भिंड–इटावा नेशनल हाईवे 719 को सिक्स लेन बनाने एवं चंबल पुल की मरम्मत हेतु विधानसभा में उठाई आवाज अटेर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हेमंत सत्यदेव कटारे द्वारा आज विधानसभा में ग्वालियर–भिंड–इटावा नेशनल हाईवे क्रमांक 719 को सिक्स लेन में उन्नत करने, चंबल नदी पर स्थित एकमात्र महत्वपूर्ण पुल की मरम्मत पूर्ण कर शीघ्र आवागमन प्रारंभ कराने तथा मालनपुर टोल प्लाजा की अवैध वसूली बंद कराने संबंधी अशासकीय संकल्प प्रस्तुत किया गया। यह प्रस्ताव ग्राह्य हुआ और सदन में इस पर विस्तृत चर्चा हुई। चर्चा की शुरुआत करते हुए श्री कटारे ने माननीय अध्यक्ष महोदय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह विषय किसी दल विशेष से जुड़ा नहीं बल्कि जनहित से जुड़ा हुआ अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि यद्यपि यह नेशनल हाईवे केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है और राज्य सरकार की सीमाएं निर्धारित हैं, तथापि सदन से सर्वसम्मति से अनुशंसा कर केंद्र सरकार का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित किया जा सकता है। “खूनी हाईवे” बन चुका है NH-719 श्री कटारे ने कहा कि वर्तमान में यह हाईवे लोगों की जुबान पर “खूनी हाईवे” और “मौत का हाईवे” के नाम से जाना जा रहा है। ऐसा कोई दिन नहीं जाता जब इस मार्ग पर दुर्घटना की खबर अखबारों में न आती हो। उन्होंने भावुक होते हुए याद दिलाया कि पिछले वर्ष होली के समय एक ही परिवार के सात लोगों की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी और उनके घर में पर्व के दिन मातम पसरा हुआ था। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह राजनीति का विषय नहीं है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के अनेक जनप्रतिनिधियों ने समय-समय पर इस विषय को उठाया है। यह समूचे क्षेत्र की पीड़ा है। संतों की हड़ताल ने खोली शासन की संवेदनहीनता विधायक कटारे ने विशेष रूप से संतों के आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि जिले के हजारों संत-महात्माओं को सड़क निर्माण की मांग को लेकर दो दिन तक भूख हड़ताल पर बैठना पड़ा। यह स्थिति अपने आप में अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है। वे स्वयं जिला अस्पताल जाकर संतों से मिले, उनके चरण स्पर्श कर निवेदन किया कि यह संघर्ष जनप्रतिनिधियों का दायित्व है, संत समाज को इस प्रकार कष्ट उठाने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। शासन की ओर से एक माह में कार्य प्रारंभ करने का आश्वासन दिया गया, किंतु दो माह बीत जाने के बाद भी एक मुट्ठी मिट्टी का कार्य तक शुरू नहीं हुआ। परिणामस्वरूप संतों को पुनः आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ा। उन्होंने कहा कि जब संत समाज, जिसे सदैव मार्गदर्शक माना जाता है, उसे भी सड़क निर्माण जैसे मूलभूत विषय पर हड़ताल करनी पड़े, तो यह शासन की गंभीर विफलता और संवेदनहीनता का प्रमाण है। यह केवल सड़क का प्रश्न नहीं, बल्कि जनजीवन की सुरक्षा का प्रश्न है। रातों-रात सड़क बन सकती है तो यह हाईवे क्यों नहीं? कटारे ने उदाहरण देते हुए कहा कि हाल ही में एक विशेष दौरे के दौरान रातों-रात सड़क निर्माण कार्य पूरा कर दिया गया। यदि प्राथमिकता के आधार पर एक रात में करोड़ों रुपये का कार्य हो सकता है, तो इस जनजीवन से जुड़े हाईवे के लिए तत्परता क्यों नहीं दिखाई जाती? मुख्य मांगें : टोल वसूली बंद हो और चौड़ीकरण तत्काल शुरू हो विधायक कटारे ने सदन में दो प्रमुख मांगें जोरदार ढंग से रखीं— 1. मालनपुर टोल प्लाजा की वसूली तत्काल बंद की जाए। उन्होंने कहा कि टोल की समयावधि समाप्त हो चुकी है, फिर भी कोविड का हवाला देकर दो वर्ष नौ माह अठारह दिन का एक्सटेंशन दिया गया। सवाल यह है कि क्या कोविड से केवल टोल मालिक को नुकसान हुआ? आम जनता को नहीं? एक ओर लोग सड़क हादसों में जान गंवा रहे हैं, दूसरी ओर उनसे टोल वसूला जा रहा है — यह अन्याय है। उन्होंने यह भी कहा कि टोल नियमों के अनुसार 15–20 किलोमीटर की परिधि में आने वाले ग्रामवासियों को पास जारी किया जाना चाहिए, किंतु नकटे सहित कई गांवों से अवैध वसूली की शिकायतें हैं, जिसे तत्काल बंद किया जाए। 