रेड-बॉल क्रिकेट खेलने से उनके खेल में परिपक्वता आई है। यही वजह है कि भारतीय टीम पूरी गंभीरता के साथ मैदान में उतरेगी। उन्होंने भारतीय तेज गेंदबाजी के भविष्य की भी तारीफ करते हुए कहा कि नई पीढ़ी के गेंदबाजों का प्रदर्शन उत्साह बढ़ाने वाला है और यह दर्शाता है कि भारतीय क्रिकेट का तेज गेंदबाजी विभाग मजबूत हाथों में है।

धर्मशाला के मौसम और बारिश की संभावना पर मोर्कल ने बताया कि हाल के दिनों में लगातार बारिश हुई है और मैच के दिन भी मौसम चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि मौसम पर नियंत्रण न होने के बावजूद भारतीय टीम हर तरह की परिस्थिति के लिए तैयार है और खिलाड़ी बल्लेबाजी व गेंदबाजी दोनों तरह की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। भारतीय टीम अब अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले में जीत के साथ शुरुआत करने के इरादे से उतरेगी, जबकि टीम प्रबंधन की नजर केवल मौजूदा मैच पर नहीं बल्कि भविष्य की बड़ी चुनौतियों के लिए मजबूत विकल्प तैयार करने पर भी है। भारतीय स्क्वॉड में रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्ष दुबे, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बरार, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव शामिल हैं।
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    क्रिकेट अपडेट्स
    वाराणसी, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • संतकबीरनगर जनपद के खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के मुंडेरा उर्फ दलेलगंज से एक किशोरी के 12 दिन से लापता होने के बाद उसके पिता मोहम्मद तौफीक शाह ने पुलिस अधीक्षक से न्याय और बेटी की सकुशल वापसी की गुहार लगाई है। पीड़ित पिता के अनुसार, उनकी पुत्री जनतुन निशा बीते 31 मई 2026 को दोपहर करीब 12 बजे अपने घर से कहीं चली गई थी। इस मामले की सूचना तत्काल खलीलाबाद कोतवाली में दी गई थी, जहाँ गुमशुदगी दर्ज की गई, लेकिन 12 दिन बीत जाने के बावजूद किशोरी का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि लापता बेटी के मोबाइल फोन से एक नंबर पर संपर्क साधा गया था। इस पर बात करने वाले व्यक्ति ने खुद को संजय बताया और यह भी कहा कि लड़की ने उससे दो हजार रुपये मांगे थे। पूछताछ के दौरान संजय कभी खुद को गोरखपुर में तो कभी लखनऊ में होने की बात बताता रहा, जिसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। किशोरी के पिता ने अपनी बेटी के साथ किसी अनहोनी की आशंका जताई है और पुलिस प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर जल्द से जल्द उनकी बेटी को सकुशल बरामद करने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
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    संतकबीरनगर जनपद के खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के मुंडेरा उर्फ दलेलगंज से एक किशोरी के 12 दिन से लापता होने के बाद उसके पिता मोहम्मद तौफीक शाह ने पुलिस अधीक्षक से न्याय और बेटी की सकुशल वापसी की गुहार लगाई है। पीड़ित पिता के अनुसार, उनकी पुत्री जनतुन निशा बीते 31 मई 2026 को दोपहर करीब 12 बजे अपने घर से कहीं चली गई थी। इस मामले की सूचना तत्काल खलीलाबाद कोतवाली में दी गई थी, जहाँ गुमशुदगी दर्ज की गई, लेकिन 12 दिन बीत जाने के बावजूद किशोरी का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

परिजनों ने आरोप लगाया है कि लापता बेटी के मोबाइल फोन से एक नंबर पर संपर्क साधा गया था। इस पर बात करने वाले व्यक्ति ने खुद को संजय बताया और यह भी कहा कि लड़की ने उससे दो हजार रुपये मांगे थे। पूछताछ के दौरान संजय कभी खुद को गोरखपुर में तो कभी लखनऊ में होने की बात बताता रहा, जिसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। किशोरी के पिता ने अपनी बेटी के साथ किसी अनहोनी की आशंका जताई है और पुलिस प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर जल्द से जल्द उनकी बेटी को सकुशल बरामद करने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
    user_Vipin Rai Journalist
    Vipin Rai Journalist
    खलीलाबाद, संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
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