दिल्ली पुलिस ने जिस तरीके से पत्रकारों से मारपीट की है वो बेहद शर्मनाक है। वर्दी पहने इन पुलिस रूपी गुंडों पर सत्ता लगाम लगाए वरना येलोकतंत्र के लिए बेहद ख़तरनाक होगा। सितंबर 2026 को 4PM न्यूज़ नेटवर्क की दो महिला पत्रकारों—शाहीन खान और नफीसा खान—ने आरोप लगाया कि दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के एक कार्यक्रम को कवर करते समय उन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया और उनके साथ मारपीट की। शाहीन ने यह भी आरोप लगाया कि उनका सरनेम “खान” पता चलने के बाद कथित मारपीट और बढ़ गई। � Newslaundry +1 वहीं दिल्ली पुलिस ने आरोपों से इनकार किया है। पुलिस के अनुसार पत्रकारों ने VVIP रूट में बाधा डाली और पुलिस के निर्देशों का पालन नहीं किया; पुलिस ने मारपीट के आरोपों को गलत बताया। � The Indian Express इसलिए तथ्यात्मक तौर पर अभी शीर्षक ऐसा रखना बेहतर होगा: “दिल्ली में 4PM की दो महिला पत्रकारों ने पुलिस पर मारपीट का लगाया आरोप, दिल्ली पुलिस ने किया इनकार” Neelam Express रिपोर्टर:- प्रहलाद बौद्ध बात सच की ....
दिल्ली पुलिस ने जिस तरीके से पत्रकारों से मारपीट की है वो बेहद शर्मनाक है। वर्दी पहने इन पुलिस रूपी गुंडों पर सत्ता लगाम लगाए वरना येलोकतंत्र के लिए बेहद ख़तरनाक होगा। सितंबर 2026 को 4PM न्यूज़ नेटवर्क की दो महिला पत्रकारों—शाहीन खान और नफीसा खान—ने आरोप लगाया कि दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के एक कार्यक्रम को कवर करते समय उन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया और उनके साथ मारपीट की। शाहीन ने यह भी आरोप लगाया कि उनका सरनेम “खान” पता चलने के बाद कथित मारपीट और बढ़ गई। � Newslaundry +1 वहीं दिल्ली पुलिस ने आरोपों से इनकार किया है। पुलिस के अनुसार पत्रकारों ने VVIP रूट में बाधा डाली और पुलिस के निर्देशों का पालन नहीं किया; पुलिस ने मारपीट के आरोपों को गलत बताया। � The Indian Express इसलिए तथ्यात्मक तौर पर अभी शीर्षक ऐसा रखना बेहतर होगा: “दिल्ली में 4PM की दो महिला पत्रकारों ने पुलिस पर मारपीट का लगाया आरोप, दिल्ली पुलिस ने किया इनकार” Neelam Express रिपोर्टर:- प्रहलाद बौद्ध बात सच की ....
- दिल्ली पुलिस ने जिस तरीके से पत्रकारों से मारपीट की है वो बेहद शर्मनाक है। वर्दी पहने इन पुलिस रूपी गुंडों पर सत्ता लगाम लगाए वरना येलोकतंत्र के लिए बेहद ख़तरनाक होगा। सितंबर 2026 को 4PM न्यूज़ नेटवर्क की दो महिला पत्रकारों—शाहीन खान और नफीसा खान—ने आरोप लगाया कि दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के एक कार्यक्रम को कवर करते समय उन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया और उनके साथ मारपीट की। शाहीन ने यह भी आरोप लगाया कि उनका सरनेम “खान” पता चलने के बाद कथित मारपीट और बढ़ गई। � Newslaundry +1 वहीं दिल्ली पुलिस ने आरोपों से इनकार किया है। पुलिस के अनुसार पत्रकारों ने VVIP रूट में बाधा डाली और पुलिस के निर्देशों का पालन नहीं किया; पुलिस ने मारपीट के आरोपों को गलत बताया। � The Indian Express इसलिए तथ्यात्मक तौर पर अभी शीर्षक ऐसा रखना बेहतर होगा: “दिल्ली में 4PM की दो महिला पत्रकारों ने पुलिस पर मारपीट का लगाया आरोप, दिल्ली पुलिस ने किया इनकार” Neelam Express रिपोर्टर:- प्रहलाद बौद्ध बात सच की ....1
- मऊ में 15 साल से बदहाल रास्ता, कीचड़ और जलभराव से ग्रामीण परेशान, स्कूल जाने वाले बच्चों की बढ़ी मुश्किलें मऊ में 15 साल से बदहाल रास्ता, कीचड़ और जलभराव से ग्रामीण परेशान, स्कूल जाने वाले बच्चों की बढ़ी मुश्किलें मऊ जनपद के खुरहट पोस्ट क्षेत्र के चकरदेवा गांव में करीब 15 वर्षों से रास्ते की हालत खराब होने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते पर जलभराव और कीचड़ के चलते लोगों को आने-जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों को होती है। बारिश के दौरान रास्ते पर पानी और कीचड़ होने से बच्चों के कपड़े तक खराब हो जाते हैं। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से रास्ते की समस्या का जल्द समाधान कराने की मांग की है।1
