बिहार में पिछले 18 वर्षों से लाइब्रेरियन की बहाली नहीं होने के विरोध में मंगलवार को अभ्यर्थियों ने ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। बिहार स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष और छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में आयोजित बैठक के बाद सैकड़ों अभ्यर्थियों ने नारेबाजी करते हुए सरकार से जल्द बहाली की मांग की। छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि वर्ष 2008 के बाद से बिहार में लाइब्रेरियन की कोई बहाली नहीं हुई है, जबकि हर साल बड़ी संख्या में छात्र इस क्षेत्र से संबंधित कोर्स कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में लाइब्रेरियन के हजारों पद खाली हैं, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लाइब्रेरियन की नियुक्ति न होने के बावजूद पुस्तकों के रख-रखाव और लाइब्रेरी संचालन के नाम पर हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि यह राशि किस मद में और किसके द्वारा खर्च की जा रही है। दिलीप कुमार ने कहा कि लगातार आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक बहाली प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है, जिससे हजारों योग्य अभ्यर्थी बेरोजगार हैं और कई अभ्यर्थियों की आयु सीमा भी समाप्त हो चुकी है। उन्होंने मांग की कि यदि पात्रता परीक्षा आवश्यक है तो उसे जल्द आयोजित कर बहाली का विज्ञापन जारी किया जाए। छात्र नेता ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द लाइब्रेरियन बहाली की प्रक्रिया शुरू नहीं करती है, तो पटना में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। इस प्रदर्शन में रवि प्रकाश, संतोष कुमार, आशुतोष कुमार, श्वेता, बबली, पुष्पा, इंद्रदेव, अनमोल, मणि किशोर, कृष्णा, संतोष ठाकुर, मेघू, प्रभाकर, रवि सागर, जय राम, अरुण समेत सैकड़ों अभ्यर्थी शामिल रहे।
बिहार में पिछले 18 वर्षों से लाइब्रेरियन की बहाली नहीं होने के विरोध में मंगलवार को अभ्यर्थियों ने ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। बिहार स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष और छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में आयोजित बैठक के बाद सैकड़ों अभ्यर्थियों ने नारेबाजी करते हुए सरकार से जल्द बहाली की मांग की। छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि वर्ष 2008 के बाद से बिहार में लाइब्रेरियन की कोई बहाली नहीं हुई है, जबकि हर साल बड़ी संख्या में छात्र इस क्षेत्र से संबंधित कोर्स कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में लाइब्रेरियन के हजारों पद खाली हैं, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लाइब्रेरियन की नियुक्ति न होने के बावजूद पुस्तकों के रख-रखाव और लाइब्रेरी संचालन के नाम पर हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि यह राशि किस मद में और किसके द्वारा खर्च की जा रही है। दिलीप कुमार ने कहा कि लगातार आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक बहाली प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है, जिससे हजारों योग्य अभ्यर्थी बेरोजगार हैं और कई अभ्यर्थियों की आयु सीमा भी समाप्त हो चुकी है। उन्होंने मांग की कि यदि पात्रता परीक्षा आवश्यक है तो उसे जल्द आयोजित कर बहाली का विज्ञापन जारी किया जाए। छात्र नेता ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द लाइब्रेरियन बहाली की प्रक्रिया शुरू नहीं करती है, तो पटना में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। इस प्रदर्शन में रवि प्रकाश, संतोष कुमार, आशुतोष कुमार, श्वेता, बबली, पुष्पा, इंद्रदेव, अनमोल, मणि किशोर, कृष्णा, संतोष ठाकुर, मेघू, प्रभाकर, रवि सागर, जय राम, अरुण समेत सैकड़ों अभ्यर्थी शामिल रहे।
