प्रदर्शन के दौरान एक दूसरे को चूड़ी पहनने की सलाह देते नजर आए सपा जिला अध्यक्ष और शहर कोतवाल शिव शंकर सिंह... पर हैरत की बात यह थी एक अधिकारी के सामने एक दरोगा इतना कुछ बोल जाए और अधिकारी दरोगा को चुप भी ना करा पाए बेहद खराब सिस्टम का एक नज़ारा है... वहीं यदि प्रदर्शन के दौरान सपा से जिला अध्यक्ष किसी बात पर बहस बाजी कर भी रहे थे, तो एक अधिकारी का दायित्व बनता है की आश्वासन और बातों को सुनने के बाद मामले को शांत कराना... लेकिन जब जूनियर के आगे सीनियर कुछ ना बोले और जूनियर की गलती पर पर्दा डालने लगे, तो मामला सिस्टम से कुछ अलग ही जा रहा है... प्रदर्शन के दौरान एक दूसरे को चूड़ी पहनने की सलाह देते नजर आए सपा जिला अध्यक्ष और शहर कोतवाल शिव शंकर सिंह... पर हैरत की बात यह थी एक अधिकारी के सामने एक दरोगा इतना कुछ बोल जाए और अधिकारी दरोगा को चुप भी ना करा पाए बेहद खराब सिस्टम का एक नज़ारा है... वहीं यदि प्रदर्शन के दौरान सपा से जिला अध्यक्ष किसी बात पर बहस बाजी कर भी रहे थे, तो एक अधिकारी का दायित्व बनता है की आश्वासन और बातों को सुनने के बाद मामले को शांत कराना... लेकिन जब जूनियर के आगे सीनियर कुछ ना बोले और जूनियर की गलती पर पर्दा डालने लगे, तो मामला सिस्टम से कुछ अलग ही जा रहा है...
प्रदर्शन के दौरान एक दूसरे को चूड़ी पहनने की सलाह देते नजर आए सपा जिला अध्यक्ष और शहर कोतवाल शिव शंकर सिंह... पर हैरत की बात यह थी एक अधिकारी के सामने एक दरोगा इतना कुछ बोल जाए और अधिकारी दरोगा को चुप भी ना करा पाए बेहद खराब सिस्टम का एक नज़ारा है... वहीं यदि प्रदर्शन के दौरान सपा से जिला अध्यक्ष किसी बात पर बहस बाजी कर भी रहे थे, तो एक अधिकारी का दायित्व बनता है की आश्वासन और बातों को सुनने के बाद मामले को शांत कराना... लेकिन जब जूनियर के आगे सीनियर कुछ ना बोले और जूनियर की गलती पर पर्दा डालने लगे, तो मामला सिस्टम से कुछ अलग ही जा रहा है... प्रदर्शन के दौरान एक दूसरे को चूड़ी पहनने की सलाह देते नजर आए सपा जिला अध्यक्ष और शहर कोतवाल शिव शंकर सिंह... पर हैरत की बात यह थी एक अधिकारी के सामने एक दरोगा इतना कुछ बोल जाए और अधिकारी दरोगा को चुप भी ना करा पाए बेहद खराब सिस्टम का एक नज़ारा है... वहीं यदि प्रदर्शन के दौरान सपा से जिला अध्यक्ष किसी बात पर बहस बाजी कर भी रहे थे, तो एक अधिकारी का दायित्व बनता है की आश्वासन और बातों को सुनने के बाद मामले को शांत कराना... लेकिन जब जूनियर के आगे सीनियर कुछ ना बोले और जूनियर की गलती पर पर्दा डालने लगे, तो मामला सिस्टम से कुछ अलग ही जा रहा है...
