जौनपुर साइबर क्राइम पुलिस ने बजाज कंपनी के नाम पर लोन, निवेश, टूर एंड ट्रैवल्स तथा इंश्योरेंस पैकेज दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के मुख्य सरगना को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता पाई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जौनपुर कुँवर अनुपम सिंह के निर्देश पर साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए गए अभियान के तहत, साइबर क्राइम थाना पुलिस ने तकनीकी जांच, साइबर क्राइम पोर्टल, समन्वय पोर्टल, प्रतिबिंब पोर्टल और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से कार्रवाई करते हुए आरोपी शुभम सिंह पुत्र अनिल सिंह, निवासी पपरावन, थाना बरसठी, जनपद जौनपुर को 12 जून 2026 को सुखलालगंज रेलवे क्रॉसिंग के पास से रात करीब 8:30 बजे दबोचा। यह कार्रवाई थाना साइबर क्राइम के प्रभारी निरीक्षक महेश पाल सिंह और उनकी टीम ने अंजाम दी। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह फर्जी वेबसाइटों और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को सस्ते लोन, आकर्षक निवेश योजनाएं और टूर एंड ट्रैवल्स व इंश्योरेंस पैकेज का लालच देता था। इसके बाद वह प्रोसेसिंग फीस, वेरिफिकेशन शुल्क, इंश्योरेंस शुल्क और अन्य शुल्कों के नाम पर लोगों से पैसे जमा कराकर ठगी करता था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी जाली आधार कार्ड तैयार कर उनके जरिए सिम कार्ड और बैंक खाते खुलवाता था। ठगी गई रकम को वह विभिन्न खातों में जमा कराकर फिर एटीएम, चेकबुक और सीएससी केंद्रों से निकाल लेता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी अब तक लगभग 2.5 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी को अंजाम दे चुका है। आरोपी शुभम सिंह के खिलाफ जौनपुर के साइबर क्राइम थाने के साथ-साथ महाराष्ट्र के बृहन्मुंबई स्थित पंत नगर थाने में भी मुकदमे दर्ज हैं। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर भी उसके विरुद्ध 20 से ज्यादा शिकायतें दर्ज बताई गई हैं। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 3 एंड्रॉयड मोबाइल, 3 की-पैड मोबाइल, 4 सिम कार्ड, 2 आधार कार्ड (जिनमें से एक कूटरचित था), कूटरचित आधार कार्ड की एक छायाप्रति, 15 एटीएम कार्ड, 9 बैंक पासबुक, 7 चेकबुक और 1.45 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
जौनपुर साइबर क्राइम पुलिस ने बजाज कंपनी के नाम पर लोन, निवेश, टूर एंड ट्रैवल्स तथा इंश्योरेंस पैकेज दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के मुख्य सरगना को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता पाई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जौनपुर कुँवर अनुपम सिंह के निर्देश पर साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए गए अभियान के तहत, साइबर क्राइम थाना पुलिस ने तकनीकी जांच, साइबर क्राइम पोर्टल, समन्वय पोर्टल, प्रतिबिंब पोर्टल और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से कार्रवाई करते हुए आरोपी शुभम सिंह पुत्र अनिल सिंह, निवासी पपरावन, थाना बरसठी, जनपद जौनपुर को 12 जून 2026 को सुखलालगंज रेलवे क्रॉसिंग के पास से रात करीब 8:30 बजे दबोचा। यह कार्रवाई थाना साइबर क्राइम के प्रभारी निरीक्षक महेश पाल सिंह और उनकी टीम ने अंजाम दी। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह फर्जी वेबसाइटों और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को सस्ते लोन, आकर्षक निवेश योजनाएं और टूर एंड ट्रैवल्स व इंश्योरेंस पैकेज का लालच देता था। इसके बाद वह प्रोसेसिंग फीस, वेरिफिकेशन शुल्क, इंश्योरेंस शुल्क और अन्य शुल्कों के नाम पर लोगों
