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मऊ में 15 साल से बदहाल रास्ता, कीचड़ और जलभराव से ग्रामीण परेशान, स्कूल जाने वाले बच्चों की बढ़ी मुश्किलें मऊ में 15 साल से बदहाल रास्ता, कीचड़ और जलभराव से ग्रामीण परेशान, स्कूल जाने वाले बच्चों की बढ़ी मुश्किलें मऊ जनपद के खुरहट पोस्ट क्षेत्र के चकरदेवा गांव में करीब 15 वर्षों से रास्ते की हालत खराब होने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते पर जलभराव और कीचड़ के चलते लोगों को आने-जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों को होती है। बारिश के दौरान रास्ते पर पानी और कीचड़ होने से बच्चों के कपड़े तक खराब हो जाते हैं। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से रास्ते की समस्या का जल्द समाधान कराने की मांग की है।
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मऊ में 15 साल से बदहाल रास्ता, कीचड़ और जलभराव से ग्रामीण परेशान, स्कूल जाने वाले बच्चों की बढ़ी मुश्किलें मऊ में 15 साल से बदहाल रास्ता, कीचड़ और जलभराव से ग्रामीण परेशान, स्कूल जाने वाले बच्चों की बढ़ी मुश्किलें मऊ जनपद के खुरहट पोस्ट क्षेत्र के चकरदेवा गांव में करीब 15 वर्षों से रास्ते की हालत खराब होने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते पर जलभराव और कीचड़ के चलते लोगों को आने-जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों को होती है। बारिश के दौरान रास्ते पर पानी और कीचड़ होने से बच्चों के कपड़े तक खराब हो जाते हैं। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से रास्ते की समस्या का जल्द समाधान कराने की मांग की है।
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- कंदैला की धरती से उठा न्याय का संकल्प: स्वामी प्रसाद मौर्य ने राम लगन मौर्य के पीड़ित परिवार से की मुलाकात, शेष आरोपियों की गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग पीड़ित परिवार को सुरक्षा, आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की उठी मांग अयोध्या। अयोध्या जनपद के ग्राम कंदैला में स्मृतिशेष श्री राम लगन मौर्य के पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर राजनीतिक और सामाजिक समर्थन लगातार सामने आ रहा है। इसी क्रम में पूर्व मंत्री, पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय स्वामी प्रसाद मौर्य पीड़ित परिवार से मिलने ग्राम कंदैला पहुंचे। स्वामी प्रसाद मौर्य ने पीड़ित परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर उनकी पीड़ा और समस्याओं को सुना तथा न्याय की लड़ाई में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया। इस दौरान पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। पीड़ित परिवार के समर्थन में जुटे लोगों ने कहा कि यह मामला केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि न्याय, सुरक्षा और कानून के निष्पक्ष क्रियान्वयन से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। उपस्थित लोगों ने मामले में निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की मांग उठाई। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग अपनी जनता पार्टी की ओर से मांग की गई कि मामले में शामिल बताए जा रहे शेष आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। पार्टी नेताओं ने कहा कि जांच और कानूनी प्रक्रिया निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से आगे बढ़नी चाहिए तथा दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को कानून के दायरे से बाहर नहीं रहने दिया जाना चाहिए। दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग पार्टी की ओर से कहा गया कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोरतम कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, मामले की परिस्थितियों और उपलब्ध कानूनी प्रावधानों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की