- बिहार में पिछले 18 वर्षों से लाइब्रेरियन की बहाली नहीं होने के विरोध में मंगलवार को अभ्यर्थियों ने ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। बिहार स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष और छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में आयोजित बैठक के बाद सैकड़ों अभ्यर्थियों ने नारेबाजी करते हुए सरकार से जल्द बहाली की मांग की। छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि वर्ष 2008 के बाद से बिहार में लाइब्रेरियन की कोई बहाली नहीं हुई है, जबकि हर साल बड़ी संख्या में छात्र इस क्षेत्र से संबंधित कोर्स कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में लाइब्रेरियन के हजारों पद खाली हैं, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लाइब्रेरियन की नियुक्ति न होने के बावजूद पुस्तकों के रख-रखाव और लाइब्रेरी संचालन के नाम पर हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि यह राशि किस मद में और किसके द्वारा खर्च की जा रही है। दिलीप कुमार ने कहा कि लगातार आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक बहाली प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है, जिससे हजारों योग्य अभ्यर्थी बेरोजगार हैं और कई अभ्यर्थियों की आयु सीमा भी समाप्त हो चुकी है। उन्होंने मांग की कि यदि पात्रता परीक्षा आवश्यक है तो उसे जल्द आयोजित कर बहाली का विज्ञापन जारी किया जाए। छात्र नेता ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द लाइब्रेरियन बहाली की प्रक्रिया शुरू नहीं करती है, तो पटना में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। इस प्रदर्शन में रवि प्रकाश, संतोष कुमार, आशुतोष कुमार, श्वेता, बबली, पुष्पा, इंद्रदेव, अनमोल, मणि किशोर, कृष्णा, संतोष ठाकुर, मेघू, प्रभाकर, रवि सागर, जय राम, अरुण समेत सैकड़ों अभ्यर्थी शामिल रहे।1
- बिहार के दरभंगा में दुबई की टारगेट (TARGET) कंपनी में नौकरी पाने के इच्छुक लोगों के लिए बंपर भर्ती निकाली गई है। इस भर्ती के तहत चयनित होने वाले उम्मीदवारों को 925 से 1270 AED सैलरी दी जाएगी। इसके साथ ही कंपनी की तरफ से फ्री खाना और रहने की सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी। इस नौकरी के लिए 25 जुलाई को डायरेक्ट इंटरव्यू का आयोजन किया जा रहा है।1
- समस्तीपुर जिले के हकीमाबाद पंचायत के गोनहर नवादा स्थित कबीर मठ परिसर में एक सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्घाटन सदर अनुमंडल पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, मुखिया सुनील कुमार उर्फ शोले, प्रखंड प्रमुख राजेश सिंह और कबीर मठ के महंत ज्ञानानंद गोस्वामी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान मुखिया सुनील कुमार उर्फ शोले ने सभी अतिथियों का अंगवस्त्र, पाग, चादर और माला पहनाकर स्वागत किया। शिविर में सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े 17 विभागों के स्टॉल लगाए गए थे, जहां सुबह से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं और जरूरी दस्तावेजों के साथ पहुंचे। शिविर में राशन कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र समेत विभिन्न योजनाओं से संबंधित आवेदन लिए गए। अधिकारियों ने लोगों की समस्याएं सुनकर कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया, जबकि कई लाभुकों को योजनाओं से जुड़े प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए। सदर अनुमंडल पदाधिकारी ने बताया कि सरकार का उद्देश्य पंचायत स्तर पर ही लोगों को सभी सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस शिविर में प्राप्त हुए सभी आवेदनों का 30 दिनों के भीतर निष्पादन कर दिया जाएगा। वहीं, मुखिया सुनील कुमार उर्फ शोले ने कहा कि पंचायत के प्रत्येक जरूरतमंद तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है और भविष्य में भी ऐसे सहयोग शिविर आयोजित किए जाते रहेंगे।1
- दरभंगा जिले के गोरा बौराम से माता रानी के प्रति श्रद्धा प्रकट करते हुए एक भावुक विनती की गई है। इस प्रार्थना में भक्त हाथ जोड़कर मां से बार-बार गुहार लगा रहा है कि मां उसकी पुकार सुन लें और उसका उद्धार कर दें।1
- महंगे पेट्रोल और खराब होते इंजनों के बीच अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या E20 पेट्रोल गाड़ियों का दुश्मन बन चुका है। एथेनॉल ब्लेंडिंग के असली सच को लेकर चिंता जताई जा रही है कि क्या इस ईंधन के इस्तेमाल से वाहन सचमुच कबाड़ में तब्दील हो रहे हैं। लोगों के मन में इस नए पेट्रोल के कारण इंजन को पहुंचने वाले नुकसान को लेकर गंभीर आशंकाएं पैदा हो रही हैं।1
- दरभंगा के सिंहवारा में 'सुरक्षित बच्चे, समृद्ध भारत' के तहत मानव व्यापार, बालश्रम, बाल विवाह एवं बंधुआ मजदूरी के उन्मूलन के लिए एक जन-जागरूकता कार्यशाला तथा शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान सिंहवारा के थानाध्यक्ष बसंत कुमार को सुना जा सकता है, जो इस उन्मूलन अभियान और जागरूकता पहल को लेकर अपनी बात रख रहे हैं।1
