*ओवरलोड ट्रकों पर कार्रवाई के दावों के बीच उठे सवाल, वायरल टीपी ने खोली पोल* जब टीपी में माल की मात्रा स्पष्ट है, लोडिंग स्थल की जानकारी उपलब्ध है और मामला सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक हो चुका है, तो संबंधित वाहन, लोडिंग स्थल और जिम्मेदार व्यक्ति की जांच कर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? *क्या नियम सभी के लिए समान हैं या फिर कार्रवाई के नाम पर केवल चुनिंदा वाहनों को ही निशाना बनाया जा रहा है?* *अधिकारियों की भूमिका पर उठ रहे सवाल* मामला सार्वजनिक होने के बाद अब निगाहें परिवहन और खनिज विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर टिकी हैं। यदि वायरल टीपी और वाहन की वास्तविक स्थिति में ओवरलोडिंग की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं यदि वायरल दस्तावेज में कोई तथ्य गलत है तो संबंधित विभाग को सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। अब सवाल सिर्फ ओवरलोड ट्रकों का नहीं, बल्कि कार्रवाई में कथित पक्षपात का है। जिम्मेदार अधिकारी स्पष्ट करें कि ओवरलोडिंग के खिलाफ उनकी कार्रवाई की कसौटी क्या है और वायरल मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई? मैहर। जिले में ओवरलोडिंग के खिलाफ लगातार कार्रवाई के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन सड़कों पर दौड़ रहे ओवरलोड ट्रकों की तस्वीरें इन दावों पर सवाल खड़े कर रही हैं। कार्रवाई के बावजूद धड़ल्ले से ओवरलोड ट्रकों का संचालन जारी है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर जिम्मेदार विभाग कुछ मामलों में कार्रवाई करता है और कुछ मामलों में चुप्पी क्यों साध लेता है?हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक खबर ने पूरे मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। वायरल मामले में सामने आई टीपी में ही वाहन में लोड माल की मात्रा दर्ज बताई जा रही है, साथ ही जिस व्यक्ति/स्थान से माल लोड किया गया, उसका विवरण भी टीपी में अंकित बताया जा रहा है। ऐसे में सवाल यह है कि जब दस्तावेज ही कथित तौर पर ओवरलोडिंग की ओर इशारा कर रहा है तो जिम्मेदार अधिकारियों को कार्रवाई करने में आखिर किस बात की परेशानी है? टीपी सामने, फिर भी कार्रवाई क्यों नहीं? ओवरलोड वाहन केवल यातायात नियमों का उल्लंघन नहीं करते, बल्कि सड़क सुरक्षा और सड़क की गुणवत्ता पर भी गंभीर असर डाल सकते हैं। यदि किसी वाहन के दस्तावेज में निर्धारित क्षमता से अधिक माल दर्ज है, तो संबंधित विभागों के पास मामले की जांच और नियमानुसार कार्रवाई करने का आधार मौजूद होना चाहिए। इसके बावजूद यदि ऐसे मामलों में कार्रवाई नहीं होती तो यह सवाल स्वाभाविक है कि क्या ओवरलोडिंग के खिलाफ कार्रवाई भी चयनात्मक तरीके से की जा रही है?
