मध्यप्रदेश शहडोल जिले/की यह शराब दुकान इन दिनों नियमों की नहीं, बल्कि ठेकेदार की मर्जी से चल रही है। यहाँ एम आरपी से ऊपर बेचने का वीडियो सामने आया है, जिसका CM हेल्पलाइन 181 में शिकायत करने पर आबकारी अधिकारियो द्वारा बताया गया कि शराब एम आरपी रेत पर ही बिक रही है, मगर वीडियो में साफ साफ दिख रहा है,बोतल 170 की श शराब 200 में दी जा रही है/ और देर रात तक शराब बेचा जा रहा है/ पर लिखी कीमत यानी । जब जागरूक ग्राहकों ने इस लूट का वीडियो बनाया, तो दुकान के कर्मचारियों ने जो तर्क दिया वो हैरान करने वाला है। कर्मचारी साफ कह रहे हैं कि - "ठेका महंगा लिया है, इसलिए पैसा ज्यादा वसूलेंगे।" लूट का यह खेल यहीं नहीं रुकता। यदि आप विरोध करेंगे, तो यहाँ तैनात 'बाहरी बाहुबली' आपको धमकाना शुरू कर देंगे। बड़ा सवाल यह है कि आखिर ये कर्मचारी हैं कौन? क्या इनका चरित्र सत्यापन यानी पुलिस वेरिफिकेशन गोहपारू थाने में जमा है? सूत्रों की मानें तो ठेकेदार ने बिना किसी कानूनी रिकॉर्ड के बाहरी जिलों के संदिग्ध लोगों को यहाँ तैनात कर रखा है, जो विरोध करने वालों के साथ गौज और मारपीट पर उतारू हो जाते हैं।
मध्यप्रदेश शहडोल जिले/की यह शराब दुकान इन दिनों नियमों की नहीं, बल्कि ठेकेदार की मर्जी से चल रही है। यहाँ एम आरपी से ऊपर बेचने का वीडियो सामने आया है, जिसका CM हेल्पलाइन 181 में शिकायत करने पर आबकारी अधिकारियो द्वारा बताया गया कि शराब एम आरपी रेत पर
ही बिक रही है, मगर वीडियो में साफ साफ दिख रहा है,बोतल 170 की श शराब 200 में दी जा रही है/ और देर रात तक शराब बेचा जा रहा है/ पर लिखी कीमत यानी । जब जागरूक ग्राहकों ने इस लूट का वीडियो बनाया, तो दुकान के कर्मचारियों ने जो
तर्क दिया वो हैरान करने वाला है। कर्मचारी साफ कह रहे हैं कि - "ठेका महंगा लिया है, इसलिए पैसा ज्यादा वसूलेंगे।" लूट का यह खेल यहीं नहीं रुकता। यदि आप विरोध करेंगे, तो यहाँ तैनात 'बाहरी बाहुबली' आपको धमकाना शुरू कर देंगे। बड़ा सवाल यह है कि आखिर ये कर्मचारी
हैं कौन? क्या इनका चरित्र सत्यापन यानी पुलिस वेरिफिकेशन गोहपारू थाने में जमा है? सूत्रों की मानें तो ठेकेदार ने बिना किसी कानूनी रिकॉर्ड के बाहरी जिलों के संदिग्ध लोगों को यहाँ तैनात कर रखा है, जो विरोध करने वालों के साथ गौज और मारपीट पर उतारू हो जाते हैं।
- शहडोल जिले के कंचनपुर गांव की फूल बाई चौधरी ने सोहागपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि चरित्र पर संदेह को लेकर कुछ लोगों ने उनसे मारपीट की है और वह कार्रवाई की मांग कर रही हैं।1
- मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग कर एक बस काटने का चौंकाने वाला वीडियो वायरल हुआ है। यह जानलेवा तरीका सुरक्षा नियमों का सीधा उल्लंघन है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था। अब प्रशासन ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है।1
- मध्य प्रदेश के कटनी में एक वकील ने आदिवासी महिला SDM के खिलाफ जातिसूचक टिप्पणी की। SDM ने खुद यह टिप्पणी सुन ली, जिसके बाद मौके पर विवाद खड़ा हो गया। यह घटना बड़े पदों पर भी जातिगत भेदभाव की कड़वी सच्चाई दिखाती है।1
- मध्य प्रदेश के शहडोल में कोतवाली थाना क्षेत्र में रिहायशी इलाके में अवैध गैस कटिंग का खतरनाक खेल खुलेआम चल रहा है। घरेलू सिलेंडर के इस्तेमाल से कभी भी बड़ा विस्फोट या आगजनी का खतरा मंडरा रहा है, जिससे स्थानीय लोग बेहद चिंतित हैं। प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं, और नागरिकों ने तत्काल कार्रवाई की मांग की है।1
- मानपुर में दूषित पानी पर प्रशासन मौन, 15 दिनों से कीड़ेयुक्त पानी पीने को मजबूर वार्डवासी मानपुर उमरिया मानपुर। एक ओर शासन स्वच्छ पेयजल और जल जीवन मिशन के बड़े-बड़े दावे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर नगर परिषद मानपुर के वार्ड क्रमांक 6 की हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। पिछले लगभग 15 दिनों से वार्डवासियों के घरों में कीड़ेयुक्त, दूषित एवं मटमैले पानी की सप्लाई हो रही है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। आज सुबह पंचायतिकालीन नल से दोबारा गंदे पानी की सप्लाई होते ही रहवासियों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस गंभीर समस्या की शिकायत पूर्व में नगर परिषद मानपुर को की जा चुकी है। इतना ही नहीं, दिनांक 27 अप्रैल 2026 को नगर परिषद कर्मचारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया गया था तथा शिकायत सही पाए जाने की पुष्टि भी की गई थी, लेकिन 15 दिनों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। भीषण गर्मी और जल संकट के बीच नागरिक स्वच्छ पानी की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन मजबूरी में दूषित पानी उपयोग करने को विवश हैं। इससे जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब पानी जैसी मूलभूत सुविधा ही सुरक्षित नहीं है, तो आमजन आखिर अपनी समस्याएं लेकर जाएं तो कहां जाएं। लगातार शिकायतों और आश्वासनों के बाद भी स्थिति में सुधार न होना प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। नगर परिषद के नल-जल प्रभारी श्री गोस्वामी ने कर्मचारियों की कमी को समस्या की प्रमुख वजह बताया है। उनके अनुसार नगर परिषद क्षेत्र के 6 ग्रामों के बीच केवल एक मिस्त्री उपलब्ध है तथा अतिरिक्त कर्मचारियों की आवश्यकता से अध्यक्ष एवं सीएमओ को अवगत कराया जा चुका है। यहां सबसे बड़ा विरोधाभास यह है कि वर्ष 2022 में नई परिषद बनने के बाद लगभग 20 आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती की गई थी, जिनमें करीब 16 स्वीपर शामिल थे। इसके बाद 4 वर्षों में यह संख्या बढ़कर लगभग 75 आउटसोर्स कर्मचारियों तक पहुंच गई, लेकिन पेयजल व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विभाग के लिए पर्याप्त नल मिस्त्री एवं लेबर की व्यवस्था अब तक नहीं हो सकी। परिणामस्वरूप पाइपलाइन लीकेज एवं मरम्मत कार्य समय पर नहीं हो पाते, जिससे नागरिकों को लंबे समय तक दूषित पानी की समस्या झेलनी पड़ती है। गौरतलब है कि हाल ही में जिले के दौरे पर आए पालक मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने ग्राम पंचायत धमोखर एवं बड़ेरी में जल जीवन मिशन योजना का निरीक्षण कर अधिकारियों को स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद मानपुर नगर परिषद क्षेत्र में लगातार दूषित पानी की शिकायतें स्थानीय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। नगर के रहवासियों में व्यवस्था को लेकर गहरा असंतोष है। उनका कहना है कि व्यवस्थाएं कागजों में सुचारू दिखाई जाती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर आमजन मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हैं। शिकायत, निरीक्षण और समस्या की पुष्टि के बाद भी समाधान न होना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। नगरवासियों ने स्पष्ट कहा है कि यदि जल्द ही पेयजल व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया और दूषित पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो वे ज्ञापन सौंपने, जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराने एवं शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन जैसे लोकतांत्रिक कदम उठाने को बाध्य होंगे। अब बड़ा सवाल यही है कि जब शिकायत हुई, निरीक्षण हुआ और समस्या की पुष्टि भी हुई, तो आखिर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? नगरवासियों ने प्रशासन से तत्काल जांच कर जिम्मेदारी तय करने एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है।1
- एक सोशल मीडिया पोस्ट में मध्य प्रदेश में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री 'थलापति' जैसा नेतृत्व होने की इच्छा व्यक्त की गई है। यूज़र ने पूछा कि कितने लोग इस विचार से सहमत हैं।1
- मध्यप्रदेश शहडोल जिले/की यह शराब दुकान इन दिनों नियमों की नहीं, बल्कि ठेकेदार की मर्जी से चल रही है। यहाँ एम आरपी से ऊपर बेचने का वीडियो सामने आया है, जिसका CM हेल्पलाइन 181 में शिकायत करने पर आबकारी अधिकारियो द्वारा बताया गया कि शराब एम आरपी रेत पर ही बिक रही है, मगर वीडियो में साफ साफ दिख रहा है,बोतल 170 की श शराब 200 में दी जा रही है/ और देर रात तक शराब बेचा जा रहा है/ पर लिखी कीमत यानी । जब जागरूक ग्राहकों ने इस लूट का वीडियो बनाया, तो दुकान के कर्मचारियों ने जो तर्क दिया वो हैरान करने वाला है। कर्मचारी साफ कह रहे हैं कि - "ठेका महंगा लिया है, इसलिए पैसा ज्यादा वसूलेंगे।" लूट का यह खेल यहीं नहीं रुकता। यदि आप विरोध करेंगे, तो यहाँ तैनात 'बाहरी बाहुबली' आपको धमकाना शुरू कर देंगे। बड़ा सवाल यह है कि आखिर ये कर्मचारी हैं कौन? क्या इनका चरित्र सत्यापन यानी पुलिस वेरिफिकेशन गोहपारू थाने में जमा है? सूत्रों की मानें तो ठेकेदार ने बिना किसी कानूनी रिकॉर्ड के बाहरी जिलों के संदिग्ध लोगों को यहाँ तैनात कर रखा है, जो विरोध करने वालों के साथ गौज और मारपीट पर उतारू हो जाते हैं।4
- मध्य प्रदेश के शहडोल में घरेलू गैस सिलेंडर से बस काटने का एक वीडियो वायरल हुआ है। व्यावसायिक उपयोग देख लोगों में भारी गुस्सा है, क्योंकि आम जनता को घरेलू सिलेंडर मुश्किल से मिल पाता है।1
- मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में पिछले आठ दिनों से एक दंतैल हाथी का आतंक जारी है। शुक्रवार देर रात हाथी ने सोनमौहरी के पिचिंगटोला में दो मवेशियों को मौत के घाट उतार दिया और निगरानी कर रहे दो वन अधिकारियों को भी घायल कर दिया। वन विभाग ने आसपास के गांवों में अलर्ट जारी कर ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की है।3