logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

ग्राम पंचायत दादरी माफी छितूपुर का ग्राम है में नाले में दुर्घटना चुप बैठी है इस नाले को पैसाखाकर सरकार महोदय इस नाले को पुरानी जल्द से जल्द कृपा करें बहुत परेशानी आ रही जनता को

18 hrs ago
user_Am janta
Am janta
मानिकपुर, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
18 hrs ago
70dc4396-00e7-4878-a33a-1020c6e3d03b
43d013e2-4a46-4e41-9c19-98f0623da9ae
45088f56-000e-4e0a-863b-ccafd72a2780

ग्राम पंचायत दादरी माफी छितूपुर का ग्राम है में नाले में दुर्घटना चुप बैठी है इस नाले को पैसाखाकर सरकार महोदय इस नाले को पुरानी जल्द से जल्द कृपा करें बहुत परेशानी आ रही जनता को

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • गैवीनाथ धाम धरना स्थल पर पहुंचे SDM और तहसीलदार! धरना खत्म करने की अपील, मांगों पर अड़े लोग 🔥 बिरसिंहपुर के गैवीनाथ धाम में चल रहे धरना प्रदर्शन से जुड़ी बड़ी जानकारी सामने आई। धरना स्थल पर SDM साहब और तहसीलदार साहब भी पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त करने का आग्रह किया। लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी 7 सूत्रीय मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा। लोगों का यह भी कहना है कि अगर मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और बड़े स्तर तक ले जाया जा सकता है। मैंने धरना स्थल पर पहुंचकर पंडाल के नीचे मौजूद लोगों और पूरे माहौल की जानकारी इस वीडियो के माध्यम से आप तक पहुंचाई है। 🙏 आस्था का सम्मान • भक्तों का अधिकार • हर-हर महादेव 🚩 #गैवीनाथधाम #बिरसिंहपुर #धरनाप्रदर्शन #सतना #PrakashPathak
    1
    गैवीनाथ धाम धरना स्थल पर पहुंचे SDM और तहसीलदार! धरना खत्म करने की अपील, मांगों पर अड़े लोग 🔥


बिरसिंहपुर के गैवीनाथ धाम में चल रहे धरना प्रदर्शन से जुड़ी बड़ी जानकारी सामने आई। धरना स्थल पर SDM साहब और तहसीलदार साहब भी पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त करने का आग्रह किया।
लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी 7 सूत्रीय मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा। लोगों का यह भी कहना है कि अगर मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और बड़े स्तर तक ले जाया जा सकता है।
मैंने धरना स्थल पर पहुंचकर पंडाल के नीचे मौजूद लोगों और पूरे माहौल की जानकारी इस वीडियो के माध्यम से आप तक पहुंचाई है।
🙏 आस्था का सम्मान • भक्तों का अधिकार • हर-हर महादेव 🚩


#गैवीनाथधाम
#बिरसिंहपुर
#धरनाप्रदर्शन
#सतना
#PrakashPathak
    user_Prakash Pathak Satna
    Prakash Pathak Satna
    Social Media Manager बीरसिंहपुर, सतना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • * *रीवा* *3 किमी कच्ची सड़क के कारण 10 गांव की जनता परेशान* *बारिश में 4 महीने बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, मरीज को खाट पर ले जाना पड़ता है* *गुढ़।* ग्राम पंचायत *पटौता, जनपद पंचायत रायपुर, विधानसभा गुढ़* अंतर्गत *पटौता-कसई-बरहडी मार्ग* की जर्जर हालत के कारण क्षेत्रवासी पिछले कई वर्षों से परेशान हैं। लगभग *3 किलोमीटर* का यह मार्ग पूरी तरह कच्चा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस रास्ते से *लगभग 10 गांवों* की जनता का आवागमन होता है। बारिश के दिनों में यह मार्ग कीचड़ और पानी से भर जाता है। सलंग्न फोटो में सड़क की बदहाली साफ देखी जा सकती है। ग्रामवासियों ने बताया कि इस कारण *बारिश के 4 महीने बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाते*। क्षेत्र में कोई गंभीर बीमार हो जाए तो उसे *खाट/चारपाई पर लादकर* 3 किमी कीचड़ से होकर अस्पताल ले जाना पड़ता है। कई बार समय पर इलाज न मिलने से स्थिति गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों ने *विधायक श्री नागेन्द्र सिंह जी* एवं *जिला पंचायत सदस्य श्री लालमणि त्रिपाठी जी* से मांग की है कि जनहित को देखते हुए इस मार्ग का *शीघ्र पक्कीकरण* कराया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क नहीं बनी तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
    1
    *

