पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर ग्राम खण्डीप में चल रही अनिश्चितकालीन किसान महापंचायत और धरने का आज चौथा दिन रहा। इस आंदोलन में ग्राम नयागांव-सैमाड़ा से भी भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिसके बाद कमाण्ड क्षेत्र के पंच-पटेलों, किसान नेताओं और किसानों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आंदोलन को अधिक संगठित और प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने फैसला किया कि सभी गांवों में 'हथाई' बैठकों का आयोजन करके लोगों को आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा। वक्ताओं ने सदियों से चली आ रही भाईचारे की परंपरा को मजबूत करने और संघर्ष समिति के आह्वान पर हर समय आंदोलन के लिए तैयार रहने का आग्रह किया। समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र ही पांचना बांध से नहरों में पानी नहीं छोड़ा तो ऐसा ऐतिहासिक आंदोलन किया जाएगा, जिसे आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी। धरने स्थल पर मौजूद वक्ताओं ने यह भी दोहराया कि इस मांग को लेकर सर्व समाज एकजुट है और माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करवाने के इस आंदोलन को क्षेत्रवासियों का पूरा समर्थन प्राप्त है। आंदोलन अपने चौथे दिन भी पूरे जोश, उत्साह और अनुशासन के साथ जारी रहा। राज्य सरकार द्वारा अभी तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिए जाने से किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। किसानों ने पुनः मांग की है कि सरकार का कोई अधिकृत प्रतिनिधि तत्काल धरना स्थल पर पहुंचे, ज्ञापन प्राप्त करे और नहरों में पानी छोड़ने की मांग को शीघ्र पूरा करवाए। किसानों ने यह चेतावनी भी दी है कि लगातार हो रही उपेक्षा के कारण लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है, जो आगे चलकर बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है। दिनांक 08 जून 2026 को धरना स्थल पर गंगापुर सिटी विधायक रामकेश मीना, पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष बटुआ पटेल, समिति के पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य, अट्ठाईसा के पंच-पटेल, सर्व समाज के प्रतिनिधि, युवा साथी, महिलाएं, बच्चे और हजारों किसान उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग दोहराई। आज नयागांव-सैमाड़ा क्षेत्र की आम जनता भी बड़ी संख्या में धरना स्थल पर पहुंची और आंदोलन को अपना समर्थन दिया। किसान नेताओं ने सभी के स्नेह, सम्मान और समर्थन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह संघर्ष केवल पानी का नहीं, बल्कि किसानों के अधिकार, सम्मान और भविष्य की रक्षा का संघर्ष है। क्षेत्रभर से मिल रहा यह अभूतपूर्व जनसमर्थन इस बात का प्रमाण है कि कमाण्ड क्षेत्र का किसान अब अपने अधिकारों के लिए पूरी तरह एकजुट हो चुका है। आंदोलन को सुव्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा विभिन्न गांवों को क्रमवार जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। इसी क्रम में, दिनांक 09 जून 2026 से 10 जून 2026 तक धरना स्थल पर रुकने और समस्त व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी ग्राम पिलोंदा को सौंपी गई है। विधायक रामकेश मीना एवं अन्य किसान नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में शीघ्र पानी नहीं छोड़ा गया तो किसान बड़ा और निर्णायक निर्णय लेने के लिए बाध्य होंगे और आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की हठधर्मिता और उदासीनता किसानों के सब्र की परीक्षा ले रही है, लेकिन अब किसान अपने अधिकारों की लड़ाई निर्णायक रूप से लड़ने के लिए तैयार हैं। ग्राम खण्डीप की समस्त जनता धरनार्थियों की सेवा, आवभगत एवं व्यवस्थाओं में पूर्ण समर्पण भाव से जुटी हुई है। यह आंदोलन अब केवल किसी एक गांव या क्षेत्र का नहीं, बल्कि पूरे कमाण्ड क्षेत्र के किसानों के अस्तित्व, अधिकार और भविष्य की लड़ाई बन चुका है।