*ओवरलोड ट्रकों पर कार्रवाई के दावों के बीच उठे सवाल, वायरल टीपी ने खोली पोल* जब टीपी में माल की मात्रा स्पष्ट है, लोडिंग स्थल की जानकारी उपलब्ध है और मामला सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक हो चुका है, तो संबंधित वाहन, लोडिंग स्थल और जिम्मेदार व्यक्ति की जांच कर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? *क्या नियम सभी के लिए समान हैं या फिर कार्रवाई के नाम पर केवल चुनिंदा वाहनों को ही निशाना बनाया जा रहा है?* *अधिकारियों की भूमिका पर उठ रहे सवाल* मामला सार्वजनिक होने के बाद अब निगाहें परिवहन और खनिज विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर टिकी हैं। यदि वायरल टीपी और वाहन की वास्तविक स्थिति में ओवरलोडिंग की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं यदि वायरल दस्तावेज में कोई तथ्य गलत है तो संबंधित विभाग को सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। अब सवाल सिर्फ ओवरलोड ट्रकों का नहीं, बल्कि कार्रवाई में कथित पक्षपात का है। जिम्मेदार अधिकारी स्पष्ट करें कि ओवरलोडिंग के खिलाफ उनकी कार्रवाई की कसौटी क्या है और वायरल मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई? मैहर। जिले में ओवरलोडिंग के खिलाफ लगातार कार्रवाई के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन सड़कों पर दौड़ रहे ओवरलोड ट्रकों की तस्वीरें इन दावों पर सवाल खड़े कर रही हैं। कार्रवाई के बावजूद धड़ल्ले से ओवरलोड ट्रकों का संचालन जारी है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर जिम्मेदार विभाग कुछ मामलों में कार्रवाई करता है और कुछ मामलों में चुप्पी क्यों साध लेता है?हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक खबर ने पूरे मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। वायरल मामले में सामने आई टीपी में ही वाहन में लोड माल की मात्रा दर्ज बताई जा रही है, साथ ही जिस व्यक्ति/स्थान से माल लोड किया गया, उसका विवरण भी टीपी में अंकित बताया जा रहा है। ऐसे में सवाल यह है कि जब दस्तावेज ही कथित तौर पर ओवरलोडिंग की ओर इशारा कर रहा है तो जिम्मेदार अधिकारियों को कार्रवाई करने में आखिर किस बात की परेशानी है? टीपी सामने, फिर भी कार्रवाई क्यों नहीं? ओवरलोड वाहन केवल यातायात नियमों का उल्लंघन नहीं करते, बल्कि सड़क सुरक्षा और सड़क की गुणवत्ता पर भी गंभीर असर डाल सकते हैं। यदि किसी वाहन के दस्तावेज में निर्धारित क्षमता से अधिक माल दर्ज है, तो संबंधित विभागों के पास मामले की जांच और नियमानुसार कार्रवाई करने का आधार मौजूद होना चाहिए। इसके बावजूद यदि ऐसे मामलों में कार्रवाई नहीं होती तो यह सवाल स्वाभाविक है कि क्या ओवरलोडिंग के खिलाफ कार्रवाई भी चयनात्मक तरीके से की जा रही है?
- बिरसिंहपुर में कचरे का संकट क्यों? कचरा प्लांट बंद, सड़कों पर कचरा! जिम्मेदार कौन? बिरसिंहपुर में कचरा प्रबंधन को लेकर इन दिनों कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पहले घर-घर कचरा संग्रहण की व्यवस्था के कारण लोगों ने अपने घर का कचरा कचरा वाहन में देने की आदत बना ली थी, लेकिन अब कई जगहों पर कचरा संग्रहण की व्यवस्था प्रभावित होने से लोगों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है और कचरा सड़कों के किनारे दिखाई दे रहा है। स्थानीय स्तर पर यह जानकारी भी सामने आ रही है कि कचरा प्लांट और नगर पंचायत/नगर पालिका के बीच भुगतान एवं बिल से संबंधित कुछ मामला लंबित है, जिसके कारण कचरा उठाने वाली गाड़ियों की व्यवस्था प्रभावित हुई। हालांकि