- समस्तीपुर के समाहरणालय सभागार में जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा की अध्यक्षता में आगामी 15 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस राजकीय समारोह की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने समारोह को गरिमामय, भव्य एवं सुव्यवस्थित ढंग से आयोजित करने के लिए सभी संबंधित विभागों की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों से आपसी समन्वय स्थापित करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग को विद्यालयों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए आकर्षक प्रभात फेरी आयोजित करने तथा पुलिस विभाग को परेड, सलामी समारोह की तैयारियों, नियमित रिहर्सल और सुरक्षा के व्यापक प्रबंध करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, खेल विभाग को खेलकूद प्रतियोगिताओं की कार्ययोजना बनाने और कला, संस्कृति एवं युवा विभाग को स्वतंत्रता संग्राम तथा बिहार की सांस्कृतिक विरासत पर आधारित राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत उच्चस्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रम तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई। जिला कल्याण पदाधिकारी को महादलित टोलों में ध्वजारोहण के लिए स्थलों का चिन्हांकन कर सूची उपलब्ध कराने तथा नगर आयुक्त को प्रमुख चौराहों पर स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं की साफ-सफाई और रंग-रोगन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। नजारत उप समाहर्ता को संबंधित स्थलों पर माल्यार्पण एवं अन्य व्यवस्थाएं समय पर उपलब्ध कराने को कहा गया। बैठक में मंच व पंडाल निर्माण, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, चिकित्सा सुविधा, अग्निशमन, यातायात और पार्किंग प्रबंधन जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। बैठक में मौजूद पुलिस अधीक्षक समस्तीपुर श्री अरविंद प्रताप सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था, विधि-व्यवस्था संधारण और पर्याप्त पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस समीक्षा बैठक में अपर समाहर्ता श्री ब्रजेश कुमार, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) श्री राजेश सिंह, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री कामेश्वर प्रसाद गुप्ता, सभी अनुमंडल पदाधिकारी तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।1
- दरभंगा के पोलो मैदान स्थित धरना स्थल पर सोमवार को देश भर में हो रहे पेपर लीक और शिक्षा व परीक्षा व्यवस्था में बढ़ते भ्रष्टाचार के विरोध में 'छात्र-युवा आक्रोश दिवस' मनाया गया। आइसा, आरवाईए और भाकपा (माले) के संयुक्त आह्वान पर आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के प्रति एकजुटता व्यक्त की गई। इस कार्यक्रम का संचालन आइसा नेता मिथिलेश कुमार ने किया, जबकि अध्यक्षता आरवाईए के राज्य सह सचिव संदीप कुमार चौधरी ने की। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकारें शिक्षा व्यवस्था को सुधारने में विफल रही हैं। लगातार हो रहे पेपर लीक, नियुक्तियों में अनियमितता और भ्रष्टाचार के कारण लाखों छात्रों और युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। आंदोलनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की। इसके साथ ही पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने की मांग उठाई गई। वक्ताओं ने बताया कि दिल्ली में आइसा की नेत्री नेहा, मनीष सहित कई छात्र पिछले 22 दिनों से भूख हड़ताल पर आंदोलनरत हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने छात्रों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। इस धरना कार्यक्रम में भाकपा (माले) जिला सचिव बैद्यनाथ यादव, राज्य कमिटी सदस्य शनिचरी देवी, नेयाज अहमद, अभिषेक कुमार, आर.के. साहनी, संदीप कुमार चौधरी, ओणम सिंह, नंदलाल ठाकुर, अशोक पासवान, सबा रौशनी, कामेश्वर पासवान, बसंती देवी, गंगा मंडल, मोहम्मद शौकत, प्रो. कल्याण भारती, हरिश्चंद्र पासवान, धर्मेश यादव, उमेश साह, अमरजीत पासवान, जिला परिषद सदस्य सुमित्रा देवी, केशरी यादव, नागमणि यादव, प्रिंस राज सहित कई कार्यकर्ता और छात्र-युवा उपस्थित रहे।1