मध्य प्रदेश-राजस्थान सीमा पर स्थित गुगोर गाँव के पास पार्वती नदी में डूबने से चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। गुना/छीपाबड़ौद क्षेत्र में मंगलवार को हुई इस घटना ने एक शादी समारोह की खुशियों को मातम में बदल दिया, जहाँ गर्मी से राहत पाने के लिए कुछ लोग नदी में नहाने गए थे। इस हादसे में एक महिला सहित चार लोगों की जान चली गई, जबकि एक पांच वर्षीय बच्चे को सुरक्षित बचा लिया गया। जानकारी के अनुसार, गुगोर गाँव में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने आए लोग तेज गर्मी से बचने के लिए पार्वती नदी में नहाने पहुँचे थे। इसी दौरान गुड्डी बाई का पांच वर्षीय पुत्र शबीर खेलते हुए गहरे पानी में चला गया। बच्चे को डूबता देख परिजनों और अन्य लोगों ने उसे बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी। अथक प्रयासों के बाद बच्चे शबीर को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन उसे बचाने की कोशिश में चार लोग गहरे पानी में समा गए। हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों और प्रशासन की टीम मौके पर पहुँची। काफी मशक्कत के बाद चारों को नदी से बाहर निकाला गया और तुरंत छबड़ा चिकित्सालय ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। छबड़ा थाना प्रभारी राजेश खटाना के अनुसार, मृतकों की पहचान गुड्डी बाई (45) पत्नी रशीद खान, सलाम (22) पुत्र रशीद खान (दोनों निवासी नया मोहल्ला, छीपाबड़ौद), अरमान (17) पुत्र बंटी गोरी और यूनुस खान (18) पुत्र बंटी गोरी (दोनों निवासी हट्टी मिल, गुना) के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है, जिसके बाद परिवारों में कोहराम मच गया और गाँव में शोक का माहौल छा गया। इस दुखद घटना ने एक बार फिर नदी और जलाशयों के किनारे सुरक्षा उपायों की कमी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्वती नदी के इस क्षेत्र में कई स्थानों पर गहरे गड्ढे हैं, लेकिन वहाँ न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगा है और न ही कोई उचित सुरक्षा व्यवस्था है, जिससे गर्मी के मौसम में नहाने आने वाले लोगों के लिए दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। जिस मासूम बच्चे को बचाने के लिए चार लोग नदी में उतरे थे, वह तो बच गया, लेकिन उसकी जान बचाने की कोशिश में चार जिंदगियाँ हमेशा के लिए बुझ गईं, जिससे शादी की खुशियाँ चंद पलों में ही गहरे मातम में बदल गईं।
मध्य प्रदेश-राजस्थान सीमा पर स्थित गुगोर गाँव के पास पार्वती नदी में डूबने से चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। गुना/छीपाबड़ौद क्षेत्र में मंगलवार को हुई इस घटना ने एक शादी समारोह की खुशियों को मातम में बदल दिया, जहाँ गर्मी से राहत पाने के लिए कुछ लोग नदी में नहाने गए थे। इस हादसे में एक महिला सहित चार लोगों की जान चली गई, जबकि एक पांच वर्षीय बच्चे को सुरक्षित बचा लिया गया। जानकारी के अनुसार, गुगोर गाँव में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने आए लोग तेज गर्मी से बचने के लिए पार्वती नदी में नहाने पहुँचे थे। इसी दौरान गुड्डी बाई का पांच वर्षीय पुत्र शबीर खेलते हुए गहरे पानी में चला गया। बच्चे को डूबता देख परिजनों और अन्य लोगों ने उसे बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी। अथक प्रयासों के बाद बच्चे शबीर को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन उसे बचाने की कोशिश में चार लोग गहरे पानी में समा गए। हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों और प्रशासन की टीम मौके पर पहुँची। काफी मशक्कत के बाद चारों को नदी से बाहर निकाला गया और तुरंत छबड़ा चिकित्सालय ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें
मृत घोषित कर दिया। छबड़ा थाना प्रभारी राजेश खटाना के अनुसार, मृतकों की पहचान गुड्डी बाई (45) पत्नी रशीद खान, सलाम (22) पुत्र रशीद खान (दोनों निवासी नया मोहल्ला, छीपाबड़ौद), अरमान (17) पुत्र बंटी गोरी और यूनुस खान (18) पुत्र बंटी गोरी (दोनों निवासी हट्टी मिल, गुना) के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है, जिसके बाद परिवारों में कोहराम मच गया और गाँव में शोक का माहौल छा गया। इस दुखद घटना ने एक बार फिर नदी और जलाशयों के किनारे सुरक्षा उपायों की कमी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्वती नदी के इस क्षेत्र में कई स्थानों पर गहरे गड्ढे हैं, लेकिन वहाँ न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगा है और न ही कोई उचित सुरक्षा व्यवस्था है, जिससे गर्मी के मौसम में नहाने आने वाले लोगों के लिए दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। जिस मासूम बच्चे को बचाने के लिए चार लोग नदी में उतरे थे, वह तो बच गया, लेकिन उसकी जान बचाने की कोशिश में चार जिंदगियाँ हमेशा के लिए बुझ गईं, जिससे शादी की खुशियाँ चंद पलों में ही गहरे मातम में बदल गईं।
- मध्य प्रदेश के मैहर जिले से सामने आए एक कथित वायरल वीडियो में सरकारी दफ्तरों के अनगिनत चक्कर लगाने के बाद हताश एक बुजुर्ग ने कैमरे के सामने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए मार्मिक सवाल उठाया है: "साहब, अब किस अधिकारी के पास जाऊं, कौन मेरी सुनेगा?" बुजुर्ग की इस बेबसी भरी गुहार ने सोशल मीडिया पर तीव्र बहस छेड़ दी है, जिससे सरकारी व्यवस्था की कार्यशैली और उसकी प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वीडियो में बुजुर्ग की आवाज में बेबसी और चेहरे पर निराशा साफ दिखाई देती है, जो दर्शाता है कि वह लंबे समय से अपनी समस्या के समाधान के लिए दर-दर भटक रहा है लेकिन उसे कोई राहत नहीं मिल पाई है। यह घटना केवल एक व्यक्ति की व्यक्तिगत परेशानी नहीं, बल्कि उन आम नागरिकों की दुर्दशा को उजागर करती है जिन्हें छोटी-छोटी समस्याओं के लिए भी सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते हैं। प्रदेश और केंद्र सरकारें लगातार सुशासन, पारदर्शिता और त्वरित शिकायत निवारण के दावे करती रही हैं, जिसके तहत सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई और ऑनलाइन शिकायत पोर्टल जैसी व्यवस्थाएं भी संचालित हैं। हालांकि, यदि जमीनी स्तर पर समस्याओं का समय पर समाधान नहीं होता और एक बुजुर्ग को अपनी बात सुनाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेना पड़ता है, तो इन सभी दावों और व्यवस्थाओं की उपयोगिता पर स्वाभाविक रूप से प्रश्नचिह्न लगता है। वायरल वीडियो पर सोशल मीडिया में लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, जहाँ कई उपयोगकर्ताओं ने बुजुर्ग की पीड़ा को आम जनता की साझा वेदना बताया है और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि ऐसे मामले केवल व्यक्तिगत शिकायतें नहीं होते, बल्कि वे शासन-प्रशासन के लिए एक चेतावनी होते हैं कि यदि शिकायतों का समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो जनता का सरकारी तंत्र पर भरोसा कमजोर हो सकता है। फिलहाल, वीडियो की सत्यता और बुजुर्ग की समस्या के संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस घटना ने एक महत्वपूर्ण प्रश्न अवश्य खड़ा कर दिया है कि "जब एक बुजुर्ग नागरिक यह पूछने लगे कि उसकी सुनवाई कौन करेगा, तब आखिर जवाबदेही किसकी बनती है?"1
- गुना शहर के इंडस्ट्रियल एरिया में मंगलवार देर रात प्लास्टिक पाइप निर्माण करने वाली हरीश रत्रा की एक फैक्ट्री में भीषण आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और फैक्ट्री परिसर में रखा प्लास्टिक का कच्चा माल, तैयार पाइप तथा अन्य सामग्री उसकी चपेट में आ गई। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि दूर स्थित विंध्याचल कॉलोनी से भी धुएं के गुबार और ऊंची लपटें दिखाई देने लगीं। इस अग्निकांड में प्रारंभिक आकलन के अनुसार लगभग ₹70 से ₹80 लाख के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, यह इकाई कृषि और सिंचाई कार्यों में उपयोग होने वाले पाइप तैयार करती है, जहाँ बड़ी मात्रा में प्लास्टिक दाने, रॉ मटेरियल और तैयार माल का भंडारण किया जाता था। फैक्ट्री संचालक ने बताया कि मंगलवार रात करीब 8:30 बजे रोजाना की तरह कार्य समाप्त होने के बाद यूनिट बंद कर दी गई थी और उस समय परिसर में कोई असामान्य स्थिति नहीं थी। हालांकि, रात लगभग 11 बजे आसपास के लोगों ने फैक्ट्री से धुआं उठता देखा और तत्काल नगरपालिका तथा प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी। आग की गंभीरता को देखते हुए चार फायर ब्रिगेड वाहनों को मौके पर बुलाया गया। प्लास्टिक सामग्री अधिक होने के कारण आग बार-बार भड़क रही थी, जिससे