से पैसे जमा कराकर ठगी करता था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी जाली आधार कार्ड तैयार कर उनके जरिए सिम कार्ड और बैंक खाते खुलवाता था। ठगी गई रकम को वह विभिन्न खातों में जमा कराकर फिर एटीएम, चेकबुक और सीएससी केंद्रों से निकाल लेता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी अब तक लगभग 2.5 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी को अंजाम दे चुका है। आरोपी शुभम सिंह के खिलाफ जौनपुर के साइबर क्राइम थाने के साथ-साथ महाराष्ट्र के बृहन्मुंबई स्थित पंत नगर थाने में भी मुकदमे दर्ज हैं। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर भी उसके विरुद्ध 20 से ज्यादा शिकायतें दर्ज बताई गई हैं। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 3 एंड्रॉयड मोबाइल, 3 की-पैड मोबाइल, 4 सिम कार्ड, 2 आधार कार्ड (जिनमें से एक कूटरचित था), कूटरचित आधार कार्ड की एक छायाप्रति, 15 एटीएम कार्ड, 9 बैंक पासबुक, 7 चेकबुक और 1.45 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के कुंडा कस्बे में संचालित एक जिम में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, जिम में मौजूद एक महिला सिपाही धीमे बोलने को कहने पर कथित तौर पर भड़क उठी। क्रोधित सिपाही ने अपने एक साथी को मौके पर बुलाया, जिसके बाद उसने मिलकर एक शिक्षिका के साथ मारपीट की। इस घटना के बाद, महिला सिपाही पीड़ित शिक्षिका को कोतवाली ले गई।1
- आजमगढ़ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने महाराजा सुहेलदेव जी के नाम पर एक भव्य विश्वविद्यालय का जिक्र करते हुए कहा कि कहीं भी जाने पर महाराजा सुहेलदेव जी के नाम से ही पहचान बनेगी और गौरव की अनुभूति प्राप्त होगी।1
- उत्तर प्रदेश के कानपुर में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक और भ्रामक पोस्ट करने के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ में बयान दिया है। उन्होंने बताया कि जैसे ही यह मामला उनके संज्ञान में आया, उन्होंने तत्काल पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि अखिलेश यादव की बेटी के खिलाफ कुछ लोगों ने गलत टिप्पणियां की थीं, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि "बेटी तो बेटी होती है" और "कोई भी बेटी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी नहीं कर सकता।" मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कार का हवाला देते हुए 'गांव की बेटी सब की बेटी, गांव की बहन सबकी बहन' की बात कही। साथ ही, उन्होंने अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे दूसरों को उपदेश देने से पहले अपने "चेले-चपाटों" को भी अपनी भाषा पर संयम रखने का उपदेश दें। उन्होंने राज्य में बेटियों के जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए की गई व्यवस्थाओं पर प्रसन्नता भी व्यक्त की। बता दें कि अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक और भ्रामक पोस्ट करने के मामले में कानपुर के साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रवीण यादव ने आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया पर गलत जानकारी साझा कर अदिति यादव की छवि खराब करने का प्रयास किया गया। एफआईआर के अनुसार, 9 जून को भारत कुमार पटेल नामक आईडी से एक पोस्ट वायरल हुई थी, जिसमें अदिति यादव के खिलाफ चोरी और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े गलत दावे किए गए थे। इसमें एक फोटो को एडिट कर प्रसारित किया गया था, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा। शिकायतकर्ता ने बताया कि यह पोस्ट पूरी तरह फर्जी तथ्यों पर आधारित थी और इसका उद्देश्य सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना था। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को नामजद करते हुए जांच शुरू कर दी है। सीएम योगी ने अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले वे अपने "चेले-चपाटों" को समझाएं, और अगर वे नहीं समझा सकते तो उन्हें सरकार के हवाले कर दें, हम उन्हें समझा देंगे।1
