जखौरा हर साल की भांति ढोल ग्यारस पर जखोरा में निकाली गई शोभा यात्रा ढोल ग्यारस को डोल ग्यारस, जलझूलनी एकादशी, परिवर्तिनी एकादशी, पद्मा एकादशी और वामन एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। ये हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। कृष्ण जन्माष्टमी के बाद आने वाली एकादशी को ही डोल ग्यारस कहते हैं। क्यों मनाते हैं? मान्यता है कि श्रीकृष्ण के जन्म के 16वें दिन माता यशोदा ने उनका जलवा पूजन किया था। इसी दिन को 'डोल ग्यारस' के रूप में मनाया जाता है। जलवा पूजन को कुआँ पूजन, सूरज पूजा और दश्तन पूजा भी कहते हैं। जलवा पूजन के बाद ही बच्चे के सारे संस्कार शुरू होते हैं। एक और कथा है कि इस दिन माता यशोदा ने बाल गोपाल को नए वस्त्र पहना कर सूरज देवता के दर्शन करवाए और उनका नामकरण किया था। क्यों कहते हैं डोल ग्यारस? इस दिन भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप बाल-गोपाल / बालमुकुंद को एक डोल (पालकी) में विराजित कर शोभायात्रा निकाली जाती है, इसलिए इसे डोल ग्यारस कहा जाता है। कई जगहों पर परंपरा है कि भगवान विष्णु या श्रीकृष्ण के विग्रह को शोभायात्रा के साथ नदी, तालाब या सरोवर किनारे ले जाया जाता है, वहां भगवान का जल विहार कराया जाता है और पूजा की जाती है। इसी कारण इसे जलझूलनी एकादशी कहते हैं। कृष्ण मंदिरों में विशेष पूजा, मेले, चल समारोह और सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं। महत्व पुराणों में कहा गया है कि डोल ग्यारस का व्रत पूरी आस्था से करने पर वाजपेय यज्ञ का फल प्राप्त होता है और एकादशी से ज्यादा फलदायी कोई व्रत नहीं माना जाता। श्री श्री 1008 श्री रघुनाथ मंदिर छोटा बाजार से बड़ा बाजार स्थित शंकर जी मंदिर बड़ा बाजार के पास तालाब पर भगवान का जल विहार हुआ शोभा यात्रा में बड़ी संख्या धर्म प्रेमी बंधु उपस्थित! कार्यक्रम में प्रशासनिक व्यवस्था दुरुस्त रही! इस दिन भगवान विष्णु के वामन स्वरूप की पूजा होती है और चातुर्मास में योग निद्रा में लेटे विष्णु जी इस दिन करवट बदलते हैं, इसलिए इसे परिवर्तिनी एकादशी भी कहते हैं। तारीख • 2025 में - 3 सितंबर 2025, बुधवार को थी • 2026 में - 22 सितंबर, मंगलवार को है - मतलब आज ही है। आप आज व्रत रख सकते हैं, शाम को कृष्ण जी को पालने / डोले में झुला कर, पीले वस्त्र, तुलसी, पंचामृत से पूजा करें और अनाज दान का विधान है।
जखौरा हर साल की भांति ढोल ग्यारस पर जखोरा में निकाली गई शोभा यात्रा ढोल ग्यारस को डोल ग्यारस, जलझूलनी एकादशी, परिवर्तिनी एकादशी, पद्मा एकादशी और वामन एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। ये हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। कृष्ण जन्माष्टमी के बाद आने वाली एकादशी को ही डोल ग्यारस कहते हैं। क्यों मनाते हैं? मान्यता है कि श्रीकृष्ण के जन्म के 16वें दिन माता यशोदा ने उनका जलवा पूजन किया था। इसी दिन को 'डोल ग्यारस' के रूप में मनाया जाता है। जलवा पूजन को कुआँ पूजन, सूरज पूजा और दश्तन पूजा भी कहते हैं। जलवा पूजन के बाद ही बच्चे के सारे संस्कार शुरू होते हैं। एक और कथा है कि इस दिन माता यशोदा ने बाल गोपाल को नए वस्त्र