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भरनो पहुंच गया वायरल गाड़ी,लोगो की लगी हुजूम गाड़ी देखते ही लोग सेल्फी रिल्स बनाते नजर आए

19 hrs ago
user_Sunderam Keshri
Sunderam Keshri
चैनपुर, गुमला, झारखंड•
19 hrs ago

भरनो पहुंच गया वायरल गाड़ी,लोगो की लगी हुजूम गाड़ी देखते ही लोग सेल्फी रिल्स बनाते नजर आए

More news from झारखंड and nearby areas
  • ईद-ए-मिलादुन्नबी को लेकर चैनपुर पुलिस अलर्ट, निकाला फ्लैग मार्च ईद-ए-मिलादुन्नबी पर्व को लेकर चैनपुर पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। पर्व के दौरान शांति एवं सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने के उद्देश्य से मंगलवार को चैनपुर नगर में पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला। चैनपुर थाना प्रभारी अरविंद कुमार की अगुवाई में पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों ने नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों का भ्रमण किया।
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    ईद-ए-मिलादुन्नबी को लेकर चैनपुर पुलिस अलर्ट, निकाला फ्लैग मार्च
ईद-ए-मिलादुन्नबी पर्व को लेकर चैनपुर पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। पर्व के दौरान शांति एवं सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने के उद्देश्य से मंगलवार को चैनपुर नगर में पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला। चैनपुर थाना प्रभारी अरविंद कुमार की अगुवाई में पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों ने नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों का भ्रमण किया।
    user_Sachin public news
    Sachin public news
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    10 hrs ago
  • भरनो पहुंच गया वायरल गाड़ी,लोगो की लगी हुजूम गाड़ी देखते ही लोग सेल्फी रिल्स बनाते नजर आए
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    भरनो पहुंच गया वायरल गाड़ी,लोगो की लगी हुजूम गाड़ी देखते ही लोग सेल्फी रिल्स बनाते नजर आए
    user_Sunderam Keshri
    Sunderam Keshri
    चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    19 hrs ago
  • जशपुर में बच्चों के हक पर डाका: तमता बालक छात्रावास में राशन-सामान का गबन, नौकरी के नाम पर लाखों की उगाही; जांच के नाम पर खुली लीपापोती पत्थलगांव / तमता: मुख्यमंत्री के गृह जिले जशपुर में शिक्षा व्यवस्था और कल्याणकारी योजनाओं को भ्रष्टाचार का दीमक किस कदर चाट रहा है, इसका जीता-जागता उदाहरण पत्थलगांव विकासखंड का तमता शासकीय बालक छात्रावास है। वर्षों से जमे अधीक्षक बुधनाथ भगत पर मासूम छात्रों की मूलभूत सुविधाओं को डकारने और चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों के नाम पर लाखों की अवैध उगाही के गंभीर आरोप लगे हैं। संगीन खुलासों के एक सप्ताह बाद भी प्रशासनिक कार्रवाई शून्य है, जिससे पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कागजों पर लाखों का खर्च, जमीन पर बच्चे बेहाल शासन की ओर से छात्रों के लिए हर वर्ष मच्छरदानी, कंबल, तकिया, तेल, साबुन और रसोई के बर्तनों के लिए भारी-भरकम बजट जारी होता है। अधीक्षक की मिलीभगत से यह सारा सामान सिर्फ फाइलों और फर्जी बिलों में सिमट कर रह गया। जमीनी हकीकत यह है कि छात्रावास में रहने वाले गरीब और आदिवासी बच्चे बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़ा और अवैध वसूली अधीक्षक पर पद के दुरुपयोग और फर्जी नियुक्तियों के गंभीर प्रमाण सामने आ रहे हैं: कोड़केल खजरी अवैध वसूली: मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नौकरी लगवाने का झांसा देकर कई बेरोजगारों से लाखों रुपये की ठगी की गई। अवैध पदस्थापना: बालक एवं कन्या छात्रावास में कार्यरत दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों—स्टीफन खलखो और हेमू अजगले—से मोटी रकम लेकर बिना किसी वैध सरकारी आदेश या पंचायत प्रस्ताव के अवैध रूप से काम पर रख लिया गया। जांच के नाम पर बंद कमरों का खेल मामला उछलने के बाद मंडल संयोजक जांच करने पहुंचे, लेकिन पूरी प्रक्रिया केवल खानापूरी साबित हुई। जांच अधिकारी ने न तो शिकायतकर्ताओं के बयान लिए और न ही पीड़ित बच्चों से सच जानने की जहमत उठाई। बंद कमरे में बैठकर जांच समेट ली गई, जिससे स्पष्ट है कि सिस्टम अपने ही भ्रष्ट कारिंदे को बचाने में जुटा है। किसका वरदहस्त, किसका संरक्षण? खुलेआम चल रही इस लीपापोती ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। सवाल उठ रहा है कि क्या अधीक्षक को किसी प्रभावशाली राजनीतिक आका का संरक्षण प्राप्त है या फिर जांच दबाने के लिए अधिकारियों की जेबें गरम की गई हैं? ग्रामीणों और अभिभावकों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि आरोपी अधीक्षक को तत्काल निलंबित कर किसी स्वतंत्र टीम से उच्च स्तरीय जांच नहीं कराई गई, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे। मासूमों के हक का निवाला छीनने वाले इस भ्रष्ट तंत्र पर उच्च अधिकारियों की चुप्पी अब सीधे-सीधे मिलीभगत की ओर इशारा कर रही है।
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    जशपुर में बच्चों के हक पर डाका: तमता बालक छात्रावास में राशन-सामान का गबन, नौकरी के नाम पर लाखों की उगाही; जांच के नाम पर खुली लीपापोती
पत्थलगांव / तमता:
मुख्यमंत्री के गृह जिले जशपुर में शिक्षा व्यवस्था और कल्याणकारी योजनाओं को भ्रष्टाचार का दीमक किस कदर चाट रहा है, इसका जीता-जागता उदाहरण पत्थलगांव विकासखंड का तमता शासकीय बालक छात्रावास है। वर्षों से जमे अधीक्षक बुधनाथ भगत पर मासूम छात्रों की मूलभूत सुविधाओं को डकारने और चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों के नाम पर लाखों की अवैध उगाही के गंभीर आरोप लगे हैं। संगीन खुलासों के एक सप्ताह बाद भी प्रशासनिक कार्रवाई शून्य है, जिससे पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कागजों पर लाखों का खर्च, जमीन पर बच्चे बेहाल
शासन की ओर से छात्रों के लिए हर वर्ष मच्छरदानी, कंबल, तकिया, तेल, साबुन और रसोई के बर्तनों के लिए भारी-भरकम बजट जारी होता है। अधीक्षक की मिलीभगत से यह सारा सामान सिर्फ फाइलों और फर्जी बिलों में सिमट कर रह गया। जमीनी हकीकत यह है कि छात्रावास में रहने वाले गरीब और आदिवासी बच्चे बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।
नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़ा और अवैध वसूली
अधीक्षक पर पद के दुरुपयोग और फर्जी नियुक्तियों के गंभीर प्रमाण सामने आ रहे हैं:
कोड़केल खजरी अवैध वसूली: मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नौकरी लगवाने का झांसा देकर कई बेरोजगारों से लाखों रुपये की ठगी की गई।
अवैध पदस्थापना: बालक एवं कन्या छात्रावास में कार्यरत दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों—स्टीफन खलखो और हेमू अजगले—से मोटी रकम लेकर बिना किसी वैध सरकारी आदेश या पंचायत प्रस्ताव के अवैध रूप से काम पर रख लिया गया।
जांच के नाम पर बंद कमरों का खेल
मामला उछलने के बाद मंडल संयोजक जांच करने पहुंचे, लेकिन पूरी प्रक्रिया केवल खानापूरी साबित हुई। जांच अधिकारी ने न तो शिकायतकर्ताओं के बयान लिए और न ही पीड़ित बच्चों से सच जानने की जहमत उठाई। बंद कमरे में बैठकर जांच समेट ली गई, जिससे स्पष्ट है कि सिस्टम अपने ही भ्रष्ट कारिंदे को बचाने में जुटा है।
किसका वरदहस्त, किसका संरक्षण?
खुलेआम चल रही इस लीपापोती ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। सवाल उठ रहा है कि क्या अधीक्षक को किसी प्रभावशाली राजनीतिक आका का संरक्षण प्राप्त है या फिर जांच दबाने के लिए अधिकारियों की जेबें गरम की गई हैं?