- जालौन के उरई राजकीय मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग विद्यार्थी और जूनियर डॉक्टरों के बीच विवाद का वीडियों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है,युवक मारपीट करते नजर आए1
- समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताअरविंद वशिष्ठ ने जिलाअधिकारी को संबोधित मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया1
- जखौरा हर साल की भांति ढोल ग्यारस पर जखोरा में निकाली गई शोभा यात्रा ढोल ग्यारस को डोल ग्यारस, जलझूलनी एकादशी, परिवर्तिनी एकादशी, पद्मा एकादशी और वामन एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। ये हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। कृष्ण जन्माष्टमी के बाद आने वाली एकादशी को ही डोल ग्यारस कहते हैं। क्यों मनाते हैं? मान्यता है कि श्रीकृष्ण के जन्म के 16वें दिन माता यशोदा ने उनका जलवा पूजन किया था। इसी दिन को 'डोल ग्यारस' के रूप में मनाया जाता है। जलवा पूजन को कुआँ पूजन, सूरज पूजा और दश्तन पूजा भी कहते हैं। जलवा पूजन के बाद ही बच्चे के सारे संस्कार शुरू होते हैं। एक और कथा है कि इस दिन माता यशोदा ने बाल गोपाल को नए वस्त्र पहना कर सूरज देवता के दर्शन करवाए और उनका नामकरण किया था। क्यों कहते हैं डोल ग्यारस? इस दिन भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप बाल-गोपाल / बालमुकुंद को एक डोल (पालकी) में विराजित कर शोभायात्रा निकाली जाती है, इसलिए इसे डोल ग्यारस कहा जाता है। कई जगहों पर परंपरा है कि भगवान विष्णु या श्रीकृष्ण के विग्रह को शोभायात्रा के साथ नदी, तालाब या सरोवर किनारे ले जाया जाता है, वहां भगवान का जल विहार कराया जाता है और पूजा की जाती है। इसी कारण इसे जलझूलनी एकादशी कहते हैं। कृष्ण मंदिरों में विशेष पूजा, मेले, चल समारोह और सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं। महत्व पुराणों में कहा गया है कि डोल ग्यारस का व्रत पूरी आस्था से करने पर वाजपेय यज्ञ का फल प्राप्त होता है और एकादशी से ज्यादा फलदायी कोई व्रत नहीं माना जाता। श्री श्री 1008 श्री रघुनाथ मंदिर छोटा बाजार से बड़ा बाजार स्थित शंकर जी मंदिर बड़ा बाजार के पास तालाब पर भगवान का जल विहार हुआ शोभा यात्रा में बड़ी संख्या धर्म प्रेमी बंधु उपस्थित! कार्यक्रम में प्रशासनिक व्यवस्था दुरुस्त रही! इस दिन भगवान विष्णु के वामन स्वरूप की पूजा होती है और चातुर्मास में योग निद्रा में लेटे विष्णु जी इस दिन करवट बदलते हैं, इसलिए इसे परिवर्तिनी एकादशी भी कहते हैं। तारीख • 2025 में - 3 सितंबर 2025, बुधवार को थी • 2026 में - 22 सितंबर, मंगलवार को है - मतलब आज ही है। आप आज व्रत रख सकते हैं, शाम को कृष्ण जी को पालने / डोले में झुला कर, पीले वस्त्र, तुलसी, पंचामृत से पूजा करें और अनाज दान का विधान है।1
- झाँसी ब्रेकिंग : झाँसी देर रात झाँसी जेल वापिस लौटा अतीक के बेटा अली। इलाहाबाद हाइकोर्ट में थे आज अली के बयान। पत्रकरो के सवाल पर बोला झांसी जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच अली अहमद को ले जाया गया प्रयागराज । पत्रकारों के सवाल पर अली अहमद बोला लंबा सफर था कुछ नहीं कहना चाहते।2
- घर, ऑफिस, दुकान और शोरूम को आधुनिक लुक देने के लिए एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं इंटीरियर व डेकोरेशन के विकल्प घर, ऑफिस, दुकान और शोरूम को आधुनिक लुक देने के लिए एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं इंटीरियर व डेकोरेशन के विकल्प झांसी। झोकन बाग रोड स्थित स्काई टावर के सामने एआई इंटीरियर एंड होम डेकोरेशन का नया शोरूम इन दिनों लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। शोरूम में घर, ऑफिस, दुकान, शोरूम एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को आधुनिक एवं आकर्षक लुक देने के लिए इंटीरियर और होम डेकोरेशन से जुड़ी विभिन्न प्रकार की सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। शोरूम के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि परम शर्मा, संजय पटवारी एवं संतोष साहू सहित व्यापार मंडल से जुड़े पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। अप्पू राजा, शाहनवाज खान, जावेद भाई फर्नीचर सहित अन्य लोगों ने भी शोरूम पहुंचकर उपलब्ध सुविधाओं एवं उत्पादों की जानकारी ली। प्रतिष्ठान के संचालक अनिल पाठक ने बताया कि शोरूम में पीवीसी पैनल, वॉलपेपर, आर्टिफिशियल गार्डन, मार्बल शीट, डेकोरेटिव पैनल सहित इंटीरियर से जुड़ी अनेक सामग्री