- सकलडीहा लहेरा गांव मे चंदौली पूर्व सांसद रामकिशन ने बाढ़ प्रभावित गांवों का किया निरीक्षण, सिंचाई विभाग पर लगाए गंभीर आरोप1
- रसड़ा में दिनदहाड़े घर का ताला तोड़कर चोरी, पुलिस के लिए चुनौती बनी वारदात रसड़ा (बलिया)। रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के पंचमंदिर कस्बा/कॉलोनी के वार्ड नंबर-4 में दिनदहाड़े घर का ताला तोड़कर चोरी का मामला सामने आया है। धूपनाथ की पत्नी संजू यादव ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता के मुताबिक, 3 सितंबर को सुबह करीब 10 से 11 बजे के बीच वह घर में ताला लगाकर बाहर गई थीं। करीब 30 मिनट बाद लौटने पर घर का ताला टूटा मिला और अंदर सामान बिखरा पड़ा था।पीड़िता के अनुसार, चोर तीन सोने की अंगूठियां, कान की झुमकी, कान की बाली, मंगलसूत्र, नाक की तीन कील और करीब 15 हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गए। चोरी हुए सामान की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।पीड़िता ने बताया कि घटना से पहले तीन लोग चंदा मांगने उसके घर आए थे। उन्होंने काली माता मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कार्यक्रम व भंडारे तथा बगल के घर में श्रीनाथजी मठ में आयोजित कार्यक्रम के लिए चंदा मांगा। आरोप है कि तीनों लोग 500 रुपये देने की जिद कर रहे थे। महिला ने 51 रुपये देने की बात कही तो उन्होंने कथित रूप से रुपये लेने से इनकार कर दिया और कथित तौर पर अनाप-शनाप बोलते हुए वहां से चले गए। पीड़िता ने इन्हीं लोगों पर संदेह जताते हुए पुलिस से जांच की मांग की है। हालांकि, इन लोगों की चोरी में संलिप्तता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।दिनदहाड़े चोरी की घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भय का माहौल है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार चोरी की घटनाएं सामने आ रही हैं और पूर्व की कई घटनाओं का भी अभी तक खुलासा नहीं हो सका है। ऐसे में दिन के समय घर का ताला तोड़कर चोरी की घटना ने पुलिस की सक्रियता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद भी पुलिस मामले में अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखा रही है। वहीं, दक्षिण चौकी प्रभारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। खास बात यह है कि पीड़िता के अनुसार घटना के करीब 24 घंटे बाद तक FIR दर्ज नहीं हुई थी।वहीं रसड़ा प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार ने बताया कि मामले की जांच चल रही है और मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।अब देखना यह है कि पुलिस दिनदहाड़े हुई इस चोरी का जल्द खुलासा कर पाती है या नहीं और पीड़िता के घर चंदा मांगने पहुंचे संदिग्ध लोगों की भूमिका जांच में सामने आती है या नहीं।1
- धानापुर क्षेत्र के महुजी गांव के पास बनी पुलिया जो महुजी से कमालपुर ,चन्दौली,वाराणसी को जोड़ती है,पुरी तरह डूब चुकी है।1
- चिराग़ पासवान ने L लगा दिया ? #awaazebharat #chiragpaswaan1
- गुंडे-माफिया और अराजकतत्व बेलगाम होने के आरोप गंभीर चिंता का विषय हैं। जंतर-मंतर पर Gen-Z के शांतिपूर्ण धरने में कथित रूप से हिंसा करने के आरोपी से जुड़ी बातें कई गंभीर सवाल खड़े करती हैं। निशु आज़ाद को न्याय चाहिए, गुंडागर्दी को संरक्षण नहीं! इस मामले की तत्काल, निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। हिंसा में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार उचित और कठोर कार्रवाई की जाए। यदि जांच के दौरान किसी व्यक्ति द्वारा आरोपियों को संरक्षण या अनुचित मदद दिए जाने के आरोपों से संबंधित कोई तथ्य सामने आते हैं, तो उनकी भी निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए—दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाना चाहिए। सवाल है—कानून कब जागेगा? निशु आज़ाद को न्याय कब मिलेगा?1
