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सेशेल्स में राष्ट्रीय दिवस समारोह के अवसर पर, भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भारतीय सैन्य दल के सम्मान में खड़े होकर अपना गौरव, समर्पित भाव सम्मान और आदर व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने मार्च करते हुए सैन्य दल के प्रति अपने देश के गौरव और भारत की सशस्त्र सेनाओं के प्रति राष्ट्र के मुखिया के सम्मान को प्रदर्शित किया।
Rohit sharma
सेशेल्स में राष्ट्रीय दिवस समारोह के अवसर पर, भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भारतीय सैन्य दल के सम्मान में खड़े होकर अपना गौरव, समर्पित भाव सम्मान और आदर व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने मार्च करते हुए सैन्य दल के प्रति अपने देश के गौरव और भारत की सशस्त्र सेनाओं के प्रति राष्ट्र के मुखिया के सम्मान को प्रदर्शित किया।
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- राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत बीना में सर्वधर्म जनसेवा समिति के तत्वावधान में एक विशेष पोलियो बूथ का आयोजन किया गया, जिसमें जनसहभागिता की ताकत स्पष्ट दिखाई दी। बीना के रफी अहमद किदवई वार्ड क्रमांक-16 स्थित यू.पी.एच.सी. वंशकार प्रेमनगर बस्ती में आयोजित इस अभियान के दौरान लगभग 200 बच्चों को जीवनरक्षक पोलियो की खुराक 'दो बूंद जिंदगी की' पिलाई गई। इस पहल का उद्देश्य स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश देना भी था। यह विशेष बूथ समाजसेवी और अधिवक्ता रेखा अंजू तिवारी के नेतृत्व में लगाया गया था। कार्यक्रम का शुभारंभ अनुसूचित जनजातीय बालक छात्रावास अधीक्षक ए.के. मेहरा ने मुख्य अतिथि के रूप में नन्हे-मुन्ने बच्चों को अपने हाथों से पोलियो की दवा पिलाकर किया। उन्होंने अभिभावकों से प्रत्येक बच्चे को समय पर पोलियो की खुराक दिलाने की अपील की। कार्यक्रम की अध्यक्षता सर्वधर्म जनसेवा समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश सैनी ने की, जबकि शहरी क्षेत्र की एएनएम सुलोचना सिंह और आशा कार्यकर्ता गौरी गोस्वामी सहित अन्य गणमान्य नागरिक विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समाजसेवी रेखा अंजू तिवारी ने बच्चों के साथ आए अभिभावकों को संबोधित करते हुए पोलियो की दो बूंद के महत्व पर जोर दिया, जिसे उन्होंने हर बच्चे के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव बताया। उन्होंने अभिभावकों को स्वच्छता अपनाने, बच्चों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने और भोजन से पहले साबुन से हाथ धुलाने की आदत विकसित करने की सलाह दी। साथ ही, उन्होंने बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला। अभियान के दौरान, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश सैनी द्वारा बूथ पर आए बच्चों और उनके अभिभावकों को प्रोत्साहन स्वरूप मीठे बिस्कुट एवं ट्रॉफियां वितरित की गईं, जिससे बच्चों और अभिभावकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। इस जनहितकारी अभियान की सफलता में संजीवनी क्लीनिक की सहायक सुश्री मुस्कान तिवारी, सक्रिय स्टाफ सदस्य अंकित बर्मन, स्वास्थ्य विभाग की टीम तथा क्षेत्र के अनेक बच्चे और उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि समाज, स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक संगठनों की सहभागिता से ही पोलियो मुक्त भारत का सपना साकार किया जा सकता है। अभियान में सभी ने एकजुट होकर आह्वान किया कि पांच वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को समय-समय पर पोलियो की खुराक अवश्य दिलाई जाए, क्योंकि 'दो बूंद जिंदगी की' हर बच्चे का अधिकार है।4