गई। अपनी जनता पार्टी ने यह भी कहा कि यदि जांच और कानूनी मानकों के अनुसार आवश्यक पाया जाए तो संबंधित कठोर कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई पर विचार किया जाना चाहिए। पीड़ित परिवार की सुरक्षा और आर्थिक सहायता की मांग स्वामी प्रसाद मौर्य के दौरे के दौरान पीड़ित परिवार की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। पार्टी की मांग है कि परिवार को आवश्यक और पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए, ताकि वह बिना किसी भय के सामान्य जीवन जी सके। इसके साथ ही पीड़ित परिवार को नियमानुसार उचित आर्थिक सहायता एवं मुआवजा दिए जाने की मांग की गई। पार्टी नेताओं का कहना है कि परिवार को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि वास्तविक और प्रभावी सहायता मिलनी चाहिए। परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी या पुनर्वास सहायता देने की मांग अपनी जनता पार्टी की ओर से पीड़ित परिवार के भविष्य की सुरक्षा के लिए परिवार के एक सदस्य को नियमानुसार सरकारी नौकरी अथवा उचित पुनर्वास सहायता प्रदान किए जाने की भी मांग की गई। पार्टी नेताओं का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में परिवार के सामने आर्थिक और सामाजिक चुनौतियां उत्पन्न हो जाती हैं, इसलिए सरकार और प्रशासन को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए परिवार के भविष्य की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। “न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा” इस अवसर पर समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा कि राम लगन मौर्य को न्याय दिलाने की लड़ाई जारी रहेगी। लोगों ने कहा कि पीड़ित परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और न्याय की मांग को लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से लगातार उठाया जाएगा। कार्यक्रम में मौजूद लोगों का कहना था कि कानून का निष्पक्ष और समान रूप से पालन होना चाहिए तथा किसी भी मामले में दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच के बाद प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए। न्याय की लड़ाई को जनसमर्थन ग्राम कंदैला में पीड़ित परिवार के समर्थन में जुटे जनसमूह ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि न्याय की मांग अब व्यापक जनचर्चा का विषय बन चुकी है। लोगों ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रशासन से मामले में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य के पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में भी उत्साह देखने को मिला। नेताओं ने कहा कि पार्टी पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और कानून के दायरे में रहते हुए न्याय की मांग को लगातार उठाती रहेगी। उदय कुमार गौतम ने रखी पार्टी की मांग इस संबंध में उदय कुमार गौतम, प्रदेश महासचिव, उत्तर प्रदेश, अपनी जनता पार्टी ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना प्राथमिकता है। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, शेष आरोपियों की गिरफ्तारी हो और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार की सुरक्षा, आर्थिक सहायता और भविष्य की सुरक्षा के लिए भी सरकार एवं प्रशासन को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए। प्रमुख मांगें— शेष आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। जांच में दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। परिस्थितियों और कानून के अनुसार आवश्यक कठोर प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए। पीड़ित परिवार को पूर्ण एवं आवश्यक सुरक्षा प्रदान की जाए। परिवार को नियमानुसार उचित आर्थिक सहायता एवं मुआवजा दिया जाए। परिवार के एक सदस्य को नियमानुसार सरकारी नौकरी अथवा उचित पुनर्वास सहायता प्रदान की जाए। राम लगन मौर्य को न्याय दो! न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा!2
