किशुनपुर पंचकेडिया मुख्य मार्ग से इमली के कुमराहा टोला होते हुए तिलहर तक जाने वाली सड़क जर्जर *किशुनपुर पंचकेडिया मुख्य मार्ग से इमली के कुमराहा टोला होते हुए तिलहर तक जाने वाली सड़क जर्जर* *ग्रामीणों ने उपायुक्त को सौपेगा आवेदन* *पाटन (पलामू):* पाटन प्रखंड के जंघासी पंचायत अंतर्गत किशुनपुर पचकेडिया मुख्य मार्ग से इमली के कुमराहा टोला जाने वाली सड़क जर्जर स्तिथि मे है ग्रामीणों का कहना है कि उक्त सड़क वर्तमान में कच्ची एवं जर्जर स्थिति में है। इसी मार्ग से गांव के छात्र-छात्राएं प्रतिदिन स्कूल, कॉलेज और ट्यूशन आने-जाने के लिए आवागमन करते हैं। सड़क खराब होने के कारण विद्यार्थियों के साथ-साथ ग्रामीणों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के मौसम में सड़क पर अत्यधिक कीचड़ और जलजमाव हो जाता है, जिससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। दोपहिया और अन्य वाहनों के आने-जाने में भी परेशानी होती है। वहीं, आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाने में भी ग्रामीणों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने मुख्य पथ से कुमराहा टोला होते हुए तिलहर तक जाने वाली कच्ची सड़क कों पलामू उपायुक्त से पक्कीकरण कराने की मांग की है। इस संबंध में ग्रामीणों ने पलामू उपायुक्त को आवेदन दे कर के सड़क कि पक्की सड़क निर्माण कराने की मांग करने कि बात कही है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने से विद्यार्थियों के साथ-साथ क्षेत्र के सभी ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और बरसात के दिनों में होने वाली परेशानियों से भी निजात मिल सकेगी।साथ ही ग्रामीणों ने बताया कि आजादी के बाद से आज तक सड़क नहीं बन पाया है!मौके पर जयप्रकाश कुमार,श्रवण सोनी,दीपक कुमार रवि,मनीष कुमार, राजिंद्र राम,भोला भुइया,कमेश भगत,सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे!
किशुनपुर पंचकेडिया मुख्य मार्ग से इमली के कुमराहा टोला होते हुए तिलहर तक जाने वाली सड़क जर्जर *किशुनपुर पंचकेडिया मुख्य मार्ग से इमली के कुमराहा टोला होते हुए तिलहर तक जाने वाली सड़क जर्जर* *ग्रामीणों ने उपायुक्त को सौपेगा आवेदन* *पाटन (पलामू):* पाटन प्रखंड के जंघासी पंचायत अंतर्गत किशुनपुर पचकेडिया मुख्य मार्ग से इमली के कुमराहा टोला जाने वाली सड़क जर्जर स्तिथि मे है ग्रामीणों का कहना है कि उक्त सड़क वर्तमान में कच्ची एवं जर्जर स्थिति में है। इसी मार्ग से गांव के छात्र-छात्राएं प्रतिदिन स्कूल, कॉलेज और ट्यूशन आने-जाने के लिए आवागमन करते हैं। सड़क खराब होने के कारण विद्यार्थियों के साथ-साथ ग्रामीणों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के मौसम में सड़क पर अत्यधिक कीचड़ और जलजमाव हो जाता है, जिससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। दोपहिया और अन्य वाहनों के आने-जाने में भी परेशानी होती है। वहीं, आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाने में भी ग्रामीणों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने मुख्य पथ से कुमराहा टोला होते हुए तिलहर तक जाने वाली कच्ची सड़क कों पलामू उपायुक्त से पक्कीकरण कराने की मांग की है। इस संबंध में ग्रामीणों ने पलामू उपायुक्त को आवेदन दे कर के सड़क कि पक्की सड़क निर्माण कराने की मांग करने कि बात कही है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने से विद्यार्थियों के साथ-साथ क्षेत्र के सभी ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और बरसात के दिनों में होने वाली परेशानियों से भी निजात मिल सकेगी।साथ ही ग्रामीणों ने बताया कि आजादी के बाद से आज तक सड़क नहीं बन पाया है!मौके पर जयप्रकाश कुमार,श्रवण सोनी,दीपक कुमार रवि,मनीष कुमार, राजिंद्र राम,भोला भुइया,कमेश भगत,सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे!
