बिरसिंहपुर में कचरे का संकट क्यों? कचरा प्लांट बंद, सड़कों पर कचरा! जिम्मेदार कौन? बिरसिंहपुर में कचरा प्रबंधन को लेकर इन दिनों कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पहले घर-घर कचरा संग्रहण की व्यवस्था के कारण लोगों ने अपने घर का कचरा कचरा वाहन में देने की आदत बना ली थी, लेकिन अब कई जगहों पर कचरा संग्रहण की व्यवस्था प्रभावित होने से लोगों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है और कचरा सड़कों के किनारे दिखाई दे रहा है। स्थानीय स्तर पर यह जानकारी भी सामने आ रही है कि कचरा प्लांट और नगर पंचायत/नगर पालिका के बीच भुगतान एवं बिल से संबंधित कुछ मामला लंबित है, जिसके कारण कचरा उठाने वाली गाड़ियों की व्यवस्था प्रभावित हुई। हालांकि इन बातों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग या प्लांट प्रबंधन से होना बाकी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब आसपास के अन्य क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था चल रही है, तो बिरसिंहपुर और गैविनाथ धाम जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक क्षेत्र में ऐसी स्थिति क्यों बनी हुई है? इस वीडियो में हमने मौके पर जाकर कचरा संग्रहण स्थल और आसपास की वास्तविक स्थिति दिखाई है और स्थानीय लोगों की परेशानी को सामने रखने का प्रयास किया है। अब सवाल है— क्या जिम्मेदार विभाग इस समस्या का स्थायी समाधान करेगा? क्या दोबारा नियमित घर-घर कचरा संग्रहण शुरू होगा? 📍 बिरसिंहपुर, जिला सतना (म.प्र.) #Birsinghpur #Satna #MadhyaPradesh #BirsinghpurNews #Prakashpathak
बिरसिंहपुर में कचरे का संकट क्यों? कचरा प्लांट बंद, सड़कों पर कचरा! जिम्मेदार कौन? बिरसिंहपुर में कचरा प्रबंधन को लेकर इन दिनों कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पहले घर-घर कचरा संग्रहण की व्यवस्था के कारण लोगों ने अपने घर का कचरा कचरा वाहन में देने की आदत बना ली थी, लेकिन अब कई जगहों पर कचरा संग्रहण की व्यवस्था प्रभावित होने से लोगों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है और कचरा सड़कों के किनारे दिखाई दे रहा है। स्थानीय स्तर पर यह जानकारी भी सामने आ रही है कि कचरा प्लांट और नगर पंचायत/नगर पालिका के बीच भुगतान एवं बिल से संबंधित कुछ मामला लंबित है, जिसके कारण कचरा उठाने वाली गाड़ियों की व्यवस्था प्रभावित हुई। हालांकि इन बातों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग या प्लांट प्रबंधन से होना बाकी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब आसपास के अन्य क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था चल रही है, तो बिरसिंहपुर और गैविनाथ धाम जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक क्षेत्र में ऐसी स्थिति क्यों बनी हुई है? इस वीडियो में हमने मौके पर जाकर कचरा संग्रहण स्थल और आसपास की वास्तविक स्थिति दिखाई है और स्थानीय लोगों की परेशानी को सामने रखने का प्रयास किया है। अब सवाल है— क्या जिम्मेदार विभाग इस समस्या का स्थायी समाधान करेगा? क्या दोबारा नियमित घर-घर कचरा संग्रहण शुरू होगा? 📍 बिरसिंहपुर, जिला सतना (म.प्र.) #Birsinghpur #Satna #MadhyaPradesh #BirsinghpurNews #Prakashpathak
- कचरा से परेशान बिरसिंहपुर की जनता कैसे होगा निदान कब सुने का प्रशासन1