पहना कर सूरज देवता के दर्शन करवाए और उनका नामकरण किया था। क्यों कहते हैं डोल ग्यारस? इस दिन भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप बाल-गोपाल / बालमुकुंद को एक डोल (पालकी) में विराजित कर शोभायात्रा निकाली जाती है, इसलिए इसे डोल ग्यारस कहा जाता है। कई जगहों पर परंपरा है कि भगवान विष्णु या श्रीकृष्ण के विग्रह को शोभायात्रा के साथ नदी, तालाब या सरोवर किनारे ले जाया जाता है, वहां भगवान का जल विहार कराया जाता है और पूजा की जाती है। इसी कारण इसे जलझूलनी एकादशी कहते हैं। कृष्ण मंदिरों में विशेष पूजा, मेले, चल समारोह और सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं। महत्व पुराणों में कहा गया है कि डोल ग्यारस का व्रत पूरी आस्था से करने पर वाजपेय यज्ञ का फल प्राप्त होता है और एकादशी से ज्यादा फलदायी कोई व्रत नहीं माना जाता। श्री श्री 1008 श्री रघुनाथ मंदिर छोटा बाजार से बड़ा बाजार स्थित शंकर जी मंदिर बड़ा बाजार के पास तालाब पर भगवान का जल विहार हुआ शोभा यात्रा में बड़ी संख्या धर्म प्रेमी बंधु उपस्थित! कार्यक्रम में प्रशासनिक व्यवस्था दुरुस्त रही! इस दिन भगवान विष्णु के वामन स्वरूप की पूजा होती है और चातुर्मास में योग निद्रा में लेटे विष्णु जी इस दिन करवट बदलते हैं, इसलिए इसे परिवर्तिनी एकादशी भी कहते हैं। तारीख • 2025 में - 3 सितंबर 2025, बुधवार को थी • 2026 में - 22 सितंबर, मंगलवार को है - मतलब आज ही है। आप आज व्रत रख सकते हैं, शाम को कृष्ण जी को पालने / डोले में झुला कर, पीले वस्त्र, तुलसी, पंचामृत से पूजा करें और अनाज दान का विधान है।
- पर्युषण पर्व के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मची धूम1
- गुरसराय में युवती की जहरीला पदार्थ खाने से मौत, परिजनों ने लगाया 6 लोगों पर गम्भीर आरोप,, 5 गिरफ्तार, 1 फरार.1
- सड़क के गड्ढों के लिए मोदी फार्मूला अपनाएंगे: अरविंद वशिष्ठ झाँसी। आज समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता अरविन्द वशिष्ठ के नेतृत्व में माननीय मुख्यमंत्री जी को श्रीमान जिलाधिकारी के माध्यम से महानगर में चौतरफा सड़क पर गहरे गहरे गड्ढों को लेकर ज्ञापन दिया गया। उक्त अवसर पर अरविंद वशिष्ठ ने कहा कि महानगर में चारों तरफ गहरे -गहरे गड्ढे हैं, ऐसी कोई सड़क नहीं है जहां गड्ढे न हो बड़ा गाँव गेट अंदर-बाहर उन्नाव गेट अंदर,बाहर यहाँ तक कि जो मुख्य सड़कें हैं उनमें भी गहरे गहरे गड्ढे हैं, जिस कारण आए दिन वृद्ध, महिलाएं एवं बालिकाएं स्कूटी से गिर जाते हैं और चोटिल हो जाते हैं,यहां तक कि सड़क पर चलने वाले ई रिक्शा गड्ढों के कारण बीचों बीच चलते हैं, जिससे जहाँ तहाँ ट्रैफिक जैम की समस्या बढ़ी हुई है, यदि गलती से ई रिक्शा गड्ढे में चला जाता है तो वह पलट जाता है जिससे बैठी हुई सवारी एवं आसपास चल रहे लोग चोटिल हो जाते हैं। यदि समस्या हल नहीं होती है तो हम लोग मोदी फार्मूला अपनाएंगे जिसमें गड्ढों के चारों तरफ खड़े होकर थाली बजाएंगे और शंख बजाएंगे क्योंकि जब कोरोना चरम सीमा पर था लोग कोरोना से मर रहे थे देश में त्राहि त्राहि मची थी तब मोदी जी ने यह फार्मूला दिया था और अब भी त्राहि त्राहि का माहौल है। अब हम इसी फॉर्मूला को अपनाएंगे।