नरसिंहपुर - पतंग को लेकर हुआ विवाद परिजनों की गैर मौजूदगी में घर में घुसकर बच्चे के साथ कि मारपिट,पीड़ित मां ने एसपी को दिया आवेदन कोतवाली थाना अंतर्गत गरगटा निवासी पीड़ित मां सरला राजपूत ने एसपी ऑफिस पहुंचकर एसपी को आवेदन दिया जिसमें उसने बताया की पतंग उड़ाते समय पतंग काटने को लेकर पड़ोस में रह रहे एक बच्चे से उनके बेटे का विवाद हो गया था जिसके बाद उनके बच्चे के साथ में घर में घुसकर पड़ोसी परिवार के 4 से 5 लोगों ने मारपीट की वहीं मां ने बताया कि उसी दौरान उनके परिवार का कोई भी सदस्य घर में मौजूद नहीं था वह किसी काम से नरसिंहपुर आए हुए थे जब वह पहुंचे तो बच्चे ने उनको बताया कि पड़ोस में रहने वाले एक ही परिवार के चार से पांच लोगों ने घर में घुसकर उसके साथ में मारपीट कर दी वहीं आवेदन देते हुए महिला ने मारपिट करने वालो पर चोरी का आरोप भी लगाया और एसपी को आवेदन देते हुए कार्यवाही की मांग की
नरसिंहपुर - पतंग को लेकर हुआ विवाद परिजनों की गैर मौजूदगी में घर में घुसकर बच्चे के साथ कि मारपिट,पीड़ित मां ने एसपी को दिया आवेदन कोतवाली थाना अंतर्गत गरगटा निवासी पीड़ित मां सरला राजपूत ने एसपी ऑफिस पहुंचकर एसपी को आवेदन दिया जिसमें उसने बताया की पतंग उड़ाते समय पतंग काटने को लेकर पड़ोस में रह रहे एक बच्चे से उनके बेटे का विवाद हो गया था जिसके बाद उनके बच्चे के साथ में घर में घुसकर पड़ोसी परिवार के 4 से 5 लोगों ने मारपीट की वहीं मां ने बताया कि उसी दौरान उनके परिवार का कोई भी सदस्य घर में मौजूद नहीं था वह किसी काम से नरसिंहपुर आए हुए थे जब वह पहुंचे तो बच्चे ने उनको बताया कि पड़ोस में रहने वाले एक ही परिवार के चार से पांच लोगों ने घर में घुसकर उसके साथ में मारपीट कर दी वहीं आवेदन देते हुए महिला ने मारपिट करने वालो पर चोरी का आरोप भी लगाया और एसपी को आवेदन देते हुए कार्यवाही की मांग की
- नरसिंहपुर जिला मुख्यालय के जमुनिया ग्राम में स्वरोजगार के नाम पर धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है। मछली पालन के लिए सरकारी तालाब की स्वीकृति दिलाने का झांसा देकर ग्रामीणों से रुपये की ठगी की गई है। जमुनिया निवासी पीड़ित ग्रामीणों ने आज कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को आवेदन देते हुए अपनी आपबीती सुनाई। ग्रामीणों का कहना हैं की गांव के एक ग्रामीण ने मछली पालन के लिए तालाब स्वीकृत करवाने ग्रामीणों से पैसा लिया और मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया था। ग्रामीणों को भरोसा दिलाया गया कि सरकारी प्रक्रिया के तहत उन्हें गांव का तालाब पट्टे पर दिला दिया जाएगा। इसके बदले में फाइल चार्ज और अन्य सरकारी शुल्कों के नाम पर प्रति व्यक्ति हजारों रुपये वसूले गए। महीनों बीत जाने के बाद ग्रामीण पल्ला झाड़ रहा हैं और पैसा वापिस मांगने पर अधिकारियों को देना बता रहा हैं। ग्रामीणों को ठगी का एहसास होने पर उन्होंने कलेक्ट पहुंचकर कलेक्टर को आवेदन दिया और पूरी मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की1
- Post by SHIVAAY VISHWAKARMA (SHARAD)1
- जबलपुर के कृषि उपज मंडी स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र शाखा में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। गोल्ड लोन चुकाने पहुंचे एक युवक को गलती से किसी दूसरे ग्राहक का सोना दे दिया गया। 》 परिवार के सदस्य कपिल पटेल के अनुसार, उनके भाई ने करीब 5 लाख रुपए का लोन चुकाया था। सोना लेने पहुंचे तो बैंक प्रक्रिया के दौरान उन्हें गलत जेवर सौंप दिया गया। 》 घर पहुंचकर गलती का पता चलने पर युवक तुरंत बैंक लौटा और सोना वापस कर दिया। युवक की ईमानदारी से दूसरे ग्राहक का नुकसान होने से बच गया। 》 इस घटना के बाद बैंक की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। 》 📍 स्थान: जबलपुर, मध्य प्रदेश ✍️ संपादक: दीपक विश्वकर्मा1