पांचना बांध से कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर ग्राम खण्डीप में चल रही अनिश्चितकालीन किसान महापंचायत और धरने का आज चौथा दिन रहा। इस आंदोलन में ग्राम नयागांव-सैमाड़ा से भी भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिसके बाद कमाण्ड क्षेत्र के पंच-पटेलों, किसान नेताओं और किसानों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आंदोलन को अधिक संगठित और प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति ने फैसला किया कि सभी गांवों में 'हथाई' बैठकों का आयोजन करके लोगों को आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा। वक्ताओं ने सदियों से चली आ रही भाईचारे की परंपरा को मजबूत करने और संघर्ष समिति के आह्वान पर हर समय आंदोलन के लिए तैयार रहने का आग्रह किया। समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र ही पांचना बांध से नहरों में पानी नहीं छोड़ा तो
ऐसा ऐतिहासिक आंदोलन किया जाएगा, जिसे आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी। धरने स्थल पर मौजूद वक्ताओं ने यह भी दोहराया कि इस मांग को लेकर सर्व समाज एकजुट है और माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करवाने के इस आंदोलन को क्षेत्रवासियों का पूरा समर्थन प्राप्त है। आंदोलन अपने चौथे दिन भी पूरे जोश, उत्साह और अनुशासन के साथ जारी रहा। राज्य सरकार द्वारा अभी तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिए जाने से किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। किसानों ने पुनः मांग की है कि सरकार का कोई अधिकृत प्रतिनिधि तत्काल धरना स्थल पर पहुंचे, ज्ञापन प्राप्त करे और नहरों में पानी छोड़ने की मांग को शीघ्र पूरा करवाए। किसानों ने यह चेतावनी भी दी है कि लगातार हो रही उपेक्षा के कारण लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है, जो आगे चलकर बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है। दिनांक 08 जून 2026 को धरना स्थल पर गंगापुर सिटी विधायक
रामकेश मीना, पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष बटुआ पटेल, समिति के पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य, अट्ठाईसा के पंच-पटेल, सर्व समाज के प्रतिनिधि, युवा साथी, महिलाएं, बच्चे और हजारों किसान उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग दोहराई। आज नयागांव-सैमाड़ा क्षेत्र की आम जनता भी बड़ी संख्या में धरना स्थल पर पहुंची और आंदोलन को अपना समर्थन दिया। किसान नेताओं ने सभी के स्नेह, सम्मान और समर्थन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह संघर्ष केवल पानी का नहीं, बल्कि किसानों के अधिकार, सम्मान और भविष्य की रक्षा का संघर्ष है। क्षेत्रभर से मिल रहा यह अभूतपूर्व जनसमर्थन इस बात का प्रमाण है कि कमाण्ड क्षेत्र का किसान अब अपने अधिकारों के लिए पूरी तरह एकजुट हो चुका है। आंदोलन को सुव्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से पांचना कमाण्ड क्षेत्र विकास संघर्ष समिति द्वारा विभिन्न गांवों को क्रमवार जिम्मेदारियां
सौंपी जा रही हैं। इसी क्रम में, दिनांक 09 जून 2026 से 10 जून 2026 तक धरना स्थल पर रुकने और समस्त व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी ग्राम पिलोंदा को सौंपी गई है। विधायक रामकेश मीना एवं अन्य किसान नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि कमाण्ड क्षेत्र की नहरों में शीघ्र पानी नहीं छोड़ा गया तो किसान बड़ा और निर्णायक निर्णय लेने के लिए बाध्य होंगे और आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की हठधर्मिता और उदासीनता किसानों के सब्र की परीक्षा ले रही है, लेकिन अब किसान अपने अधिकारों की लड़ाई निर्णायक रूप से लड़ने के लिए तैयार हैं। ग्राम खण्डीप की समस्त जनता धरनार्थियों की सेवा, आवभगत एवं व्यवस्थाओं में पूर्ण समर्पण भाव से जुटी हुई है। यह आंदोलन अब केवल किसी एक गांव या क्षेत्र का नहीं, बल्कि पूरे कमाण्ड क्षेत्र के किसानों के अस्तित्व, अधिकार और भविष्य की लड़ाई बन चुका है।
- पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर खंडीप में किसानों का आंदोलन मंगलवार को और तेज हो गया। आंदोलन के समर्थन में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से हजारों किसान, महिलाएं और ग्रामीण रैली के रूप में खंडीप धरना स्थल पर पहुंचे। बड़ी संख्या में लोगों की इस मौजूदगी से आंदोलन ने निर्णायक रूप ले लिया और पूरे क्षेत्र में किसानों की एकजुटता साफ देखने को मिली। प्राप्त जानकारी के अनुसार, महस्वा रैला सहित आसपास के गांवों से किसान और महिलाएं जुलूस निकालते हुए खंडीप धरना स्थल की ओर रवाना हुए। इसी दौरान बड़ी संख्या में आंदोलनकारी खंडीप रेलवे फाटक के समीप एकत्रित हो गए और नहरों में शीघ्र पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे। किसानों का कहना था कि खरीफ फसलों की बुवाई का समय नजदीक है, ऐसे में नहरों में पानी नहीं पहुंचने से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। रेलवे फाटक पर अचानक भीड़ बढ़ने के कारण कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आंदोलनकारियों के रेलवे ट्रैक के समीप पहुंचने से रेल यातायात प्रभावित होने की स्थिति बनी, जिससे प्रशासन और रेलवे अधिकारियों की चिंता बढ़ गई। सूचना मिलने पर प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से वार्ता कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। दोपहर करीब डेढ़ बजे से बड़ी संख्या में ग्रामीण खंडीप फाटक से महापंचायत स्थल से गुजरने लगे, जिससे फाटक खुला रहा। इस दौरान लगभग दो घंटे तक फाटक खुला रहने से रेल यातायात बाधित हुआ। काफी संख्या में ग्रामीण ट्रैक पर भी आकर धरना-प्रदर्शन करने लगे, जिन्हें काफी समझाइश के बाद पुलिसकर्मियों द्वारा हटाया गया। गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले सोमवार को भी ग्रामीण रैली के रूप में फाटक से गुजरे थे और इस दौरान ट्रैक पर जमा होकर बांध से नहरों में पानी छोड़ने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। धरना स्थल पर दिनभर किसानों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। किसानों का कहना है कि उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है, जिससे क्षेत्र के किसानों में भारी रोष व्याप्त है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही पांचना बांध से नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा। किसानों ने सरकार और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर नहरों में पानी छोड़ने की मांग की है। वहीं, धरना स्थल पर किसानों, महिलाओं और ग्रामीणों की लगातार बढ़ती भागीदारी से आंदोलन को और मजबूती मिल रही है।3
- वरिष्ठ समाजसेवी एवं रिटायर्ड बैंक अधिकारी स्व. परसराम राजौरा की प्रथम पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में 19 जून को हिंडौन स्थित अखिल भारतीय खटीक समाज धर्मशाला में एक निशुल्क नेत्र चिकित्सा एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया जाएगा। पत्रकार कृष्ण मुरारी राजौरा ने बुधवार दोपहर 2:00 बजे यह जानकारी देते हुए बताया कि शिविर सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगा, जिसमें वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ नेत्र रोगियों की जांच कर उन्हें चिकित्सकीय परामर्श देंगे। शिविर में भर्ती किए गए मरीजों के ऑपरेशन गणेशम रिसोर्ट के पास, धर्म कांटा के पीछे स्थित केडी आई हॉस्पिटल में जयपुर के प्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव वर्मा द्वारा किए जाएंगे। नेत्र रोगियों को सलाह दी गई है कि वे अपने साथ आधार कार्ड अथवा पहचान पत्र की फोटोकॉपी आवश्यक रूप से साथ लाएं।1
