मुंह से लिख डाली अपने होंसले की कहानी , 100 प्रतिशत दिव्यांग छात्र मो. फैजानुल्लाह बने जिला टॉपर - 469 अंक के साथ दिव्यांग वर्ग में टॉप - संघर्ष, जज्बे और मेहनत का मिसाल बना गोड्डा का बेटा जिले के शिवाजी नगर निवासी 100 प्रतिशत दिव्यांग (सेरेब्रल पाल्सी) छात्र मो. फैजानुल्लाह ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में 93.80 प्रतिशत अंक हासिल कर शानदार सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कुल 500 अंकों में 469 अंक लाकर दिव्यांग वर्ग में जिला टॉपर बनने के साथ अपने विद्यालय यूपीजी गवर्नमेंट हाई स्कूल, शिवाजी नगर के स्कूल टॉपर बनने का गौरव भी हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, विद्यालय और जिले में खुशी की लहर है। जन्म से शारीरिक रूप से अक्षम मो. फैजानुल्लाह हाथों से लिख पाने में असमर्थ हैं। विशेष बात यह है कि वे मुंह से लिखकर पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी करते हैं, जिसने उनकी सफलता को और भी असाधारण बना दिया है। उन्होंने कभी अपनी दिव्यांगता को अपनी राह की बाधा नहीं बनने दिया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने मेहनत, आत्मविश्वास और मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर यह मुकाम हासिल किया। दिव्यांग वर्ग में जिला टॉपर बनना उनके संघर्ष और लगन की बड़ी मिसाल माना जा रहा है। मो. फैजानुल्लाह को होम बेस्ड एजुकेशन के तहत शिक्षा दी जाती थी। इस व्यवस्था के अंतर्गत शिक्षकों द्वारा उनके घर जाकर नियमित पढ़ाई कराई जाती थी, जिससे उनकी शिक्षा निर्बाध जारी रह सकी। सीमित संसाधनों और शारीरिक चुनौतियों के बावजूद पढ़ाई के प्रति उनकी लगन बनी रही। इसी का परिणाम है कि उन्होंने झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) की 10वीं परीक्षा में उर्दू में 96, हिंदी में 90, गणित में 98, विज्ञान में 93, सामाजिक विज्ञान में 92 तथा अंग्रेजी में 84 अंक प्राप्त कर सभी विषयों में ए+ ग्रेड हासिल किया। इस सफलता के पीछे परिवार और शिक्षकों की भूमिका भी अहम रही। पिता मो. अनवर आलम और माता नजीमा ने हर कदम पर बेटे का हौसला बढ़ाया। वहीं रिसोर्स शिक्षक जीतेन्द्र कुमार भगत (प्रखंड संसाधन केंद्र, गोड्डा) नियमित रूप से घर जाकर उन्हें पढ़ाते थे। विशेष शिक्षण सहयोग और व्यक्तिगत मार्गदर्शन ने छात्र की सफलता की मजबूत नींव रखी। बताया गया कि जिला प्रशासन की पहल पर डीडीसी के माध्यम से छात्र को एक लैपटॉप भी उपलब्ध कराया गया, जिससे पढ़ाई में काफी मदद मिली। तकनीकी सहयोग और शिक्षकों के समर्पण ने उनकी शिक्षा को नई दिशा दी। मो. फैजानुल्लाह की उपलब्धि न केवल दिव्यांग बच्चों के लिए प्रेरणा है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि सही मार्गदर्शन, संसाधन और दृढ़ संकल्प से कोई भी मंजिल पाई जा सकती है। उनकी सफलता पर स्थानीय लोगों, शिक्षकों और शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। गोड्डा के लिए यह उपलब्धि गर्व और प्रेरणा दोनों बन गई है।
मुंह से लिख डाली अपने होंसले की कहानी , 100 प्रतिशत दिव्यांग छात्र मो. फैजानुल्लाह बने जिला टॉपर - 469 अंक के साथ दिव्यांग वर्ग में टॉप - संघर्ष, जज्बे और मेहनत का मिसाल बना गोड्डा का बेटा जिले के शिवाजी नगर निवासी 100 प्रतिशत दिव्यांग (सेरेब्रल पाल्सी) छात्र मो. फैजानुल्लाह ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में 93.80 प्रतिशत अंक हासिल कर शानदार सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कुल 500 अंकों में 469 अंक लाकर दिव्यांग वर्ग में जिला टॉपर बनने के साथ अपने विद्यालय यूपीजी गवर्नमेंट हाई स्कूल, शिवाजी नगर के स्कूल टॉपर बनने का गौरव भी हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, विद्यालय और जिले में खुशी की लहर है। जन्म से
