4 से 5 दिन पहले सूरज बली बैग की संदिग्ध मौत बैगा परिवार में टूटा दुखों का पहाड़ *तीन दिन से नहीं जला चूल्हा, बुझ गया गरीब बैगा परिवार का चिराग* ! *सूरजबली बैगा की संदिग्ध मौत से सहारा टोला में मातम, परिजनों ने हत्या की आशंका जताकर एसपी से लगाई न्याय की गुहार* जिला उमरिया। तहसील मानपुर के अंतर्गत ग्राम सेहरा टोला निवासी छोटेलाल बैगा के परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा है कि तीन दिन से घर में चूल्हा तक नहीं जला। परिवार का कमाने-खाने का सहारा और घर का चिराग सूरजबली बैगा अब इस दुनिया में नहीं है। नेशनल हाईवे-43 के पास संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों के मुताबिक सूरजबली बैगा को राधेलाल प्रजापति घर से अपने साथ लेकर गया था। इसके बाद जब परिजन राधेलाल से सूरजबली के बारे में पूछने पहुंचे तो कथित तौर पर उन्हें कोई संतोषजनक जानकारी नहीं मिली। परिजनों का कहना है कि इसके करीब चार-पांच दिन बाद सूरजबली का शव मिला, जिसके बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। “हमारे बेटे को कौन लेकर गया था, उसकी मौत कैसे हुई—पुलिस सच्चाई सामने लाए” परिजनों ने सूरजबली की मौत को लेकर गंभीर आशंका जताई है। उनका आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा साजिश के तहत उनके बेटे की हत्या की गई हो सकती है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि गणेश प्रजापति द्वारा सूरजबली के नाम पर पिकअप वाहन और पल्सर मोटरसाइकिल लिए जाने तथा बीमा कराए जाने की बात सामने आई है। परिवार ने पुलिस से इन सभी दस्तावेजों और लेन-देन की गहन जांच कराने की मांग की है, ताकि यदि कोई साजिश है तो उसका खुलासा हो सके। गरीब परिवार का दर्द—“हमारे घर का चिराग बुझा दिया” सूरजबली की मौत के बाद परिवार की हालत बेहद खराब बताई जा रही है। परिजनों का कहना है कि वह परिवार की रोजी-रोटी का मुख्य सहारा था। उसकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। तीन दिन से चूल्हा नहीं जला… घर में मातम है… मां-बाप की आंखों से आंसू थम नहीं रहे। जिस बेटे से परिवार की उम्मीदें जुड़ी थीं, आज वही घर का चिराग हमेशा के लिए बुझ गया। परिजनों ने पुलिस अधीक्षक विजय कुमार भागवानी से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए सूरजबली की मौत की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। जिन लोगों पर परिजनों को संदेह है, उनसे पूछताछ की जाए और वाहन, बीमा सहित सभी संबंधित दस्तावेजों की जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए। परिजनों ने स्पष्ट मांग की है कि यदि जांच में हत्या या किसी आपराधिक साजिश की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। अब सबसे बड़ा सवाल—सूरजबली की मौत का सच क्या है? क्या सूरजबली की मौत महज हादसा थी या इसके पीछे कोई साजिश थी? उसे आखिरी बार कौन अपने साथ लेकर गया था? चार-पांच दिन बाद उसका शव किन परिस्थितियों में मिला? और मृतक के नाम पर वाहन एवं बीमा से जुड़े आरोपों की वास्तविकता क्या है?