उपलब्ध है। वहीं संचालक रौनक ने बताया कि ग्राहकों के लिए स्काई सीलिंग के आधुनिक डिजाइन एवं बेहतर फिनिशिंग के विभिन्न विकल्प भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। संचालक फिरोज खान ने बताया कि ग्राहकों को घर से लेकर ऑफिस एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक इंटीरियर की विभिन्न सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। ग्राहकों की पसंद और बजट को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग डिजाइन एवं फिनिशिंग के विकल्प उपलब्ध कराए जा रहे हैं। घर से ऑफिस तक इंटीरियर की सुविधा एआई इंटीरियर एंड होम डेकोरेशन में वॉल डेकोरेशन, पीवीसी पैनल, वॉलपेपर, मार्बल शीट, स्काई सीलिंग, आर्टिफिशियल ग्रीनरी एवं गार्डन सहित इंटीरियर और डेकोरेशन से जुड़ी कई सुविधाएं उपलब्ध हैं। संचालकों के अनुसार ग्राहकों को होलसेल रेट पर कार्य उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। बदलती पसंद और आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शोरूम में आकर्षक डिजाइन एवं डेकोरेशन के विभिन्न विकल्प प्रदर्शित किए गए हैं।1
- *पलेरा के खजरी गांव में गणेश पंडाल में वानर ने किया प्रसाद ग्रहण, हनुमान स्वरूप मान रहे ग्रामीण* *पलेरा।* आज मंगलवार को पलेरा के खजरी गांव में राम भक्त कमेटी द्वारा गणेश महोत्सव के तहत प्रतिमा पंडाल में स्थापित की गई थी। अचानक भगवान के स्वरूप में एक वानर आया, जिसने गणेश जी के पास रखा हुआ प्रसाद ग्रहण किया। राम भक्त कमेटी खजरी के जीतू ठाकुर, सौरभ चौरसिया, राज ठाकुर, रोहित चढार, देवेंद्र चढार, राहुल तिवारी, अजय तिवारी, राहुल परिहार, गोलू विश्वकर्मा सहित अन्य लोगों ने बताया कि वानर ने प्रतिमा को प्रणाम करते हुए प्रसाद ग्रहण किया। लोगों का मानना है कि राम भक्त हनुमान के रूप में वानर श्री गणेश जी के दर्शन करने के लिए आया था। सोशल मीडिया पर गणेश जी के साथ वानर की एक फोटो वायरल हो रही है। *पलेरा के खजरी गांव में गणेश पंडाल में वानर ने किया प्रसाद ग्रहण, हनुमान स्वरूप मान रहे ग्रामीण* *पलेरा।* आज मंगलवार को पलेरा के खजरी गांव में राम भक्त कमेटी द्वारा गणेश महोत्सव के तहत प्रतिमा पंडाल में स्थापित की गई थी। अचानक भगवान के स्वरूप में एक वानर आया, जिसने गणेश जी के पास रखा हुआ प्रसाद ग्रहण किया। राम भक्त कमेटी खजरी के जीतू ठाकुर, सौरभ चौरसिया, राज ठाकुर, रोहित चढार, देवेंद्र चढार, राहुल तिवारी, अजय तिवारी, राहुल परिहार, गोलू विश्वकर्मा सहित अन्य लोगों ने बताया कि वानर ने प्रतिमा को प्रणाम करते हुए प्रसाद ग्रहण किया। लोगों का मानना है कि राम भक्त हनुमान के रूप में वानर श्री गणेश जी के दर्शन करने के लिए आया था। सोशल मीडिया पर गणेश जी के साथ वानर की एक फोटो वायरल हो रही है।2
- प्रदर्शन के दौरान एक दूसरे को चूड़ी पहनने की सलाह देते नजर आए सपा जिला अध्यक्ष और शहर कोतवाल शिव शंकर सिंह... पर हैरत की बात यह थी एक अधिकारी के सामने एक दरोगा इतना कुछ बोल जाए और अधिकारी दरोगा को चुप भी ना करा पाए बेहद खराब सिस्टम का एक नज़ारा है... वहीं यदि प्रदर्शन के दौरान सपा से जिला अध्यक्ष किसी बात पर बहस बाजी कर भी रहे थे, तो एक अधिकारी का दायित्व बनता है की आश्वासन और बातों को सुनने के बाद मामले को शांत कराना... लेकिन जब जूनियर के आगे सीनियर कुछ ना बोले और जूनियर की गलती पर पर्दा डालने लगे, तो मामला सिस्टम से कुछ अलग ही जा रहा है... प्रदर्शन के दौरान एक दूसरे को चूड़ी पहनने की सलाह देते नजर आए सपा जिला अध्यक्ष और शहर कोतवाल शिव शंकर सिंह... पर हैरत की बात यह थी एक अधिकारी के सामने एक दरोगा इतना कुछ बोल जाए और अधिकारी दरोगा को चुप भी ना करा पाए बेहद खराब सिस्टम का एक नज़ारा है... वहीं यदि प्रदर्शन के दौरान सपा से जिला अध्यक्ष किसी बात पर बहस बाजी कर भी रहे थे, तो एक अधिकारी का दायित्व बनता है की आश्वासन और बातों को सुनने के बाद मामले को शांत कराना... लेकिन जब जूनियर के आगे सीनियर कुछ ना बोले और जूनियर की गलती पर पर्दा डालने लगे, तो मामला सिस्टम से कुछ अलग ही जा रहा है...1
- ग्राम घिसौली में आयोजित भागवत कथा में पूर्व ब्लॉक प्रमुख बड़े भैया आदरणीय वीरेंद्र सिंह जूदेव घिसौली संबोधित करते हुए,,1
- टीकमगढ़ में 22 सितंबर से अखिल भारतीय किन्नर सम्मेलन का आयोजन टीकमगढ़। जिले में अखिल भारतीय किन्नर सम्मेलन का आयोजन 22 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक किया जा रहा है। सम्मेलन का आयोजन संगम गार्डन, चकरा तिगैला, टीकमगढ़ (म.प्र.) में होगा।1