*रीवा*  


*3 किमी कच्ची सड़क के कारण 10 गांव की जनता परेशान*  
*बारिश में 4 महीने बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, मरीज को खाट पर ले जाना पड़ता है*

*गुढ़।* ग्राम पंचायत *पटौता, जनपद पंचायत रायपुर, विधानसभा गुढ़* अंतर्गत *पटौता-कसई-बरहडी मार्ग* की जर्जर हालत के कारण क्षेत्रवासी पिछले कई वर्षों से परेशान हैं। लगभग *3 किलोमीटर* का यह मार्ग पूरी तरह कच्चा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस रास्ते से *लगभग 10 गांवों* की जनता का आवागमन होता है। बारिश के दिनों में यह मार्ग कीचड़ और पानी से भर जाता है। सलंग्न फोटो में सड़क की बदहाली साफ देखी जा सकती है।

ग्रामवासियों ने बताया कि इस कारण *बारिश के 4 महीने बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाते*। क्षेत्र में कोई गंभीर बीमार हो जाए तो उसे *खाट/चारपाई पर लादकर* 3 किमी कीचड़ से होकर अस्पताल ले जाना पड़ता है। कई बार समय पर इलाज न मिलने से स्थिति गंभीर हो जाती है।

ग्रामीणों ने *विधायक श्री नागेन्द्र सिंह जी* एवं *जिला पंचायत सदस्य श्री लालमणि त्रिपाठी जी* से मांग की है कि जनहित को देखते हुए इस मार्ग का *शीघ्र पक्कीकरण* कराया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क नहीं बनी तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
    user_उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    सेमरिया, रीवा, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • *ओवरलोड ट्रकों पर कार्रवाई के दावों के बीच उठे सवाल, वायरल टीपी ने खोली पोल* जब टीपी में माल की मात्रा स्पष्ट है, लोडिंग स्थल की जानकारी उपलब्ध है और मामला सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक हो चुका है, तो संबंधित वाहन, लोडिंग स्थल और जिम्मेदार व्यक्ति की जांच कर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? *क्या नियम सभी के लिए समान हैं या फिर कार्रवाई के नाम पर केवल चुनिंदा वाहनों को ही निशाना बनाया जा रहा है?* *अधिकारियों की भूमिका पर उठ रहे सवाल* मामला सार्वजनिक होने के बाद अब निगाहें परिवहन और खनिज विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर टिकी हैं। यदि वायरल टीपी और वाहन की वास्तविक स्थिति में ओवरलोडिंग की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं यदि वायरल दस्तावेज में कोई तथ्य गलत है तो संबंधित विभाग को सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। अब सवाल सिर्फ ओवरलोड ट्रकों का नहीं, बल्कि कार्रवाई में कथित पक्षपात का है। जिम्मेदार अधिकारी स्पष्ट करें कि ओवरलोडिंग के खिलाफ उनकी कार्रवाई की कसौटी क्या है और वायरल मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई? मैहर। जिले में ओवरलोडिंग के खिलाफ लगातार कार्रवाई के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन सड़कों पर दौड़ रहे ओवरलोड ट्रकों की तस्वीरें इन दावों पर सवाल खड़े कर रही हैं। कार्रवाई के बावजूद धड़ल्ले से ओवरलोड ट्रकों का संचालन जारी है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर जिम्मेदार विभाग कुछ मामलों में कार्रवाई करता है और कुछ मामलों में चुप्पी क्यों साध लेता है?हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक खबर ने पूरे मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। वायरल मामले में सामने आई टीपी में ही वाहन में लोड माल की मात्रा दर्ज बताई जा रही है, साथ ही जिस व्यक्ति/स्थान से माल लोड किया गया, उसका विवरण भी टीपी में अंकित बताया जा रहा है। ऐसे में सवाल यह है कि जब दस्तावेज ही कथित तौर पर ओवरलोडिंग की ओर इशारा कर रहा है तो जिम्मेदार अधिकारियों को कार्रवाई करने में आखिर किस बात की परेशानी है? टीपी सामने, फिर भी कार्रवाई क्यों नहीं? ओवरलोड वाहन केवल यातायात नियमों का उल्लंघन नहीं करते, बल्कि सड़क सुरक्षा और सड़क की गुणवत्ता पर भी गंभीर असर डाल सकते हैं। यदि किसी वाहन के दस्तावेज में निर्धारित क्षमता से अधिक माल दर्ज है, तो संबंधित विभागों के पास मामले की जांच और नियमानुसार कार्रवाई करने का आधार मौजूद होना चाहिए। इसके बावजूद यदि ऐसे मामलों में कार्रवाई नहीं होती तो यह सवाल स्वाभाविक है कि क्या ओवरलोडिंग के खिलाफ कार्रवाई भी चयनात्मक तरीके से की जा रही है?
    1
    *ओवरलोड ट्रकों पर कार्रवाई के दावों के बीच उठे सवाल, वायरल टीपी ने खोली पोल*

जब टीपी में माल की मात्रा स्पष्ट है, लोडिंग स्थल की जानकारी उपलब्ध है और मामला सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक हो चुका है, तो संबंधित वाहन, लोडिंग स्थल और जिम्मेदार व्यक्ति की जांच कर कार्रवाई क्यों नहीं की गई?