शारीरिक रूप से अक्षम मो. फैजानुल्लाह हाथों से लिख पाने में असमर्थ हैं। विशेष बात यह है कि वे मुंह से लिखकर पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी करते हैं, जिसने उनकी सफलता को और भी असाधारण बना दिया है। उन्होंने कभी अपनी दिव्यांगता को अपनी राह की बाधा नहीं बनने दिया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने मेहनत, आत्मविश्वास और मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर यह मुकाम हासिल किया। दिव्यांग वर्ग में जिला टॉपर बनना उनके संघर्ष और लगन की बड़ी मिसाल माना जा रहा है। मो. फैजानुल्लाह को होम बेस्ड एजुकेशन के तहत शिक्षा दी जाती थी। इस व्यवस्था के अंतर्गत शिक्षकों द्वारा उनके घर जाकर नियमित पढ़ाई कराई जाती थी, जिससे उनकी
शिक्षा निर्बाध जारी रह सकी। सीमित संसाधनों और शारीरिक चुनौतियों के बावजूद पढ़ाई के प्रति उनकी लगन बनी रही। इसी का परिणाम है कि उन्होंने झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) की 10वीं परीक्षा में उर्दू में 96, हिंदी में 90, गणित में 98, विज्ञान में 93, सामाजिक विज्ञान में 92 तथा अंग्रेजी में 84 अंक प्राप्त कर सभी विषयों में ए+ ग्रेड हासिल किया। इस सफलता के पीछे परिवार और शिक्षकों की भूमिका भी अहम रही। पिता मो. अनवर आलम और माता नजीमा ने हर कदम पर बेटे का हौसला बढ़ाया। वहीं रिसोर्स शिक्षक जीतेन्द्र कुमार भगत (प्रखंड संसाधन केंद्र, गोड्डा) नियमित रूप से घर जाकर उन्हें पढ़ाते थे। विशेष शिक्षण सहयोग और व्यक्तिगत
मार्गदर्शन ने छात्र की सफलता की मजबूत नींव रखी। बताया गया कि जिला प्रशासन की पहल पर डीडीसी के माध्यम से छात्र को एक लैपटॉप भी उपलब्ध कराया गया, जिससे पढ़ाई में काफी मदद मिली। तकनीकी सहयोग और शिक्षकों के समर्पण ने उनकी शिक्षा को नई दिशा दी। मो. फैजानुल्लाह की उपलब्धि न केवल दिव्यांग बच्चों के लिए प्रेरणा है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि सही मार्गदर्शन, संसाधन और दृढ़ संकल्प से कोई भी मंजिल पाई जा सकती है। उनकी सफलता पर स्थानीय लोगों, शिक्षकों और शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। गोड्डा के लिए यह उपलब्धि गर्व और प्रेरणा दोनों बन गई है।
- ओवरब्रिज के ऊपर सिविल लाइन की ओर कार से कार की टक्कर। बीच सड़क में मारपीट,लगा जाम।1
- यवतमाळ जिल्ह्यातील घाटंजी तालुक्यातील आमडी येथे एका एसटी बस चालकाने गळफास घेऊन आत्महत्या केल्याची घटना समोर आली आहे. अनुप गिणगुले असं मृतकांच नाव आहे. अनुप हा ड्युटी संपवून घरी परतला आणि काही वेळातचं त्याने शेतशिवारात जावुन गळफास घेतला.1
- उमरखेड़ महसूल प्रशासन की रेती पेड़ धारकों को ट्रेजर बोट लगाने की प्रवानगी सिंधगी बोरी चालगनी साखरा हातला बेलखेड मुलावा संगम चिंचोली सभी पेड़ पर ट्रेजर बोट से रेती निकाली जा रही है प्रशासन गहरी निंद में?1
- Post by Shaikh irfan Shaikh isa1
