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ग्राम पंचायत टाटीआथर में पंचायत सचिव की कार्यशैली को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी, सौंपा गया...

3 hrs ago
user_Shoaib Siddiqui
Shoaib Siddiqui
Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
3 hrs ago

ग्राम पंचायत टाटीआथर में पंचायत सचिव की कार्यशैली को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी, सौंपा गया...

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  • स्व-गणना की प्रक्रिया 16 से 30 अप्रैल तक छत्तीसगढ़ राज्य में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 01 मई से 30 मई 2026 तक किया जाएगा। इसके पूर्व स्व-गणना की प्रक्रिया 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक संचालित की जा रही है। बलरामपुर-रामानुजगंज कलेक्टर श्री राजेन्द्र कटारा ने स्वगणना के माध्यम से स्वयं जनगणना में रजिस्टर किया है। कलेक्टर श्री कटारा ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्व-गणना प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं और सही एवं पूर्ण जानकारी दर्ज कर जनगणना कार्य को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करें। उन्होंने बताया कि नागरिक निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपने परिवार एवं मकान से संबंधित जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। स्व-गणना के दौरान दर्ज की गई जानकारी को सबमिट करने से पहले संशोधित किया जा सकता है, लेकिन एक बार जानकारी सबमिट होने के बाद उसमें कोई परिवर्तन संभव नहीं होगा। स्व-गणना पूर्ण करने वाले प्रत्येक परिवार को एक विशेष स्व-गणना आईडी प्रदान की जाएगी, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक होगा। 01 मई से 30 मई 2026 के बीच जब प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी का सत्यापन करेंगे, तब संबंधित परिवारों को यह आईडी साझा करनी होगी। इसके आधार पर प्रगणक दर्ज जानकारी की पुष्टि कर उसे अंतिम रूप देंगे। किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए जनगणना विभाग द्वारा टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1855 जारी किया गया है।
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    स्व-गणना की प्रक्रिया 16 से 30 अप्रैल तक
छत्तीसगढ़ राज्य में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 01 मई से 30 मई 2026 तक किया जाएगा। इसके पूर्व स्व-गणना की प्रक्रिया 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक संचालित की जा रही है। 
बलरामपुर-रामानुजगंज कलेक्टर श्री राजेन्द्र कटारा ने स्वगणना के माध्यम से स्वयं जनगणना में रजिस्टर किया है। कलेक्टर श्री कटारा ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्व-गणना प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं और सही एवं पूर्ण जानकारी दर्ज कर जनगणना कार्य को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करें।
उन्होंने बताया कि नागरिक निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल  पर जाकर अपने परिवार एवं मकान से संबंधित जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। स्व-गणना के दौरान दर्ज की गई जानकारी को सबमिट करने से पहले संशोधित किया जा सकता है, लेकिन एक बार जानकारी सबमिट होने के बाद उसमें कोई परिवर्तन संभव नहीं होगा।
स्व-गणना पूर्ण करने वाले प्रत्येक परिवार को एक विशेष स्व-गणना आईडी प्रदान की जाएगी, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक होगा। 01 मई से 30 मई 2026 के बीच जब प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी का सत्यापन करेंगे, तब संबंधित परिवारों को यह आईडी साझा करनी होगी। इसके आधार पर प्रगणक दर्ज जानकारी की पुष्टि कर उसे अंतिम रूप देंगे। किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए जनगणना विभाग द्वारा टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1855 जारी किया गया है।
    user_Shoaib Siddiqui
    Shoaib Siddiqui
    Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • बलरामपुर @मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज रणजीता स्टेडियम जशपुर से आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत राज्य स्तर पर स्वीकृत फेस-04 की 774 सड़कों का शिलान्यास कर शुभारंभ किया। जिसके अंतर्गत वर्चुअल रूप से बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की 58 कार्य का भी शुभारम्भ किया गया। इसी कड़ी में जिले में बाजार पारा स्थित ऑडिटोरियम में कार्यक्रम आयोजित किया गया। जहां कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष हीरामुनी निकुंज, उपाध्यक्ष धीरज सिंह देव, रेड क्रॉस सोसायटी अध्यक्ष ओम प्रकाश जायसवाल, जनपद अध्यक्ष सुश्री सुमित्रा चेरवा,नगर पालिका अध्यक्ष लोधी राम एक्का, उपाध्यक्ष दिलीप सोनी, गणमान्य नागरिक भानु प्रकाश दीक्षित अन्य जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर राजेंद्र कटारा, जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर, कार्यपालन अभियंता सच्चिदानंद कांत एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम को वर्चुअल संबोधित करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में समग्र विकास को नई दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुशासन और विकास के साथ सामाजिक समरसता को भी मजबूत किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के फेस-4 अंतर्गत प्रदेश में 774 सड़कों का शिलान्यास किया गया है। उन्होंने कहा कि पहले जब प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना नहीं थी, तब ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति धीमी थी और बिजली, सड़क, नलकूप जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव था। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के पश्चात प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत हुई, जिससे गांव-गांव तक सड़कों का जाल बिछा और विकास को गति मिली। उन्होंने कहा कि बिना सड़कों के विकास संभव नहीं है, इसलिए सबसे पहले बड़ी आबादी वाले क्षेत्रों को सड़क से जोड़ा गया। योजना के फेस 4 में बचे बसाहटों को बारह मासी सड़कों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि भारतमाला परियोजना के तहत प्रदेश में दो प्रमुख सड़क मार्गों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे आवागमन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।उन्होंने अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के शुभारंभ की जानकारी देते हुए कहा कि अब पंचायत स्तर पर ही बैंकिंग सुविधाएं, विभिन्न प्रमाण पत्र और अन्य शासकीय सेवाएं उपलब्ध होंगी। भविष्य में इन सेवाओं का और विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने मोर तरिया आय के नवा जरिए योजना के तहत स्वीकृत कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे ग्रामीणों की आजीविका संवर्धन में मदद मिलेगी। जिला मुख्यालय स्तर पर आआयोजित कार्यक्रम मे जिला पंचायत अध्यक्ष हीरामुनी निकुंज ने अपने उद्बोधन में कहा कि शासन के सहयोग से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत बलरामपुर जिले में 58 सड़कों की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा तथा विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में क्षेत्र में सतत विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण अंचलों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। निकुंज ने अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के बारे में प्रकाश डालते हुए कहा कि जाति, राशन कार्ड, मतदाता सूची, बैंकिंग सेवाएं तथा बिजली बिल भुगतान जैसी समस्याओं के समाधान हेतु इन केंद्रों की स्थापना की गई है। इससे ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं का लाभ अब आसानी से और समय पर मिलना सुनिश्चित किया जा रहा है। और इसका विस्तार भी किया जा रहा है रेड क्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष ओम प्रकाश जायसवाल ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेस-4 के शुभारंभ अवसर पर कहा कि आज का दिन प्रदेश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक है। इस योजना के अंतर्गत किलोमीटर लंबी सड़कों का वर्चुअल शुभारंभ किया गया है, जो ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।उन्होंने कहा कि पूर्व में ग्रामीण क्षेत्रों में पक्की सड़कों के लिए कोई सुदृढ़ योजना नहीं थी, जिससे आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का प्रभावी संचालन किया जा रहा है, जिससे गांव-गांव तक बेहतर सड़क संपर्क सुनिश्चित हो रहा है। उन्होंने ने बताया कि चरणबद्ध तरीके से इस योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिसमें जनसंख्या के आधार पर गांवों की कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कई ग्रामीण सड़कों की स्थिति जर्जर हो चुकी है, जिनके पुनर्निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार किए गए हैं और शीघ्र ही कार्य प्रारंभ किया जाएगा। जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंह देव ने कहा कि पूर्व में क्षेत्र की सड़कों की स्थिति अत्यंत खराब थी, जिससे आमजन को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अब बेहतर आवागमन सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं और सड़कों का तेजी से निर्माण एवं सुधार कार्य किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सड़क निर्माण के साथ-साथ अन्य सभी क्षेत्रों में भी बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे आमजन को सीधे लाभ मिल रहा है।