- सेशेल्स में राष्ट्रीय दिवस समारोह के अवसर पर, भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भारतीय सैन्य दल के सम्मान में खड़े होकर अपना गौरव, समर्पित भाव सम्मान और आदर व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने मार्च करते हुए सैन्य दल के प्रति अपने देश के गौरव और भारत की सशस्त्र सेनाओं के प्रति राष्ट्र के मुखिया के सम्मान को प्रदर्शित किया।1
- सीएसपी सागर श्री ललित कश्यप जी ने नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव, सतर्कता बरतने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने सभी से आह्वान किया है कि वे स्वयं जागरूक बनें और दूसरों को भी जागरूक करें। सागर पुलिस के अनुसार, साइबर सुरक्षा ही डिजिटल युग में सच्ची सुरक्षा है।1
- सकल जैन समाज इंदौर ने आज 29 जून 2026 को इंदौर कमिश्नर कार्यालय के सामने कमिश्नर को एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन सकल जैन समाज इंदौर के वरिष्ठ लोगों की उपस्थिति में दिया गया, जहाँ उपस्थित मीडिया कर्मियों के सामने ज्ञापन का वाचन भी किया गया। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सकल जैन समाज में अत्यंत आक्रोश और गुस्सा है, और मेनका गांधी की गिरफ्तारी तक पूरे भारत में सकल जैन समाज चुप नहीं बैठेगा। समाज ने मांग की है कि मेनका गांधी को रासुका के तहत गिरफ्तार किया जाए। यह भी बताया गया कि आज का यह कदम आंदोलन का प्रारंभ मात्र है और मेनका गांधी पर कठोर कार्रवाई होने तक सकल जैन समाज पूरे भारत में चैन से नहीं बैठेगा।1
- बीना में देव स्नान पूर्णिमा के अवसर पर राधे राधे प्रभात मंडल द्वारा सुबह 5 बजे एक भव्य स्नान यात्रा निकाली गई। यह यात्रा मां जागेश्वरी धाम से शुरू होकर नगर का भ्रमण करते हुए वापस मां जागेश्वरी धाम और हरे राम मंदिर पहुंची। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का कलशों के पवित्र जल से पारंपरिक महाअभिषेक किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महास्नान के बाद भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं, जिसके साथ ही अनवसर (अनसार) काल की शुरुआत होती है। सनातन परंपरा के तहत, अत्यधिक स्नान के कारण भगवान को ज्वर आने की मान्यता है, जिसके चलते वे लगभग 15 दिनों तक विश्राम करते हैं। इस अवधि में श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट बंद रहते हैं और केवल सेवायत ही भगवान की गोपनीय सेवा करते हैं। अनवसर काल में भगवान को आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों, काढ़ा, फल और हल्का भोग अर्पित किया जाता है, जिसे उनके उपचार और स्वास्थ्य लाभ का समय माना जाता है। इस दौरान भक्त सीधे दर्शन नहीं कर पाते, लेकिन भगवान के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए पूजा-अर्चना करते हैं। यह विश्राम अवधि पूरी होने के बाद, 16 जुलाई को भगवान नवयौवन स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे, जिसे नवयौवन दर्शन या नेत्रोत्सव कहा जाता है। इसके अगले दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा भव्य रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे। जगन्नाथ स्वामी रथ यात्रा के सदस्य एडवोकेट प्रभात व्यास ने बताया कि यह यात्रा हरे राम मंदिर स्थित भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर से प्रारंभ होकर नानक वार्ड से पंचमुखी हनुमान होती हुई नगर भ्रमण पर निकलेगी, जहाँ नगर के सभी श्रद्धालु दर्शन का लाभ लेंगे। उस रात भगवान स्टेशन रोड स्थित हनुमान मंदिर पर विश्राम करेंगे और सुबह ढोल नगाड़ों के साथ पुनः हरे राम मंदिर स्थित जगन्नाथ स्वामी मंदिर पर विराजमान होंगे।3