*क्या नियम सभी के लिए समान हैं या फिर कार्रवाई के नाम पर केवल चुनिंदा वाहनों को ही निशाना बनाया जा रहा है?*

*अधिकारियों की भूमिका पर उठ रहे सवाल*

मामला सार्वजनिक होने के बाद अब निगाहें परिवहन और खनिज विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर टिकी हैं। यदि वायरल टीपी और वाहन की वास्तविक स्थिति में ओवरलोडिंग की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं यदि वायरल दस्तावेज में कोई तथ्य गलत है तो संबंधित विभाग को सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। अब सवाल सिर्फ ओवरलोड ट्रकों का नहीं, बल्कि कार्रवाई में कथित पक्षपात का है। जिम्मेदार अधिकारी स्पष्ट करें कि ओवरलोडिंग के खिलाफ उनकी कार्रवाई की कसौटी क्या है और वायरल मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई?
मैहर। जिले में ओवरलोडिंग के खिलाफ लगातार कार्रवाई के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन सड़कों पर दौड़ रहे ओवरलोड ट्रकों की तस्वीरें इन दावों पर सवाल खड़े कर रही हैं। कार्रवाई के बावजूद धड़ल्ले से ओवरलोड ट्रकों का संचालन जारी है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर जिम्मेदार विभाग कुछ मामलों में कार्रवाई करता है और कुछ मामलों में चुप्पी क्यों साध लेता है?हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक खबर ने पूरे मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। वायरल मामले में सामने आई टीपी में ही वाहन में लोड माल की मात्रा दर्ज बताई जा रही है, साथ ही जिस व्यक्ति/स्थान से माल लोड किया गया, उसका विवरण भी टीपी में अंकित बताया जा रहा है। ऐसे में सवाल यह है कि जब दस्तावेज ही कथित तौर पर ओवरलोडिंग की ओर इशारा कर रहा है तो जिम्मेदार अधिकारियों को कार्रवाई करने में आखिर किस बात की परेशानी है?
टीपी सामने, फिर भी कार्रवाई क्यों नहीं?
ओवरलोड वाहन केवल यातायात नियमों का उल्लंघन नहीं करते, बल्कि सड़क सुरक्षा और सड़क की गुणवत्ता पर भी गंभीर असर डाल सकते हैं। यदि किसी वाहन के दस्तावेज में निर्धारित क्षमता से अधिक माल दर्ज है, तो संबंधित विभागों के पास मामले की जांच और नियमानुसार कार्रवाई करने का आधार मौजूद होना चाहिए। इसके बावजूद यदि ऐसे मामलों में कार्रवाई नहीं होती तो यह सवाल स्वाभाविक है कि क्या ओवरलोडिंग के खिलाफ कार्रवाई भी चयनात्मक तरीके से की जा रही है?
    user_प्रखर प्रवक्ता न्यूज
    प्रखर प्रवक्ता न्यूज
    Newspaper publisher रघुराजनगर नगरीय, सतना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • जिला रीवा के ग्राम राजगढ़ में सड़क बनी मुसीबत! कीचड़ में स्कूल जाने को मजबूर बच्चे, गर्भवती महिला भी परेशान । रीवा जिले के सिरमौर विकासखंड अंतर्गत ग्राम राजगढ़ से सड़क की बदहाल व्यवस्था की तस्वीर सामने आई है। गांव में सड़क नहीं होने के कारण बारिश के मौसम में पूरा रास्ता कीचड़ में तब्दील हो गया है। हालात ऐसे हैं कि स्कूल जाने वाले बच्चे भी कीचड़ भरे रास्ते से होकर गुजरने को मजबूर हैं। इतना ही नहीं, गांव की गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को भी इसी मुश्किल रास्ते से आवागमन करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण को लेकर उन्होंने कई बार सरपंच लक्ष्मी साकेत से गुहार लगाई, लेकिन इसके बावजूद आज तक सड़क की समस्या का समाधान नहीं हो सका। अब ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों से मांग की है कि गांव की सड़क का जल्द निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश के मौसम में लोगों को आवागमन में हो रही परेशानी से राहत मिल सके। सवाल यही है कि आखिर कब तक राजगढ़ के ग्रामीण कीचड़ भरे रास्ते पर चलने को मजबूर रहेंगे?
    1
    जिला रीवा के ग्राम राजगढ़ में सड़क बनी मुसीबत! कीचड़ में स्कूल जाने को मजबूर बच्चे, गर्भवती महिला भी परेशान ।