- हिमायतनगरमध्ये भीषण अपघात; एकाचा जागीच मृत्यू, एक गंभीर हिमायतनगर–सिरंजनी रोडवर शनिवारी (दि. २५) दुपारी साडेबारा वाजण्याच्या सुमारास आयशर ट्रक आणि दुचाकी यांच्यात भीषण अपघात झाला. ट्रक (MH26-7776) ने दुचाकी (MH29-AZ 4538) ला एचपी गॅस गोडाऊनसमोर जोरदार धडक दिली. या दुर्घटनेत गणेश सदाशिव जाधव (वय ५५, रा. सिरपल्ली) यांचा जागीच मृत्यू झाला, तर शंकर विठ्ठल वानखेडे (वय ४०) गंभीर जखमी झाले आहेत. जखमीला तातडीने हिमायतनगर ग्रामीण रुग्णालयात दाखल करून पुढील उपचारासाठी नांदेडला हलविण्यात आले. अपघात इतका भीषण होता की दुचाकी ट्रकच्या पुढील भागात अडकलेली दिसून आली. या घटनेमुळे परिसरात हळहळ व्यक्त होत असून रस्ते सुरक्षेचा प्रश्न पुन्हा ऐरणीवर आला आहे. #हिमायतनगर #AccidentNews #RoadSafety #BreakingNews #Nanded Maharashtra CrimeNews1
- Post by Nandkumar Motiram Totewad1
- Post by वैजनाथ पावडे1
- मुंह से लिख डाली अपने होंसले की कहानी , 100 प्रतिशत दिव्यांग छात्र मो. फैजानुल्लाह बने जिला टॉपर - 469 अंक के साथ दिव्यांग वर्ग में टॉप - संघर्ष, जज्बे और मेहनत का मिसाल बना गोड्डा का बेटा जिले के शिवाजी नगर निवासी 100 प्रतिशत दिव्यांग (सेरेब्रल पाल्सी) छात्र मो. फैजानुल्लाह ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में 93.80 प्रतिशत अंक हासिल कर शानदार सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कुल 500 अंकों में 469 अंक लाकर दिव्यांग वर्ग में जिला टॉपर बनने के साथ अपने विद्यालय यूपीजी गवर्नमेंट हाई स्कूल, शिवाजी नगर के स्कूल टॉपर बनने का गौरव भी हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, विद्यालय और जिले में खुशी की लहर है। जन्म से शारीरिक रूप से अक्षम मो. फैजानुल्लाह हाथों से लिख पाने में असमर्थ हैं। विशेष बात यह है कि वे मुंह से लिखकर पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी करते हैं, जिसने उनकी सफलता को और भी असाधारण बना दिया है। उन्होंने कभी अपनी दिव्यांगता को अपनी राह की बाधा नहीं बनने दिया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने मेहनत, आत्मविश्वास और मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर यह मुकाम हासिल किया। दिव्यांग वर्ग में जिला टॉपर बनना उनके संघर्ष और लगन की बड़ी मिसाल माना जा रहा है। मो. फैजानुल्लाह को होम बेस्ड एजुकेशन के तहत शिक्षा दी जाती थी। इस व्यवस्था के अंतर्गत शिक्षकों द्वारा उनके घर जाकर नियमित पढ़ाई कराई जाती थी, जिससे उनकी शिक्षा निर्बाध जारी रह सकी। सीमित संसाधनों और शारीरिक चुनौतियों के बावजूद पढ़ाई के प्रति उनकी लगन बनी रही। इसी का परिणाम है कि उन्होंने झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) की 10वीं परीक्षा में उर्दू में 96, हिंदी में 90, गणित में 98, विज्ञान में 93, सामाजिक विज्ञान में 92 तथा अंग्रेजी में 84 अंक प्राप्त कर सभी विषयों में ए+ ग्रेड हासिल किया। इस सफलता के पीछे परिवार और शिक्षकों की भूमिका भी अहम रही। पिता मो. अनवर आलम और माता नजीमा ने हर कदम पर बेटे का हौसला बढ़ाया। वहीं रिसोर्स शिक्षक जीतेन्द्र कुमार भगत (प्रखंड संसाधन केंद्र, गोड्डा) नियमित रूप से घर जाकर उन्हें पढ़ाते थे। विशेष शिक्षण सहयोग और व्यक्तिगत मार्गदर्शन ने छात्र की सफलता की मजबूत नींव रखी। बताया गया कि जिला प्रशासन की पहल पर डीडीसी के माध्यम से छात्र को एक लैपटॉप भी उपलब्ध कराया गया, जिससे पढ़ाई में काफी मदद मिली। तकनीकी सहयोग और शिक्षकों के समर्पण ने उनकी शिक्षा को नई दिशा दी। मो. फैजानुल्लाह की उपलब्धि न केवल दिव्यांग बच्चों के लिए प्रेरणा है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि सही मार्गदर्शन, संसाधन और दृढ़ संकल्प से कोई भी मंजिल पाई जा सकती है। उनकी सफलता पर स्थानीय लोगों, शिक्षकों और शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। गोड्डा के लिए यह उपलब्धि गर्व और प्रेरणा दोनों बन गई है।4