4 से 5 दिन पहले सूरज बली बैग की संदिग्ध मौत बैगा परिवार में टूटा दुखों का पहाड़ *तीन दिन से नहीं जला चूल्हा, बुझ गया गरीब बैगा परिवार का चिराग* ! *सूरजबली बैगा की संदिग्ध मौत से सहारा टोला में मातम, परिजनों ने हत्या की आशंका जताकर एसपी से लगाई न्याय की गुहार* जिला उमरिया। तहसील मानपुर के अंतर्गत ग्राम सेहरा टोला निवासी छोटेलाल बैगा के परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा है कि तीन दिन से घर में चूल्हा तक नहीं जला। परिवार का कमाने-खाने का सहारा और घर का चिराग सूरजबली बैगा अब इस दुनिया में नहीं है। नेशनल हाईवे-43 के पास संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों के मुताबिक सूरजबली बैगा को राधेलाल प्रजापति घर से अपने
साथ लेकर गया था। इसके बाद जब परिजन राधेलाल से सूरजबली के बारे में पूछने पहुंचे तो कथित तौर पर उन्हें कोई संतोषजनक जानकारी नहीं मिली। परिजनों का कहना है कि इसके करीब चार-पांच दिन बाद सूरजबली का शव मिला, जिसके बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। “हमारे बेटे को कौन लेकर गया था, उसकी मौत कैसे हुई—पुलिस सच्चाई सामने लाए” परिजनों ने सूरजबली की मौत को लेकर गंभीर आशंका जताई है। उनका आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा साजिश के तहत उनके बेटे की हत्या की गई हो सकती है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि गणेश प्रजापति द्वारा सूरजबली के नाम पर पिकअप वाहन और पल्सर मोटरसाइकिल लिए जाने तथा
बीमा कराए जाने की बात सामने आई है। परिवार ने पुलिस से इन सभी दस्तावेजों और लेन-देन की गहन जांच कराने की मांग की है, ताकि यदि कोई साजिश है तो उसका खुलासा हो सके। गरीब परिवार का दर्द—“हमारे घर का चिराग बुझा दिया” सूरजबली की मौत के बाद परिवार की हालत बेहद खराब बताई जा रही है। परिजनों का कहना है कि वह परिवार की रोजी-रोटी का मुख्य सहारा था। उसकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। तीन दिन से चूल्हा नहीं जला… घर में मातम है… मां-बाप की आंखों से आंसू थम नहीं रहे। जिस बेटे से परिवार की उम्मीदें जुड़ी थीं, आज वही घर का चिराग हमेशा के लिए बुझ गया। परिजनों ने पुलिस अधीक्षक विजय कुमार भागवानी से मांग की है
कि मामले को गंभीरता से लेते हुए सूरजबली की मौत की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। जिन लोगों पर परिजनों को संदेह है, उनसे पूछताछ की जाए और वाहन, बीमा सहित सभी संबंधित दस्तावेजों की जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए। परिजनों ने स्पष्ट मांग की है कि यदि जांच में हत्या या किसी आपराधिक साजिश की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। अब सबसे बड़ा सवाल—सूरजबली की मौत का सच क्या है? क्या सूरजबली की मौत महज हादसा थी या इसके पीछे कोई साजिश थी? उसे आखिरी बार कौन अपने साथ लेकर गया था? चार-पांच दिन बाद उसका शव किन परिस्थितियों में मिला? और मृतक के नाम पर वाहन एवं बीमा से जुड़े आरोपों की वास्तविकता क्या है?
- 4 से 5 दिन पहले सूरज बली बैग की संदिग्ध मौत बैगा परिवार में टूटा दुखों का पहाड़ *तीन दिन से नहीं जला चूल्हा, बुझ गया गरीब बैगा परिवार का चिराग* ! *सूरजबली बैगा की संदिग्ध मौत से सहारा टोला में मातम, परिजनों ने हत्या की आशंका जताकर एसपी से लगाई न्याय की गुहार* जिला उमरिया। तहसील मानपुर के अंतर्गत ग्राम सेहरा टोला निवासी छोटेलाल बैगा के परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा है कि तीन दिन से घर में चूल्हा तक नहीं जला। परिवार का कमाने-खाने का सहारा और घर का चिराग सूरजबली बैगा अब इस दुनिया में नहीं है। नेशनल हाईवे-43 के पास संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों के मुताबिक सूरजबली बैगा को राधेलाल प्रजापति घर