Shuru
Apke Nagar Ki App…
दरभंगा के सिंहवारा में 'सुरक्षित बच्चे, समृद्ध भारत' के तहत मानव व्यापार, बालश्रम, बाल विवाह एवं बंधुआ मजदूरी के उन्मूलन के लिए एक जन-जागरूकता कार्यशाला तथा शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान सिंहवारा के थानाध्यक्ष बसंत कुमार को सुना जा सकता है, जो इस उन्मूलन अभियान और जागरूकता पहल को लेकर अपनी बात रख रहे हैं।
PTB gramin
दरभंगा के सिंहवारा में 'सुरक्षित बच्चे, समृद्ध भारत' के तहत मानव व्यापार, बालश्रम, बाल विवाह एवं बंधुआ मजदूरी के उन्मूलन के लिए एक जन-जागरूकता कार्यशाला तथा शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान सिंहवारा के थानाध्यक्ष बसंत कुमार को सुना जा सकता है, जो इस उन्मूलन अभियान और जागरूकता पहल को लेकर अपनी बात रख रहे हैं।
More news from बिहार and nearby areas
- बिहार के दरभंगा में दुबई की टारगेट (TARGET) कंपनी में नौकरी पाने के इच्छुक लोगों के लिए बंपर भर्ती निकाली गई है। इस भर्ती के तहत चयनित होने वाले उम्मीदवारों को 925 से 1270 AED सैलरी दी जाएगी। इसके साथ ही कंपनी की तरफ से फ्री खाना और रहने की सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी। इस नौकरी के लिए 25 जुलाई को डायरेक्ट इंटरव्यू का आयोजन किया जा रहा है।1
- दरभंगा जिले के गोरा बौराम से माता रानी के प्रति श्रद्धा प्रकट करते हुए एक भावुक विनती की गई है। इस प्रार्थना में भक्त हाथ जोड़कर मां से बार-बार गुहार लगा रहा है कि मां उसकी पुकार सुन लें और उसका उद्धार कर दें।1
- महंगे पेट्रोल और खराब होते इंजनों के बीच अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या E20 पेट्रोल गाड़ियों का दुश्मन बन चुका है। एथेनॉल ब्लेंडिंग के असली सच को लेकर चिंता जताई जा रही है कि क्या इस ईंधन के इस्तेमाल से वाहन सचमुच कबाड़ में तब्दील हो रहे हैं। लोगों के मन में इस नए पेट्रोल के कारण इंजन को पहुंचने वाले नुकसान को लेकर गंभीर आशंकाएं पैदा हो रही हैं।1
- दरभंगा के सिंहवारा में 'सुरक्षित बच्चे, समृद्ध भारत' के तहत मानव व्यापार, बालश्रम, बाल विवाह एवं बंधुआ मजदूरी के उन्मूलन के लिए एक जन-जागरूकता कार्यशाला तथा शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान सिंहवारा के थानाध्यक्ष बसंत कुमार को सुना जा सकता है, जो इस उन्मूलन अभियान और जागरूकता पहल को लेकर अपनी बात रख रहे हैं।1
- हबीबुल्लाह ने स्पष्ट किया है कि दरभंगा जिला परिषद में किसी भी काम के लिए कोई कमीशन नहीं लिया जाता है। उन्होंने पूरा भरोसा जताया है कि डीडीसी (DDC) और अध्यक्ष के नेतृत्व में जनता का अधिक से अधिक विकास किया जाएगा।1
- दरभंगा के गौरा बौराम में इस बात को लेकर गहरी उलझन जताई जा रही है कि इंसान और उसकी समझ आखिर किस दिशा में जा रही है। सोनम वांचूक के धरने, शिक्षा और ऐसे ही कई अन्य मुद्दों को लेकर सवाल खड़ा किया गया है कि आखिर वे इसके जरिए क्या कहना चाहते हैं और इन सब बातों का वास्तविक मतलब क्या है।1
- 18 वर्षों से लाइब्रेरियन बहाली नहीं, LNMU परिसर में अभ्यर्थियों का प्रदर्शन.... बिहार में पिछले 18 वर्षों से लाइब्रेरियन की बहाली नहीं होने के विरोध में मंगलवार को ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय परिसर में अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया। बिहार स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष और छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में आयोजित बैठक के बाद सैकड़ों अभ्यर्थियों ने नारेबाजी करते हुए सरकार से जल्द बहाली की मांग की। दिलीप कुमार ने कहा कि वर्ष 2008 के बाद से बिहार में लाइब्रेरियन की कोई बहाली नहीं हुई है, जबकि हर साल बड़ी संख्या में छात्र इस क्षेत्र से संबंधित कोर्स कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में लाइब्रेरियन के हजारों पद खाली हैं, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लाइब्रेरियन की नियुक्ति नहीं होने के बावजूद पुस्तकों के रख-रखाव और लाइब्रेरी संचालन के नाम पर हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि यह राशि किस मद में और किसके द्वारा खर्च की जा रही है। दिलीप कुमार ने कहा कि लगातार आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक बहाली प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है, जिससे हजारों योग्य अभ्यर्थी बेरोजगार हैं और कई अभ्यर्थियों की आयु सीमा भी समाप्त हो चुकी है। उन्होंने मांग की कि यदि पात्रता परीक्षा आवश्यक है तो उसे जल्द आयोजित कर बहाली का विज्ञापन जारी किया जाए। छात्र नेता ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द लाइब्रेरियन बहाली की प्रक्रिया शुरू नहीं करती है, तो पटना में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। इस प्रदर्शन में रवि प्रकाश, संतोष कुमार, आशुतोष कुमार, श्वेता, बबली, पुष्पा, इंद्रदेव, अनमोल, मणि किशोर, कृष्णा, संतोष ठाकुर, मेघू, प्रभाकर, रवि सागर, जय राम, अरुण समेत सैकड़ों अभ्यर्थी शामिल रहे।1
- इंसान की इंसानियत उसी दिन दम तोड़ देती है जब वह किसी दूसरे की लाचारी या मजबूरी का फायदा उठाकर खुद को बहुत चालाक और होशियार समझने लगता है। किसी की भी मजबूरी पर अपनी जीत का जश्न बिल्कुल नहीं मनाना चाहिए, क्योंकि वक्त कभी भी बदल सकता है और आज जो परिस्थिति किसी और के सामने है, कल वक्त हमारा भी कड़ा इम्तिहान ले सकता है। जीवन में हमेशा इंसानियत का रास्ता ही चुनना चाहिए, क्योंकि यही एक इंसान की सबसे बड़ी और सच्ची पहचान होती है।1