अल्मोड़ा के सल्ट क्षेत्र में रविवार को सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। थानाध्यक्ष कश्मीर सिंह के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने इस जागरूकता कार्यक्रम का संचालन किया, जहाँ यातायात नियमों का पालन, साइबर अपराधों से बचाव, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा नशे के दुष्प्रभावों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने लोगों को सुरक्षित वाहन चलाने और सड़क सुरक्षा नियमों का जिम्मेदारी से पालन करने के लिए प्रेरित किया। इसके अतिरिक्त, साइबर अपराधों से बचने के उपाय, महिला एवं बाल सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं और नए आपराधिक कानूनों के बारे में भी आवश्यक जानकारी साझा की गई। पुलिस ने गुड सेमेरिटन योजना के बारे में विस्तार से बताते हुए सड़क दुर्घटना पीड़ितों की सहायता करने वाले व्यक्तियों को मिलने वाले कानूनी संरक्षण और अधिकारों से अवगत कराया, साथ ही दुर्घटना की स्थिति में घायलों की मदद के लिए आगे आने की अपील भी की। जागरूकता अभियान के तहत, पुलिस टीम ने नशे से संबंधित गतिविधियों की गोपनीय सूचना साझा करने के लिए मानस हेल्पलाइन 1933 की जानकारी दी। इसके अलावा, डायल-112, साइबर हेल्पलाइन 1930 और आपदा हेल्पलाइन 1070 सहित विभिन्न महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों के प्रति भी लोगों को जागरूक किया गया।
अल्मोड़ा के सल्ट क्षेत्र में रविवार को सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। थानाध्यक्ष कश्मीर सिंह के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने इस जागरूकता कार्यक्रम का संचालन किया, जहाँ यातायात नियमों का पालन, साइबर अपराधों से बचाव, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा नशे के दुष्प्रभावों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने लोगों को सुरक्षित वाहन चलाने और सड़क सुरक्षा नियमों का जिम्मेदारी से पालन करने के लिए प्रेरित किया। इसके अतिरिक्त, साइबर अपराधों से बचने के उपाय, महिला एवं बाल सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं और नए आपराधिक कानूनों के बारे में भी आवश्यक जानकारी साझा की गई। पुलिस ने गुड सेमेरिटन योजना के बारे में विस्तार से बताते हुए सड़क दुर्घटना पीड़ितों की सहायता करने वाले व्यक्तियों को मिलने वाले कानूनी संरक्षण और अधिकारों से अवगत कराया, साथ ही दुर्घटना की स्थिति में घायलों की मदद के लिए आगे आने की अपील भी की। जागरूकता अभियान के तहत, पुलिस टीम ने नशे से संबंधित गतिविधियों की गोपनीय सूचना साझा करने के लिए मानस हेल्पलाइन 1933 की जानकारी दी। इसके अलावा, डायल-112, साइबर हेल्पलाइन 1930 और आपदा हेल्पलाइन 1070 सहित विभिन्न महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों के प्रति भी लोगों को जागरूक किया गया।
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- रानीखेत में आयोजित हुई महिला रामलीला प्रतियोगिता में महिलाओं ने विभिन्न प्रसंगों का मनमोहक और सुंदर अभिनय किया। इस दौरान कलाकारों ने धनुष यज्ञ, परशुराम लक्ष्मण संवाद, ताड़का वध और सूर्पणखा नासिका छेदन जैसे महत्वपूर्ण दृश्यों को मंच पर जीवंत किया। इस शानदार प्रदर्शन को देख दर्शकों ने महिला रामलीला की खूब सराहना की।1
- देहरादून के निरंजनपुर स्थित परीक्षा केंद्र पर उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा रविवार को आयोजित वाहन चालक भर्ती परीक्षा में भारी हंगामा देखने को मिला। समय से पहले पहुंचने के बावजूद कई अभ्यर्थियों को परीक्षा में प्रवेश नहीं दिया गया, जिससे आक्रोशित युवाओं ने केंद्र के बाहर ही धरना शुरू कर दिया और आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पीड़ित अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि परीक्षा का निर्धारित समय सुबह 11:00 बजे था, लेकिन जब वे सुबह 10:28 बजे ही निरंजनपुर सेंटर के मुख्य गेट पर पहुँच गए, तो केंद्र प्रबंधन ने गेट पर ताला लगा दिया। उन्हें यह कहकर प्रवेश देने से मना कर दिया गया कि 10:30 बजे के बाद एंट्री बंद हो जाएगी। धरने पर बैठे युवाओं ने आयोग के प्रवेश पत्र (Admit Card) का हवाला दिया, जिसमें स्पष्ट