इन बातों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग या प्लांट प्रबंधन से होना बाकी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब आसपास के अन्य क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था चल रही है, तो बिरसिंहपुर और गैविनाथ धाम जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक क्षेत्र में ऐसी स्थिति क्यों बनी हुई है? इस वीडियो में हमने मौके पर जाकर कचरा संग्रहण स्थल और आसपास की वास्तविक स्थिति दिखाई है और स्थानीय लोगों की परेशानी को सामने रखने का प्रयास किया है। अब सवाल है— क्या जिम्मेदार विभाग इस समस्या का स्थायी समाधान करेगा? क्या दोबारा नियमित घर-घर कचरा संग्रहण शुरू होगा? 📍 बिरसिंहपुर, जिला सतना (म.प्र.) #Birsinghpur #Satna #MadhyaPradesh #BirsinghpurNews #Prakashpathak1
- चित्रकूट कर्वी के शिवनगर निवासी पिता पुत्रों पर सटरिंग का पैसा न देने का व्यक्ति ने लगाया आरोप थाना समाधान दिवस में लगाई न्याय की फरियाद कहा 10वीं बार कोतवाली आया हूं चित्रकूट जनपद के पहाड़ी बुजुर्ग निवासी व्यक्ति रामसेवक ने कवि के शिवनगर निवासी दबंग पिता पुत्रों पर सटरिंग का पैसा ना देने का आरोप लगाया है और न्याय की फरियाद लेकर आज शनिवार की सुबह 11:00 बजे 10वीं बार कोतवाली पहुंचकर थाना दिवस में न्याय की फरियाद लगाई है पीड़ित रामसेवक ने बतायाकी उसने कर्वी के शिवनगर निवासी मेवालाल और उसके पुत्रों राज और हिमांशु के कहने पर मध्य प्रदेश के लवकुश नगर निवासी बबलू नाम के व्यक्ति को अपनी शटरिंग 2,90,000 रूपये में बेची थी जिसमें उसका ₹1,00000 शेष रह गया था जिसको उसने बबलू से मांगा जिस पर बबलू और मेवालाल,हिमांशु व राज द्वारा उसको ब्लैकमेल करते हुए लवकुश नगर थाने बुलाया गया जब थाने पहुंचा तो उल्टा उसे ही डांटा फटकारा गया और ₹40000 देने की बात कही गई जिस पर वह ₹40000 लेने के लिए भी मान गया जिसमें मेवालाल और उसके पुत्र द्वारा एक माह बाद ₹40000 देने की बात कही गई पर आज तक उक्त लोगों द्वारा उसका ₹40000 नहीं दिया दिया और मांगने पर रोज आजकल बोलकर ट दिया जाता है जिसकी शिकायत उसके द्वारा कोतवाली कर्वी में की गई पर आज तक उसकी समस्या का समाधान नहीं किया गया पीड़ित ने बताया कि वह कोतवाली 10वीं बार आया है हर बार उसे संबंधित हल्का इंचार्ज द्वारा कार्रवाई करने की बात बोलकर ट र का दिया जाता है आप भी सुने क्या पीड़ित व्यक्ति राम सेवक का चित्रकूट कर्वी के शिवनगर निवासी पिता पुत्रों पर सटरिंग का पैसा न देने का व्यक्ति ने लगाया आरोप थाना समाधान दिवस में लगाई न्याय की फरियाद कहा 10वीं बार कोतवाली आया हूं चित्रकूट जनपद के पहाड़ी बुजुर्ग निवासी व्यक्ति रामसेवक ने कवि के शिवनगर निवासी दबंग पिता पुत्रों पर सटरिंग का पैसा ना देने का आरोप लगाया है और न्याय की फरियाद लेकर आज शनिवार की सुबह 11:00 बजे 10वीं बार कोतवाली पहुंचकर थाना दिवस में न्याय की फरियाद लगाई है पीड़ित रामसेवक ने बतायाकी उसने कर्वी के शिवनगर निवासी मेवालाल और उसके पुत्रों राज और हिमांशु के कहने पर मध्य प्रदेश के लवकुश नगर निवासी बबलू नाम के व्यक्ति को अपनी शटरिंग 2,90,000 रूपये में बेची थी जिसमें उसका ₹1,00000 शेष रह गया था जिसको उसने बबलू से मांगा जिस पर बबलू और मेवालाल,हिमांशु व राज द्वारा उसको ब्लैकमेल करते हुए लवकुश नगर थाने बुलाया गया जब थाने पहुंचा तो उल्टा उसे ही डांटा फटकारा गया और ₹40000 देने की बात कही गई जिस पर वह ₹40000 लेने के लिए भी मान गया जिसमें मेवालाल और उसके पुत्र द्वारा एक माह बाद ₹40000 देने की बात कही गई पर आज तक उक्त लोगों द्वारा उसका ₹40000 नहीं दिया दिया और मांगने पर रोज आजकल बोलकर ट दिया जाता है जिसकी शिकायत उसके द्वारा कोतवाली कर्वी में की गई पर आज तक उसकी समस्या का समाधान नहीं किया गया पीड़ित ने बताया कि वह कोतवाली 10वीं बार आया है हर बार उसे संबंधित हल्का इंचार्ज द्वारा कार्रवाई करने की बात बोलकर ट र का दिया जाता है आप भी सुने क्या पीड़ित व्यक्ति राम सेवक का1