- सागर जिले के बीना में देव स्नान पूर्णिमा के पावन अवसर पर राधे-राधे प्रभात मंडल द्वारा एक भव्य स्नान यात्रा निकाली गई। यह यात्रा सुबह 5 बजे मां जागेश्वरी धाम से शुरू होकर नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरी और पुनः मां जागेश्वरी धाम तथा हरे राम मंदिर पहुंची। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का कलशों के पवित्र जल से पारंपरिक महाभिषेक किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महास्नान के बाद भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं, जिसके साथ ही अनवसर (अनसार) काल की शुरुआत होती है। इस 15 दिवसीय अवधि में भगवान विश्राम करते हैं और मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद रहते हैं। इस दौरान केवल सेवायत ही भगवान की विशेष सेवा करते हैं, उन्हें आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां, काढ़ा, फल और हल्का भोग अर्पित किया जाता है, जिसे उनके स्वास्थ्य लाभ का समय माना जाता है। अनवसर काल समाप्त होने के बाद, 16 जुलाई को भगवान नवयौवन स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे, जिसे नवयौवन दर्शन या नेत्रोत्सव कहा जाता है। इसके अगले दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा भव्य रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे। जगन्नाथ स्वामी रथ यात्रा समिति के सदस्य एडवोकेट प्रभात व्यास ने बताया कि यह यात्रा हरे राम मंदिर स्थित भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर से प्रारंभ होगी और नानक वार्ड, पंचमुखी हनुमान मंदिर सहित विभिन्न मार्गों से होते हुए नगर भ्रमण करेगी। इस दौरान नगरवासी भगवान के दर्शन का लाभ प्राप्त करेंगे। रात्रि विश्राम स्टेशन रोड स्थित हनुमान मंदिर पर होगा, और अगले दिन ढोल-नगाड़ों के साथ भगवान पुनः हरे राम मंदिर स्थित अपने मंदिर में विराजमान होंगे।2
- मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल से संबद्ध बीना अधिवक्ता संघ के चुनाव में उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी सुरेंद्र कुमार चौधरी ने अपनी हार को भी जीत में बदल दिया, जब उन्होंने चुनाव परिणाम में पराजित होने के बावजूद अधिवक्ताओं को मिठाई खिलाकर सभी का दिल जीत लिया। यह घटना लोकतांत्रिक मर्यादा और खेल भावना का एक अनूठा उदाहरण बन गई, जिसने लोकतंत्र, सौहार्द और खेल भावना की एक नई मिसाल कायम की। परिणाम घोषित होने के बाद, सुरेंद्र कुमार चौधरी निराश होने के बजाय सकारात्मक सोच के साथ स्वयं अधिवक्ताओं के बीच पहुँचे और सभी का मुस्कुराकर अभिवादन किया। उन्होंने हर अधिवक्ता की सीट पर जाकर उन्हें मिठाई खिलाई तथा चुनाव के दौरान मिले सहयोग, स्नेह और विश्वास के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। चौधरी ने यह जानने या जताने का कोई प्रयास नहीं किया कि किसने उनके पक्ष में मतदान किया और किसने नहीं, बल्कि सभी के प्रति समान सम्मान और आत्मीयता का व्यवहार प्रदर्शित किया। उनके इस सौहार्दपूर्ण व्यवहार ने यह संदेश दिया कि लोकतंत्र में हार-जीत एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, और चुनाव समाप्त होने के बाद मतभेद भी समाप्त हो जाने चाहिए। आपसी सम्मान, भाईचारा और मधुर संबंध ही लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति हैं, जिन्हें हर परिस्थिति में बनाए रखना चाहिए। सुरेंद्र कुमार चौधरी की यह पहल अधिवक्ता समाज और हर चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी के लिए प्रेरणास्रोत बनी, जिसने साबित किया कि वास्तविक जीत केवल चुनाव जीतने में नहीं, बल्कि लोगों का सम्मान, विश्वास और दिल जीतने में होती है। उपस्थित अधिवक्ताओं ने भी उनके इस अनुकरणीय व्यवहार की सराहना की, जिससे बीना अधिवक्ता संघ के चुनाव की यह तस्वीर लोकतांत्रिक संस्कृति, परिपक्व नेतृत्व और खेल भावना का उत्कृष्ट उदाहरण बन गई।4
- सोमवार दोपहर मड़ावरा थाने में उस समय हड़कंप मच गया, जब वहां तैनात एक फॉलोअर (रसोइया) ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। आनन-फानन में, उनके सहकर्मियों ने फॉलोअर इंद्रजीत सिंह को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार बताया गया है। इस आत्मघाती कदम के पीछे का कारण अभी तक अज्ञात है।1