ग्रामीणों और अभिभावकों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि आरोपी अधीक्षक को तत्काल निलंबित कर किसी स्वतंत्र टीम से उच्च स्तरीय जांच नहीं कराई गई, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे। मासूमों के हक का निवाला छीनने वाले इस भ्रष्ट तंत्र पर उच्च अधिकारियों की चुप्पी अब सीधे-सीधे मिलीभगत की ओर इशारा कर रही है।
    user_ANURAG
    ANURAG
    Media house जशपुर, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • वायरल वीडियो के बाद नेतरहाट में शराब बिक्री मामले पर प्रशासनिक कार्रवाई, जांच तेज* रामप्रवेश गुप्ता *प्रतिबंध के बावजूद शराब उपलब्धता और मनमानी कीमत वसूली के आरोपों से मचा हड़कंप, कुछ दिन पहले भी हो चुकी है प्रशासनिक कार्रवाई* महुआडांड़। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नेतरहाट में प्रतिबंध के बावजूद कथित रूप से शराब उपलब्ध कराने और पर्यटकों से मनमानी कीमत वसूलने का मामला सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि, इस मामले को लेकर कुछ दिन पहले ही प्रशासनिक कार्रवाई हो चुकी है। इसके बावजूद शराब की कथित उपलब्धता से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन की निगरानी और कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। वायरल वीडियो में नेतरहाट बाजार की एक दुकान में शराब के विभिन्न ब्रांड उपलब्ध होने और उनकी कीमत निर्धारित दर से अधिक बताए जाने की बातचीत सामने आती है। वीडियो में एक शराब ब्रांड की कीमत 800 रुपये और दूसरे ब्रांड की कीमत 600 रुपये बताई जा रही है। वहीं, कुछ अन्य ब्रांड उपलब्ध होने की बात भी बातचीत में सामने आती है। स्थानीय स्तर पर पर्यटकों की ओर से शिकायत किए जाने की बात सामने आई है कि नेतरहाट में शराब उपलब्ध कराने के नाम पर निर्धारित कीमत से काफी अधिक राशि वसूली जाती है। आरोप है कि करीब 550 रुपये मूल्य की शराब की बोतल के लिए 800 रुपये तक लिए जाते हैं। यानी एक बोतल पर करीब 250 रुपये अधिक वसूले जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो में सामने आए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। *कुछ दिन पहले हो चुकी है प्रशासनिक कार्रवाई* गौरतलब है कि शराब की अवैध बिक्री से संबंधित शिकायतों के बाद कुछ दिन पहले प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने नेतरहाट में छापेमारी कर कार्रवाई की थी। कार्रवाई के दौरान अवैध शराब बरामद होने की बात सामने आई थी और संबंधित मामले में कानूनी प्रक्रिया भी शुरू की गई थी।पूर्व में कार्रवाई होने के बावजूद अब सोशल मीडिया पर शराब की कथित उपलब्धता और अधिक कीमत वसूली से संबंधित वीडियो वायरल होने से सवाल उठ रहे हैं कि प्रतिबंधित क्षेत्र में शराब आखिर पहुंच कैसे रही है। *प्रशासन की नजर, जांच के बाद होगी स्थिति स्पष्ट* वायरल वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। जांच के दौरान यह पता लगाने की जरूरत होगी कि वीडियो में लगाए गए आरोप कितने सही हैं, शराब की कथित आपूर्ति कहां से हो रही है और पर्यटकों से निर्धारित कीमत से अधिक राशि वसूले जाने की शिकायत में कितनी सच्चाई है।स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि नेतरहाट एक प्रमुख पर्यटन स्थल है और यहां ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाना जरूरी है, ताकि पर्यटकों के बीच गलत संदेश न जाए।
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    वायरल वीडियो के बाद नेतरहाट में शराब बिक्री मामले पर प्रशासनिक कार्रवाई, जांच तेज* 

रामप्रवेश गुप्ता 
*प्रतिबंध के बावजूद शराब उपलब्धता और मनमानी कीमत वसूली के आरोपों से मचा हड़कंप, कुछ दिन पहले भी हो चुकी है प्रशासनिक कार्रवाई* 
महुआडांड़। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नेतरहाट में प्रतिबंध के बावजूद कथित रूप से शराब उपलब्ध कराने और पर्यटकों से मनमानी कीमत वसूलने का मामला सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि, इस मामले को लेकर कुछ दिन पहले ही प्रशासनिक कार्रवाई हो चुकी है। इसके बावजूद शराब की कथित उपलब्धता से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन की निगरानी और कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
वायरल वीडियो में नेतरहाट बाजार की एक दुकान में शराब के विभिन्न ब्रांड उपलब्ध होने और उनकी कीमत निर्धारित दर से अधिक बताए जाने की बातचीत सामने आती है। वीडियो में एक शराब ब्रांड की कीमत 800 रुपये और दूसरे ब्रांड की कीमत 600 रुपये बताई जा रही है। वहीं, कुछ अन्य ब्रांड उपलब्ध होने की बात भी बातचीत में सामने आती है।
