उत्तर प्रदेश के कानपुर में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक और भ्रामक पोस्ट करने के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ में बयान दिया है। उन्होंने बताया कि जैसे ही यह मामला उनके संज्ञान में आया, उन्होंने तत्काल पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि अखिलेश यादव की बेटी के खिलाफ कुछ लोगों ने गलत टिप्पणियां की थीं, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि "बेटी तो बेटी होती है" और "कोई भी बेटी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी नहीं कर सकता।" मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कार का हवाला देते हुए 'गांव की बेटी सब की बेटी, गांव की बहन सबकी बहन' की बात कही। साथ ही, उन्होंने अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे दूसरों को उपदेश देने से पहले अपने "चेले-चपाटों" को भी अपनी भाषा पर संयम रखने का उपदेश दें। उन्होंने राज्य में बेटियों के जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए की गई व्यवस्थाओं पर प्रसन्नता भी व्यक्त की। बता दें कि अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक और भ्रामक पोस्ट करने के मामले में कानपुर के साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रवीण यादव ने आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया पर गलत जानकारी साझा कर अदिति यादव की छवि खराब करने का प्रयास किया गया। एफआईआर के अनुसार, 9 जून को भारत कुमार पटेल नामक आईडी से एक पोस्ट वायरल हुई थी, जिसमें अदिति यादव के खिलाफ चोरी और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े गलत दावे किए गए थे। इसमें एक फोटो को एडिट कर प्रसारित किया गया था, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा। शिकायतकर्ता ने बताया कि यह पोस्ट पूरी तरह फर्जी तथ्यों पर आधारित थी और इसका उद्देश्य सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना था। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को नामजद करते हुए जांच शुरू कर दी है। सीएम योगी ने अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले वे अपने "चेले-चपाटों" को समझाएं, और अगर वे नहीं समझा सकते तो उन्हें सरकार के हवाले कर दें, हम उन्हें समझा देंगे।
उत्तर प्रदेश के कानपुर में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक और भ्रामक पोस्ट करने के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ में बयान दिया है। उन्होंने बताया कि जैसे ही यह मामला उनके संज्ञान में आया, उन्होंने तत्काल पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि अखिलेश यादव की बेटी के खिलाफ कुछ लोगों ने गलत टिप्पणियां की थीं, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि "बेटी तो बेटी होती है" और "कोई भी बेटी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी नहीं कर सकता।" मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कार का हवाला देते हुए 'गांव की बेटी सब की बेटी, गांव की बहन सबकी बहन' की बात कही। साथ ही, उन्होंने अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे दूसरों को उपदेश देने से पहले अपने "चेले-चपाटों" को भी अपनी भाषा पर संयम रखने का उपदेश दें। उन्होंने राज्य में बेटियों के जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए की गई व्यवस्थाओं पर प्रसन्नता भी व्यक्त की। बता दें कि अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक और भ्रामक पोस्ट करने के मामले में कानपुर के साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रवीण यादव ने आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया पर गलत जानकारी साझा कर अदिति यादव की छवि खराब करने का प्रयास किया गया। एफआईआर के अनुसार, 9 जून को भारत कुमार पटेल नामक आईडी से एक पोस्ट वायरल हुई थी, जिसमें अदिति यादव के खिलाफ चोरी और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े गलत दावे किए गए थे। इसमें एक फोटो को एडिट कर प्रसारित किया गया था, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा। शिकायतकर्ता ने बताया कि यह पोस्ट पूरी तरह फर्जी तथ्यों पर आधारित थी और इसका उद्देश्य सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना था। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को नामजद करते हुए जांच शुरू कर दी है। सीएम योगी ने अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले वे अपने "चेले-चपाटों" को समझाएं, और अगर वे नहीं समझा सकते तो उन्हें सरकार के हवाले कर दें, हम उन्हें समझा देंगे।
