बलरामपुर कांग्रेस के महामंत्री सहित 10 पदाधिकारियों ने दिया इस्तीफ बलरामपुर कांग्रेस के महामंत्री सहित 10 पदाधिकारियों ने दिया इस्तीफ बलरामपुर जिला कांग्रेस कमेटी में घमासान मचा हुआ है कांग्रेस के कई दिग्ज जिला कार्यकारिणी में शामिल जिला बलरामपुर मे लगातार इस्तीफा नाय कार्यकारिणी के गठन के बाद मचा बवाल पुराने को नीचे किया जा रहा है और कांग्रेस में जो नए शामिल हो रहे हैं उन लोग को नाम आगे किया जा रहा है जिसके लेकर के जिला बलरामपुर में कई कांग्रेसी कार्यकर्ता लगातार इस्तीफा दे रहे हैं महामंत्री संजीव गुप्ता ने अपने पद से क इस्तीफ दे दिया है. वहीं उनके साथ वही 3 जिला सचिव और 6 मंडल अध्यक्षों ने भी अपने पद से इस्तीफा जो दे दिया है जिसके बाद से जिले के नया संगठन में हडकंप मच गया है। नया गठन होने के बाद विदित हो रहा है बलरामपुर कांग्रेस में में संजीव गुप्ता लंबे समय से सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में जुड़े रहे है. पूर्व विधायक बृहस्पत सिंह के करीबियों में से एक संजीव गुप्ता का भी नाम और दूसरा जसीम अंसारी सरगपुर तातापानी का रहने वाला है बृहस्पत सिंह के पार्टी से निष्कासन के बाद भी संजीव गुप्ता कांग्रेस के साथ ही रहे परन्तु इस बार पार्टी द्वारा जारी सूची में उनका नाम काफी नीचे हो गया जिसके कारण संजीव गुप्ता और जसीम जसीम अंसारी नागवार गुजरा जिसपर उन्होंने कांग्रेस के नये जिलाध्यक्ष हरिहर यादव को इस्तीफा दे दिया है। संजीव गुप्ता ने अपने इस्तीफे में पार्टी नेतृत्व को यह बताने की कोशिश की है कि हरिहर प्रसाद यादव की टीम में जमीनी स्तर के और वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा हुई है, और ऐसे लोगों को कार्यकारिणी में मौका दिया गया है जो पार्टी विरोधी गतिविधि में शामिल रहे है इस इस्तीफे की खबर के सामने आने के बाद से अब तक कांग्रेस के तीन जिला सचिव व 6 मंडल अध्यक्षों द्वारा भी इस्तीफा देने की जानकारी सामने आ रही है। कांग्रेस ने रणनीति के तहत पिछड़ा वर्ग से आने वाले हरिहर यादव को पार्टी में जान फूंकने के लिए अध्यक्ष बनाया पर इसका असर यहां उल्टा हो गया है और पार्टी के रही सही स्थिति भी डांवाडोल ही है। वहीं कांग्रेस के जिला महामंत्री द्वारा दिये गए इस्तीफे के पत्र के बाद जिलाध्यक्ष ने भी उन्हें पत्र लिखकर उन्हें पार्टी में वर्तमान में निष्क्रिय होने का आरोप लगा दिया है और बिन्दूवार 10 आयोजनों से उनकी अनुपस्थिति को बताते हुए पार्टी के प्रति समर्पण भाव पर सवाल उठाया है। जिलाध्यक्ष ने अपने पत्र में उनके इस्तीफे पर विचार उपरांत निर्णय लेने की बात कही है। ऐसे में बलरामपुर कांग्रेस में नेताओं में छिड़ा यह पत्र युद्ध पार्टी की छीछालेदर करने के लिए पर्याप्त है और इससे पार्टी को जमीनी स्तर पर नुकसान होना तय है।
बलरामपुर कांग्रेस के महामंत्री सहित 10 पदाधिकारियों ने दिया इस्तीफ बलरामपुर कांग्रेस के महामंत्री सहित 10 पदाधिकारियों ने दिया इस्तीफ बलरामपुर जिला कांग्रेस कमेटी में घमासान मचा हुआ है कांग्रेस के कई दिग्ज जिला कार्यकारिणी में शामिल जिला बलरामपुर मे लगातार इस्तीफा नाय कार्यकारिणी के गठन के बाद मचा बवाल पुराने को नीचे किया जा रहा है और कांग्रेस में जो नए शामिल हो रहे हैं उन लोग को नाम आगे किया जा रहा है जिसके लेकर के जिला बलरामपुर में कई कांग्रेसी कार्यकर्ता लगातार इस्तीफा दे रहे हैं महामंत्री संजीव गुप्ता ने अपने पद से क इस्तीफ दे दिया है. वहीं उनके साथ वही 3 जिला सचिव और 6 मंडल अध्यक्षों ने भी अपने पद से इस्तीफा जो दे दिया है जिसके बाद से जिले के नया संगठन में हडकंप मच गया है। नया गठन होने के बाद विदित हो रहा