यदि फिर भी समस्या हल नहीं होती तो समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता जनता के साथ मिलकर गड्ढे भरने का काम करेंगे। उक्त अवसर पर सर्वश्री सतेंद्र पुरी गोस्वामी (जिलाध्यक्ष) व्यापार सभा,मौहर सिंह राठौर,महीपत झा, संचय लाल, विष्णुयादव,सुमित(जिलासचिव),मनोज यादव, अनुराग , नवाजिश राइन, हैदर अली,हनीफ राईन ,मनीष कश्यप, अभिषेक दीक्षित,आशीषवाजपई,आदिलखान ,रिजवान,,समीरउलहक़,,आलोक,समीर,शाकिब अहमद, आदि उपस्थित रहे।3
- समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताअरविंद वशिष्ठ ने जिलाअधिकारी को संबोधित मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया1
- झाँसी ब्रेकिंग : झाँसी देर रात झाँसी जेल वापिस लौटा अतीक के बेटा अली। इलाहाबाद हाइकोर्ट में थे आज अली के बयान। पत्रकरो के सवाल पर बोला झांसी जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच अली अहमद को ले जाया गया प्रयागराज । पत्रकारों के सवाल पर अली अहमद बोला लंबा सफर था कुछ नहीं कहना चाहते।2
- घर, ऑफिस, दुकान और शोरूम को आधुनिक लुक देने के लिए एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं इंटीरियर व डेकोरेशन के विकल्प घर, ऑफिस, दुकान और शोरूम को आधुनिक लुक देने के लिए एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं इंटीरियर व डेकोरेशन के विकल्प झांसी। झोकन बाग रोड स्थित स्काई टावर के सामने एआई इंटीरियर एंड होम डेकोरेशन का नया शोरूम इन दिनों लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। शोरूम में घर, ऑफिस, दुकान, शोरूम एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को आधुनिक एवं आकर्षक लुक देने के लिए इंटीरियर और होम डेकोरेशन से जुड़ी विभिन्न प्रकार की सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। शोरूम के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि परम शर्मा, संजय पटवारी एवं संतोष साहू सहित व्यापार मंडल से जुड़े पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। अप्पू राजा, शाहनवाज खान, जावेद भाई फर्नीचर सहित अन्य लोगों ने भी शोरूम पहुंचकर उपलब्ध सुविधाओं एवं उत्पादों की जानकारी ली। प्रतिष्ठान के संचालक अनिल पाठक ने बताया कि शोरूम में पीवीसी पैनल, वॉलपेपर, आर्टिफिशियल गार्डन, मार्बल शीट, डेकोरेटिव पैनल सहित इंटीरियर से जुड़ी अनेक सामग्री उपलब्ध है। वहीं संचालक रौनक ने बताया कि ग्राहकों के लिए स्काई सीलिंग के आधुनिक डिजाइन एवं बेहतर फिनिशिंग के विभिन्न विकल्प भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। संचालक फिरोज खान ने बताया कि ग्राहकों को घर से लेकर ऑफिस एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक इंटीरियर की विभिन्न सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। ग्राहकों की पसंद और बजट को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग डिजाइन एवं फिनिशिंग के विकल्प उपलब्ध कराए जा रहे हैं। घर से ऑफिस तक इंटीरियर की सुविधा एआई इंटीरियर एंड होम डेकोरेशन में वॉल डेकोरेशन, पीवीसी पैनल, वॉलपेपर, मार्बल शीट, स्काई सीलिंग, आर्टिफिशियल ग्रीनरी एवं गार्डन सहित इंटीरियर और डेकोरेशन से जुड़ी कई सुविधाएं उपलब्ध हैं। संचालकों के अनुसार ग्राहकों को होलसेल रेट पर कार्य उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। बदलती पसंद और आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शोरूम में आकर्षक डिजाइन एवं डेकोरेशन के विभिन्न विकल्प प्रदर्शित किए गए हैं।1