- नदी में लगाया मौत की छलांग देव दूत बने नाविक रेस्क्यू Live...! मऊ नदी में लगाया मौत की छलांग देव दूत बने नाविक रेस्क्यू Live...! मऊ जिले में तमसा नदी पर बने रेलवे पुल से एक व्यक्ति ने नदी की तेज धारा में छलांग लगा दी मौत को गले लगाने के इस खौफनाक कदम को देखकर घाट पर मौजूद लोगों की सांसें थम गईं लेकिन वहां मौजूद निषाद समाज के साहसी नाविकों ने अपनी जान की परवाह किए बिना ऐसा फरिश्ता बनकर काम किया जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। बिना एक पल गंवाए अपनी छोटी नावों को पानी में उतार दिया नाविकों की टोली ने आपसी तालमेल और तैराकी के बेहतरीन कौशल का परिचय देते हुए डूब रहे व्यक्ति तक तेजी से पहुंच बनाई पानी के तेज बहाव और संघर्ष के बीच नाविकों ने डूब रहे व्यक्ति को कसकर पकड़ लिया और सुरक्षित रूप से नाव पर खींच लिया।1
- बलिया के पशुहाड़ी में दहशत: एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत से हड़कंप, बलिया के पशुहाड़ी में दहशत: एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत से हड़कंप, स्वाइन फ्लू की आशंका या गंभीर लापरवाही? देखिए ग्राउंड रिपोर्ट! उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आ रही है। बेल्थरारोड तहसील का पशुहाड़ी गांव इस वक्त गहरे सदमे और दहशत के साए में है। एक ही हंसते-खेलते गरीब परिवार के तीन सदस्यों की अचानक मौत हो चुकी है, और वजह बताई जा रही है एक रहस्यमयी बीमारी—जिसकी स्वाइन फ्लू होने की आशंका जताई जा रही है। भारत मीडिया की टीम जब पशुहाड़ी गांव में पीड़ित परिवार के झोपड़ीनुमा घर पहुंची, तो तस्वीरें बेहद चिंताजनक थीं। गरीबी का आलम यह है कि टाटी बांधकर ओट बनाई गई है, और उसी तंग जगह में बकरियों के साथ परिवार रहने को मजबूर था। घर में गंदगी का अंबार, चूल्हे की लकड़ियों का ढेर और हैंडपंप के पास घूमते चूहे-छछूंदर... यानी बीमारियों को खुला न्योता। घर के तीन लोग—आशा देवी, जोन्हिया देवी और 24 साल की मासूम प्रीति—अब इस दुनिया में नहीं हैं। प्रीति, जिसकी अगले साल मार्च में शादी होने वाली थी, उसका अचानक प्लेटलेट्स गिर गया, शुगर और यूरिक एसिड बढ़ गया और देखते ही देखते उसकी सांसें थम गईं। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। बलिया सीएमओ के निर्देश पर एंबुलेंस भेजकर परिवार के बचे दो चिरागों—शिवचंद राजभर और उनके इकलौते बेटे—को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिजनों का कहना है कि लगभग एक महीने से पूरे परिवार को खाना तीखा लगता था और तबीयत बिगड़ रही थी। सीयर सीएचसी की टीम ने सैंपल तो लिए हैं, लेकिन मौत की सटीक वजह पर अब तक खुलकर बोलने से बच रही है। उधर सीयर सीएचसी अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार सिंह ने स्वाइन फ्लू के लक्षणों से साफ इनकार किया है। उनका मानना है कि समय पर इलाज न मिलना और लापरवाही भी इसकी वजह हो सकती है। फिलहाल गांव में सैनिटाइजेशन और छिड़काव की तैयारी है, और एसडीएम व एडीओ पंचायत को भी इसकी सूचना दे दी गई है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस रहस्यमयी बीमारी और तीन मौतों का असली गुनहगार कौन है? क्या यह प्रशासनिक लापरवाही है या कोई खतरनाक संक्रमण? जिला अस्पताल से रिपोर्ट आने के बाद ही सच सामने आ पाएगा। आइए सबसे पहले आपको सुनाते हैं शिवचंद राजभर के बड़े भाई हरिश्चंद्र राजभर और गांव के 'मास्टर साहब' यानी राजकुमार राजभर का क्या कहना है...1