हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद नियुक्ति नहीं मिलने का आरोप, रोजगार सहायक पद के लिए कलेक्टर से लगाई गुहार शिवपुरी। जिले के ग्राम भौराना निवासी पूरन सिंह जाटव ने हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के आदेश के बावजूद रोजगार सहायक पद पर नियुक्ति नहीं दिए जाने का आरोप लगाया है। पूरन सिंह ने मंगलवार को कलेक्टर की जनसुनवाई में आवेदन देकर मामले में हस्तक्षेप करते हुए नियुक्ति आदेश जारी कराने की मांग की। पूरन सिंह का कहना है कि रोजगार सहायक पद पर नियुक्ति को लेकर उन्होंने न्यायालय की शरण ली थी। इसके बाद हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ द्वारा उनके पक्ष में आदेश जारी किया गया, लेकिन आदेश के बावजूद संबंधित विभाग द्वारा अब तक उन्हें नियुक्ति नहीं दी गई है। कार्रवाई नहीं होने से परेशान आवेदक आवेदक ने बताया कि न्यायालय के आदेश के बाद भी नियुक्ति नहीं मिलने से वह लंबे समय से अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। उनका आरोप है कि बार-बार आवेदन और गुहार लगाने के बावजूद समस्या का निराकरण नहीं किया गया। पूरन सिंह ने कलेक्टर से मांग की है कि हाईकोर्ट के आदेश का पालन कराते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं और उन्हें रोजगार सहायक पद पर नियुक्ति आदेश जारी किया जाए। आत्महत्या की चेतावनी देने से मामला गंभीर जनसुनवाई में दिए आवेदन में पूरन सिंह ने कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आत्महत्या जैसा कदम उठाने की चेतावनी भी दी है। इस चेतावनी के बाद मामला गंभीर हो गया है। अब प्रशासन के सामने एक ओर न्यायालय के आदेश के पालन का सवाल है, वहीं दूसरी ओर आवेदक की सुरक्षा और शिकायत के शीघ्र निराकरण की जिम्मेदारी भी है। आवेदक ने प्रशासन से मामले की तत्काल जांच कर न्यायालय के आदेश के अनुसार कार्रवाई करने और उसे नियुक्ति दिलाने की मांग की है।
हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद नियुक्ति नहीं मिलने का आरोप, रोजगार सहायक पद के लिए कलेक्टर से लगाई गुहार शिवपुरी। जिले के ग्राम भौराना निवासी पूरन सिंह जाटव ने हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के आदेश के बावजूद रोजगार सहायक पद पर नियुक्ति नहीं दिए जाने का आरोप लगाया है। पूरन सिंह ने मंगलवार को कलेक्टर की जनसुनवाई में आवेदन देकर मामले में हस्तक्षेप करते हुए नियुक्ति आदेश जारी कराने की मांग की। पूरन सिंह का कहना है कि रोजगार सहायक पद पर नियुक्ति को लेकर उन्होंने न्यायालय की शरण ली थी। इसके बाद हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ द्वारा उनके पक्ष में आदेश जारी किया गया, लेकिन आदेश के बावजूद संबंधित विभाग द्वारा अब तक उन्हें नियुक्ति नहीं दी गई है। कार्रवाई नहीं होने से परेशान आवेदक आवेदक ने बताया कि न्यायालय के आदेश के बाद भी नियुक्ति नहीं मिलने से वह लंबे समय से अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। उनका आरोप है कि बार-बार आवेदन और गुहार लगाने के बावजूद समस्या का निराकरण नहीं किया गया। पूरन सिंह ने कलेक्टर से मांग की है कि हाईकोर्ट के आदेश का पालन कराते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं और उन्हें रोजगार सहायक पद पर नियुक्ति आदेश जारी किया जाए। आत्महत्या की चेतावनी देने से मामला गंभीर जनसुनवाई में दिए आवेदन में पूरन सिंह ने कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आत्महत्या जैसा कदम उठाने की चेतावनी भी दी है। इस चेतावनी के बाद मामला गंभीर हो गया है। अब प्रशासन के सामने एक ओर न्यायालय के आदेश के पालन का सवाल है, वहीं दूसरी ओर आवेदक की सुरक्षा और शिकायत के शीघ्र निराकरण की जिम्मेदारी भी है। आवेदक ने प्रशासन से मामले की तत्काल जांच कर न्यायालय के आदेश के अनुसार कार्रवाई करने और उसे नियुक्ति दिलाने की मांग की है।
- हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद नियुक्ति नहीं मिलने का आरोप, रोजगार सहायक पद के लिए कलेक्टर से लगाई गुहार शिवपुरी। जिले के ग्राम भौराना निवासी पूरन सिंह जाटव ने हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के आदेश के बावजूद रोजगार सहायक पद पर नियुक्ति नहीं दिए जाने का आरोप लगाया है। पूरन सिंह ने मंगलवार को कलेक्टर की जनसुनवाई में आवेदन देकर मामले में हस्तक्षेप करते हुए नियुक्ति आदेश जारी कराने की मांग की। पूरन सिंह का कहना है कि रोजगार सहायक पद पर नियुक्ति को लेकर उन्होंने न्यायालय की शरण ली थी। इसके बाद हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ द्वारा उनके पक्ष में आदेश जारी किया गया, लेकिन आदेश के बावजूद संबंधित विभाग द्वारा अब तक उन्हें नियुक्ति नहीं दी गई है। कार्रवाई नहीं होने से परेशान आवेदक आवेदक ने बताया कि न्यायालय के आदेश के बाद भी नियुक्ति नहीं मिलने से वह लंबे समय से अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। उनका आरोप है कि बार-बार आवेदन और गुहार लगाने के बावजूद समस्या का निराकरण नहीं किया गया। पूरन सिंह ने कलेक्टर से मांग की है कि हाईकोर्ट के आदेश का पालन कराते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं और उन्हें रोजगार सहायक पद पर नियुक्ति आदेश जारी किया जाए। आत्महत्या की चेतावनी देने से मामला गंभीर जनसुनवाई में दिए आवेदन में पूरन सिंह ने कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आत्महत्या जैसा कदम उठाने की चेतावनी भी दी है। इस चेतावनी के बाद मामला गंभीर हो गया है। अब प्रशासन के सामने एक ओर न्यायालय के आदेश के पालन का सवाल है, वहीं दूसरी ओर आवेदक की सुरक्षा और शिकायत के शीघ्र निराकरण की जिम्मेदारी भी है। आवेदक ने प्रशासन से मामले की तत्काल जांच कर न्यायालय के आदेश के अनुसार कार्रवाई करने और उसे नियुक्ति दिलाने की मांग की है।1
- हाँ, इसे खबर में शामिल करके शुरुआत इस तरह बेहतर रहेगी: दिनारा पुलिस की कार्रवाई, 7 साल से फरार स्थाई वारंटी गिरफ्तार दिनारा। सोमवार शाम जारी प्रेस नोट के माध्यम से दिनारा पुलिस ने कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि न्यायालय के तीन प्रकरणों में करीब 7 वर्षों से फरार चल रहे स्थाई वारंटी अशोक ढीमर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार अशोक पुत्र चतुर्भुज ढीमर निवासी ग्राम खड़ेसर, थाना बरुआसागर, जिला झांसी के खिलाफ न्यायालय में प्रकरण क्रमांक 660/19, 661/19 एवं 662/19 चल रहे थे। आरोपी लंबे समय से फरार था और उसके खिलाफ स्थाई गिरफ्तारी वारंट जारी था। मुखबिर की सूचना पर दिनारा थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। कार्रवाई में थाना प्रभारी रविन्द्र सिंह कुशवाह सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। हाँ, इसे खबर में शामिल करके शुरुआत इस तरह बेहतर रहेगी: दिनारा पुलिस की कार्रवाई, 7 साल से फरार स्थाई वारंटी गिरफ्तार दिनारा। सोमवार शाम जारी प्रेस नोट के माध्यम से दिनारा पुलिस ने कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि न्यायालय के तीन प्रकरणों में करीब 7 वर्षों से फरार चल रहे स्थाई वारंटी अशोक ढीमर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार अशोक पुत्र चतुर्भुज ढीमर निवासी ग्राम खड़ेसर, थाना बरुआसागर, जिला झांसी के खिलाफ न्यायालय में प्रकरण क्रमांक 660/19, 661/19 एवं 662/19 चल रहे थे। आरोपी लंबे समय से फरार था और उसके खिलाफ स्थाई गिरफ्तारी वारंट जारी था। मुखबिर की सूचना पर दिनारा थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। कार्रवाई में थाना प्रभारी रविन्द्र सिंह कुशवाह सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- जनविरोधी नीतियों के खिलाफ किसानों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन गोलेश्वर महादेव मंदिर से रैली निकाल राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन भितरवार। केंद्र सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों के विरोध में सोमवार को किसान नेताओं, भीम आर्मी कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, कर्मचारियों सहित क्षेत्र के लोगों ने भितरवार में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी सबसे पहले श्री गोलेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में एकत्रित हुए। यहां से सभी लोग हाथों में विरोध की तख्तियां लेकर