- प्रदर्शन के दौरान एक दूसरे को चूड़ी पहनने की सलाह देते नजर आए सपा जिला अध्यक्ष और शहर कोतवाल शिव शंकर सिंह... पर हैरत की बात यह थी एक अधिकारी के सामने एक दरोगा इतना कुछ बोल जाए और अधिकारी दरोगा को चुप भी ना करा पाए बेहद खराब सिस्टम का एक नज़ारा है... वहीं यदि प्रदर्शन के दौरान सपा से जिला अध्यक्ष किसी बात पर बहस बाजी कर भी रहे थे, तो एक अधिकारी का दायित्व बनता है की आश्वासन और बातों को सुनने के बाद मामले को शांत कराना... लेकिन जब जूनियर के आगे सीनियर कुछ ना बोले और जूनियर की गलती पर पर्दा डालने लगे, तो मामला सिस्टम से कुछ अलग ही जा रहा है... प्रदर्शन के दौरान एक दूसरे को चूड़ी पहनने की सलाह देते नजर आए सपा जिला अध्यक्ष और शहर कोतवाल शिव शंकर सिंह... पर हैरत की बात यह थी एक अधिकारी के सामने एक दरोगा इतना कुछ बोल जाए और अधिकारी दरोगा को चुप भी ना करा पाए बेहद खराब सिस्टम का एक नज़ारा है... वहीं यदि प्रदर्शन के दौरान सपा से जिला अध्यक्ष किसी बात पर बहस बाजी कर भी रहे थे, तो एक अधिकारी का दायित्व बनता है की आश्वासन और बातों को सुनने के बाद मामले को शांत कराना... लेकिन जब जूनियर के आगे सीनियर कुछ ना बोले और जूनियर की गलती पर पर्दा डालने लगे, तो मामला सिस्टम से कुछ अलग ही जा रहा है...1
- जालौन के उरई राजकीय मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग विद्यार्थी और जूनियर डॉक्टरों के बीच विवाद का वीडियों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है,युवक मारपीट करते नजर आए1
- देश की राजधानी नई दिल्ली में संविधान क्लब में ओबीसी महासभा के राष्ट्रीय अधिवेशन में रविवार, 20 सितंबर, 2026 को कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के डिप्टी स्पीकर्स हॉल एनेक्सी में 2027 में निष्पक्ष जाति जनगणना किए जाने तथा वर्तमान जनगणना प्रक्रिया को रोक कर, पुनः राज्य-वार OBC ड्रॉप-डाउन सूची के अनुसार जाति की कोडिंग शामिल करके इसे फिर से शुरू करने की माँग पर ओबीसी महासभा की बैठक में सांसद पप्पू यादव Rajesh Ranjan ओबीसी महासभा #OBCMahasabha के प्रमुख पदाधिकारी, और डॉ सुधांशु कुमार, डॉ सूरज यादव मण्डल आदि शामिल हुए। वक्ताओं ने कहा कि सत्ताधारी BJP-RSS प्रशासन को हाशिए पर मौजूद समुदायों के प्रति अपनी राजनीतिक दोहरी नीति छोड़नी चाहिए। पिछड़े वर्गों (BC), अनुसूचित जातियों (SC) और अनुसूचित जनजातियों (ST) के संवैधानिक अधिकारों और कल्याणकारी लाभों को सुरक्षित करने के लिए सही डेटा की आवश्यकता होती है। इसलिए, सूची में पिछड़े वर्गों (BC) को शामिल किया जाना और: 2027 की जनगणना अनुसूची के प्रश्न संख्या 10 में पिछड़े वर्गों का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें SC और ST की मौजूदा संवैधानिक श्रेणियों के बराबर लाय1