- प्रतापगढ़ के नगर पंचायत गड़वारा में मनोनीत सभासदों का शपथ ग्रहण कार्यक्रम संपन्न हो गया है, जिसके चलते नगर पंचायत कार्यालय भारी पुलिस बल की तैनाती के कारण छावनी में तब्दील रहा। यह शपथ ग्रहण कार्यक्रम चर्चा का विषय बना हुआ है। इस दौरान बीजेपी सदर विधायक राजेंद्र, जिलाध्यक्ष आशीष श्रीवास्तव और मंडल अध्यक्ष राजाराम वैश्य समेत कई लोग मौजूद रहे। इससे पहले हुए सभासदों के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में नगर पंचायत कार्यालय में ‘अहम का टकराव’ देखने को मिला था। उस समय सदर विधायक राजेंद्र मौर्य को कार्यालय का गेट बंद कर वापस लौटा दिया गया था, जिससे प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में खासी हलचल पैदा हो गई थी। इसी पिछली घटना के चलते आज दोबारा आयोजित इस कार्यक्रम के लिए भारी पुलिस बल का बंदोबस्त किया गया था। जनप्रतिनिधियों के शपथ ग्रहण समारोह को लोकतंत्र का सबसे पवित्र उत्सव माना जाता है, ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कौन थे वे लोग जिन्होंने लोकतंत्र के इस पवित्र उत्सव को कलंकित किया था।1
- प्रतापगढ़ जनपद में प्रधानमंत्री मोदी के ईंधन बचत के आह्वान को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। प्रधानमंत्री ने देश के नाम अपने संबोधन में कहा था कि देश के प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह राष्ट्र हित में ऊर्जा की बचत करे। उनके इस बयान को विपक्षी दलों ने भले ही विशेष तवज्जो नहीं दी, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों ने इसे सकारात्मक दिशा में लेते हुए इस पर अमल किया और ईंधन की बचत के लिए अपना समर्थन भी दिया। इसी कड़ी में, जनपद प्रतापगढ़ के जिला न्यायाधीश राजीव कमल और उनके साथ अन्य न्यायाधीश अब प्रतिदिन पैदल ही कोर्ट जा रहे हैं। उनके इस कार्य से वे न केवल ईंधन बचाने में योगदान दे रहे हैं, बल्कि लोगों को यह संदेश भी दे रहे हैं कि सुबह पैदल चलने से स्वास्थ्य ठीक रहता है और मन प्रसन्न रहता है।1
- प्रतापगढ़ जिले के पट्टी कोतवाली क्षेत्र के करैला गांव की एक विवाहिता ने अपने पति, देवर और सास पर मारपीट करने और उसे घर से बाहर निकाल देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने इस मामले में पुलिस को एक प्रार्थना पत्र देकर न्याय की मांग की है। करैला गांव निवासी दुर्गावती ने शनिवार को पट्टी कोतवाली में दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि उसकी शादी चार साल पहले अरुण कुमार गुप्ता से हुई थी। उसके तीन साल के बेटे आरो की परवरिश की जिम्मेदारी भी उसी पर है। दुर्गावती का आरोप है कि बीते शुक्रवार की शाम करीब सात बजे उसके पति, देवर और सास ने किसी बात को लेकर उसके साथ मारपीट की और उसे अपने मासूम बच्चे सहित घर से भगा दिया। पीड़िता किसी तरह अपने मायके नादी गांव पहुंची और अपनी आपबीती अपनी मां को बताई। इसके बाद, वह अपनी मां के साथ पट्टी कोतवाली जाकर घटना के संबंध में प्रार्थना पत्र दिया और आवश्यक कार्रवाई की मांग की।1
- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में भारी बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान भी आया है।1