राहत कार्य में भारी कठिनाई आ रही थी। फायर ब्रिगेड के सामने सबसे बड़ी चुनौती फैक्ट्री की मजबूत पक्की दीवारें थीं, क्योंकि आग अंदर धधक रही थी और बाहर से पानी पहुंचाना आसान नहीं था। स्थिति को देखते हुए, सबसे पहले फैक्ट्री के गेट का ताला तोड़कर टीम अंदर पहुंची। इसके बाद भी आग तक सीधी पहुंच न बन पाने के कारण दीवारों में कई स्थानों पर छेद कर पानी की बौछारें अंदर पहुंचाई गईं। आग बुझाने के लिए लगातार टैंकरों से पानी मंगवाया गया ताकि अभियान बिना रुके चलता रहे। नगरपालिका, फायर ब्रिगेड और अन्य कर्मचारियों ने पूरी रात मोर्चा संभाले रखा। नगरपालिका अध्यक्ष पति अरविंद गुप्ता सहित नगरपालिका का अमला मौके पर मौजूद रहकर राहत कार्य की निगरानी करता रहा। करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तड़के आग पर नियंत्रण पाया जा सका, लेकिन तब तक फैक्ट्री में रखा बड़ी मात्रा में प्लास्टिक कच्चा माल, तैयार पाइप और अन्य सामग्री जलकर खाक हो चुकी थी। फिलहाल, आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और नुकसान का अंतिम आकलन भी किया जा रहा है।1
- Hiring Job Title : मोबाइल से काम करें Company / Shop : Health Wealth Job Field : मोबाइल से काम Salary Offered : 15000 Locality : Guna, Madhya Pradesh Job Type : Part Time Required Work Experience : 1-2 Years आपके घर बैठे मोबाइल से काम करना है अच्छा इनकम मिलेगा 15 से 20 हजार रुपए कमा सकते हैं आप3
- आज, 17 जून को, पूरे प्रदेश में महाराणा प्रताप जयंती को बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है।1
- बारां जिले के छबड़ा-छीपाबड़ौद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बरावदा में मूलभूत समस्याओं के समाधान और समाज में वैचारिक चेतना जगाने के उद्देश्य से एक विशेष सेमिनार का शानदार आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सामाजिक युवा मंच बारां और राजीव गांधी पंचायत राज संगठन, जिला बारां के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। सेमिनार में जिले और ब्लॉक स्तर के प्रमुख पदाधिकारियों ने शिरकत कर अपने ओजस्वी विचार व्यक्त किए। इनमें छीपाबड़ौद तहसील अध्यक्ष अमृतलाल बागड़ी, सामाजिक युवा मंच जिला बारां अध्यक्ष कमल बेरवा, जिला प्रभारी रामप्रसाद मेघवाल, संरक्षक धर्मवीर साहब, जिला महामंत्री राधेश्याम बदरिया, जिला महासचिव बृजमोहन आचार्य व आसाराम बेरवा, जिला सचिव दयाराम, जिला मीडिया प्रभारी योगेंद्र बेरवा, मांगरोल ब्लॉक अध्यक्ष लाल सिंह रेगर, अंता ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र बेरवा, राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के तहसील अध्यक्ष पप्पू लाल बेरवा, छबड़ा ब्लॉक अध्यक्ष हरिराम मीना और महासचिव बनवारी लाल बेरवा प्रमुख रूप से शामिल रहे। वक्ताओं ने क्षेत्र की जनता से जुड़े कई संवेदनशील और मूलभूत मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रखी। बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, बिजली, पानी, किसानों के लिए खाद की उपलब्धता, प्रधानमंत्री आवास और शौचालय की कमी पर चिंता व्यक्त करते हुए इनके समाधान के लिए रणनीति बनाई गई। इसके साथ ही, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा रचित भारत के संविधान को अक्षुण्ण बनाए रखने और समाज को एकजुट रहने का आह्वान किया गया। सेमिनार में बाबा साहेब के ऐतिहासिक संदेश "शिक्षा शेरनी का दूध है, जो पियेगा वह दहाड़ेगा" को दोहराते हुए कहा गया कि इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं है और हमें जाति-धर्म से ऊपर उठकर मानव कल्याण के लिए काम करना होगा। कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित सभी पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रगतिशील विचारों को जन-जन तक पहुँचाने और सामाजिक सुधार के लिए निरंतर संघर्ष करने का सामूहिक संकल्प लिया। यह संकल्प सैकड़ों युवाओं और ग्रामीणों की उपस्थिति में लिया गया।4