रीवा जिले के सिरमौर विकासखंड अंतर्गत ग्राम राजगढ़ से सड़क की बदहाल व्यवस्था की तस्वीर सामने आई है।
गांव में सड़क नहीं होने के कारण बारिश के मौसम में पूरा रास्ता कीचड़ में तब्दील हो गया है। हालात ऐसे हैं कि स्कूल जाने वाले बच्चे भी कीचड़ भरे रास्ते से होकर गुजरने को मजबूर हैं।
इतना ही नहीं, गांव की गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को भी इसी मुश्किल रास्ते से आवागमन करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण को लेकर उन्होंने कई बार सरपंच लक्ष्मी साकेत से गुहार लगाई, लेकिन इसके बावजूद आज तक सड़क की समस्या का समाधान नहीं हो सका।
अब ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों से मांग की है कि गांव की सड़क का जल्द निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश के मौसम में लोगों को आवागमन में हो रही परेशानी से राहत मिल सके।
सवाल यही है कि आखिर कब तक राजगढ़ के ग्रामीण कीचड़ भरे रास्ते पर चलने को मजबूर रहेंगे?
    user_NATIONAL 24 मध्यप्रदेश
    NATIONAL 24 मध्यप्रदेश
    Sirmour, Rewa•
    10 hrs ago
  • ye video me naag ka chitr bana Raha hai esko femash caro
    1
    ye video me naag ka chitr bana Raha hai esko femash caro
    user_Raja Hindustani
    Raja Hindustani
    Actor मऊ, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • 500 रुपए जुर्माना और किराया स्लीपर में चढ़ने का.....TTE से बहस करते कांवड़ियों का वीडियो वायरल है. कांवड़िये कह रहे हैं सरकार ने यात्रा को फ्री कर दिया है TTE कह रहे हैं लेटर दिखाओ कहां है.
    1
    500 रुपए जुर्माना और किराया स्लीपर में चढ़ने का.....TTE से बहस करते कांवड़ियों का वीडियो वायरल है.

कांवड़िये कह रहे हैं सरकार ने यात्रा को फ्री कर दिया है TTE कह रहे हैं लेटर दिखाओ कहां है.
    user_Journalist Shubham Pandey
    Journalist Shubham Pandey
    Media Consultant मंझनपुर, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    32 min ago
  • बिरसिंहपुर में कचरे का संकट क्यों? कचरा प्लांट बंद, सड़कों पर कचरा! जिम्मेदार कौन? बिरसिंहपुर में कचरा प्रबंधन को लेकर इन दिनों कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पहले घर-घर कचरा संग्रहण की व्यवस्था के कारण लोगों ने अपने घर का कचरा कचरा वाहन में देने की आदत बना ली थी, लेकिन अब कई जगहों पर कचरा संग्रहण की व्यवस्था प्रभावित होने से लोगों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है और कचरा सड़कों के किनारे दिखाई दे रहा है। स्थानीय स्तर पर यह जानकारी भी सामने आ रही है कि कचरा प्लांट और नगर पंचायत/नगर पालिका के बीच भुगतान एवं बिल से संबंधित कुछ मामला लंबित है, जिसके कारण कचरा उठाने वाली गाड़ियों की व्यवस्था प्रभावित हुई। हालांकि इन बातों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग या प्लांट प्रबंधन से होना बाकी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब आसपास के अन्य क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था चल रही है, तो बिरसिंहपुर और गैविनाथ धाम जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक क्षेत्र में ऐसी स्थिति क्यों बनी हुई है? इस वीडियो में हमने मौके पर जाकर कचरा संग्रहण स्थल और आसपास की वास्तविक स्थिति दिखाई है और स्थानीय लोगों की परेशानी को सामने रखने का प्रयास किया है। अब सवाल है— क्या जिम्मेदार विभाग इस समस्या का स्थायी समाधान करेगा? क्या दोबारा नियमित घर-घर कचरा संग्रहण शुरू होगा? 📍 बिरसिंहपुर, जिला सतना (म.प्र.) #Birsinghpur #Satna #MadhyaPradesh #BirsinghpurNews #Prakashpathak
    1
    बिरसिंहपुर में कचरे का संकट क्यों? कचरा प्लांट बंद, सड़कों पर कचरा! जिम्मेदार कौन?