और लोगों के जीवन स्तर में निरंतर सुधार हो रहा है। पूर्व जनपद उपाध्यक्ष श्री भानु प्रकाश दीक्षित ने कहा कि सरकार के गठन के पश्चात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सड़कों का तेजी से विस्तार किया जा रहा है और गांव-गांव तक सड़क नेटवर्क विकसित हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के नेतृत्व एवं जनप्रतिनिधियों के प्रयासों से क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं का निरंतर विस्तार हो रहा है उन्होंने कहा कि बारह मासी सड़कों के माध्यम से गांवों को जोड़ने का कार्य किया जा रहा है, जिससे वर्षभर सुगम आवागमन सुनिश्चित होगा और विकास को और अधिक गति मिलेगी। इस अवसर पर अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी अपने अपने विचार व्यक्त किया। *नवा तरीया आय का जरिया योजना के तहत शंकरगढ़ व वाड्रफनगर में मिली स्वीकृति* कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों द्वारा शासन की महत्वाकांक्षी योजना नवा तरीया आय का जरिया मनरेगा योजना अंतर्गत विकासखंड शंकरगढ़ के ग्राम पंचायत सरीमा एवं विकासखंड वाड्रफनगर के ग्राम पंचायत रजखेता को नवा तरीया निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति आदेश दिया गया। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत वर्ष 25 -26 में फेस 4 के प्रथम चरण में कुल 58 सड़कों का निर्माण स्वीकृत हुआ है जिसकी कुल लंबाई 142.55 किलोमीटर एवं लागत लगभग 140.8 करोड़ है इन सड़कों के निर्माण से 58 नवीन बसाहटें अब पक्की सड़कों से जुड़ेंगे जिसे वर्ष भर आवागमन सुगम होगा।
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    बलरामपुर @मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज रणजीता स्टेडियम जशपुर से आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत राज्य स्तर पर स्वीकृत फेस-04 की 774 सड़कों का शिलान्यास कर शुभारंभ किया। जिसके अंतर्गत वर्चुअल रूप से बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की 58 कार्य का भी शुभारम्भ किया गया। इसी कड़ी में जिले में बाजार पारा स्थित ऑडिटोरियम में कार्यक्रम आयोजित किया गया। जहां कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष हीरामुनी निकुंज, उपाध्यक्ष  धीरज सिंह देव, रेड क्रॉस सोसायटी अध्यक्ष ओम प्रकाश जायसवाल, जनपद अध्यक्ष सुश्री सुमित्रा चेरवा,नगर पालिका अध्यक्ष  लोधी राम एक्का, उपाध्यक्ष  दिलीप सोनी, गणमान्य नागरिक भानु प्रकाश दीक्षित अन्य जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर  राजेंद्र कटारा, जिला पंचायत सीईओ  नयनतारा सिंह तोमर, कार्यपालन अभियंता  सच्चिदानंद कांत एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कार्यक्रम को वर्चुअल संबोधित करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में समग्र विकास को नई दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुशासन और विकास के साथ सामाजिक समरसता को भी मजबूत किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के फेस-4 अंतर्गत प्रदेश में 774 सड़कों का शिलान्यास किया गया है। उन्होंने कहा कि पहले जब प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना नहीं थी, तब ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति धीमी थी और बिजली, सड़क, नलकूप जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव था। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के पश्चात प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत हुई, जिससे गांव-गांव तक सड़कों का जाल बिछा और विकास को गति मिली। उन्होंने कहा कि बिना सड़कों के विकास संभव नहीं है, इसलिए सबसे पहले बड़ी आबादी वाले क्षेत्रों को सड़क से जोड़ा गया। योजना के फेस 4 में बचे बसाहटों को बारह मासी सड़कों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि भारतमाला परियोजना के तहत प्रदेश में दो प्रमुख सड़क मार्गों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे आवागमन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।उन्होंने अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के शुभारंभ की जानकारी देते हुए कहा कि अब पंचायत स्तर पर ही बैंकिंग सुविधाएं, विभिन्न प्रमाण पत्र और अन्य शासकीय सेवाएं उपलब्ध होंगी। भविष्य में इन सेवाओं का और विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री  साय ने मोर तरिया आय के नवा जरिए योजना के तहत स्वीकृत कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे ग्रामीणों की आजीविका संवर्धन में मदद मिलेगी। 
जिला मुख्यालय स्तर पर आआयोजित कार्यक्रम मे जिला पंचायत अध्यक्ष  हीरामुनी निकुंज ने  अपने उद्बोधन में कहा कि शासन के सहयोग से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत बलरामपुर जिले में 58 सड़कों की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा तथा विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में क्षेत्र में सतत विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण अंचलों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है।  निकुंज ने अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के बारे में प्रकाश डालते हुए कहा कि जाति, राशन कार्ड, मतदाता सूची, बैंकिंग सेवाएं तथा बिजली बिल भुगतान जैसी समस्याओं के समाधान हेतु इन केंद्रों की स्थापना की गई है। इससे ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं का लाभ अब आसानी से और समय पर मिलना सुनिश्चित किया जा रहा है। और इसका विस्तार भी किया जा रहा है 