है बलरामपुर कांग्रेस में में संजीव गुप्ता लंबे समय से सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में जुड़े रहे है. पूर्व विधायक बृहस्पत सिंह के करीबियों में से एक संजीव गुप्ता का भी नाम और दूसरा जसीम अंसारी सरगपुर तातापानी का रहने वाला है बृहस्पत सिंह के पार्टी से निष्कासन के बाद भी संजीव गुप्ता कांग्रेस के साथ ही रहे परन्तु इस बार पार्टी द्वारा जारी सूची में उनका नाम काफी नीचे हो गया जिसके कारण संजीव गुप्ता और जसीम जसीम अंसारी नागवार गुजरा जिसपर उन्होंने कांग्रेस के नये जिलाध्यक्ष हरिहर यादव को इस्तीफा दे दिया है। संजीव गुप्ता ने अपने इस्तीफे में पार्टी नेतृत्व को यह बताने की कोशिश की है कि हरिहर प्रसाद यादव की टीम में जमीनी स्तर के और वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा हुई है, और ऐसे लोगों को कार्यकारिणी में मौका दिया गया है जो पार्टी विरोधी गतिविधि में शामिल रहे है इस इस्तीफे की खबर के सामने आने के बाद से अब तक कांग्रेस के तीन जिला सचिव व 6 मंडल अध्यक्षों द्वारा भी इस्तीफा देने की जानकारी सामने आ रही है। कांग्रेस ने रणनीति के तहत पिछड़ा वर्ग से आने वाले हरिहर यादव को पार्टी में जान फूंकने के लिए अध्यक्ष बनाया पर इसका असर यहां उल्टा हो गया है और पार्टी के रही सही स्थिति भी डांवाडोल ही है। वहीं कांग्रेस के जिला महामंत्री द्वारा दिये गए इस्तीफे के पत्र के बाद जिलाध्यक्ष ने भी उन्हें पत्र लिखकर उन्हें पार्टी में वर्तमान में निष्क्रिय होने का आरोप लगा दिया है और बिन्दूवार 10 आयोजनों से उनकी अनुपस्थिति को बताते हुए पार्टी के प्रति समर्पण भाव पर सवाल उठाया है। जिलाध्यक्ष ने अपने पत्र में उनके इस्तीफे पर विचार उपरांत निर्णय लेने की बात कही है। ऐसे में बलरामपुर कांग्रेस में नेताओं में छिड़ा यह पत्र युद्ध पार्टी की छीछालेदर करने के लिए पर्याप्त है और इससे पार्टी को जमीनी स्तर पर नुकसान होना तय है।
- बलरामपुर में 2 एकड़ से अधिक भूमि में अफीम की अवैध खेती पर प्रशासन-पुलिस की संयुक्त कार्रवाई बलरामपुर, 10 मार्च 2026 जिले में अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन सतत रूप से सक्रिय है। इसी कड़ी में विकासखंड कुसमी अंतर्गत ग्राम पंचायत त्रिपुरी के सरना टोली क्षेत्र में मुखबिर के द्वारा अफीम की संभावित खेती की सूचना प्राप्त होने पर कलेक्टर श्री राजेंद्र कटारा के निर्देश एवं पुलिस अधीक्षक श्री बैंकर वैभव के मार्गदर्शन में प्रशासन एवं पुलिस की संयुक्त टीम तत्काल मौके पर पहुंची। जांच के दौरान प्रथम दृष्टिया पाया गया कि लगभग 2 एकड़ से अधिक की भूमि पर अफीम की अवैध खेती की जा रही थी। टीम के द्वारा संबंधित क्षेत्र को अभिरक्षा में लेकर आवश्यक जांच प्रारंभ की गई। साथ ही संबंधित एजेंसी को सूचना दी गई है, प्रशासनिक टीम भी मौके पर मौजूद है। शाम होने के कारण कल सुबह वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रशासन द्वारा क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाते हुए पुलिस की रात्रिकालीन निगरानी भी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को रोका जा सके। जिला प्रशासन द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए एनडीपीएस एक्ट तथा एसएसएल की टीम, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम की उपस्थिति में आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।2
- Post by Mr.Anand Kumar1