- जबलपुर के कृषि उपज मंडी स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र शाखा में गंभीर लापरवाही सामने आई है। गोल्ड लोन चुकाने पहुंचे युवक को गलती से किसी दूसरे ग्राहक का सोना सौंप दिया गया। - परिवार के सदस्य कपिल पटेल के अनुसार, घर पहुंचकर गलती का पता चलने पर युवक तुरंत बैंक लौटा और सोना वापस कर दिया। युवक की ईमानदारी से दूसरे ग्राहक का नुकसान होने से बच गया। - पीड़ित परिवार का कहना है कि बैंक की सुरक्षा व्यवस्था पर अब सवाल उठ रहे हैं। 📍 Jabalpur, Madhya Pradesh --- 📰 सच तक पत्रिका न्यूज़ ✍️ संपादक: दीपक विश्वकर्मा, जबलपुर1
- बनखेड़ी। शहर में मंगलवार को जीएसटी विभाग की टीम द्वारा की गई सर्चिंग कार्रवाई से व्यापारिक क्षेत्र में अफरा–तफरी का माहौल बन गया। जीएसटी टीम के शहर में पहुंचते ही कई दुकानदारों को सर्चिंग की भनक लग गई, जिसके बाद किराना, हार्डवेयर और कपड़ा व्यवसाय से जुड़ी बड़ी दुकानों के शटर एक-एक कर गिरने लगे। सर्चिंग के दौरान शहर में करीब दो दर्जन से अधिक दुकानें बंद नजर आईं, जिससे बाजार की रौनक अचानक फीकी पड़ गई। सूत्रों के मुताबिक जीएसटी टीम की कार्रवाई लगभग दो से तीन घंटे तक चली। इस दौरान प्रमुख बाजारों में बड़ी दुकानों के बंद रहने को लेकर जनचर्चा तेज रही। हालांकि टीम के शहर से रवाना होते ही सभी दुकानें पुनः खुल गईं और बाजार सामान्य स्थिति में लौट आया। इधर, किराना व्यापारी अरविंद गुप्ता ने स्पष्ट किया कि उनकी दुकान पर जीएसटी टीम के तीन सदस्य पहुंचे थे, जिन्होंने आवश्यक दस्तावेजों की जांच की। जांच पूरी होने के बाद टीम बिना किसी आपत्ति के रवाना हो गई। गुप्ता का कहना है कि दुकान बंद होने का कारण उनके घर में विवाह समारोह था, न कि जीएसटी की कार्रवाई। वहीं कुछ व्यापारियों का मानना है कि जीएसटी टीम की यह कार्रवाई नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। बाजार में बिलिंग को लेकर अलग-अलग व्यवस्थाएं प्रचलित हैं—कहीं पक्का बिल दिया जाता है, कहीं कच्चा और कहीं बिना बिल के भी लेनदेन होता है। इसी भ्रम के चलते कई दुकानदार जांच के नाम से घबराकर अपनी दुकानें बंद कर देते हैं, जबकि वास्तव में घबराने जैसी कोई बात नहीं होती। कुल मिलाकर जीएसटी टीम की सर्चिंग ने कुछ घंटों के लिए ही सही, लेकिन बनखेड़ी के बाजार में हलचल जरूर पैदा कर दी, जो दिनभर चर्चा का विषय बनी रही।1
- 👉दूध में यूरिया 👉सब्जियों में ऑक्सीटोसिन 👉पनीर में कास्टिक सोडा 👉मसालों में ईंट का पाउडर 👉शहद में पीला रंग 👉पोल्ट्री में स्टेरॉयड 👉आइसक्रीम में डिटर्जेंट हम सब धीरे-धीरे ज़हर खा रहे हैं! आज संसद में यह गंभीर मुद्दा उठाया। भाषण देखें।1
- नरसिंहपुर मुख्यालय के निवारी निवासी पीड़ित माता-पिता अपने मानसिक दिव्यांग बच्चों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और उन्होंने कलेक्टर को आवेदन दिया जिसमें उन्होंने बताया कि लगभग चार से पांच महीना से उन्हें पेंशन और राशन नहीं मिल रहा है जिससे अब वह आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं और बच्चों के पालन पोषण में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है पीड़ित पिता ने बताया कि कई बार आधार कार्ड में फिंगर अपडेशन करवा लिया है लेकिन उनके राशन और पेंशन दोनों चालू नहीं हुए है इसलिए आज कलेक्टर को आवेदन देते हुए बच्चों के फिंगर अपडेशन करवाने की मांग की है जिससे उन्हें राशन और पेंशन मिल सके और वह उनका पालन पोषण ठीक तरीके से कर सकें।1