रेड क्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष  ओम प्रकाश जायसवाल ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेस-4 के शुभारंभ अवसर पर कहा कि आज का दिन प्रदेश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक है। इस योजना के अंतर्गत किलोमीटर लंबी सड़कों का वर्चुअल शुभारंभ किया गया है, जो ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।उन्होंने कहा कि पूर्व में ग्रामीण क्षेत्रों में पक्की सड़कों के लिए कोई सुदृढ़ योजना नहीं थी, जिससे आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का प्रभावी संचालन किया जा रहा है, जिससे गांव-गांव तक बेहतर सड़क संपर्क सुनिश्चित हो रहा है।
उन्होंने ने बताया कि चरणबद्ध तरीके से इस योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिसमें जनसंख्या के आधार पर गांवों की कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कई ग्रामीण सड़कों की स्थिति जर्जर हो चुकी है, जिनके पुनर्निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार किए गए हैं और शीघ्र ही कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष  धीरज सिंह देव ने कहा कि पूर्व में क्षेत्र की सड़कों की स्थिति अत्यंत खराब थी, जिससे आमजन को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अब बेहतर आवागमन सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं और सड़कों का तेजी से निर्माण एवं सुधार कार्य किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सड़क निर्माण के साथ-साथ अन्य सभी क्षेत्रों में भी बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे आमजन को सीधे लाभ मिल रहा है।और लोगों के जीवन स्तर में निरंतर सुधार हो रहा है।
पूर्व जनपद उपाध्यक्ष श्री भानु प्रकाश दीक्षित ने कहा कि सरकार के गठन के पश्चात प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सड़कों का तेजी से विस्तार किया जा रहा है और गांव-गांव तक सड़क नेटवर्क विकसित हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के नेतृत्व एवं जनप्रतिनिधियों के प्रयासों से क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं का निरंतर विस्तार हो रहा है उन्होंने कहा कि बारह मासी सड़कों के माध्यम से गांवों को जोड़ने का कार्य किया जा रहा है, जिससे वर्षभर सुगम आवागमन सुनिश्चित होगा और विकास को और अधिक गति मिलेगी। इस अवसर पर अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी अपने अपने विचार व्यक्त किया।
*नवा तरीया आय का जरिया योजना के तहत शंकरगढ़ व वाड्रफनगर में मिली स्वीकृति*
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों द्वारा शासन की महत्वाकांक्षी योजना नवा तरीया आय का जरिया मनरेगा योजना अंतर्गत विकासखंड शंकरगढ़ के ग्राम पंचायत सरीमा एवं विकासखंड वाड्रफनगर के ग्राम पंचायत रजखेता को नवा तरीया निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति आदेश दिया गया।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत वर्ष 25 -26 में फेस 4 के प्रथम चरण में कुल 58 सड़कों का निर्माण स्वीकृत हुआ है जिसकी कुल लंबाई 142.55 किलोमीटर एवं लागत लगभग 140.8 करोड़ है इन सड़कों के निर्माण से 58 नवीन बसाहटें अब पक्की सड़कों से जुड़ेंगे जिसे वर्ष भर आवागमन सुगम होगा।
    user_Vijay Singh
    Vijay Singh
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • राजपुर। बलरामपुर जिले के राजपुर में गुरुवार को शासकीय नवीन महाविद्यालय में आयोजित सीसी सड़क और नाली निर्माण के भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान एक बड़ा प्रशासनिक विवाद सामने आया। सामरी विधायक उद्धेश्वरी पैकरा अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर खुलकर नाराज हो गईं और मंच से ही कड़ी फटकार लगाई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद थे। इसी दौरान जब विधायक को पता चला कि राजपुर के एसडीएम और तहसीलदार कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए हैं, तो उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्थल से महज 200 मीटर की दूरी पर एसडीएम और तहसील कार्यालय स्थित है, इसके बावजूद अधिकारियों का अनुपस्थित रहना बेहद गैरजिम्मेदाराना रवैया है। विधायक ने अपने संबोधन में कहा कि अधिकारी इसी मार्ग से रोजाना आवागमन करते हैं, फिर भी उन्हें इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शामिल होने का समय नहीं मिला। उन्होंने इसे जनता के प्रति लापरवाही बताते हुए स्पष्ट कहा कि इस तरह का रवैया किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। तहसील कार्यालय पहुंचकर किया सामना