बिरसिंहपुर में कचरा प्रबंधन को लेकर इन दिनों कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
पहले घर-घर कचरा संग्रहण की व्यवस्था के कारण लोगों ने अपने घर का कचरा कचरा वाहन में देने की आदत बना ली थी, लेकिन अब कई जगहों पर कचरा संग्रहण की व्यवस्था प्रभावित होने से लोगों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है और कचरा सड़कों के किनारे दिखाई दे रहा है।
स्थानीय स्तर पर यह जानकारी भी सामने आ रही है कि कचरा प्लांट और नगर पंचायत/नगर पालिका के बीच भुगतान एवं बिल से संबंधित कुछ मामला लंबित है, जिसके कारण कचरा उठाने वाली गाड़ियों की व्यवस्था प्रभावित हुई। हालांकि इन बातों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग या प्लांट प्रबंधन से होना बाकी है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब आसपास के अन्य क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था चल रही है, तो बिरसिंहपुर और गैविनाथ धाम जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक क्षेत्र में ऐसी स्थिति क्यों बनी हुई है?
इस वीडियो में हमने मौके पर जाकर कचरा संग्रहण स्थल और आसपास की वास्तविक स्थिति दिखाई है और स्थानीय लोगों की परेशानी को सामने रखने का प्रयास किया है।
अब सवाल है—
क्या जिम्मेदार विभाग इस समस्या का स्थायी समाधान करेगा?
क्या दोबारा नियमित घर-घर कचरा संग्रहण शुरू होगा?
📍 बिरसिंहपुर, जिला सतना (म.प्र.)


#Birsinghpur #Satna #MadhyaPradesh #BirsinghpurNews #Prakashpathak
    user_Prakash Pathak Satna
    Prakash Pathak Satna
    Social Media Manager बीरसिंहपुर, सतना, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • बांदा के बिसंडा थाना क्षेत्र से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है, जहां पुलिस की सूझबूझ और साहस से करंट की चपेट में आए दो बच्चों की जान बचा ली गई। बांदा के बिसंडा थाना क्षेत्र से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है, जहां पुलिस की सूझबूझ और साहस से करंट की चपेट में आए दो बच्चों की जान बचा ली गई। मामला ग्राम पुनाहुर का है, जहां दो बच्चे अचानक विद्युत करंट की चपेट में आ गए। सूचना मिलते ही बिसंडा पुलिस ने बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचकर साहस और सूझबूझ का परिचय दिया और दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस की तत्परता के चलते दोनों बच्चों की जान बच गई। पूरे मामले की जानकारी क्षेत्राधिकारी बबेरू कृष्णकांत त्रिपाठी ने वीडियो बाइट के माध्यम से दी है। बांदा पुलिस की इस तत्पर कार्रवाई की सराहना हो रही है।
    1
    बांदा के बिसंडा थाना क्षेत्र से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है, जहां पुलिस की सूझबूझ और साहस से करंट की चपेट में आए दो बच्चों की जान बचा ली गई।
बांदा के बिसंडा थाना क्षेत्र से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है, जहां पुलिस की सूझबूझ और साहस से करंट की चपेट में आए दो बच्चों की जान बचा ली गई।
मामला ग्राम पुनाहुर का है, जहां दो बच्चे अचानक विद्युत करंट की चपेट में आ गए। सूचना मिलते ही बिसंडा पुलिस ने बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचकर साहस और सूझबूझ का परिचय दिया और दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला।
पुलिस की तत्परता के चलते दोनों बच्चों की जान बच गई। पूरे मामले की जानकारी क्षेत्राधिकारी बबेरू कृष्णकांत त्रिपाठी ने वीडियो बाइट के माध्यम से दी है।
बांदा पुलिस की इस तत्पर कार्रवाई की सराहना हो रही है।
    user_भारतसूत्र Live TV
    भारतसूत्र Live TV
    Social Media Manager अतर्रा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • बाबा साहब जी की प्रतिमा के सामने कुरा करकट का भंडार लगा है और ग्राम सभा म्योहर कौशांबी राजू सेक्टर अध्यक्ष म्योहर कौशांबी बीएसपी
    2
    बाबा साहब जी की प्रतिमा के सामने कुरा करकट का भंडार लगा है और ग्राम सभा म्योहर  कौशांबी राजू सेक्टर अध्यक्ष म्योहर कौशांबी बीएसपी
    user_Raju
    Raju
    मंझनपुर, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.