- बारां जिले के छीपाबड़ौद उपखंड क्षेत्र में रावा से रतनपुरा जाने वाले मार्ग पर सड़क किनारे उगी झाड़ियों और बढ़ते अतिक्रमण के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ गया है। कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान न होने से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के अधीन है। सड़क किनारे फैली झाड़ियों के कारण वाहन चालकों के लिए सामने से आने वाले वाहनों को देख पाना मुश्किल हो गया है, जिससे दृश्यता कम हो गई है। वहीं, कई स्थानों पर अतिक्रमण के कारण सड़क काफी संकरी हो गई है। इन समस्याओं के चलते इस मार्ग पर अब तक कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। पूर्व उपसरपंच भरतराज मीणा ने तत्काल सड़क किनारे की झाड़ियों को कटवाने और अतिक्रमण हटाने की मांग की है, चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो भविष्य में बड़े हादसे हो सकते हैं। इस मामले में सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता नरेंद्र चौधरी ने बताया कि सड़क किनारे उगी झाड़ियों को जल्द ही कटवाया जाएगा। अतिक्रमण की समस्या के समाधान के लिए उपखंड अधिकारी और तहसीलदार को पत्र भेजा जाएगा और आवश्यक निर्देश मिलने के बाद विभागीय अधिकारियों के साथ संयुक्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, उपखंड अधिकारी अभिमन्यु सिंह कुंतल ने आश्वस्त किया कि पीडब्ल्यूडी के साथ समन्वय स्थापित कर इस समस्या का समाधान किया जाएगा, ताकि आमजन को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।4
- मध्य प्रदेश-राजस्थान सीमा पर स्थित गुगोर गाँव के पास पार्वती नदी में डूबने से चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। गुना/छीपाबड़ौद क्षेत्र में मंगलवार को हुई इस घटना ने एक शादी समारोह की खुशियों को मातम में बदल दिया, जहाँ गर्मी से राहत पाने के लिए कुछ लोग नदी में नहाने गए थे। इस हादसे में एक महिला सहित चार लोगों की जान चली गई, जबकि एक पांच वर्षीय बच्चे को सुरक्षित बचा लिया गया। जानकारी के अनुसार, गुगोर गाँव में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने आए लोग तेज गर्मी से बचने के लिए पार्वती नदी में नहाने पहुँचे थे। इसी दौरान गुड्डी बाई का पांच वर्षीय पुत्र शबीर खेलते हुए गहरे पानी में चला गया। बच्चे को डूबता देख परिजनों और अन्य लोगों ने उसे बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी। अथक प्रयासों के बाद बच्चे शबीर को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन उसे बचाने की कोशिश में चार लोग गहरे पानी में समा गए। हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों और प्रशासन की टीम मौके पर पहुँची। काफी मशक्कत के बाद चारों को नदी से बाहर निकाला गया और तुरंत छबड़ा चिकित्सालय ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। छबड़ा थाना प्रभारी राजेश खटाना के अनुसार, मृतकों की पहचान गुड्डी बाई (45) पत्नी रशीद खान, सलाम (22) पुत्र रशीद खान (दोनों निवासी नया मोहल्ला, छीपाबड़ौद), अरमान (17) पुत्र बंटी गोरी और यूनुस खान (18) पुत्र बंटी गोरी (दोनों निवासी हट्टी मिल, गुना) के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है, जिसके बाद परिवारों में कोहराम मच गया और गाँव में शोक का माहौल छा गया। इस दुखद घटना ने एक बार फिर नदी और जलाशयों के किनारे सुरक्षा उपायों की कमी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्वती नदी के इस क्षेत्र में कई स्थानों पर गहरे गड्ढे हैं, लेकिन वहाँ न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगा है और न ही कोई उचित सुरक्षा व्यवस्था है, जिससे गर्मी के मौसम में नहाने आने वाले लोगों के लिए दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। जिस मासूम बच्चे को बचाने के लिए चार लोग नदी में उतरे थे, वह तो बच गया, लेकिन उसकी जान बचाने की कोशिश में चार जिंदगियाँ हमेशा के लिए बुझ गईं, जिससे शादी की खुशियाँ चंद पलों में ही गहरे मातम में बदल गईं।2
- गुना के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक पाइप निर्माण फैक्ट्री में बीती देर रात करीब 11:30 बजे भीषण आग लग गई, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। फैक्ट्री परिसर में खेती में उपयोग होने वाले प्लास्टिक पाइपों का बड़ा स्टॉक रखा हुआ था, जो आग की चपेट में आने के बाद तेजी से जलने लगा। देखते ही देखते आग की ऊंची लपटें और घना धुआं दूर-दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इस भीषण अग्निकांड में पाइप फैक्ट्री का लाखों का माल जलकर खाक हो गया।1