कार्यक्रम समाप्त होने के बाद विधायक सीधे राजपुर तहसील कार्यालय पहुंचीं। वहां एसडीएम और तहसीलदार मौजूद मिले। विधायक ने दोनों अधिकारियों से कार्यक्रम में नहीं आने का कारण पूछा। अधिकारियों ने जवाब दिया कि उन्हें कार्यक्रम की जानकारी नहीं दी गई थी। इस पर विधायक ने इस स्पष्टीकरण को असंतोषजनक बताया और नाराजगी जताई। इसी दौरान क्षेत्र में विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तालमेल की कमी भी साफ नजर आई। विधायक ने कहा कि जब जनप्रतिनिधि और अधिकारी आपसी समन्वय से काम नहीं करेंगे, तो विकास कार्यों का लाभ आम जनता तक सही तरीके से नहीं पहुंच पाएगा। वहीं, सूत्रों के अनुसार अधिकारियों का रुख भी सख्त बताया जा रहा है। बताया गया कि अधिकारियों की ओर से यह कहा गया कि कार्यक्रमों में शामिल होना उनके विवेक और अधिकार क्षेत्र का विषय है—“आना होगा तो आएंगे, नहीं तो नहीं आएंगे।” इस कथित बयान ने विवाद को और बढ़ा दिया है। कलेक्टर से फोन पर की सख्त बात मौके पर ही विधायक ने बलरामपुर कलेक्टर को फोन लगाया और पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने कलेक्टर से स्पष्ट शब्दों में कहा कि राजपुर एसडीएम को तत्काल हटाया जाए। विधायक ने 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ तहसील कार्यालय के सामने धरने पर बैठेंगी। “मनमानी बर्दाश्त नहीं होगी” विधायक उद्धेश्वरी पैकरा ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की मनमानी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी जनप्रतिनिधियों और जनता की बातों को नजरअंदाज करेंगे, उन्हें उस क्षेत्र में काम करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्यों में लापरवाही किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी। स्थानीय स्तर पर बढ़ी हलचल इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजपुर क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। एक ओर जहां समर्थकों में विधायक के रुख को लेकर चर्चा है, वहीं प्रशासनिक अमले में भी इस मामले को लेकर सक्रियता बढ़ गई है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कलेक्टर इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और क्या वास्तव में 24 घंटे के भीतर कोई निर्णय लिया जाता है।
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    राजपुर। बलरामपुर जिले के राजपुर में गुरुवार को शासकीय नवीन महाविद्यालय में आयोजित सीसी सड़क और नाली निर्माण के भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान एक बड़ा प्रशासनिक विवाद सामने आया। सामरी विधायक उद्धेश्वरी पैकरा अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर खुलकर नाराज हो गईं और मंच से ही कड़ी फटकार लगाई।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद थे। इसी दौरान जब विधायक को पता चला कि राजपुर के एसडीएम और तहसीलदार कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए हैं, तो उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्थल से महज 200 मीटर की दूरी पर एसडीएम और तहसील कार्यालय स्थित है, इसके बावजूद अधिकारियों का अनुपस्थित रहना बेहद गैरजिम्मेदाराना रवैया है।
विधायक ने अपने संबोधन में कहा कि अधिकारी इसी मार्ग से रोजाना आवागमन करते हैं, फिर भी उन्हें इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शामिल होने का समय नहीं मिला। उन्होंने इसे जनता के प्रति लापरवाही बताते हुए स्पष्ट कहा कि इस तरह का रवैया किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
तहसील कार्यालय पहुंचकर किया सामना
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद विधायक सीधे राजपुर तहसील कार्यालय पहुंचीं। वहां एसडीएम और तहसीलदार मौजूद मिले। विधायक ने दोनों अधिकारियों से कार्यक्रम में नहीं आने का कारण पूछा। अधिकारियों ने जवाब दिया कि उन्हें कार्यक्रम की जानकारी नहीं दी गई थी। इस पर विधायक ने इस स्पष्टीकरण को असंतोषजनक बताया और नाराजगी जताई।
इसी दौरान क्षेत्र में विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तालमेल की कमी भी साफ नजर आई। विधायक ने कहा कि जब जनप्रतिनिधि और अधिकारी आपसी समन्वय से काम नहीं करेंगे, तो विकास कार्यों का लाभ आम जनता तक सही तरीके से नहीं पहुंच पाएगा।
वहीं, सूत्रों के अनुसार अधिकारियों का रुख भी सख्त बताया जा रहा है। बताया गया कि अधिकारियों की ओर से यह कहा गया कि कार्यक्रमों में शामिल होना उनके विवेक और अधिकार क्षेत्र का विषय है—“आना होगा तो आएंगे, नहीं तो नहीं आएंगे।” इस कथित बयान ने विवाद को और बढ़ा दिया है।
कलेक्टर से फोन पर की सख्त बात
मौके पर ही विधायक ने बलरामपुर कलेक्टर को फोन लगाया और पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने कलेक्टर से स्पष्ट शब्दों में कहा कि राजपुर एसडीएम को तत्काल हटाया जाए। विधायक ने 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ तहसील कार्यालय के सामने धरने पर बैठेंगी।
“मनमानी बर्दाश्त नहीं होगी”