- किशुनपुर पंचकेडिया मुख्य मार्ग से इमली के कुमराहा टोला होते हुए तिलहर तक जाने वाली सड़क जर्जर *किशुनपुर पंचकेडिया मुख्य मार्ग से इमली के कुमराहा टोला होते हुए तिलहर तक जाने वाली सड़क जर्जर* *ग्रामीणों ने उपायुक्त को सौपेगा आवेदन* *पाटन (पलामू):* पाटन प्रखंड के जंघासी पंचायत अंतर्गत किशुनपुर पचकेडिया मुख्य मार्ग से इमली के कुमराहा टोला जाने वाली सड़क जर्जर स्तिथि मे है ग्रामीणों का कहना है कि उक्त सड़क वर्तमान में कच्ची एवं जर्जर स्थिति में है। इसी मार्ग से गांव के छात्र-छात्राएं प्रतिदिन स्कूल, कॉलेज और ट्यूशन आने-जाने के लिए आवागमन करते हैं। सड़क खराब होने के कारण विद्यार्थियों के साथ-साथ ग्रामीणों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के मौसम में सड़क पर अत्यधिक कीचड़ और जलजमाव हो जाता है, जिससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। दोपहिया और अन्य वाहनों के आने-जाने में भी परेशानी होती है। वहीं, आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाने में भी ग्रामीणों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने मुख्य पथ से कुमराहा टोला होते हुए तिलहर तक जाने वाली कच्ची सड़क कों पलामू उपायुक्त से पक्कीकरण कराने की मांग की है। इस संबंध में ग्रामीणों ने पलामू उपायुक्त को आवेदन दे कर के सड़क कि पक्की सड़क निर्माण कराने की मांग करने कि बात कही है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने से विद्यार्थियों के साथ-साथ क्षेत्र के सभी ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और बरसात के दिनों में होने वाली परेशानियों से भी निजात मिल सकेगी।साथ ही ग्रामीणों ने बताया कि आजादी के बाद से आज तक सड़क नहीं बन पाया है!मौके पर जयप्रकाश कुमार,श्रवण सोनी,दीपक कुमार रवि,मनीष कुमार, राजिंद्र राम,भोला भुइया,कमेश भगत,सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे!1
- भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा रिफार्म मंच भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा रिफार्म मंच1
- पूरे समाज या सैकड़ों लोगों को बुलाकर बड़ा मृत्यु भोज कराना शास्त्रों का नियम नहीं है। यह बाद में बनी एक सामाजिक परंपरा है। महाभारत और अन्य ग्रंथों में भी दुख के समय किसी परिवार पर आर्थिक बोझ डालकर विशाल भोज कराने को अनुचित बताया गया है। शास्त्रों, सामाजिक परंपराओं और नेपाल एवं भारत की प्रथाओं के आधार पर इस विषय की सरल और सादी जानकारी नीचे दी गई है। १. शास्त्रों में मृत्यु भोज और ब्राह्मण भोजन का नियम हिंदू शास्त्रों जैसे गरुड़ पुराण और मनुस्मृति में मृत्यु के बाद होने वाले संस्कारों के बारे में बताया गया है। देहांत के बाद दसवें से तेरहवें दिन तक श्राद्ध और पिंड दान की प्रक्रिया होती है। इस दौरान आत्मा की शांति के लिए केवल एक या कुछ सात्विक ब्राह्मणों को भोजन कराने और दान देने का विधान है। पूरे समाज या सैकड़ों लोगों को बुलाकर बड़ा मृत्यु भोज कराना शास्त्रों का नियम नहीं है। यह बाद में बनी एक सामाजिक परंपरा है। महाभारत और अन्य ग्रंथों में भी दुख के समय किसी परिवार पर आर्थिक बोझ डालकर विशाल भोज कराने को अनुचित बताया गया है। २. नेपाल की परंपरा और शवयात्रा में जाने वालों को भोजन नेपाल में मृत्यु संस्कारों की व्यवस्था थोड़ी अलग और व्यावहारिक है। नेपाल में जो लोग दाह संस्कार या शमशान घाट में जाते हैं, उन्हें मलमी कहा जाता है। दाह संस्कार के बाद या तेरहवें दिन शुद्धि के बाद इन सहयोगियों को भोजन कराने का रिवाज है। इसके पीछे की सोच यह है कि जो लोग दुख की घड़ी में साथ खड़े रहे और कंधा दिया, उनके प्रति आभार व्यक्त किया जाए। नेपाल में भी तेरहवें दिन पूजा संपन्न कराने वाले कुल पुरोहित या ब्राह्मण को भोजन और दान दिया जाता है। लेकिन भारत के कुछ हिस्सों की तरह सैकड़ों लोगों को बड़े स्तर पर मृत्यु भोज देने का चलन वहाँ नहीं है। ३. यह अंतर क्यों है धर्मशास्त्रों में स्थानीय परंपराओं और देशकाल का सम्मान किया गया है। उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में तेरहवीं ने एक बड़े सामाजिक भोज का रूप ले लिया, जिसे अब कई लोग एक सामाजिक बोझ भी मानते हैं। इसके विपरीत नेपाल में शास्त्रों के मूल रूप को बनाए रखा गया, जहाँ केवल पुरोहित द्वारा श्राद्ध कराया जाता है और दुख में साथ देने वाले नजदीकी लोगों को सादगी से भोजन कराया जाता है। निष्कर्ष शास्त्रों में मृत्यु के बाद केवल पूजा कराने वाले ब्राह्मणों को श्राद्ध के हिस्से के रूप में भोजन कराने की बात कही गई है, न कि पूरे समाज को खाना खिलाने की। नेपाल में शवयात्रा में जाने वाले लोगों को भोजन कराना एक सामाजिक आभार और व्यावहारिक परंपरा है, जो परिवार को बेवजह के दिखावे और बड़े खर्च से बचाती है।1