- दिल्ली पुलिस ने जिस तरीके से पत्रकारों से मारपीट की है वो बेहद शर्मनाक है। वर्दी पहने इन पुलिस रूपी गुंडों पर सत्ता लगाम लगाए वरना येलोकतंत्र के लिए बेहद ख़तरनाक होगा। सितंबर 2026 को 4PM न्यूज़ नेटवर्क की दो महिला पत्रकारों—शाहीन खान और नफीसा खान—ने आरोप लगाया कि दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के एक कार्यक्रम को कवर करते समय उन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया और उनके साथ मारपीट की। शाहीन ने यह भी आरोप लगाया कि उनका सरनेम “खान” पता चलने के बाद कथित मारपीट और बढ़ गई। � Newslaundry +1 वहीं दिल्ली पुलिस ने आरोपों से इनकार किया है। पुलिस के अनुसार पत्रकारों ने VVIP रूट में बाधा डाली और पुलिस के निर्देशों का पालन नहीं किया; पुलिस ने मारपीट के आरोपों को गलत बताया। � The Indian Express इसलिए तथ्यात्मक तौर पर अभी शीर्षक ऐसा रखना बेहतर होगा: “दिल्ली में 4PM की दो महिला पत्रकारों ने पुलिस पर मारपीट का लगाया आरोप, दिल्ली पुलिस ने किया इनकार” Neelam Express रिपोर्टर:- प्रहलाद बौद्ध बात सच की ....1
- बेलडाण कटनईया मार्ग बनाने में भ्रष्टाचार चरम पर चौबीस घंटे के अंदर गड्ढे नहीं पाटे गए तो होगा धरना-विजय रावत दो साल भी नही चला प्रधानमंत्री सड़क के तहत बनी बेलडाण कटनईया मार्ग-विजय रावत गड्ढे होने के नाते हो रहे रोज़ एक्सीडेंट-विजय रावत बारा दिक्षीत खोडा के पास बने गड्ढे के वजह से हुआ दर्जनों दुर्घटना-विजय रावतआज समाज वादी पार्टी के कार्यकर्ता व नेता बेलडाण कटनईया मार्ग पर बने गड्ढे पाट विरोध प्रदर्शन किया इस दौरान सपा नेता बिजय रावत ने कहा की भाजपा सरकार में विभागों में भ्रष्टाचार चरम पर हैं जिसका जिता जागता सबूत बेलडाण कटनईया मार्ग है जो बनने के बाद से ही टुटने लगी यह सरकार व विभाग मिलकर जनता का पैसा लुट रही हैं अगर चौबीस घंटे के अंदर बेलडाण कटनईया मार्ग पर बने गड्ढे नहीं पाटे गए तो इसी रोड पर बैठकर धरना देने का काम करूंगा। इस दौरान मुख्य रूप से अभितोष यादव राजकुमार यादव अमित यादव अंतू सिंह सीपीन यादव अभिषेक यादव प्रिंस यादव रिंशु यादव मुकेश पाल विकास यादव इत्यादि लोग3
- राज्यपाल पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षक प्रदीप कुमार सिंह का हुआ सम्मान बूढ़नपुर। तहसील क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय भैरोपुर में मंगलवार को शिक्षक प्रदीप कुमार सिंह के राज्यपाल पुरस्कार के लिए चयनित होने पर सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रमुख प्रतिनिधि संतोष यादव ने माला पहनाकर प्रदीप कुमार सिंह का स्वागत किया। विशिष्ट अतिथि महाप्रधान प्रतिनिधि अंकित गुप्ता ने भी उन्हें सम्मानित कर शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त शिक्षक एवं प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह ने की। सुरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि उच्च प्राथमिक विद्यालय भैरोपुर में वर्तमान में करीब 690 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। जब अधिकांश परिषदीय विद्यालय छात्र संख्या की चुनौती से जूझ रहे हैं, वहीं इस विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या लगातार बनी हुई है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष विद्यालय के दो विद्यार्थियों ने जवाहर नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण की है। वहीं राष्ट्रीय आय आधारित छात्रवृत्ति योजना के तहत 22 विद्यार्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण कर कक्षा नौ से इंटरमीडिएट तक छात्रवृत्ति पाने का रास्ता साफ किया है। उन्होंने दावा किया कि जिले में इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के छात्रवृत्ति परीक्षा में सफल होने वाला यह पहला विद्यालय है। उन्होंने कहा कि विद्यालय के शिक्षक बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नियमित रूप से तैयार करते हैं। विद्यालय