विधायक उद्धेश्वरी पैकरा ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की मनमानी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी जनप्रतिनिधियों और जनता की बातों को नजरअंदाज करेंगे, उन्हें उस क्षेत्र में काम करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्यों में लापरवाही किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी।
स्थानीय स्तर पर बढ़ी हलचल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजपुर क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। एक ओर जहां समर्थकों में विधायक के रुख को लेकर चर्चा है, वहीं प्रशासनिक अमले में भी इस मामले को लेकर सक्रियता बढ़ गई है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कलेक्टर इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और क्या वास्तव में 24 घंटे के भीतर कोई निर्णय लिया जाता है।
    user_Balrampur
    Balrampur
    Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • टाटी आतर ग्रामीण काफी संख्या में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और सचिन की हटाने की मांग की यदि सचिन नहीं हटता है तो उग्र आंदोलन करने की बात कही
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    टाटी आतर ग्रामीण काफी संख्या में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और सचिन की हटाने की मांग की यदि सचिन नहीं हटता है तो उग्र आंदोलन करने की बात कही
    user_Ali Khan
    Ali Khan
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
  • Post by Mr Dayashankar Yadav
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    Post by Mr Dayashankar Yadav
    user_Mr Dayashankar Yadav
    Mr Dayashankar Yadav
    Local News Reporter शंकरगढ़, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
  • Post by Sunil singh
    1
    Post by Sunil singh
    user_Sunil singh
    Sunil singh
    रंका, गढ़वा, झारखंड•
    5 hrs ago
  • हेमंत कुमार की रिपोर्ट चिनियां प्रखंड कार्यालय में गुरुवार दोपहर के 2:00 बजे प्रखंड विकास पदाधिकारी सुबोध कुमार की अध्यक्षता में प्रखंड स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बीपीएम इंदु विश्वकर्मा सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में मध्यान भोजन योजना के सुचारू संचालन पर चर्चा करते हुए मेनू के अनुसार भोजन देने और सप्ताह में दो दिन पूरक पोषाहार अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। साथ ही प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी को सभी विद्यालयों में आवश्यकता के अनुसार ओआरएस पाउडर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। बीडीओ ने सभी रसोइयों को 20 अप्रैल तक अपना डाटा पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया। बैठक में योजना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई। मौके पर एमडीएम सहायक कामेश्वर यादव, शिक्षाविद् चैतुनाथ सिंह, निर्मला देवी, शर्मिला देवी, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी भानु कुमार, चिकित्सा पदाधिकारी, विद्यालय अध्यक्ष मनोज यादव, संयोजिका देवंती देवी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
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    हेमंत कुमार की रिपोर्ट 
चिनियां प्रखंड कार्यालय में गुरुवार दोपहर के 2:00 बजे प्रखंड विकास पदाधिकारी सुबोध कुमार की अध्यक्षता में प्रखंड स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बीपीएम इंदु विश्वकर्मा सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में मध्यान भोजन योजना के सुचारू संचालन पर चर्चा करते हुए मेनू के अनुसार भोजन देने और सप्ताह में दो दिन पूरक पोषाहार अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। साथ ही प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी को सभी विद्यालयों में आवश्यकता के अनुसार ओआरएस पाउडर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
बीडीओ ने सभी रसोइयों को 20 अप्रैल तक अपना डाटा पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया। बैठक में योजना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई।
मौके पर एमडीएम सहायक कामेश्वर यादव, शिक्षाविद् चैतुनाथ सिंह, निर्मला देवी, शर्मिला देवी, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी भानु कुमार, चिकित्सा पदाधिकारी, विद्यालय अध्यक्ष मनोज यादव, संयोजिका देवंती देवी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
    user_Hemant Kumar
    Hemant Kumar
    चिनिया, गढ़वा, झारखंड•
    23 hrs ago
  • Post by Shoaib Siddiqui
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    Post by Shoaib Siddiqui
    user_Shoaib Siddiqui
    Shoaib Siddiqui
    Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
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