से अपने साथ लेकर गया था। इसके बाद जब परिजन राधेलाल से सूरजबली के बारे में पूछने पहुंचे तो कथित तौर पर उन्हें कोई संतोषजनक जानकारी नहीं मिली। परिजनों का कहना है कि इसके करीब चार-पांच दिन बाद सूरजबली का शव मिला, जिसके बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। “हमारे बेटे को कौन लेकर गया था, उसकी मौत कैसे हुई—पुलिस सच्चाई सामने लाए” परिजनों ने सूरजबली की मौत को लेकर गंभीर आशंका जताई है। उनका आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा साजिश के तहत उनके बेटे की हत्या की गई हो सकती है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि गणेश प्रजापति द्वारा सूरजबली के नाम पर पिकअप वाहन और पल्सर मोटरसाइकिल लिए जाने तथा बीमा कराए जाने की बात सामने आई है। परिवार ने पुलिस से इन सभी दस्तावेजों और लेन-देन की गहन जांच कराने की मांग की है, ताकि यदि कोई साजिश है तो उसका खुलासा हो सके। गरीब परिवार का दर्द—“हमारे घर का चिराग बुझा दिया” सूरजबली की मौत के बाद परिवार की हालत बेहद खराब बताई जा रही है। परिजनों का कहना है कि वह परिवार की रोजी-रोटी का मुख्य सहारा था। उसकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। तीन दिन से चूल्हा नहीं जला… घर में मातम है… मां-बाप की आंखों से आंसू थम नहीं रहे। जिस बेटे से परिवार की उम्मीदें जुड़ी थीं, आज वही घर का चिराग हमेशा के लिए बुझ गया। परिजनों ने पुलिस अधीक्षक विजय कुमार भागवानी से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए सूरजबली की मौत की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। जिन लोगों पर परिजनों को संदेह है, उनसे पूछताछ की जाए और वाहन, बीमा सहित सभी संबंधित दस्तावेजों की जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए। परिजनों ने स्पष्ट मांग की है कि यदि जांच में हत्या या किसी आपराधिक साजिश की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। अब सबसे बड़ा सवाल—सूरजबली की मौत का सच क्या है? क्या सूरजबली की मौत महज हादसा थी या इसके पीछे कोई साजिश थी? उसे आखिरी बार कौन अपने साथ लेकर गया था? चार-पांच दिन बाद उसका शव किन परिस्थितियों में मिला? और मृतक के नाम पर वाहन एवं बीमा से जुड़े आरोपों की वास्तविकता क्या है?4
- उमरिया जिले के जनपद पंचायत पाली अंतर्गत ग्राम पंचायत घुनघुटी वन परिक्षेत्र जंगल में बाग का मूवमेंट लगातार *घुनघुटी वन परिक्षेत्र जंगल में बाघ का मूवमेंट लगातार अपडेट* दूसरी वीडियो नई सोशल मीडिया में वायरस 28/7/26 शाम को सड़क पर दिखा था जो कर चालक को बाघ हमला करने की कोशिश कर रहा था उसी की जमकर सोशल मीडिया में वायरल हुआ,, अब31/7/26शाम 5:00 घुनघुटी शहडोल बीच अचानक उसी जगह सड़क के बगल में बैठा था बाघ बच्चों के साथ वहीं राहगीरों ने देखा तो कार से वीडियो बनाने लगे तभी बाघ मुख को खोलकर गाड़ी की ओर दौड़ने का प्रयास करने लगा बाघिन सोचती है कि मेरे बच्चे के ऊपर कोई हमला न करें, जबकि वन विभाग के टीम लगातार चारों ओर जंगल की निगरानी में लगी हुई है।1
- सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने की महाकाल की अगवानी और की पूजा अर्चना उज्जैन मध्य प्रदेश l3
- सावधान रहें, सुरक्षित रहें आमजन जलमग्न होने पर पुल-पुलियों को पार करने का न करें प्रयास, बाणसागर बांध से लगातार किया जा रहा जल प्रवाह, बनाएं उचित दूरी, कलेक्टर , पार्थ जायसवाल #शहडोल #shahdol Jansampark Madhya Pradesh1
- चीफ रिपोर्टर योगेश कुमार वर्मन संभाग शहडोल जिला शहडोल मप्र *जैतपुर में बारिश बनी आफत: उफनी कुंनुक नदी, पुल के ऊपर पानी; छत्तीसगढ़ का रास्ता बंद* चीफ रिपोर्टर योगेश कुमार वर्मन संभाग शहडोल जिला शहडोल मप्र *जैतपुर में बारिश बनी आफत: उफनी कुंनुक नदी, पुल के ऊपर पानी; छत्तीसगढ़ का रास्ता बंद*1