- *जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने संयुक्त जिला चिकित्सालय का किया औचक निरीक्षण, मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार एवं व्यवस्थाओं में सुधार के दिए निर्देश *जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने संयुक्त जिला चिकित्सालय का किया औचक निरीक्षण, मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार एवं व्यवस्थाओं में सुधार के दिए निर्देश चित्रकूट।जिलाधिकारी श्री पुलकित गर्ग ने आज संयुक्त जिला चिकित्सालय सोनेपुर का औचक निरीक्षण कर अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता व्यवस्था एवं मरीजों को प्रदान की जा रही सुविधाओं का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने इमरजेंसी वार्ड, वीआईपी कक्ष, ऑक्सीजन कक्ष, स्टोर कक्ष, आकस्मिक ड्यूटी कक्ष, जच्चा-बच्चा विभाग, प्रसव कक्ष, पेइंग एसी वार्ड, एसएनसीयू तथा ऑडियोमैट्री लैब का निरीक्षण किया। इमरजेंसी वार्ड के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वार्ड की दीवारों पर धूल एवं गंदगी पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल समुचित सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने उपस्थित नर्सिंग स्टाफ को निर्देशित किया कि सभी कर्मचारी अनिवार्य रूप से अपना नाम-पट्ट (नेम प्लेट) धारण करें, जिससे मरीज एवं उनके परिजन आवश्यकतानुसार संबंधित कर्मचारी की पहचान कर सकें। जिलाधिकारी ने नर्सिंग स्टाफ को मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ शालीन, संवेदनशील एवं सकारात्मक व्यवहार करने के निर्देश देते हुए कहा कि अस्पताल का वातावरण ऐसा होना चाहिए जिससे आमजन में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति विश्वास एवं संतुष्टि का भाव उत्पन्न हो। उन्होंने वार्डों में नियमित रूप से बेडशीट बदलने तथा किसी भी स्थिति में गंदी बेडशीट का उपयोग न करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी गुणवत्तापूर्ण बेडशीट की खरीद की जाए, जिन पर दाग-धब्बे कम दिखाई दें तथा उनकी स्वच्छता बनाए रखने के लिए बेहतर गुणवत्ता वाले डिटर्जेंट का उपयोग सुनिश्चित किया जाए। वीआईपी कक्ष के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि उपलब्ध सुविधाओं का आवश्यकतानुसार समुचित उपयोग किया जाए। उन्होंने अस्पताल से संबंधित लंबित एस्टीमेट के संबंध में निर्देशित किया कि उन्हें शाडा के माध्यम से स्वीकृत कराया जाएगा। अस्पताल को धनराशि उपलब्ध होने के उपरांत संबंधित धनराशि शाडा को हस्तांतरित कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि तब तक अत्यावश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। अस्पताल की विभिन्न व्यवस्थाओं के संबंध में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आवश्यक कार्यों के लिए उपलब्ध मदों से धनराशि का समुचित उपयोग किया जाए तथा सकारात्मक सोच के साथ व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आवश्यकता के अनुसार वार्ड बॉय एवं सफाई कर्मियों की आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्ति करने के भी निर्देश दिए, जिससे अस्पताल की सेवाएं और अधिक प्रभावी एवं सुचारु रूप से संचालित हो सकें। