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शाहजहाँपुर जनपद के सिंधौली थाना क्षेत्र अंतर्गत एक गन्ने के खेत में एक अज्ञात युवती का शव बरामद हुआ है। इस घटना को लेकर और पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही के संबंध में, श्रीमान अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है।
Mukesh Kumar
शाहजहाँपुर जनपद के सिंधौली थाना क्षेत्र अंतर्गत एक गन्ने के खेत में एक अज्ञात युवती का शव बरामद हुआ है। इस घटना को लेकर और पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही के संबंध में, श्रीमान अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है।
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- शाहजहाँपुर जनपद के सिंधौली थाना क्षेत्र अंतर्गत एक गन्ने के खेत में एक अज्ञात युवती का शव बरामद हुआ है। इस घटना को लेकर और पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही के संबंध में, श्रीमान अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है।1
- शाहजहांपुर के मदनापुर विकास खंड की ग्राम पंचायत गुमटा में स्थित पंचायत भवन अव्यवस्थाओं और अनियमितताओं का केंद्र बन गया है, जिससे ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ लेने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, पंचायत भवन के कंप्यूटर कक्ष में कंप्यूटर ही उपलब्ध नहीं हैं, जबकि पेयजल व्यवस्था भी बदहाल है। पानी की टंकी जमीन पर रखी हुई है और परिसर में लगा हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़ा है, जिसके चलते आने वाले लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज बनवाने के लिए मदनापुर या अन्य स्थानों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे उनके समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। पंचायत सहायक सुनील कुमार ने मीडिया को बताया कि मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण ग्रामीणों को अपेक्षित सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इन समस्याओं का समाधान करने और पंचायत भवन को सुचारु रूप से संचालित करने की मांग की है, ताकि ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सके। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से पंचायत भवन की व्यवस्थाओं में सुधार और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है, जिससे उन्हें राहत मिल सके।1
- जनपद शाहजहांपुर के सिंधौली थाना क्षेत्र अंतर्गत गहारपुर गांव में ग्रामीणों की सूचना पर एक गन्ने के खेत से पुलिस ने एक अज्ञात युवती का शव बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, युवती की गला घोंटकर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण दीक्षा भामरे अरुण ने बताया कि सिंधौली थाना क्षेत्र के गहारपुर गांव के ग्रामीणों ने ही युवती के शव की सूचना दी थी। घटनास्थल पर फील्ड यूनिट द्वारा साक्ष्य संकलन का कार्य किया जा रहा है और युवती की पहचान के प्रयास भी जारी हैं। फिलहाल, पुलिस द्वारा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- स्थानीय शाहाबाद अंझी रेलवे स्टेशन पर एक खबर का बड़ा प्रभाव देखने को मिला है। खबर के असर के परिणामस्वरूप, स्टेशन पर लगा वाटर फ्रीजर फिर से चालू हो गया है।1
- शाहाबाद पुलिस ने एक महिला को नकली सोने की मूर्ति दिखाकर ठगी करने वाले दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से ₹2,10,710 की नगदी बरामद की है और उनके खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, यह मामला 20 जून को तब सामने आया जब शाहजहांपुर जनपद के थाना रामचंद्र मिशन क्षेत्र की किन्नी देवी ने शाहाबाद थाने में तहरीर दी। किन्नी देवी ने शिकायत में बताया था कि रशीद और राजा नामक दो व्यक्तियों ने उन्हें और उनकी पुत्री को सोने की मूर्ति बताकर नकली मूर्ति थमा दी थी, और उनसे नकदी लेकर फरार हो गए थे। शिकायत के आधार पर शाहाबाद थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान, पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए शाहजहांपुर के रोजा थाना क्षेत्र के ग्राम किटया कम्मू निवासी आमिर उर्फ भूरा और हरदोई के मंझिला थाना क्षेत्र के ग्राम टुमुकी निवासी मुबारक को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से ठगी गई ₹2,10,710 की नगदी बरामद हुई है। पुलिस अब इस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश करने के साथ-साथ आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।1