का समय सुबह आठ बजे से है, लेकिन शिक्षक सुबह सात बजे ही पहुंचकर बच्चों को अतिरिक्त समय देकर पढ़ाते हैं। इसका परिणाम विद्यालय की बेहतर छात्र संख्या और विद्यार्थियों की उपलब्धियों के रूप में सामने आ रहा है। खेल प्रतियोगिताओं में भी विद्यालय के विद्यार्थी प्रदेश स्तर पर आजमगढ़ का नाम रोशन कर चुके हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विद्यालय के बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना निजी विद्यालयों के शिक्षक भी करते हैं। उन्होंने बताया कि उच्च प्राथमिक विद्यालय भैरोपुर के चार शिक्षक अब तक राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं। वर्ष 1976 में रामलखन सिंह, 2015 में रासमनि सिंह और 2019 में सुरेंद्र प्रताप सिंह को राज्यपाल पुरस्कार मिल चुका है। अब वर्ष 2026 में शिक्षक प्रदीप कुमार सिंह के चयन से विद्यालय की उपलब्धियों में एक और गौरवपूर्ण अध्याय जुड़ने जा रहा है। राज्यपाल पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षक प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि विद्यालय के शिक्षकों के अनुशासन, दृढ़ इच्छाशक्ति और लगन के कारण भैरोपुर विद्यालय ने क्षेत्र ही नहीं, बल्कि जिले में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस विद्यालय के शिक्षक राज्यपाल और राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए चयनित होकर विद्यालय का गौरव बढ़ाएंगे। इस अवसर पर लेखा अधिकारी संध्या अग्रहरि, विश्वनाथ राम, सतिराम वर्मा, चंद्रशेखर विश्वकर्मा, अजय पांडेय, सीताराम पांडेय, पवन जायसवाल, हरिराम वर्मा, हरेंद्र, सुनील प्रकाश, वंदना, तृषा, सोनी, सविता, चंद्रावती समेत अनेक शिक्षक, शुभचिंतक और गणमान्य लोग मौजूद रहे।1
- नदी में लगाया मौत की छलांग देव दूत बने नाविक रेस्क्यू Live...! मऊ नदी में लगाया मौत की छलांग देव दूत बने नाविक रेस्क्यू Live...! मऊ जिले में तमसा नदी पर बने रेलवे पुल से एक व्यक्ति ने नदी की तेज धारा में छलांग लगा दी मौत को गले लगाने के इस खौफनाक कदम को देखकर घाट पर मौजूद लोगों की सांसें थम गईं लेकिन वहां मौजूद निषाद समाज के साहसी नाविकों ने अपनी जान की परवाह किए बिना ऐसा फरिश्ता बनकर काम किया जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। बिना एक पल गंवाए अपनी छोटी नावों को पानी में उतार दिया नाविकों की टोली ने आपसी तालमेल और तैराकी के बेहतरीन कौशल का परिचय देते हुए डूब रहे व्यक्ति तक तेजी से पहुंच बनाई पानी के तेज बहाव और संघर्ष के बीच नाविकों ने डूब रहे व्यक्ति को कसकर पकड़ लिया और सुरक्षित रूप से नाव पर खींच लिया।1
- गुंडे-माफिया और अराजकतत्व बेलगाम होने के आरोप गंभीर चिंता का विषय हैं। जंतर-मंतर पर Gen-Z के शांतिपूर्ण धरने में कथित रूप से हिंसा करने के आरोपी से जुड़ी बातें कई गंभीर सवाल खड़े करती हैं। निशु आज़ाद को न्याय चाहिए, गुंडागर्दी को संरक्षण नहीं! इस मामले की तत्काल, निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। हिंसा में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार उचित और कठोर कार्रवाई की जाए। यदि जांच के दौरान किसी व्यक्ति द्वारा आरोपियों को संरक्षण या अनुचित मदद दिए जाने के आरोपों से संबंधित कोई तथ्य सामने आते हैं, तो उनकी भी निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए—दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाना चाहिए। सवाल है—कानून कब जागेगा? निशु आज़ाद को न्याय कब मिलेगा?1
- बलिया की बेटी रागिनी अब अपने पैरों पर दौड़ेगी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने रागिनी की बेबसी और मुफलिसी का संज्ञान लिया है। सीएम राहत कोष से रागिनी का इलाज होगा। इलाज का सम्पूर्ण खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। डीएम मंगला प्रसाद ने रागिनी और उसके परिवार को बुलाया और इलाज की जानकारी दी।1