- पाल्हे से भलुआनी जाने वाली सड़क जर्जर, गड्ढों में तब्दील मार्ग में हर दिन हादसे का खतरा इस संबंध में आज शुक्रवार तीन बजे गांव के ग्रामीण ने बताया की रंका प्रखंड के सोनदाग पंचायत अंतर्गत पाल्हे गांव से भलुआनी, मुंगदह, सोनदाग, हुरदाग सहित कई गांवों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क इन दिनों जर्जर होकर राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। लगातार हुई बारिश के कारण सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। वहीं कई स्थानों पर जलजमाव के कारण सड़क कीचड़ में तब्दील हो गई है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार सड़क की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि दोपहिया वाहन चालकों को गड्ढों और कीचड़ के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। इस दौरान आए दिन बाइक सवार गड्ढों में गिरकर घायल हो रहे हैं। खासकर बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है। इस सड़क से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण, विद्यार्थी, मजदूर और किसान आवागमन करते हैं। सड़क खराब होने से लोगों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में भी परेशानी हो रही है। राहगीरों एवं ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और सरकार से सड़क की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि आवागमन सुगम हो सके और लगातार हो रही दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।1
- मनिका प्रखंड क्षेत्र के लोहिया भवन में विश्व हिंदू परिषद का 64 व स्थापना दिवस मनाया गया स्थापना दिवस पर प्रांत सत्संग टोली सदस्य दामोदर मिश्र के द्वारा विश्व हिंदू परिषद का कार्य के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी गई1
- गोह में जमीनी विवाद में दो पक्षों में मारपीट, आठ गिरफ्तार कर भेजे गए जेल* गोह थाना क्षेत्र में बुधवार की शाम जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट की घटना घटी। घटना को लेकर दोनों पक्षों ने थाने में आवेदन देकर एक-दूसरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने दोनों पक्षों से प्राप्त आवेदनों के आधार पर दो अलग-अलग कांड दर्ज किए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गुरुवार को दोनों पक्षों के कुल 8 लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। थानाध्यक्ष राजीव कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच पुराना जमीनी विवाद चल रहा था, जिसको लेकर विवाद बढ़ा। पुलिस मामले की जांच कर रही है। हालांकि त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रथम पक्ष से अभिषेक पांडेय व चिंटू यादव जबकि दूसरे पक्ष से ऋतिक गुप्ता, अभिषेक गुप्ता, अजय गुप्ता, संटू गुप्ता, दीपू गुप्ता व शुभम गुप्ता को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।1
- 4 September से 12 बजे के बाद payment नहीं होगा उसके 1 घंटा बाद होगा1
- न्यू जीनियस क्लब इमली में दुर्गा पूजा को लेकर बैठक, सुधीर कुमार यादव बने पूजा समिति के अध्यक्ष पाटन प्रखंड के जंघासी पंचायत अंतर्गत इमली गांव में न्यू जीनियस क्लब इमली के तत्वावधान में आगामी दुर्गा पूजा के आयोजन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्थानीय ग्रामीणों एवं कमेटी के सदस्यों ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता जदयू के जिला अध्यक्ष मनोज कुमार दुबे ने की। बैठक में दुर्गा पूजा के आयोजन, पूजा-पंडाल, सुरक्षा, साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं और तैयारियों को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इसके बाद सर्वसम्मति से दुर्गा पूजा समिति का गठन किया गया। गठित समिति में सुधीर कुमार यादव को अध्यक्ष, ओमप्रकाश कुमार साव को उपाध्यक्ष, अनुज कुमार रवि को सचिव, सुनील कुमार साव को उपसचिव, प्रदीप कुमार सोनी को कोषाध्यक्ष तथा कमलेश कुमार गुप्ता (छोटू) को उपकोषाध्यक्ष बनाया गया। वहीं रामाशीष कुमार को मीडिया प्रभारी और सीताराम सोनी को सह-मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई। समिति के संरक्षक के रूप में राजू नारायण गुप्ता को जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके अलावा पूजा व्यवस्था की जिम्मेदारी श्रवण कुमार साव, सुमित ठाकुर, सागर शर्मा, मुन्ना तिवारी, गुलमेंद्र कुमार सोनी, अनुज चंद्रवंशी, सुजीत चंद्रवंशी एवं बृजदेव भगत समेत अन्य सदस्यों को दी गई। बैठक में पूजा आयोजन की निगरानी के लिए निगरानी समिति का भी गठन किया गया। इसमें मनोज कुमार दुबे, नरेंद्र ठाकुर, अरुण गुप्ता, मनोज शर्मा, वीरेंद्र भगत, अजय सिंह, सुरेंद्र सिंह, अनिल सिंह, उमेश यादव, डॉ. अजय कुमार सिंह एवं पंकज दुबे को शामिल किया गया। समिति के सदस्यों ने कहा कि इस वर्ष दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी की जाएंगी। पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने पर भी जोर दिया गया। बैठक में दर्जनों की संख्या में ग्रामीण एवं कमेटी के सदस्य उपस्थित रहे।2