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर को तंबाकू मुक्त बनाए रखने पर विशेष बल देते हुए निर्देश दिए कि जिला चिकित्सालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर किसी भी व्यक्ति को थूकने न दिया जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि गुटखा एवं पान का सेवन कर आने वाले व्यक्तियों को अस्पताल परिसर में प्रवेश न दिया जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर नियमानुसार जुर्माना भी लगाया जाए, जिससे अस्पताल परिसर की स्वच्छता एवं स्वास्थ्यकर वातावरण बना रहे। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. महेंद्र कुमार त्रिपाठी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र कुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।1
- बांदा के बिसंडा थाना क्षेत्र से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है, जहां पुलिस की सूझबूझ और साहस से करंट की चपेट में आए दो बच्चों की जान बचा ली गई। बांदा के बिसंडा थाना क्षेत्र से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है, जहां पुलिस की सूझबूझ और साहस से करंट की चपेट में आए दो बच्चों की जान बचा ली गई। मामला ग्राम पुनाहुर का है, जहां दो बच्चे अचानक विद्युत करंट की चपेट में आ गए। सूचना मिलते ही बिसंडा पुलिस ने बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचकर साहस और सूझबूझ का परिचय दिया और दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस की तत्परता के चलते दोनों बच्चों की जान बच गई। पूरे मामले की जानकारी क्षेत्राधिकारी बबेरू कृष्णकांत त्रिपाठी ने वीडियो बाइट के माध्यम से दी है। बांदा पुलिस की इस तत्पर कार्रवाई की सराहना हो रही है।1
- बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से जुड़ी कृषि शिक्षा में छात्रों की रुचि बनी हुई है। UPCATET 2026 की काउंसलिंग प्रक्रिया के तहत सीट अलॉटमेंट और प्रवेश से जुड़ी गतिविधियां जारी हैं। कृषि शिक्षा में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए यह महत्वपूर्ण समय है। अभ्यर्थियों को अपने प्रवेश और काउंसलिंग से संबंधित जानकारी आधिकारिक पोर्टल पर जरूर जांचनी चाहिए।1
- गैवीनाथ धाम के धरने में पहुंचे SDM साहब 🙏 धरना खत्म करने का आग्रह, लेकिन प्रदर्शन जारी | रविवार को जुटने की अपील बिरसिंहपुर के गैवीनाथ धाम से जुड़ी 7 मांगों को लेकर चल रहे धरना प्रदर्शन में आज SDM साहब का आगमन हुआ। उन्होंने धरना प्रदर्शन समाप्त करने का आग्रह किया, लेकिन श्रद्धालुओं और प्रदर्शनकारियों ने अभी धरना जारी रखने का निर्णय लिया है। कल रविवार को अधिक से अधिक संख्या में श्रद्धालुओं और गैवीनाथ धाम से आस्था रखने वाले लोगों से धरना स्थल पर पहुंचने की अपील की गई है। 🙏🚩 अगर आपके पास थोड़ा भी समय है और आप इस मुद्दे से जुड़े हैं, तो शांतिपूर्ण तरीके से अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं। यह गैवीनाथ धाम और श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है। आस्था का सम्मान • भक्तों का अधिकार • हर-हर महादेव 🔱🚩 #गैवीनाथधाम #बिरसिंहपुर #सतना #धरनाप्रदर्शन #PrakashPathak1