- नरसिंहपुर: 'कुसुम वैली' होटल में 1 करोड़ की डकैती, मास्टरमाइंड निकला होटल मैनेजर; पुलिस ने चंद घंटों में किया पर्दाफाश नरसिंहपुर। नरसिंहपुर पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए शहर के प्रतिष्ठित होटल 'कुसुम वैली' में हुई लगभग 1 करोड़ रुपये की लूट का मात्र कुछ ही घंटों में खुलासा कर दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरी डकैती की पटकथा होटल के ही भरोसेमंद मैनेजर ने लिखी थी। पुलिस ने इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 60 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। आधी रात को नकाबपोशों ने डाला था डाका घटना 3 फरवरी 2026 की तड़के करीब 3:00 बजे की है। सूचना मिली कि होटल कुसुम वैली में 3-4 नकाबपोश बदमाशों ने जबरन घुसकर होटल में रखी भारी नकदी लूट ली है। वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने स्वयं मोर्चा संभाला और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया व एसडीओपी मनोज गुप्ता के नेतृत्व में तीन विशेष टीमों का गठन किया। होटल का मैनेजर ही निकला 'विलेन' जांच के दौरान जब पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और होटल स्टाफ से पूछताछ की, तो रात्रिकालीन मैनेजर चंद्रेश रजक की भूमिका संदिग्ध पाई गई। पुलिसिया पूछताछ में वह टूट गया और अपना गुनाह कबूल कर लिया। चंद्रेश ने बताया कि उसे होटल में रखी बड़ी राशि की जानकारी थी। लालच में आकर उसने यह जानकारी अपने साथियों को दी और लूट की योजना तैयार की। इन आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार: चंद्रेश रजक: निवासी यादव कॉलोनी, नरसिंहपुर (मास्टरमाइंड मैनेजर) राकेश कुमार शुक्ला: निवासी लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश अनुज कुमार वाल्मीकि: निवासी लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश मोनू उर्फ टूईया वंशकार: निवासी नरसिंहपुर 60 लाख रुपये नकद बरामद पुलिस ने त्वरित छापेमारी करते हुए चारों आरोपियों को धर दबोचा। इनके पास से कुल 60 लाख रुपये की नकदी जप्त की गई है, जिसमें सबसे बड़ी राशि (45 लाख) मोनू वंशकार से बरामद हुई। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है4
- जनपद पंचायत घंसौर की सीईओ शीतल ठाकुर को जनपद स्टॉप ने विदाई डिप्टी कलेक्टर बनने पर मिली शुभकामनाएं घंसौर। जनपद पंचायत घंसौर की मुख्य कार्यपालन अधिकारी शीतल ठाकुर को उनके स्थानांतरण पर दी गई विदाई एवं डिप्टी कलेक्टर पद पर पदोन्नति मिलने पर दी गई शुभकामनाएं। इस अवसर पर जनपद कार्यालय परिसर में विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। समारोह में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं कर्मचारियों ने शीतल ठाकुर के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में जनपद पंचायत घंसौर में विकास कार्यों को नई दिशा मिली। उन्होंने शासन की योजनाओं को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विदाई समारोह में सभी ने उन्हें डिप्टी कलेक्टर बनने पर शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। शीतल ठाकुर ने भी अपने संबोधन में घंसौर में मिले सहयोग के लिए सभी का आभार व्यक्त किया और यहां की स्मृतियों को हमेशा याद रखने की बात कही।1