लिखा था कि 'परीक्षा शुरू होने के बाद' प्रवेश नहीं मिलेगा। अभ्यर्थियों ने सवाल उठाया कि जब वे परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले केंद्र पर मौजूद थे, तो उन्हें अंदर क्यों नहीं जाने दिया गया। युवाओं ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस भर्ती परीक्षा के लिए उन्होंने सालों तक इंतजार किया है। पहले आयोग ने इस परीक्षा को रद्द किया, फिर नई तारीख घोषित की और अब उन्हें परीक्षा देने से ही रोक दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि जहाँ एक ओर देश में पेपर लीक हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गरीब परिवारों के मेहनती बच्चों को नियमों का झांसा देकर प्रताड़ित किया जा रहा है। आक्रोशित युवाओं ने आयोग से इस अव्यवस्था पर तुरंत जवाब देने और परीक्षा से वंचित रह गए अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग की है।1
- 31 मई, 2026 को दोपहर 12:55 बजे जारी एक अपडेट के अनुसार, मध्य पूर्व में ईरान से संबंधित स्थिति पर जानकारी सामने आई है। यह अपडेट ईरान पर हुए किसी हमले और इज़राइल तथा अमेरिका के साथ ईरान के टकराव से जुड़े तनावपूर्ण माहौल को दर्शाता है। इस संबंध में वीडियो का श्रेय Razagraphyunscripted को दिया गया है।1
- बागेश्वर के गरुड़ स्थित टीट बाजार में एक महिला को एक 4 वर्षीय बालिका के साथ देखा गया है। जनता से अनुरोध किया गया है कि यदि किसी को इस महिला और बालिका के बारे में कोई जानकारी हो, तो वे गरुड़ के वन स्टॉप सेंटर से संपर्क करें।1
- उत्तराखंड के लोहाघाट स्थित लोक निर्माण विभाग के कार्यालय में, अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक बुजुर्ग चेतराम लगातार 116वीं बार धरने पर बैठे हैं। इस बार भी उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं, जबकि उनकी समस्याओं का कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।1
- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा संख्या 231/2022 के तहत चंपावत विधानसभा क्षेत्र के बनबसा में एक सैनिक स्मारक के निर्माण को स्वीकृति दी है। इस परियोजना की कार्यदायी संस्था नगर पंचायत बनबसा होगी, जिसका स्वीकृत वर्ष 2025-2026 है और अनुमानित लागत 37.82 लाख रुपये बताई गई है। इस निर्माण कार्य का ठेका हीरा बल्लभ को दिया गया है। इसी बीच, बनबसा नेपाल सीमा पर बनबसा पुल से लेकर गद्दा चौक के 7 नंबर पिलर तक सड़क की खराब हालत के कारण लोगों को रोज़ाना समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यह अंतर्राष्ट्रीय सड़क इतनी खराब और पतली है कि यहां आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता जा रहा है। टुकटुक, फोर व्हीलर और बाइक जैसे वाहन चालक नियमित रूप से इस मार्ग से गुजरते हैं, और वे मांग कर रहे हैं कि इस सड़क का निर्माण जल्द से जल्द कराया जाए। सीमा पर भारत और नेपाल के वाहनों के लिए नियमों में भारी असमानता भी सामने आई है। भारतीय पीली प्लेट टैक्सी, फोर व्हीलर और टू व्हीलर वाहनों को नेपाल में प्रवेश की अनुमति नहीं है, जिसके कारण सभी टैक्सी गाड़ियां भारतीय सीमा पर ही खड़ी रहती हैं। वहीं, नेपाली बाइक और फोर व्हीलर बिना किसी आपत्ति या नियम-कानून के भारत में आते-जाते हैं। नेपाली नागरिक महेंद्र नगर से बनबसा तक सवारी लेकर टू व्हीलर बाइक से आते हैं और प्रति व्यक्ति 200 रुपये किराया लेते हैं, जबकि इंडियन बाइक गद्दा चौकी के 7 नंबर पिलर से बनबसा तक के लिए 100 रुपये किराया लेती हैं। नेपाली पुलिस भारतीय बाइकों को 7 नंबर पिलर से आगे जाने नहीं देती है और अगर कोई भारतीय बाइक चालक आगे बढ़ता है तो उसकी गाड़ी सीज कर दी जाती है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या नेपाल का यही नियम है, जब उनकी बाइकें भारत में बेखौफ होकर चलती हैं और उनके लिए कोई कानून नहीं है।1
- हल्द्वानी शहर के मुख्य मार्ग पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक स्कूल वाहन संचालक और राहगीर के बीच मामूली बात को लेकर तीखी बहस के बाद बीच सड़क पर जमकर हाथापाई हो गई। सरेराह हुई इस मारपीट की घटना के कारण व्यस्त मार्ग पर वाहनों के पहिये थम गए, जिससे काफी देर तक यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।1