- बलरामपुर जिले के कुसमी में अफीम की खेती करने का मामला सामने आया है, 2 से 3 एकड़ खेत में अफीम की खेती की गई थी सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम मामले की जांच में जुट गई है,वहीं इसको लेकर प्रदेश के पर्यटन मंत्री का बयान भी सामने आया है, छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के बाद सरगुजा संभाग के बलरामपुर जिले में अफीम की खेती करने का मामला सामने आया है,जहां कुसमी थाना क्षेत्र के ग्राम त्रिपुरी में अफीम की खेती की गई है, बताया जा रहा है की जमीन को लीज में लेकर अफीम की खेती की गई है,इस मामले में मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि सरकार नशे के सौदागरों और व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें इस तरह की कोई जानकारी मिले तो सरकार को सूचित करें।,मंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में गांजा तस्कर और अन्य मामलों में कार्रवाई हुई है और आगे भी कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही पूरा प्रदेश नशा मुक्त होगा, गौरतलब है कि दुर्ग जिले में हुए अफीम की खेती के मामले में भाजपा नेता का नाम सामने आया है और उसे गिरफ्तार भी किया गया है जिसको लेकर लगातार कांग्रेस भी सरकार पर निशाना साध रही है, और सरकार पर नशे को बढ़ावा देने का आरोप लगा रही है,1
- बड़ी खबर : दुर्ग के बाद बलरामपुर में अफीम की अवैध खेती का खुलासा, दो एकड़ में लगी है फसल, जांच में जुटा प्रशासन बलरामपुर। छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम की खेती के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। दुर्ग जिले के बाद अब बलरामपुर जिले में भी अफीम की खेती का मामला उजागर हुआ है। कुसमी थाना क्षेत्र के त्रिपुरी गांव में करीब दो एकड़ जमीन पर अफीम की अवैध खेती किए जाने का खुलासा होने से इलाके में हड़कंप मच गया है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आदिवासी की जमीन को लीज पर लेकर झारखंड का व्यक्ति अफीम की खेती कर रहा था।प्रशासन की टीम पूरे मामले की जांच कर रही है और इसमें शामिल लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- ये भारत में किसी को Job नहीं करने देगा #cosmeticstrading #BeautyCare #cosmetics #reelsviralシfb #tranding1
- अब नशे के करोबैरियो को खैर नहीं पुलिस प्रशासन कर रही लगातार कार्यवाही1
- Post by Sunil singh1
- जानकारी के मुताबिक, बलरामपुर के त्रिपुरी गांव में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती मिली। जिसकी सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दी। कुसमी SDOP आशीष कुंजाम, पुलिस और प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और आसपास के लोगों से पूछताछ की। स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि, उन्हें अफीम उगाने की जानकारी थी, लेकिन यह नहीं पता कि यह अवैध है। दुर्ग में विनायक ताम्रकार के खिलाफ अफीम की खेती किए जाने पर कार्रवाई हुई तो हमें पता चला कि यह गैर कानूनी है। इसके बाद थाने में सूचना दी। जहां अफीम की फसल मिली वह इलाका झारखंड से लगा हुआ है। खेत गांव के रूपदेव भगत और कौशल भगत का है। जमीन को किराए पर लेकर झारखंड के लोगों ने अफीम लगाई है। वह खेत से कुछ दूर फॉरेस्ट की तरफ से चूहीदाह नाले में बनाए गए स्टाप डेम से पंप लगाकर सिंचाई करते थे। दुर्ग जिले में अफीम की खेती पकड़े जाने के बाद बलरामपुर में भी अफीम की खेती पकड़ाई है। मंगलवार (10 मार्च) को त्रिपुरी के सरनाटोली गांव के खेत में 5 एकड़ एरिया में अफीम की फसल मिली। मामला कुसमी थाना क्षेत्र का है। जांच में पचा चला है कि झारखंड के लोगों ने खेती थी, इससे पहले जशपुर के एक बीजेपी नेता से संपर्क किया था। पुलिस ने 5 लोगों को हिरासत में लिया है। पूछताछ के बाद पूरे मामले का खुलासा होगा।2