स्थानीय स्तर पर पर्यटकों की ओर से शिकायत किए जाने की बात सामने आई है कि नेतरहाट में शराब उपलब्ध कराने के नाम पर निर्धारित कीमत से काफी अधिक राशि वसूली जाती है। आरोप है कि करीब 550 रुपये मूल्य की शराब की बोतल के लिए 800 रुपये तक लिए जाते हैं। यानी एक बोतल पर करीब 250 रुपये अधिक वसूले जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो में सामने आए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
*कुछ दिन पहले हो चुकी है प्रशासनिक कार्रवाई* 
गौरतलब है कि शराब की अवैध बिक्री से संबंधित शिकायतों के बाद कुछ दिन पहले प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने नेतरहाट में छापेमारी कर कार्रवाई की थी। कार्रवाई के दौरान अवैध शराब बरामद होने की बात सामने आई थी और संबंधित मामले में कानूनी प्रक्रिया भी शुरू की गई थी।पूर्व में कार्रवाई होने के बावजूद अब सोशल मीडिया पर शराब की कथित उपलब्धता और अधिक कीमत वसूली से संबंधित वीडियो वायरल होने से सवाल उठ रहे हैं कि प्रतिबंधित क्षेत्र में शराब आखिर पहुंच कैसे रही है।
*प्रशासन की नजर, जांच के बाद होगी स्थिति स्पष्ट* 
वायरल वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। जांच के दौरान यह पता लगाने की जरूरत होगी कि वीडियो में लगाए गए आरोप कितने सही हैं, शराब की कथित आपूर्ति कहां से हो रही है और पर्यटकों से निर्धारित कीमत से अधिक राशि वसूले जाने की शिकायत में कितनी सच्चाई है।स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि नेतरहाट एक प्रमुख पर्यटन स्थल है और यहां ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाना जरूरी है, ताकि पर्यटकों के बीच गलत संदेश न जाए।
    user_आदर्श मोबाइल एण्ड रेलवे टिकट
    आदर्श मोबाइल एण्ड रेलवे टिकट
    Mobile Store महुआडांड़, लातेहार, झारखंड•
    19 hrs ago
  • कल्याण विभाग से तालाब का सुंदरीकरण हो रहा है.? #shorts #shortvideo #short #viralvideo #mukhiya #news
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    कल्याण विभाग से तालाब का सुंदरीकरण हो रहा है.? #shorts #shortvideo #short #viralvideo #mukhiya #news
    user_AAM JANATA
    AAM JANATA
    लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    58 min ago
  • मॉडर्न पंचायत के हकीकत जानकर आप हैरान रह जाओगे लोहरदगा जिले के सेन्हा प्रखंड अरु पंचायत मॉडर्न पंचायत के हकीकत जानकर आप हैरान रह जाओगे लोहरदगा जिले के सेन्हा प्रखंड अरु पंचायत
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    मॉडर्न पंचायत के हकीकत जानकर आप हैरान रह जाओगे लोहरदगा जिले के सेन्हा प्रखंड अरु पंचायत
मॉडर्न पंचायत के हकीकत जानकर आप हैरान रह जाओगे लोहरदगा जिले के सेन्हा प्रखंड अरु पंचायत
    user_Sirf such
    Sirf such
    Local News Reporter लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    3 hrs ago
  • सिसई : सिसई की जनसमस्याओं पर फूटा आक्रोश, उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन सड़क, नाली, पेयजल, शौचालय व कचरे की समस्या को लेकर सिसई बचाओ संघर्ष समिति ने खोला मोर्चा 30 अगस्त तक समाधान नहीं हुआ तो मशाल जुलूस, 31 अगस्त को गुमला -रांची मुख्यमार्ग पर चक्का जाम की चेतावनी सिसई (गुमला)। सिसई की बदहाल सड़क, जल निकासी, पेयजल, शौचालय और कचरे जैसी बुनियादी समस्याओं को लेकर अब लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। सिसई बचाओ संघर्ष समिति ने प्रशासन के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंकते हुए उपायुक्त, गुमला को ज्ञापन सौंपकर जनसमस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की है। समिति ने कहा कि रेड़वा से महुआडीपा तक मुख्य सड़क की हालत बेहद जर्जर हो चुकी है। जगह-जगह बने गड्ढों में बारिश का पानी और कीचड़ जमा रहने से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी हो रही है। सड़क किनारे नाली की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण गंदा पानी सड़क पर बह रहा है, जबकि जगह-जगह कचरा जमा होने से लोगों को दुर्गंध और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है। समिति ने रेड़वा से महुआडीपा तक मजबूत सड़क निर्माण, पक्की एवं ढक्कनयुक्त नाली, बस पड़ाव के समीप पेयजल और शौचालय की व्यवस्था तथा तालाब के पास जमा कचरे की तत्काल सफाई कराने की मांग की है। समिति ने प्रशासन