- डिप्टी कलेक्टर श्री बैधनाथ वासनिक ने जिले के सभी किसान भाइयों से अपील की है *फार्मर आईडी बनवाने के लिए डिप्टी कलेक्टर बैधनाथ वासनिक ने की किसानों से अपील* *डिंडौरी01सितंबर2026* डिप्टी कलेक्टर श्री बैधनाथ वासनिक ने जिले के सभी किसान भाइयों से अपील की है कि जिन किसानों की फार्मर आईडी अभी तक नहीं बनी है, वे जल्द से जल्द अपनी फार्मर आईडी बनवा लें। जिले में कुल 4 लाख 1 हजार 321 किसानों में से 1 लाख 50 हजार 297 किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है, जबकि 2 लाख 51 हजार 24 किसानों की फार्मर आईडी बनना अभी शेष है। उन्होंने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए जिले में विभिन्न स्थानों पर फार्मर आईडी बनाने हेतु कैंप लगाए जा रहे हैं। साथ ही राजस्व अधिकारी एवं संबंधित अमला घर-घर पहुंचकर भी किसानों की फार्मर आईडी बनाने का कार्य कर रहा है, ताकि कोई भी पात्र किसान इस सुविधा से वंचित न रहे। डिप्टी कलेक्टर श्री वासनिक ने बताया कि फार्मर आईडी बनने से किसानों को शासन की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी। इसके माध्यम से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं, अनुदान एवं अन्य किसान कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक सरल और सुगम होगी। उन्होंने सभी किसान भाइयों से आग्रह किया है कि वे अपने नजदीकी कैंप, निर्धारित केंद्र अथवा घर पहुंचने वाले राजस्व अमले के सहयोग से समय पर अपनी फार्मर आईडी अवश्य बनवाएं, ताकि भविष्य में शासन की किसान हितैषी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।1
- सड़क किनारे बैठी थी बाघिन, कार देखते ही गुर्राकर दौड़ी—बच्चों के साथ राहगीरों की थमी सांसें। घुनघुटी में फिर बाघिन का आतंक! सड़क किनारे बैठी थी बाघिन, कार देखते ही गुर्राकर दौड़ी—बच्चों के साथ राहगीरों की थमी सांसें आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी -उमरिया।शहडोल-घुनघुटी मार्ग पर लगातार बाघिन की दस्तक से दहशत 28 जुलाई के बाद 31 जुलाई को फिर उसी इलाके में दिखी, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल घुनघुटी। जंगल से निकलकर सड़क किनारे पहुंच रही बाघिन अब राहगीरों के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है। 31 जुलाई की शाम करीब 5 बजे घुनघुटी-शहडोल मार्ग NH-43 पर सड़क किनारे बैठी बाघिन अचानक कार की ओर मुंह खोलकर दौड़ने लगी। कार में बच्चों सहित राहगीर मौजूद थे। बाघिन के इस आक्रामक तेवर से लोगों में हड़कंप मच गया। गौरतलब है कि 28 जुलाई को भी इसी इलाके में बाघिन द्वारा कार चालक की ओर हमला करने का प्रयास किए जाने का वीडियो सामने आया था। अब कुछ ही दिनों बाद उसी क्षेत्र में दोबारा बाघिन की मौजूदगी और वाहन की ओर झपटने का प्रयास वन्यजीव एवं मानव सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। बताया जा रहा है कि बाघिन के साथ शावक भी आसपास मौजूद हैं। ऐसे में शावकों को खतरा महसूस होने पर बाघिन के आक्रामक होने की आशंका बनी हुई है। वन विभाग की टीम लगातार जंगल और आसपास के क्षेत्र में निगरानी कर रही है, लेकिन राहगीरों द्वारा बाघिन के करीब जाकर मोबाइल से वीडियो बनाना खतरे को और बढ़ा रहा है। वन विभाग को अब सड़क पर विशेष निगरानी और राहगीरों की सुरक्षा के लिए प्रभावी इंतजाम करने की जरूरत है।1