2. हाईवे को सिक्स लेन में अपग्रेड किया जाए, और जब तक यह संभव न हो तब तक चौड़ीकरण का कार्य तुरंत प्रारंभ किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि सिक्स लेन की प्रक्रिया लंबी है तो कम से कम सड़क का चौड़ीकरण तुरंत शुरू किया जाए। इस विषय पर अनेकों बैठकें हो चुकी हैं, परंतु धरातल पर कार्य शून्य है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि बैठकों में चाय-नाश्ता हो सकता है तो सड़क निर्माण भी शुरू हो सकता है। चंबल नदी के पुल की तत्काल मरम्मत आवश्यक कटारे ने कहा कि भिंड से इटावा (उत्तर प्रदेश) को जोड़ने वाला यह एकमात्र प्रमुख पुल है, जो अक्सर क्षतिग्रस्त और जर्जर स्थिति में रहता है। इसकी समुचित मरम्मत कर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। यह केवल मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश से जुड़े आवागमन का भी प्रमुख मार्ग है। “मरीजों की जान से बढ़कर कुछ नहीं” अपने वक्तव्य के अंत में विधायक कटारे ने कहा कि यह विषय कांग्रेस या बीजेपी का नहीं है, बल्कि जनजीवन की सुरक्षा का है। सड़क हादसों में हो रही मौतें किसी भी राजनीति से ऊपर हैं। सदन को सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से आग्रह करना चाहिए कि 30–40 दिनों के भीतर कार्य प्रारंभ कराया जाए। उन्होंने कहा, “एक तरफ लोग मरें और दूसरी तरफ उनसे टोल वसूला जाए — यह स्वीकार्य नहीं है। सरकार तय करे कि वह टोल मालिक के साथ खड़ी है या जनता के साथ।” अंत में उन्होंने अध्यक्ष महोदय को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्हें इस अत्यंत महत्वपूर्ण जनहित के विषय पर बोलने का अवसर दिया गया, इसके लिए वे हृदय से आभारी हैं।
भिंड–इटावा नेशनल हाईवे 719 को सिक्स लेन बनाने एवं चंबल पुल की मरम्मत हेतु विधानसभा में उठाई आवाज अटेर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हेमंत सत्यदेव कटारे द्वारा आज विधानसभा में ग्वालियर–भिंड–इटावा नेशनल हाईवे क्रमांक 719 को सिक्स लेन में उन्नत करने, चंबल नदी पर स्थित एकमात्र महत्वपूर्ण पुल की मरम्मत पूर्ण कर शीघ्र आवागमन प्रारंभ कराने तथा मालनपुर टोल प्लाजा की अवैध वसूली बंद कराने संबंधी अशासकीय संकल्प प्रस्तुत किया गया। यह प्रस्ताव ग्राह्य हुआ और सदन में इस पर विस्तृत चर्चा हुई। चर्चा की शुरुआत करते हुए श्री कटारे ने माननीय अध्यक्ष महोदय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह विषय किसी दल विशेष से जुड़ा नहीं बल्कि जनहित से जुड़ा हुआ अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि यद्यपि यह नेशनल हाईवे केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है और राज्य सरकार की सीमाएं निर्धारित हैं, तथापि सदन से सर्वसम्मति से अनुशंसा कर केंद्र सरकार का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित किया जा सकता है। “खूनी हाईवे” बन चुका है NH-719 श्री कटारे ने कहा कि वर्तमान में यह हाईवे लोगों की जुबान पर “खूनी हाईवे” और “मौत का हाईवे” के नाम से जाना जा रहा है। ऐसा कोई दिन नहीं जाता जब इस मार्ग पर दुर्घटना की खबर अखबारों में न आती हो। उन्होंने भावुक होते हुए याद दिलाया कि पिछले वर्ष होली के समय एक ही परिवार के सात लोगों की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी और उनके घर में पर्व के दिन मातम पसरा हुआ था। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह राजनीति का विषय नहीं है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के अनेक जनप्रतिनिधियों ने समय-समय पर इस विषय को उठाया है। यह समूचे क्षेत्र की पीड़ा है। संतों की हड़ताल ने खोली शासन की संवेदनहीनता विधायक कटारे ने विशेष रूप से संतों के आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि जिले के हजारों संत-महात्माओं को सड़क निर्माण की मांग को लेकर दो दिन तक भूख हड़ताल पर बैठना पड़ा। यह स्थिति अपने आप में अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है। वे स्वयं जिला अस्पताल जाकर संतों से मिले, उनके चरण स्पर्श कर निवेदन किया कि यह संघर्ष जनप्रतिनिधियों का दायित्व है, संत समाज को इस प्रकार कष्ट उठाने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। शासन की ओर से एक माह में कार्य प्रारंभ करने का आश्वासन दिया गया, किंतु दो माह बीत जाने के बाद भी एक मुट्ठी मिट्टी का कार्य तक शुरू नहीं हुआ। परिणामस्वरूप संतों को पुनः आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ा। उन्होंने कहा कि जब संत समाज, जिसे सदैव मार्गदर्शक माना जाता है, उसे भी सड़क निर्माण जैसे मूलभूत विषय पर हड़ताल करनी पड़े, तो यह शासन की गंभीर विफलता और संवेदनहीनता का प्रमाण है। यह केवल सड़क का प्रश्न नहीं, बल्कि जनजीवन की सुरक्षा का प्रश्न है। रातों-रात सड़क बन सकती है तो यह हाईवे क्यों नहीं? कटारे ने उदाहरण देते हुए कहा कि हाल ही में एक विशेष दौरे के दौरान रातों-रात सड़क निर्माण कार्य पूरा कर दिया गया। यदि प्राथमिकता के आधार पर एक रात में करोड़ों रुपये का कार्य हो सकता है, तो इस जनजीवन से जुड़े हाईवे के लिए तत्परता क्यों नहीं दिखाई जाती? मुख्य मांगें : टोल वसूली बंद हो और चौड़ीकरण तत्काल शुरू हो विधायक कटारे ने सदन में दो प्रमुख मांगें जोरदार ढंग से रखीं— 1. मालनपुर टोल प्लाजा की वसूली तत्काल बंद की जाए। उन्होंने कहा कि टोल की समयावधि समाप्त हो चुकी है, फिर भी कोविड का हवाला देकर दो वर्ष नौ माह अठारह दिन का एक्सटेंशन दिया गया। सवाल यह है कि क्या कोविड से केवल टोल मालिक को नुकसान हुआ? आम जनता को नहीं? एक ओर लोग सड़क हादसों में जान गंवा रहे हैं, दूसरी ओर उनसे टोल वसूला जा रहा है — यह अन्याय है। उन्होंने यह भी कहा कि टोल नियमों के अनुसार 15–20 किलोमीटर की परिधि में आने वाले ग्रामवासियों को पास जारी किया जाना चाहिए, किंतु नकटे सहित कई गांवों से अवैध वसूली की शिकायतें हैं, जिसे तत्काल बंद किया जाए। 2. हाईवे को सिक्स लेन में अपग्रेड किया जाए, और जब तक यह संभव न हो तब तक चौड़ीकरण का कार्य तुरंत प्रारंभ किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि सिक्स लेन की प्रक्रिया लंबी है तो कम से कम सड़क का चौड़ीकरण तुरंत शुरू किया जाए। इस विषय पर अनेकों बैठकें हो चुकी हैं, परंतु धरातल पर कार्य शून्य है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि बैठकों में चाय-नाश्ता हो सकता है तो सड़क निर्माण भी शुरू हो सकता है। चंबल नदी के पुल की तत्काल मरम्मत आवश्यक कटारे ने कहा कि भिंड से इटावा (उत्तर प्रदेश) को जोड़ने वाला यह एकमात्र प्रमुख पुल है, जो अक्सर क्षतिग्रस्त और जर्जर स्थिति में रहता है। इसकी समुचित मरम्मत कर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। यह केवल मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश से जुड़े आवागमन का भी प्रमुख मार्ग है। “मरीजों की जान से बढ़कर कुछ नहीं” अपने वक्तव्य के अंत में विधायक कटारे ने कहा कि यह विषय कांग्रेस या बीजेपी का नहीं है, बल्कि जनजीवन की सुरक्षा का है। सड़क हादसों में हो रही मौतें किसी भी राजनीति से ऊपर हैं। सदन को सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से आग्रह करना चाहिए कि 30–40 दिनों के भीतर कार्य प्रारंभ कराया जाए। उन्होंने कहा, “एक तरफ लोग मरें और दूसरी तरफ उनसे टोल वसूला जाए — यह स्वीकार्य नहीं है। सरकार तय करे कि वह टोल मालिक के साथ खड़ी है या जनता के साथ।” अंत में उन्होंने अध्यक्ष महोदय को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्हें इस अत्यंत महत्वपूर्ण जनहित के विषय पर बोलने का अवसर दिया गया, इसके लिए वे हृदय से आभारी हैं।