- Dulamdas PrajapatiEast Delhi👏3 hrs ago
- उत्तर प्रदेश के कानपुर में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक और भ्रामक पोस्ट करने के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ में बयान दिया है। उन्होंने बताया कि जैसे ही यह मामला उनके संज्ञान में आया, उन्होंने तत्काल पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि अखिलेश यादव की बेटी के खिलाफ कुछ लोगों ने गलत टिप्पणियां की थीं, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि "बेटी तो बेटी होती है" और "कोई भी बेटी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी नहीं कर सकता।" मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कार का हवाला देते हुए 'गांव की बेटी सब की बेटी, गांव की बहन सबकी बहन' की बात कही। साथ ही, उन्होंने अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे दूसरों को उपदेश देने से पहले अपने "चेले-चपाटों" को भी अपनी भाषा पर संयम रखने का उपदेश दें। उन्होंने राज्य में बेटियों के जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए की गई व्यवस्थाओं पर प्रसन्नता भी व्यक्त की। बता दें कि अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक और भ्रामक पोस्ट करने के मामले में कानपुर के साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रवीण यादव ने आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया पर गलत जानकारी साझा कर अदिति यादव की छवि खराब करने का प्रयास किया गया। एफआईआर के अनुसार, 9 जून को भारत कुमार पटेल नामक आईडी से एक पोस्ट वायरल हुई थी, जिसमें अदिति यादव के खिलाफ चोरी और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े गलत दावे किए गए थे। इसमें एक फोटो को एडिट कर प्रसारित किया गया था, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा। शिकायतकर्ता ने बताया कि यह पोस्ट पूरी तरह फर्जी तथ्यों पर आधारित थी और इसका उद्देश्य सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना था। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को नामजद करते हुए जांच शुरू कर दी है। सीएम योगी ने अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले वे अपने "चेले-चपाटों" को समझाएं, और अगर वे नहीं समझा सकते तो उन्हें सरकार के हवाले कर दें, हम उन्हें समझा देंगे।1
- उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के मछलीशहर में आम के एक विवाद को लेकर ससुर को कथित तौर पर धमकी दी गई है। इस घटना के संबंध में एक महिला ने स्थानीय पुलिस थाने में एक लिखित प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है।1
- जौनपुर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की साइबर ठगी के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। साइबर क्राइम सेल द्वारा गैंग के सरगना शुभम सिंह की गिरफ्तारी के साथ, बजाज लोन, इन्वेस्टमेंट और टूर पैकेज के नाम पर की गई 2.5 करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है। आरोपी शुभम सिंह पर देशभर के हजारों लोगों को अपना शिकार बनाने का आरोप है, जिसके संबंध में साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर 20 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं। यह साइबर फ्रॉड फर्जी आधार कार्ड और फर्जी सिम के जरिए संचालित किया जा रहा था, जिसके तार महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में फैले हुए हैं जहाँ इस संबंध में मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी के पास से 6 मोबाइल फोन, 15 एटीएम कार्ड, 9 पासबुक और 7 चेकबुक बरामद किए हैं। इसके अतिरिक्त, 1.45 लाख रुपये की ठगी की नगद राशि भी बरामद की गई है, और पुलिस ने कई बैंक खातों का भी खुलासा किया है। जौनपुर पुलिस ने अपनी टेक्निकल जांच और सर्विलांस के माध्यम से करोड़ों रुपये की इस ठगी की परतों को खोला। वर्तमान में, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) जौनपुर के निर्देश पर साइबर अपराधियों के खिलाफ यह बड़ी कार्रवाई जारी है।1