- गैवीनाथ धाम धरना स्थल पर पहुंचे SDM और तहसीलदार! धरना खत्म करने की अपील, मांगों पर अड़े लोग 🔥 बिरसिंहपुर के गैवीनाथ धाम में चल रहे धरना प्रदर्शन से जुड़ी बड़ी जानकारी सामने आई। धरना स्थल पर SDM साहब और तहसीलदार साहब भी पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त करने का आग्रह किया। लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी 7 सूत्रीय मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा। लोगों का यह भी कहना है कि अगर मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और बड़े स्तर तक ले जाया जा सकता है। मैंने धरना स्थल पर पहुंचकर पंडाल के नीचे मौजूद लोगों और पूरे माहौल की जानकारी इस वीडियो के माध्यम से आप तक पहुंचाई है। 🙏 आस्था का सम्मान • भक्तों का अधिकार • हर-हर महादेव 🚩 #गैवीनाथधाम #बिरसिंहपुर #धरनाप्रदर्शन #सतना #PrakashPathak1
- * *रीवा* *3 किमी कच्ची सड़क के कारण 10 गांव की जनता परेशान* *बारिश में 4 महीने बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, मरीज को खाट पर ले जाना पड़ता है* *गुढ़।* ग्राम पंचायत *पटौता, जनपद पंचायत रायपुर, विधानसभा गुढ़* अंतर्गत *पटौता-कसई-बरहडी मार्ग* की जर्जर हालत के कारण क्षेत्रवासी पिछले कई वर्षों से परेशान हैं। लगभग *3 किलोमीटर* का यह मार्ग पूरी तरह कच्चा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस रास्ते से *लगभग 10 गांवों* की जनता का आवागमन होता है। बारिश के दिनों में यह मार्ग कीचड़ और पानी से भर जाता है। सलंग्न फोटो में सड़क की बदहाली साफ देखी जा सकती है। ग्रामवासियों ने बताया कि इस कारण *बारिश के 4 महीने बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाते*। क्षेत्र में कोई गंभीर बीमार हो जाए तो उसे *खाट/चारपाई पर लादकर* 3 किमी कीचड़ से होकर अस्पताल ले जाना पड़ता है। कई बार समय पर इलाज न मिलने से स्थिति गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों ने *विधायक श्री नागेन्द्र सिंह जी* एवं *जिला पंचायत सदस्य श्री लालमणि त्रिपाठी जी* से मांग की है कि जनहित को देखते हुए इस मार्ग का *शीघ्र पक्कीकरण* कराया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क नहीं बनी तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।1
- *ओवरलोड ट्रकों पर कार्रवाई के दावों के बीच उठे सवाल, वायरल टीपी ने खोली पोल* जब टीपी में माल की मात्रा स्पष्ट है, लोडिंग स्थल की जानकारी उपलब्ध है और मामला सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक हो चुका है, तो संबंधित वाहन, लोडिंग स्थल और जिम्मेदार व्यक्ति की जांच कर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? *क्या नियम सभी के लिए समान हैं या फिर कार्रवाई के नाम पर केवल चुनिंदा वाहनों को ही निशाना बनाया जा रहा है?* *अधिकारियों की भूमिका पर उठ रहे सवाल* मामला सार्वजनिक होने के बाद अब निगाहें परिवहन और खनिज विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर टिकी हैं। यदि वायरल टीपी और वाहन की वास्तविक स्थिति में ओवरलोडिंग की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं यदि वायरल दस्तावेज में कोई तथ्य गलत है तो संबंधित विभाग को सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। अब सवाल सिर्फ ओवरलोड ट्रकों का नहीं, बल्कि कार्रवाई में कथित पक्षपात का है। जिम्मेदार अधिकारी स्पष्ट करें कि ओवरलोडिंग के खिलाफ उनकी कार्रवाई की कसौटी क्या है और वायरल मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई? मैहर। जिले में ओवरलोडिंग के खिलाफ लगातार कार्रवाई के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन सड़कों पर दौड़ रहे ओवरलोड ट्रकों की तस्वीरें इन दावों पर सवाल खड़े कर रही हैं। कार्रवाई के बावजूद धड़ल्ले से ओवरलोड ट्रकों का संचालन जारी है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर जिम्मेदार विभाग कुछ मामलों में कार्रवाई करता है और कुछ मामलों में चुप्पी क्यों साध लेता है?हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक खबर ने पूरे मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। वायरल मामले में सामने आई टीपी में ही वाहन में लोड माल की मात्रा दर्ज बताई जा रही है, साथ ही जिस व्यक्ति/स्थान से माल लोड किया गया, उसका विवरण भी टीपी में अंकित बताया जा रहा है। ऐसे में सवाल यह है कि जब दस्तावेज ही कथित तौर पर ओवरलोडिंग की ओर इशारा कर रहा है तो जिम्मेदार अधिकारियों को कार्रवाई करने में आखिर किस बात की परेशानी है? टीपी सामने, फिर भी कार्रवाई क्यों नहीं? ओवरलोड वाहन केवल यातायात नियमों का उल्लंघन नहीं करते, बल्कि सड़क सुरक्षा और सड़क की गुणवत्ता पर भी गंभीर असर डाल सकते हैं। यदि किसी वाहन के दस्तावेज में निर्धारित क्षमता से अधिक माल दर्ज है, तो संबंधित विभागों के पास मामले की जांच और नियमानुसार कार्रवाई करने का आधार मौजूद होना चाहिए। इसके बावजूद यदि ऐसे मामलों में कार्रवाई नहीं होती तो यह सवाल स्वाभाविक है कि क्या ओवरलोडिंग के खिलाफ कार्रवाई भी चयनात्मक तरीके से की जा रही है?1
- भोपाल - मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बारिश के बीच रविवार को भाजपा की तिरंगा यात्रा निकाली ट नगर स्टेडियम से शुरू हुई यात्रा में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल. प्रदेश प्रभारी डॉ महेंद्र सिंह समेत कई सदस्य और शहर वासि शामिल हुए तेज़ बारिश के बावजूद बच्चों और कार्यकर्ताओं का उत्साह कम नहीं हुआ हाथों में तिरंगा लेकर लोग भारत माता की जय के नारे लगाते हुए यात्रा में शामिल हुए। तिरंगा यात्रा टीटी नगर स्टेडियम से न्यू मार्केट रोशन पूरा होते हुए वापस टीटी नगर स्टेडियम पर खत्म किया।1
- बिरसिंहपुर में कचरे का संकट क्यों? कचरा प्लांट बंद, सड़कों पर कचरा! जिम्मेदार कौन? बिरसिंहपुर में कचरा प्रबंधन को लेकर इन दिनों कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पहले घर-घर कचरा संग्रहण की व्यवस्था के कारण लोगों ने अपने घर का कचरा कचरा वाहन में देने की आदत बना ली थी, लेकिन अब कई जगहों पर कचरा संग्रहण की व्यवस्था प्रभावित होने से लोगों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है और कचरा सड़कों के किनारे दिखाई दे रहा है। स्थानीय स्तर पर यह जानकारी भी सामने आ रही है कि कचरा प्लांट और नगर पंचायत/नगर पालिका के बीच भुगतान एवं बिल से संबंधित कुछ मामला लंबित है, जिसके कारण कचरा उठाने वाली गाड़ियों की व्यवस्था प्रभावित हुई। हालांकि इन बातों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग या प्लांट प्रबंधन से होना बाकी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब आसपास के अन्य क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था चल रही है, तो बिरसिंहपुर और गैविनाथ धाम जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक क्षेत्र में ऐसी स्थिति क्यों बनी हुई है? इस वीडियो में हमने मौके पर जाकर कचरा संग्रहण स्थल और आसपास की वास्तविक स्थिति दिखाई है और स्थानीय लोगों की परेशानी को सामने रखने का प्रयास किया है। अब सवाल है— क्या जिम्मेदार विभाग इस समस्या का स्थायी समाधान करेगा? क्या दोबारा नियमित घर-घर कचरा संग्रहण शुरू होगा? 📍 बिरसिंहपुर, जिला सतना (म.प्र.) #Birsinghpur #Satna #MadhyaPradesh #BirsinghpurNews #Prakashpathak1
- चित्रकूट के बालिका छात्रावास में बीते 4 और 5 अगस्त की दरमियानी रात भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग में छात्राओं के बैग, किताबें, कपड़े, गद्दे और बेड सहित सामान जलने की बात सामने आई है। आरोप है कि घटना की जानकारी अधिकांश अभिभावकों और उच्च अधिकारियों से छिपाई गई। वहीं, अधीक्षिका के हॉस्टल में नियमित रूप से नहीं रुकने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अब पूरे मामले में *उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग* उठ रही है।1