- लालसोट के खंदक गणगौरी बाजार में दुकानदार प्रतिदिन अपनी दुकानों के सामने जमा होने वाले कचरे के ढेर से बेहद परेशान हैं। व्यापारियों का आरोप है कि सफाई कर्मचारी निर्धारित स्थलों की बजाय जानबूझकर दुकानों के सामने ही कचरा जमा कर देते हैं। इस गंदगी के कारण पूरे बाजार में भीषण दुर्गंध फैलती है, जिससे न केवल उनका व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है बल्कि ग्राहकों पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। व्यापारियों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन इसके बावजूद आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। उन्होंने नगर परिषद से यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि कचरा समय पर उठाया जाए और उसे केवल निर्धारित स्थानों पर ही एकत्र किया जाए। व्यापारी अब इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि उनकी शिकायतों पर नगर परिषद क्या कार्रवाई करती है और इस गंभीर समस्या से उन्हें कब निजात मिलती है। लोगों में यह सवाल उठ रहा है कि लालसोट की यह संस्था 'नगर परिषद' है या 'नरक परिषद'।2
- भाजपा नेता अल्लानूर खान को राज्य सरकार द्वारा जिला सतर्कता समिति में सदस्य मनोनीत किए जाने पर करौली जिले के ढिंढोरा गाँव (हिंडौन ग्रामीण) में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। समाजसेवी इस्माइल अब्बासी ने जानकारी दी कि 16 जून को देर रात आयोजित स्वागत समारोह में गाँव ढिंढोरा के मुस्लिम समाज के गणमान्य लोगों ने माला और साफा पहनाकर अल्लानूर खान का अभिनंदन किया। इस अवसर पर जिला सतर्कता समिति के सदस्य अल्लानूर खान ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वे जिले की जन समस्याओं के निराकरण के लिए राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप प्रशासन के साथ बेहतर सामंजस्य बनाकर कार्य करेंगे। उन्होंने सभी से केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही जनहित की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील भी की। समाजसेवी व उद्योगपति हाफिज अब्दुल रहमान ने कहा कि लोकप्रिय नेता अल्लानूर खान की नियुक्ति भाजपा द्वारा मुस्लिम समाज को सम्मान देने का एक प्रयास है, जिससे क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर साफ नजर आ रही है। कार्यक्रम की शुरुआत में भाजपा नेता अल्लानूर खान, समाजसेवी हाफिज अब्दुल रहमान, अल्पसंख्यक मोर्चा के यामीन खान, पंचायत समिति सदस्य शाहरुख खान और फारुख खान को माला और साफा पहनाकर सम्मानित किया गया। इस स्वागत समारोह में इस्माइल अब्बासी, रहीमुद्दीन, अमरदीन, मुफीद खान, हफीज खान, आशिक, मुस्ताक खान, अजमत, राज़ुद्दीन, मोहम्मद आसिम, फारुख उर्फ कल्लू, ताजुद्दीन, पप्पू, शफीक खान सहित कई अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।1
- हिण्डोन में बुधवार सुबह महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष लज्जा रानी अग्रवाल ने पतंजलि योगशाला में एक योग कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुति दी। यह कार्यक्रम नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीया बानती निवासन, प्रदेश अध्यक्ष माननीय मदन राठौड़, प्रदेश अध्यक्षा माननीया राखी राठौड़, जिला अध्यक्ष गोवर्धन सिंह जादौन, प्रदेश प्रवक्ता संयोजक चेतना मीणा, और उमा शर्मा के आह्वान पर आयोजित किया गया था।3
- कैमला कोढयाई और नयागांव के किसानों ने लगातार चौथे दिन दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया। किसानों ने इस ट्रैक को एक घंटे तीस मिनट तक अवरुद्ध रखा, जिससे परिचालन प्रभावित हुआ।1