- अमृतपुर, फर्रुखाबाद में जटपुरा-करनपुर दत्त संपर्क मार्ग पर सड़क निर्माण को लेकर शनिवार को एक बार फिर तनाव का माहौल बन गया। पीडब्ल्यूडी विभाग की टीम जब सड़क निर्माण शुरू कराने पहुंची, तो ग्रामीणों के कड़े विरोध के कारण काम शुरू नहीं हो सका और अधिकारियों तथा ग्रामीणों के बीच काफी देर तक तीखी बहस और नोकझोंक होती रही। पीडब्ल्यूडी विभाग के जेई अंकित कुमार राजस्व टीम और पुलिस बल के साथ सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने मौके पर पहुंचे थे, जिसमें कानूनगो लाल बहादुर, लेखपाल विमल कुमार, उपनिरीक्षक राहुल कुमार और सुरेश कुमार सहित अन्य कर्मचारी शामिल थे। जैसे ही मिट्टी डालने और निर्माण शुरू करने की तैयारी की गई, ग्रामीणों ने तुरंत काम रुकवा दिया। स्थिति बिगड़ती देख, जेई अंकित कुमार ने विभाग के सहायक अभियंता (एई) राकेश कुमार को सूचना दी। एई ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों के साथ लंबी बातचीत की, लेकिन मामले का कोई हल नहीं निकल पाया। ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे अपने खेतों से मिट्टी उठाने या सड़क चौड़ीकरण के लिए अपनी निजी भूमि देने को बिल्कुल तैयार नहीं हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सड़क का निर्माण केवल सरकारी अभिलेखों में दर्ज सीमा तक ही किया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य नियमों के तहत होता है, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी, लेकिन निजी जमीन का उपयोग किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। काफी देर तक चली बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच कई बार गरमागरम बहस हुई। समाचार लिखे जाने तक सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका था, और मौके पर मौजूद पुलिस व राजस्व विभाग के अधिकारी स्थिति को शांत बनाए रखने का प्रयास करते रहे।2
- जनपद हरदोई के थाना कछौना क्षेत्रांतर्गत ग्राम चौरा और थाना बेनीगंज क्षेत्रांतर्गत ग्राम फत्तेपुर में 27 जून 2026 को दो लोगों ने अपने घरों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतकों की पहचान ग्राम चौरा निवासी 35 वर्षीय सरवन पुत्र जवाहर और ग्राम फत्तेपुर निवासी 20 वर्षीय कुंती पुत्री सोबरन के रूप में हुई है। सरवन शादीशुदा थे और उनके तीन बच्चे भी हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने नियमानुसार पंचायतनामा की कार्यवाही पूरी करने के बाद दोनों शवों को मोर्चरी भिजवा दिया। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी श्री सुबोध गौतम ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि इस संबंध में अन्य आवश्यक वैधानिक कार्यवाही अभी जारी है।1
- हरदोई जनपद के शाहाबाद कस्बे में तैनात आईपीएस आलोक राज नारायण ने एक दिव्यांग फरियादी के प्रति मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक ऐसी पहल की है, जिसकी क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है। पुलिस की छवि केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक, विशेषकर असहाय और दिव्यांग जनों के प्रति संवेदनशील व्यवहार भी पुलिस की जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जानकारी के अनुसार, एक दिव्यांग पीड़ित अपनी समस्या लेकर अपर पुलिस क्षेत्राधिकारी कार्यालय पहुंचा था। फरियादी की शारीरिक स्थिति को देखते हुए, एएसपी आलोक राज नारायण ने औपचारिकता और पद की गरिमा से ऊपर उठकर मानवीय दृष्टिकोण अपनाया। उन्होंने स्वयं अपने कार्यालय से बाहर आकर दिव्यांग पीड़ित का सम्मानपूर्वक स्वागत किया, उसे बैठने की व्यवस्था कराई और पूरी गंभीरता तथा धैर्य के साथ उसकी समस्या को सुना। पीड़ित की बात सुनने के बाद, आईपीएस आलोक राज नारायण ने संबंधित अधिकारियों को मामले में निष्पक्ष एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, फरियादी को यह भरोसा दिलाया गया कि उसकी शिकायत का नियमानुसार परीक्षण कर न्यायोचित कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन का मानना है कि प्रत्येक नागरिक को सम्मानपूर्वक सुना जाना और उसकी शिकायत पर निष्पक्ष कार्रवाई होना सुशासन की मूल भावना है, विशेष रूप से दिव्यांग, बुजुर्ग, महिला एवं अन्य जरूरतमंद व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। आईपीएस आलोक राज नारायण की इस पहल ने यह संदेश दिया है कि पुलिस की वास्तविक पहचान केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को सुरक्षा, सम्मान और न्याय का भरोसा देना भी है। क्षेत्र के लोगों ने इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अधिकारी प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास और सम्मान दोनों बढ़ाते हैं। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि जब प्रशासनिक दायित्वों के साथ संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों का समावेश होता है, तब शासन की छवि और अधिक सकारात्मक बनती है और प्रत्येक पीड़ित को यह विश्वास दिलाता है कि न्याय व्यवस्था उसके साथ खड़ी है।2