- प्रतापगढ़ के पट्टी नारंगपुर बाजार में मंगलवार को हुई मामूली बारिश ने स्थानीय जनपद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हल्की बरसात के बाद ही सड़क पर एक फीट तक पानी भर गया, जिससे पूरा बाजार पानी से लबालब हो गया। इस जलभराव के कारण दुकानदारों का कारोबार ठप हो गया है और ग्राहक काफी परेशान हैं। यह पट्टी चांदा मार्ग सुल्तानपुर अम्बेडकरनगर कादीपुर को जोड़ता है। बाजार में पानी की निकासी के लिए कोई ठोस नाली व्यवस्था नहीं है और पानी निकलने का कोई रास्ता भी नहीं बचा है। यह स्थिति हर बार बारिश होने पर पैदा होती है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। दुकानों के सामने कीचड़ और गंदा पानी जमा होने से लोगों का चलना-फिरना दूभर हो गया है। स्थानीय जनपद के अफसरों को इस समस्या से कोई सरोकार नहीं है। नाली निर्माण और जल निकासी की योजनाएँ वर्षों से केवल फाइलों में चल रही हैं, लेकिन धरातल पर कुछ भी अमल में नहीं लाया गया है। जनता नियमित रूप से टैक्स देती है, लेकिन बदले में उसे जलभराव और बीमारियों का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र के विधायक और सांसद भी चुनाव के दौरान बड़े-बड़े वादे करते हैं, जैसे स्मार्ट सिटी और स्वच्छ भारत की बातें, लेकिन हल्की बारिश में नारंगपुर बाजार के डूबने पर वे कहीं नज़र नहीं आते। वे न तो स्थिति का निरीक्षण करते हैं और न ही कोई बयान देते हैं, जिससे प्रतीत होता है कि उन्हें जनता की तकलीफों से कोई वास्ता नहीं है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर जनता कब तक इन बदतर हालातों को झेलेगी। अगर थोड़ी सी बारिश में ही पूरा बाजार पानी में डूब जाता है, तो विकास के तमाम दावे किस काम के हैं। यह समय आ गया है कि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि अपनी कुंभकर्णी नींद से जागें और इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान करें।1
- प्रतापगढ़ के पट्टी स्थित नारंगपुर बाजार में मंगलवार को हुई मामूली बारिश ने स्थानीय प्रशासन की पोल खोल दी है। थोड़ी सी ही बारिश के बाद पूरी बाजार पानी से लबालब हो गई, जहां सड़क पर एक फीट तक पानी भर गया। इस जलभराव के कारण दुकानदारों का कारोबार पूरी तरह ठप हो गया है और ग्राहक भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। बाजार में पानी निकासी के लिए नाली की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है, जिसके चलते हर बार बारिश में यही हाल होता है। हल्की बारिश में ही विकास के तमाम दावे गायब नजर आते हैं, क्योंकि जहां नाले-नालियां हैं, वहां जाम की स्थिति बनी रहती है। दुकानों के सामने कीचड़ और गंदा पानी जमा होने से लोगों का चलना-फिरना भी दूभर हो गया है। यह नारंगपुर बाजार पट्टी-चांदा मार्ग पर स्थित है, जो सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर और कादीपुर को जोड़ता है। जनपद प्रशासन इस गंभीर समस्या से पूरी तरह बेखबर और लापरवाह बना हुआ है। वर्षों से नाली निर्माण और जलनिकासी की योजनाएं केवल फाइलों तक ही सीमित हैं और धरातल पर उनका कोई अस्तित्व नहीं है। आरोप है कि स्थानीय अधिकारी इस समस्या से कोई सरोकार नहीं रखते। इसी तरह, क्षेत्र के विधायक और सांसद भी कुंभकर्णी नींद में सो रहे हैं; जो चुनाव के दौरान स्मार्ट सिटी और स्वच्छ भारत के बड़े-बड़े वादे करते हैं, वे अब बाजार के जलमग्न होने पर कहीं नजर नहीं आते। जनता टैक्स देती है, लेकिन बदले में उसे केवल जलभराव और बीमारियों का सामना करना पड़ता है, जिससे नेताओं का जनता की तकलीफ से कोई वास्ता नहीं लगता। अब सवाल यह है कि जनता कब तक ऐसे हालात झेलेगी, जहां थोड़ी सी बारिश में ही पूरा बाजार डूब जाता है और विकास के दावे खोखले साबित होते हैं। जिम्मेदार लोगों को अब अपनी नींद से जागने की सख्त जरूरत है।1