रैली के रूप में एसडीएम कार्यालय पहुंचे। इस दौरान केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। एसडीएम की अनुपस्थिति में प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार शिवदत्त कटारे को ज्ञापन सौंपकर विभिन्न मांगों को पूरा करने की मांग की। ज्ञापन में प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बिजली विधेयक, बीज विधेयक, मनरेगा खत्म करने, बीबी-ग्राम योजना लागू करने, भारत-अमेरिका समझौते, खाद संकट, बढ़ती महंगाई, शिक्षा नीति, फसल बीमा योजना और एमएसपी लागू नहीं करने जैसी नीतियों के खिलाफ देशभर में आंदोलन किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि सभी फसलों पर स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार सी2+50 प्रतिशत एमएसपी घोषित कर मंडियों में एमएसपी पर खरीदी की कानूनी गारंटी दी जाए। किसानों की कर्जमाफी के साथ समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने, पर्याप्त मात्रा में खाद देने और खाद वितरण में टोकन प्रणाली समाप्त करने की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने ग्रामीण मनरेगा को पुन: बहाल करने, कार्य दिवस और मजदूरी में वृद्धि करते हुए वर्ष में 200 दिन काम तथा 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी देने, बिजली संशोधन विधेयक 2025 को रद्द करने और बिजली के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग की। साथ ही स्मार्ट मीटर और बिजली बिलों के नाम पर उपभोक्ताओं से कथित अतिरिक्त वसूली बंद करने, बढ़ती महंगाई पर रोक लगाने तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से अनाज, दाल, तेल सहित 14 आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराने की मांग ज्ञापन में शामिल रही। वहीं प्रदर्शन के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए एसडीएम कार्यालय पर पुलिस बल तैनात रहा। भितरवार थाना प्रभारी सुधीर सिंह कुशवाह पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। प्रदर्शन में किसान महासभा अध्यक्ष , सीटू नेता बीरबल चैन,प्रदेश सचिव, भीम आर्मी कार्यकर्ता , बड़ी संख्या में किसान नेता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, कर्मचारी और क्षेत्रवासी मौजूद रहे।2
- ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में पहुंचकर राशन न मिलने की शिकायत दर्ज कराई शिवपुरी जिले के कोलारस क्षेत्र के दीघोद गाँव के ग्रामीण आज कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में पहुँचे और कलेक्टर से चार माह से राशन ना मिलने की शिकायत करते हुए उचित मूल्य की दुकान की जांच करवाकर चार माह का राशन दिलाने की मांग की ग्रामीणों ने शासकीय उचित मूल्य की दुकान के सेल्समैन मुनेश जाटव और दिलीप जाटव पर चार माह से राशन वितरित न करने का आरोप लगाते हुए बताया कि पूर्व में शिकायत के बाद तहसीलदार और खाद्य विभाग के अधिकारियों ने गांव में जांच की थी। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि इस दौरान उनसे कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करा लिए गए और दुकान के महीने में केवल तीन दिन खुलने की रिपोर्ट तैयार कर दी गई। उन्होंने अपनी उपस्थिति में दोबारा जांच कराने और चार माह का बकाया राशन दिलाने की मांग की।2
- दीघोद की राशन दुकान पर 4 महीने से राशन नहीं मिलने का आरोप, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की शिकायत दीघोद की राशन दुकान पर 4 महीने से राशन नहीं मिलने का आरोप, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की शिकायत कोलारस/शिवपुरी। कोलारस क्षेत्र की ग्राम पंचायत दीघोद में राशन वितरण व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने कलेक्टर की जनसुनवाई में आवेदन देकर राशन दुकान से पिछले करीब चार महीने से खाद्यान्न नहीं मिलने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने राशन दुकान के सेल्समैन मुनेश जाटव और दिलीप जाटव पर पात्र हितग्राहियों को नियमित रूप से राशन वितरण नहीं करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से राशन नहीं मिलने के कारण पात्र परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें अपने हक के खाद्यान्न के लिए भटकना पड़ रहा है। राशन दुकान के संचालन पर उठाए सवाल ग्रामीणों ने राशन दुकान के नियमित संचालन को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि दुकान कब खुलती है और कब बंद रहती है, इसे लेकर भी स्पष्टता नहीं रहती। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है। बिना पूर्व सूचना जांच की मांग शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि राशन दुकान की बिना पूर्व सूचना जांच कराई जाए, ताकि मौके पर वास्तविक स्थिति सामने आ सके। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच की सूचना पहले दे दी जाती है तो रिकॉर्ड या व्यवस्थाओं में बदलाव किए जाने की आशंका बनी रह सकती है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से मामले की गंभीरता से जांच कराने, पात्र हितग्राहियों को नियमित राशन उपलब्ध कराने और शिकायत सही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।1
- बिल्कुल। “एसडीओपी” और “धरना” शब्द हटाकर खबर इस तरह रहेगी: डॉक्टर पर सफाई कर्मचारी को गाली-गलौज और पैर तोड़ने की धमकी देने का आरोप, भीम आर्मी ने थाने पर उठाई कार्रवाई की मांग नरवर। नरवर स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर एलडी शर्मा पर सफाई कर्मचारी आकाश खरे को करीब 10 दिन पहले फोन पर गाली-गलौज करने और पैर तोड़ने की धमकी देने का आरोप लगा है। मामले को लेकर सोमवार शाम भीम आर्मी के कार्यकर्ता नरवर थाने पहुंचे और आरोपी डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने थाना प्रभारी के समक्ष मामले में कार्रवाई की मांग रखी। थाना प्रभारी एवं करैरा एसडीओपी ने मामले में कार्रवाई के लिए 8 दिन का आश्वासन दिया। बताया गया है कि सफाई कर्मचारी आकाश खरे द्वारा डॉक्टर पर लगाए गए आरोपों को लेकर शिकायत की गई है। अब पुलिस द्वारा मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। बिल्कुल। “एसडीओपी” और “धरना” शब्द हटाकर खबर इस तरह रहेगी: डॉक्टर पर सफाई कर्मचारी को गाली-गलौज और पैर तोड़ने की धमकी देने का आरोप, भीम आर्मी ने थाने पर उठाई कार्रवाई की मांग नरवर। नरवर स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर एलडी शर्मा पर सफाई कर्मचारी आकाश खरे को करीब 10 दिन पहले फोन पर गाली-गलौज करने और पैर तोड़ने की धमकी देने का आरोप लगा है। मामले को लेकर सोमवार शाम भीम आर्मी के कार्यकर्ता नरवर थाने पहुंचे और आरोपी डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने थाना प्रभारी के समक्ष मामले में कार्रवाई की मांग रखी। थाना प्रभारी एवं करैरा एसडीओपी ने मामले में कार्रवाई के लिए 8 दिन का आश्वासन दिया। बताया गया है कि सफाई कर्मचारी आकाश खरे द्वारा डॉक्टर पर लगाए गए आरोपों को लेकर शिकायत की गई है। अब पुलिस द्वारा मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।1
- फोरलेन पर जलभराव से लगा लंबा जाम, यातायात पुलिस ने संभाला मोर्चा शिवपुरी। शहर के फोरलेन स्थित भैया होटल के पास हाईवे पर भारी जलभराव होने के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। सड़क पर बड़ी मात्रा में पानी जमा होने से वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई और देखते ही देखते हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। बारिश के बाद सड़क पर पानी भरने से छोटे-बड़े वाहनों को निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा। जलभराव के कारण वाहन चालकों को काफी धीमी गति से गुजरना पड़ा, जिसके चलते हाईवे पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची यातायात पुलिस जाम की सूचना मिलने के बाद यातायात पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात व्यवस्था को संभालने में जुट गई। पुलिसकर्मियों ने मौके पर वाहनों को व्यवस्थित कर जाम खुलवाने का प्रयास किया, जिससे धीरे-धीरे यातायात को सामान्य करने की कोशिश की गई। जलभराव के चलते हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान इस स्थान पर जलभराव की स्थिति बनने से यातायात प्रभावित होता है। लोगों ने संबंधित विभाग से पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है।1