- * *रीवा* *3 किमी कच्ची सड़क के कारण 10 गांव की जनता परेशान* *बारिश में 4 महीने बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, मरीज को खाट पर ले जाना पड़ता है* *गुढ़।* ग्राम पंचायत *पटौता, जनपद पंचायत रायपुर, विधानसभा गुढ़* अंतर्गत *पटौता-कसई-बरहडी मार्ग* की जर्जर हालत के कारण क्षेत्रवासी पिछले कई वर्षों से परेशान हैं। लगभग *3 किलोमीटर* का यह मार्ग पूरी तरह कच्चा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस रास्ते से *लगभग 10 गांवों* की जनता का आवागमन होता है। बारिश के दिनों में यह मार्ग कीचड़ और पानी से भर जाता है। सलंग्न फोटो में सड़क की बदहाली साफ देखी जा सकती है। ग्रामवासियों ने बताया कि इस कारण *बारिश के 4 महीने बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाते*। क्षेत्र में कोई गंभीर बीमार हो जाए तो उसे *खाट/चारपाई पर लादकर* 3 किमी कीचड़ से होकर अस्पताल ले जाना पड़ता है। कई बार समय पर इलाज न मिलने से स्थिति गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों ने *विधायक श्री नागेन्द्र सिंह जी* एवं *जिला पंचायत सदस्य श्री लालमणि त्रिपाठी जी* से मांग की है कि जनहित को देखते हुए इस मार्ग का *शीघ्र पक्कीकरण* कराया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क नहीं बनी तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।1
- *क्रांति दिवस पर पन्ना के गुनौर में गूंजा 'वंदे मातरम': कांग्रेस सेवादल ने निकाली विशाल तिरंगा यात्रा, एकजुट दिखा कांग्रेस परिवार*।। *क्रांति दिवस पर पन्ना के गुनौर में गूंजा 'वंदे मातरम': कांग्रेस सेवादल ने निकाली विशाल तिरंगा यात्रा, एकजुट दिखा कांग्रेस परिवार*।। पन्ना/गुनौर: शीर्ष नेतृत्व के आह्वान, मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी एवं प्रदेश सेवादल अध्यक्ष अवनीश भार्गव के निर्देशानुसार 9 अगस्त (रविवार) को 'अगस्त क्रांति दिवस' के अवसर पर पन्ना जिले की गुनौर विधानसभा (59) में कांग्रेस सेवादल द्वारा भव्य तिरंगा यात्रा (पैदल मार्च) का सफल आयोजन किया गया। सेवादल जिला अध्यक्ष रामबहादुर द्विवेदी एवं गुनौर ब्लॉक अध्यक्ष धर्मराज कश्यप के नेतृत्व में निकली यह तिरंगा यात्रा सुबह 11 बजे गुनौर के सिली तिराहे से प्रारंभ हुई। अपने तय मार्ग के अनुसार, सेवादल कार्यकर्ता गणवेश (यूनीफॉर्म) में अनुशासित ढंग से देशभक्ति के गगनभेदी नारों और हाथों में तिरंगा लिए मुख्य बाजार से होते हुए हरद्वाही मोड़ पहुंचे, जहां यात्रा का गरिमामय समापन हुआ। मुख्य अतिथि और वरिष्ठ नेताओं की गरिमामयी मौजूदगी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना के अध्यक्ष अनीश खान उपस्थित रहे। उनकी गरिमामयी उपस्थिति में कांग्रेस परिवार के विभिन्न मोर्चा संगठनों ने एकजुटता का प्रदर्शन किया। इन प्रमुख पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने दर्ज कराई उपस्थिति कार्यक्रम को सफल बनाने में सेवादल, यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई, किसान कांग्रेस, महिला कांग्रेस, अल्पसंख्यक विभाग सहित ब्लॉक, मंडलम, सेक्टर और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की बड़ी भूमिका रही। रैली में मुख्य रूप से ममता शर्मा, अनंत शुक्ला, भभूत सिंह, हिम्मत सिंह, बादरी केसरी, अहिरवार संतोष लोधी, सेवालाल पटेल, अरुण कुमार गौतम, सुदीप कुशवाहा, लाल साहब, संजय तिवारी, राजाजी बुंदेला और कुलदीप सिंह सहित जिले के कई वरिष्ठ नेता एवं सेवादल के पदाधिकारी मौजूद रहे। समापन अवसर पर सभी उपस्थित जनों ने 'जय हिंद' और 'वंदे मातरम' के उद्घोष के साथ देश के अमर शहीदों को नमन किया और संगठन को धरातल पर और अधिक मजबूत करने का संकल्प लिया।4
- ग्राम पंचायत दादरी माफी छितूपुर का ग्राम है में नाले में दुर्घटना चुप बैठी है इस नाले को पैसाखाकर सरकार महोदय इस नाले को पुरानी जल्द से जल्द कृपा करें बहुत परेशानी आ रही जनता को4