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गरहवा जिले के रमकंडा थाना क्षेत्र के केलुआ लेवाड़ गांव में आज शुक्रवार दोपहर करीब 11:30 बजे जमीन विवाद को लेकर हुए एक झगड़े में चार लोग घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए रंका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टर गोरखनाथ पांडे की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल व्याप्त है। घायलों में से एक, ग्रामीण शिवनारायण यादव ने आरोप लगाया कि वे केलुआ लेवाड़ गांव के निवासी हैं और संजय यादव, जयराम यादव, अभय यादव सहित कुछ अन्य लोगों ने उन्हें धोखे से बुलाकर लाठी-डंडों से हमला किया। ग्रामीणों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच यह विवाद केवल जमीन को लेकर ही नहीं, बल्कि एक सड़क के मुद्दे पर भी चल रहा था।
Sunil singh
गरहवा जिले के रमकंडा थाना क्षेत्र के केलुआ लेवाड़ गांव में आज शुक्रवार दोपहर करीब 11:30 बजे जमीन विवाद को लेकर हुए एक झगड़े में चार लोग घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए रंका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टर गोरखनाथ पांडे की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल व्याप्त है। घायलों में से एक, ग्रामीण शिवनारायण यादव ने आरोप लगाया कि वे केलुआ लेवाड़ गांव के निवासी हैं और संजय यादव, जयराम यादव, अभय यादव सहित कुछ अन्य लोगों ने उन्हें धोखे से बुलाकर लाठी-डंडों से हमला किया। ग्रामीणों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच यह विवाद केवल जमीन को लेकर ही नहीं, बल्कि एक सड़क के मुद्दे पर भी चल रहा था।
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- गढ़वा जिले के कुशमाहा गांव में लाखों रुपये की लागत से बनी एक पानी टंकी पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पानी टंकी का निर्माण होने के बावजूद उन्हें इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। इस स्थिति पर लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और योजना के क्रियान्वयन पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं, यह पूछते हुए कि आखिर यह विकास कार्य है या भ्रष्टाचार का मामला। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उनकी गहरी नाराजगी इस बात से भी स्पष्ट होती है कि वे कहते हैं, 'यहां के अधिकारियों ने हमें लूट कर बर्बाद कर दिया, अब कैसे पियेंगे पानी यहां के ग्रामीणों ने'।1
- गढ़वा जिले के चिनियां थाना क्षेत्र के मसरा जंगल में मिले मानव कंकाल मामले में पुलिस ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक जयमंगल कुमार सिंह को प्रेम प्रसंग के जाल में फंसाकर इस हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया था। दिनांक 27 मई 2026 को मसरा जंगल में मानव कंकाल मिलने की सूचना पर, गढ़वा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रंका रोहित कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया था। इस टीम में पुलिस निरीक्षक अभिजीत गौतम और चिनिया थाना प्रभारी बिक्कु कुमार रजक सहित कई पुलिस पदाधिकारी और सशस्त्र बल शामिल थे। घटनास्थल की घेराबंदी कर पुलिस ने वहां से कपड़े, मोबाइल, चप्पल और बेल्ट बरामद किए। आसपास के ग्रामीणों से पहचान कराने पर मृतक की शिनाख्त जयमंगल कुमार सिंह के रूप में हुई, जिसके बाद कंकाल को पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के लिए रिम्स रांची भेजा गया। तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने इस मामले में सुदामा सिंह और चुरामनी देवी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, प्रेम प्रसंग में फंसाकर चुरामनी देवी और उसके पति ने मिलकर जयमंगल कुमार सिंह की हत्या की साजिश रची थी। इस संबंध में चिनिया थाना कांड संख्या 18/26 के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। पूरे इलाके में इस सनसनीखेज खुलासे के बाद सनसनी फैल गई है, जिससे प्रेम जाल में बुलाकर मौत की साजिश का पर्दाफाश हुआ है।1
- झारखंड के कोयला खनन क्षेत्रों में धूल और प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है, जिसके कारण ग्रामीणों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति के चलते सड़कों की हालत बेहद खराब है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानियाँ झेलनी पड़ रही हैं। पर्यावरण संरक्षण के नाम पर पर्याप्त वृक्षारोपण नहीं किया गया है, और जो पेड़ पहले हरे-भरे थे, वे भी धूल की मोटी परत से काले पड़ चुके हैं। यह सब 'जनहित विकास' के नाम पर हो रहे प्रदूषण और कोयला खदानों के कारण बिगड़ते पर्यावरण की स्पष्ट तस्वीर प्रस्तुत करता है।1
- छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में गरीबों के हक का सरकारी चना सड़क किनारे सड़ा हुआ पाया गया है। यह पूरा मामला जिले के रामचंद्रपुर थाना क्षेत्र के नीलकंठपुर गांव का है, जहां नीलकंठपुर मोड़ के पास भारी मात्रा में अनाज फेंका गया था। वितरण न होने के कारण यह अनाज खराब हो गया। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों ने अधिकारियों और राशन दुकान संचालकों पर लापरवाही छिपाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, खाद्य अधिकारी ने जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा है कि इस प्रकरण में दोषियों पर FIR दर्ज की जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- बलरामपुर में राघव एम्बुलेंस लोगों को आपातकालीन स्थिति में तुरंत सहायता पहुँचाने के लिए 24x7 इमरजेंसी सेवा प्रदान कर रही है। यह सेवा ऑक्सीजन और दवाइयों जैसी आवश्यक सुविधाओं के साथ एक भरोसेमंद विकल्प प्रस्तुत करती है, खासकर तब जब हर मिनट जीवन के लिए महत्वपूर्ण होता है। राघव एम्बुलेंस बलरामपुर से अंबिकापुर और रायपुर तक अपनी सेवाएँ उपलब्ध कराती है, जिससे ज़रूरत पड़ने पर त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित की जा सके। आपातकालीन स्थिति में तुरंत सहायता के लिए 9755525100 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- झारखंड के लातेहार स्थित टुबेड कोल माइंस को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। बारिश के दिनों में यहाँ की सड़कों की हालत इतनी दयनीय हो जाती है कि बाइक और गाड़ियों से गिरने के कारण लोग अक्सर घायल हो जाते हैं। इसके साथ ही, धूल का प्रकोप इस हद तक बढ़ गया है कि पेड़ों की हरी-भरी पत्तियाँ भी काली पड़ गई हैं, जिससे पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुँच रही है। ग्रामीणों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सवाल उठाया है कि क्या विकास का अर्थ केवल कोयला निकालना भर है, या इसमें ग्रामीणों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी भी शामिल है। यह प्रश्न मौजूदा खनन गतिविधियों के प्रभावों और स्थानीय समुदाय के जीवन पर पड़ने वाले असर को रेखांकित करता है।1
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