- जौनपुर जिले के कदेरेपुर में तूफान आ गया है और इस समय बारिश हो रही है। इसके साथ ही बादल भी गरज रहे हैं। क्षेत्र में अभी भी और तूफान आने की संभावना बनी हुई है।1
- जौनपुर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों की साइबर ठगी के मास्टरमाइंड शुभम सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। साइबर क्राइम सेल की इस कार्रवाई के तहत बजाज लोन, इन्वेस्टमेंट और टूर पैकेज के नाम पर की गई ₹2.5 करोड़ की ठगी का पर्दाफाश हुआ है। इस गिरोह ने देशभर के हजारों लोगों को अपना शिकार बनाया था, जिनके संबंध में 20 से ज्यादा NCRP शिकायतें दर्ज की गई हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी फर्जी आधार कार्ड और फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल कर इस साइबर फ्रॉड को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने आरोपी के पास से 6 मोबाइल फोन, 15 ATM कार्ड, 9 पासबुक और 7 चेकबुक बरामद किए हैं। इसके अतिरिक्त, साइबर ठगी से संबंधित ₹1.45 लाख नगद भी बरामद किए गए हैं, और इस मामले में कई बैंक खातों का भी खुलासा हुआ है। यह गिरोह महाराष्ट्र सहित कई अन्य राज्यों में भी साइबर फ्रॉड के मामलों में संलिप्त पाया गया है। जौनपुर पुलिस द्वारा की गई टेक्निकल जांच और सर्विलांस के जरिए करोड़ों की इस ठगी की गहरी परतें खुली हैं। SSP जौनपुर के निर्देशों पर साइबर अपराधियों के खिलाफ यह बड़ी कार्रवाई लगातार जारी है।1
- जौनपुर साइबर क्राइम पुलिस ने बजाज कंपनी के नाम पर लोन, निवेश, टूर एंड ट्रैवल्स तथा इंश्योरेंस पैकेज दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के मुख्य सरगना को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता पाई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जौनपुर कुँवर अनुपम सिंह के निर्देश पर साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए गए अभियान के तहत, साइबर क्राइम थाना पुलिस ने तकनीकी जांच, साइबर क्राइम पोर्टल, समन्वय पोर्टल, प्रतिबिंब पोर्टल और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से कार्रवाई करते हुए आरोपी शुभम सिंह पुत्र अनिल सिंह, निवासी पपरावन, थाना बरसठी, जनपद जौनपुर को 12 जून 2026 को सुखलालगंज रेलवे क्रॉसिंग के पास से रात करीब 8:30 बजे दबोचा। यह कार्रवाई थाना साइबर क्राइम के प्रभारी निरीक्षक महेश पाल सिंह और उनकी टीम ने अंजाम दी। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह फर्जी वेबसाइटों और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को सस्ते लोन, आकर्षक निवेश योजनाएं और टूर एंड ट्रैवल्स व इंश्योरेंस पैकेज का लालच देता था। इसके बाद वह प्रोसेसिंग फीस, वेरिफिकेशन शुल्क, इंश्योरेंस शुल्क और अन्य शुल्कों के नाम पर लोगों से पैसे जमा कराकर ठगी करता था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी जाली आधार कार्ड तैयार कर उनके जरिए सिम कार्ड और बैंक खाते खुलवाता था। ठगी गई रकम को वह विभिन्न खातों में जमा कराकर फिर एटीएम, चेकबुक और सीएससी केंद्रों से निकाल लेता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी अब तक लगभग 2.5 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी को अंजाम दे चुका है। आरोपी शुभम सिंह के खिलाफ जौनपुर के साइबर क्राइम थाने के साथ-साथ महाराष्ट्र के बृहन्मुंबई स्थित पंत नगर थाने में भी मुकदमे दर्ज हैं। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर भी उसके विरुद्ध 20 से ज्यादा शिकायतें दर्ज बताई गई हैं। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 3 एंड्रॉयड मोबाइल, 3 की-पैड मोबाइल, 4 सिम कार्ड, 2 आधार कार्ड (जिनमें से एक कूटरचित था), कूटरचित आधार कार्ड की एक छायाप्रति, 15 एटीएम कार्ड, 9 बैंक पासबुक, 7 चेकबुक और 1.45 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।2