- करौली में प्रजापति छात्रावास रणगमा ताल में दक्ष प्रजापति विकास संस्थान की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का संचालन संयोजक छीतर लाल प्रजापति ने किया, जिसमें छात्रावास में विभिन्न विकास कार्यों को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की गई। सचिव गंगाराम प्रजापत ने मंगलवार शाम 4:00 बजे जानकारी दी कि बैठक के दौरान संरक्षक रामेश्वर ठेकेदार ने छात्रावास परिसर के लिए एक मुख्य द्वार और चारदीवारी की ऊंचाई बढ़ाने को आवश्यक बताया। बैठक में यह भी तय किया गया कि भवन की छत की मरम्मत कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त, दक्ष प्रजापति की जयंती के अवसर पर करौली स्थित छात्रावास में एक संगोष्ठी का आयोजन करने का निर्णय लिया गया। इस दौरान, कई भामाशाहों ने छात्रावास के विकास कार्यों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा भी की। इस बैठक में छोटे लाल, मलुआ, छात्रावास अध्यक्ष माधु लाल, रमेश महू, दुर्गा लाल ठेकेदार, भोले, धनसिंह, श्री भगवान, भंवर, लक्ष्मी, रामेश्वर ठेकेदार, छीतर लाल प्रजापति, गंगाराम प्रजापत और कल्याण हलवाई सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।1
- राज्य सरकार द्वारा भाजपा नेता अल्लाह नूर खान को जिला सतर्कता समिति में सदस्य मनोनीत किए जाने पर, ढिंढोरा गांव में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। 16 जून की देर रात आयोजित इस स्वागत समारोह में ढिंढोरा गांव के मुस्लिम समाज के गणमान्य लोगों ने अल्लाह नूर खान को माला पहनाकर और साफा बांधकर सम्मानित किया।3
- राजस्थान के लालसोट में बुधवार को एक पाँच साल पुराने वैवाहिक विवाद ने सनसनीखेज मोड़ ले लिया। ग्राम पंचायत खटवा में पंचायत समिति कार्यालय के पास स्थित एक ऊँची पानी की टंकी पर आरती मीणा नाम की एक महिला चढ़ गई, जिससे क्षेत्र में हाई वोल्टेज ड्रामा मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। आरती मीणा और उनके पति राजूलाल मीणा, जो पिछले पाँच साल से बाड़मेर जिले में तृतीय श्रेणी शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं, के बीच लंबे समय से आपसी विवाद चल रहा था, जिसके कारण उनकी गृहस्थी सुचारू रूप से नहीं चल पा रही थी। आरती मीणा का पीहर ग्राम कोड्याई में है, जबकि उनका विवाह खटवा में हुआ था। महिला ने आरोप लगाया कि उनका पति उन्हें ठीक से नहीं रखता और उनसे बातचीत भी नहीं करता। आरती का कहना था कि वह अपने पति के साथ खटवा में रहकर ही जीवन बिताना चाहती हैं और अपने वैवाहिक अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पति के खिलाफ कार्रवाई का दबाव बनाने के लिए ही पानी की टंकी पर चढ़ी थीं। ससुराल पक्ष में पति, सास और आरती मीणा सहित केवल तीन सदस्य बताए गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस जाप्ता और राजस्व विभाग के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँचे। घंटों चली समझाइश के बाद महिला को सुरक्षित टंकी से नीचे उतार लिया गया और उसे लालसोट थाने ले जाया गया। थाने में उसके पीहर पक्ष, पति और अधिकारियों की मौजूदगी में समझाइश और बातचीत का दौर चला। प्रशिक्षु आरपीएस कैलाश मीणा ने बताया कि महिला आपसी विवाद के कारण टंकी पर चढ़ी थी और समझाइश के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों पक्षों से पूछताछ कर मामले की जाँच की जा रही है। वहीं, एएसपी विनोद सीपा ने जानकारी दी कि महिला द्वारा अभी तक थाने में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है और पुलिस फिलहाल दोनों पक्षों से बातचीत कर विवाद का समाधान निकालने का प्रयास कर रही है। प्रशासन की तत्परता, पुलिस की सूझबूझ और समय रहते की गई समझाइश से एक बड़ा हादसा टल गया।1