को 30 अगस्त तक कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया है। मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर 30 अगस्त की शाम मशाल जुलूस निकालने तथा 31 अगस्त 2026 को सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक सकरौली सामटोली मोड़ के समीप गुमला-रांची मुख्य मार्ग को जाम करने की चेतावनी दी गई है। समिति का कहना है कि लंबे समय से समस्याओं के समाधान की मांग की जा रही है, लेकिन कार्रवाई नहीं होने के कारण अब जनता सड़क पर उतरने को मजबूर है। समिति ने प्रशासन से आंदोलन की स्थिति पैदा होने से पहले सभी मांगों पर ठोस पहल करने की अपील की है। समाजसेवी मुकेश श्रीवास्तव डेविड ने कहा कि हमारी मांगें जनहित से जुड़ी हैं। प्रशासन समय रहते समस्याओं का समाधान करे, ताकि आंदोलन की स्थिति उत्पन्न न हो। ज्ञापन सौंपने के दौरान संजय कुमार वर्मा, सलमान अली, मुकेश श्रीवास्तव डेविड, सुमित महली, लक्ष्मी नारायण यादव, संजय महतो, चारवा उरांव, जुबैर अंसारी, महमूद आलम, आनंद साहू और प्रमोद मोची सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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    सिसई : सिसई की जनसमस्याओं पर फूटा आक्रोश, उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन 

सड़क, नाली, पेयजल, शौचालय व कचरे की समस्या को लेकर सिसई बचाओ संघर्ष समिति ने खोला मोर्चा 
30 अगस्त तक समाधान नहीं हुआ तो मशाल जुलूस, 31 अगस्त को गुमला -रांची मुख्यमार्ग पर चक्का जाम की चेतावनी 
सिसई (गुमला)। सिसई की बदहाल सड़क, जल निकासी, पेयजल, शौचालय और कचरे जैसी बुनियादी समस्याओं को लेकर अब लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। सिसई बचाओ संघर्ष समिति ने प्रशासन के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंकते हुए उपायुक्त, गुमला को ज्ञापन सौंपकर जनसमस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की है।
समिति ने कहा कि रेड़वा से महुआडीपा तक मुख्य सड़क की हालत बेहद जर्जर हो चुकी है। जगह-जगह बने गड्ढों में बारिश का पानी और कीचड़ जमा रहने से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी हो रही है। सड़क किनारे नाली की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण गंदा पानी सड़क पर बह रहा है, जबकि जगह-जगह कचरा जमा होने से लोगों को दुर्गंध और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है।
समिति ने रेड़वा से महुआडीपा तक मजबूत सड़क निर्माण, पक्की एवं ढक्कनयुक्त नाली, बस पड़ाव के समीप पेयजल और शौचालय की व्यवस्था तथा तालाब के पास जमा कचरे की तत्काल सफाई कराने की मांग की है।
समिति ने प्रशासन को 30 अगस्त तक कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया है। मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर 30 अगस्त की शाम मशाल जुलूस निकालने तथा 31 अगस्त 2026 को सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक सकरौली सामटोली मोड़ के समीप गुमला-रांची मुख्य मार्ग को जाम करने की चेतावनी दी गई है।
समिति का कहना है कि लंबे समय से समस्याओं के समाधान की मांग की जा रही है, लेकिन कार्रवाई नहीं होने के कारण अब जनता सड़क पर उतरने को मजबूर है। समिति ने प्रशासन से आंदोलन की स्थिति पैदा होने से पहले सभी मांगों पर ठोस पहल करने की अपील की है।
समाजसेवी मुकेश श्रीवास्तव डेविड ने कहा कि हमारी मांगें जनहित से जुड़ी हैं। प्रशासन समय रहते समस्याओं का समाधान करे, ताकि आंदोलन की स्थिति उत्पन्न न हो।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संजय कुमार वर्मा, सलमान अली, मुकेश श्रीवास्तव डेविड, सुमित महली, लक्ष्मी नारायण यादव, संजय महतो, चारवा उरांव, जुबैर अंसारी, महमूद आलम, आनंद साहू और प्रमोद मोची सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
    user_SHAMBHU. S. CHAUHAN
    SHAMBHU. S. CHAUHAN
    Business Networking Company सिसई, गुमला, झारखंड•
    20 hrs ago
  • लोहरदगा जिला में जितना भी सरकारी स्कूल है सभी का सच्चा है आप लोग तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं
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    लोहरदगा जिला में जितना भी सरकारी स्कूल है सभी का सच्चा है आप लोग तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं
    user_AAM JANATA
    AAM JANATA
    लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    2 hrs ago
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