- ग्राम बटौंधा नायक मोहल्ला विजय किराना स्टोर 20 बोतल बियर 50 पाव देसी शराब भट्टी मां भगवती मानव कल्याण संगठन कार्यकर्ताओं ने शराब पकड़ कर 112 कॉल कर पुलिस को पकड़वाया बिरसिंहपुर नौरोजाबाद में आबकारी नियमों की खुलेआम अनदेखी, ठेकेदार के गुर्गे दोपहिया-चार पहिया वाहनों से कर रहे गांव-गांव शराब की पैकारी पुलिस और आबकारी विभाग की भूमिका पर सवाल, भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ताओं ने पकड़ी अवैध शराब, डायल 112 को दी सूचना बिरसिंहपुर (उमरिया शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि शराब की बिक्री केवल लाइसेंसी अहाते और निर्धारित दुकान से ही की जाए, लेकिन बिरसिंहपुर नौरोजाबाद क्षेत्र में इन नियमों को ठेके पर लेकर बैठे ठेकेदार द्वारा खुलेआम ताक पर रखा जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार नौरोजाबाद शराब भट्टी के ठेकेदार द्वारा अपने गुर्गों के माध्यम से मोटरसाइकिल और चार पहिया वाहनों में शराब भरकर गांव-गांव, शहर के वार्डों, ढाबों, पान-गुमटियों और टपरों तक अवैध रूप से शराब पहुंचाई जा रही है। यह पैकारी सुबह से लेकर देर रात तक बेरोकटोक जारी है, जिससे क्षेत्र में नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है और युवा वर्ग बर्बाद हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लाइसेंसी दुकान पर तो शराब बिकती ही है, लेकिन असली खेल दुकान बंद होने के बाद शुरू होता है। ठेकेदार के लड़के कमीशन के लालच में 20 से 50 रुपये अधिक दाम लेकर हर जगह शराब की होम डिलीवरी जैसा काम कर रहे हैं। गांव के चौक-चौराहों और ढाबों पर खुलेआम शराब पिलाई जा रही है, जिससे आए दिन विवाद और मारपीट की घटनाएं भी बढ़ गई हैं। ग्रामीणों ने कई बार इसकी शिकायत संबंधित थाने और आबकारी विभाग से की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ऐसी स्थिति में जो काम पुलिस और आबकारी विभाग को करना चाहिए था, वह काम आज भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ताओं ने कर दिखाया। सोमवार को संगठन के कार्यकर्ताओं को सूचना मिली कि दोपहिया वाहन पर बड़ी मात्रा में शराब लेकर कुछ लोग गांव की ओर जा रहे हैं। कार्यकर्ताओं राजू सिंह, अमेले सिंह, आशु नायक, लखन नायक, उदय नायक, सुनील, गणेश परस्ते, मनोज मरावी, भुवनेश्वर सिंह,ने तत्परता दिखाते हुए पीछा किया नायक मोहल्ला में रूक कर विजय किराना स्टोर में शराब देखकर चले गए भगवती मानव कल्याण कार्यकर्ताओं ने मौके से देशी50 पाव और 24 बोतल बियर बरामद होने की बात कही जा रही है। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने तत्काल डायल 112 पर फोन लगाकर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब्त शराब और बियर को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया। कार्यकर्ताओं ने पुलिस से मांग की है कि केवल शराब पकड़ने वाले को ही नहीं, बल्कि इस पूरे अवैध कारोबार के पीछे खड़े शराब ठेकेदार के खिलाफ भी आबकारी अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। भगवती मानव कल्याण संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि उनका संगठन लंबे समय से समाज में व्याप्त नशे के खिलाफ अभियान चला रहा है। उनका उद्देश्य लोगों को नशामुक्त बनाना है, जबकि शासन की दुकान का ठेका लेकर कुछ लोग अवैध पैकारी कर उनके प्रयासों को विफल कर रहे हैं। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि इस अवैध पैकारी पर रोक नहीं लगी तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस पूरे मामले ने एक बार फिर आबकारी और पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। आखिर क्यों विभागीय अधिकारी लाइसेंसी दुकानों की जांच नहीं करते? क्यों पैकारी करने वाले वाहनों की चेकिंग नहीं होती? क्या इस अवैध कमाई में कहीं न कहीं विभागीय मिलीभगत तो नहीं है? जनता इन सवालों का जवाब चाहती है। क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने जिला कलेक्टर और जिला आबकारी अधिकारी से मांग की है कि बिरसिंहपुर नौरोजाबाद भट्टी के स्टॉक और बिक्री रजिस्टर का मिलान किया जाए, सीसीटीवी फुटेज खंगाली जाए और पैकारी में लिप्त सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि अवैध शराब बिक्री पर पूरी तरह से रोक लग सके।3