- बलिया के पशुहाड़ी में दहशत: एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत से हड़कंप, बलिया के पशुहाड़ी में दहशत: एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत से हड़कंप, स्वाइन फ्लू की आशंका या गंभीर लापरवाही? देखिए ग्राउंड रिपोर्ट! उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आ रही है। बेल्थरारोड तहसील का पशुहाड़ी गांव इस वक्त गहरे सदमे और दहशत के साए में है। एक ही हंसते-खेलते गरीब परिवार के तीन सदस्यों की अचानक मौत हो चुकी है, और वजह बताई जा रही है एक रहस्यमयी बीमारी—जिसकी स्वाइन फ्लू होने की आशंका जताई जा रही है। भारत मीडिया की टीम जब पशुहाड़ी गांव में पीड़ित परिवार के झोपड़ीनुमा घर पहुंची, तो तस्वीरें बेहद चिंताजनक थीं। गरीबी का आलम यह है कि टाटी बांधकर ओट बनाई गई है, और उसी तंग जगह में बकरियों के साथ परिवार रहने को मजबूर था। घर में गंदगी का अंबार, चूल्हे की लकड़ियों का ढेर और हैंडपंप के पास घूमते चूहे-छछूंदर... यानी बीमारियों को खुला न्योता। घर के तीन लोग—आशा देवी, जोन्हिया देवी और 24 साल की मासूम प्रीति—अब इस दुनिया में नहीं हैं। प्रीति, जिसकी अगले साल मार्च में शादी होने वाली थी, उसका अचानक प्लेटलेट्स गिर गया, शुगर और यूरिक एसिड बढ़ गया और देखते ही देखते उसकी सांसें थम गईं। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। बलिया सीएमओ के निर्देश पर एंबुलेंस भेजकर परिवार के बचे दो चिरागों—शिवचंद राजभर और उनके इकलौते बेटे—को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिजनों का कहना है कि लगभग एक महीने से पूरे परिवार को खाना तीखा लगता था और तबीयत बिगड़ रही थी। सीयर सीएचसी की टीम ने सैंपल तो लिए हैं, लेकिन मौत की सटीक वजह पर अब तक खुलकर बोलने से बच रही है। उधर सीयर सीएचसी अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार सिंह ने स्वाइन फ्लू के लक्षणों से साफ इनकार किया है। उनका मानना है कि समय पर इलाज न मिलना और लापरवाही भी इसकी वजह हो सकती है। फिलहाल गांव में सैनिटाइजेशन और छिड़काव की तैयारी है, और एसडीएम व एडीओ पंचायत को भी इसकी सूचना दे दी गई है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस रहस्यमयी बीमारी और तीन मौतों का असली गुनहगार कौन है? क्या यह प्रशासनिक लापरवाही है या कोई खतरनाक संक्रमण? जिला अस्पताल से रिपोर्ट आने के बाद ही सच सामने आ पाएगा। आइए सबसे पहले आपको सुनाते हैं शिवचंद राजभर के बड़े भाई हरिश्चंद्र राजभर और गांव के 'मास्टर साहब' यानी राजकुमार राजभर का क्या कहना है...1
- सवाल पूछना पड़ा भारी? महिला पत्रकारों से कथित बदसलूकी का मामला गरमाया, पुलिस के दावे पर भी उठे सवाल! बड़ी ब्रेकिंग न्यूज़ | नई दिल्ली सवाल पूछना पड़ा भारी? महिला पत्रकारों से कथित बदसलूकी का मामला गरमाया, पुलिस के दावे पर भी उठे सवाल! साकेत, नई दिल्ली मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कार्यक्रम की कवरेज करने पहुंचीं दो महिला पत्रकारों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री से सवाल पूछने के बाद उन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया और पुलिस स्टेशन में उनके साथ कथित मारपीट व दुर्व्यवहार किया गया। पत्रकारों की ओर से सामने आए वीडियो में चोट के निशान दिखाए जाने का दावा किया गया है। मामले को लेकर पत्रकार संगठनों ने भी निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग उठाई है। वहीं, दिल्ली पुलिस ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि महिला पत्रकारों को VVIP रूट बाधित करने और पुलिस के निर्देशों का पालन नहीं करने के कारण थाने ले जाया गया था। पुलिस ने सवाल पूछने पर मारपीट के आरोपों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है। सबसे बड़ा सवाल—क्या लोकतंत्र में सवाल पूछना पत्रकार का अधिकार है? अगर आरोप सही हैं तो जिम्मेदार कौन? और अगर पुलिस के दावे सही हैं तो पूरे घटनाक्रम की सच्चाई क्या है? मामले की निष्पक्ष जांच से ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी।1