- अटेर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हेमंत सत्यदेव कटारे द्वारा आज विधानसभा में ग्वालियर–भिंड–इटावा नेशनल हाईवे क्रमांक 719 को सिक्स लेन में उन्नत करने, चंबल नदी पर स्थित एकमात्र महत्वपूर्ण पुल की मरम्मत पूर्ण कर शीघ्र आवागमन प्रारंभ कराने तथा मालनपुर टोल प्लाजा की अवैध वसूली बंद कराने संबंधी अशासकीय संकल्प प्रस्तुत किया गया। यह प्रस्ताव ग्राह्य हुआ और सदन में इस पर विस्तृत चर्चा हुई। चर्चा की शुरुआत करते हुए श्री कटारे ने माननीय अध्यक्ष महोदय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह विषय किसी दल विशेष से जुड़ा नहीं बल्कि जनहित से जुड़ा हुआ अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि यद्यपि यह नेशनल हाईवे केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है और राज्य सरकार की सीमाएं निर्धारित हैं, तथापि सदन से सर्वसम्मति से अनुशंसा कर केंद्र सरकार का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित किया जा सकता है। “खूनी हाईवे” बन चुका है NH-719 श्री कटारे ने कहा कि वर्तमान में यह हाईवे लोगों की जुबान पर “खूनी हाईवे” और “मौत का हाईवे” के नाम से जाना जा रहा है। ऐसा कोई दिन नहीं जाता जब इस मार्ग पर दुर्घटना की खबर अखबारों में न आती हो। उन्होंने भावुक होते हुए याद दिलाया कि पिछले वर्ष होली के समय एक ही परिवार के सात लोगों की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी और उनके घर में पर्व के दिन मातम पसरा हुआ था। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह राजनीति का विषय नहीं है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के अनेक जनप्रतिनिधियों ने समय-समय पर इस विषय को उठाया है। यह समूचे क्षेत्र की पीड़ा है। संतों की हड़ताल ने खोली शासन की संवेदनहीनता विधायक कटारे ने विशेष रूप से संतों के आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि जिले के हजारों संत-महात्माओं को सड़क निर्माण की मांग को लेकर दो दिन तक भूख हड़ताल पर बैठना पड़ा। यह स्थिति अपने आप में अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है। वे स्वयं जिला अस्पताल जाकर संतों से मिले, उनके चरण स्पर्श कर निवेदन किया कि यह संघर्ष जनप्रतिनिधियों का दायित्व है, संत समाज को इस प्रकार कष्ट उठाने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। शासन की ओर से एक माह में कार्य प्रारंभ करने का आश्वासन दिया गया, किंतु दो माह बीत जाने के बाद भी एक मुट्ठी मिट्टी का कार्य तक शुरू नहीं हुआ। परिणामस्वरूप संतों को पुनः आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ा। उन्होंने कहा कि जब संत समाज, जिसे सदैव मार्गदर्शक माना जाता है, उसे भी सड़क निर्माण जैसे मूलभूत विषय पर हड़ताल करनी पड़े, तो यह शासन की गंभीर विफलता और संवेदनहीनता का प्रमाण है। यह केवल सड़क का प्रश्न नहीं, बल्कि जनजीवन की सुरक्षा का प्रश्न है। रातों-रात सड़क बन सकती है तो यह हाईवे क्यों नहीं? कटारे ने उदाहरण देते हुए कहा कि हाल ही में एक विशेष दौरे के दौरान रातों-रात सड़क निर्माण कार्य पूरा कर दिया गया। यदि प्राथमिकता के आधार पर एक रात में करोड़ों रुपये का कार्य हो सकता है, तो इस जनजीवन से जुड़े हाईवे के लिए तत्परता क्यों नहीं दिखाई जाती? मुख्य मांगें : टोल वसूली बंद हो और चौड़ीकरण तत्काल शुरू हो विधायक कटारे ने सदन में दो प्रमुख मांगें जोरदार ढंग से रखीं— 1. मालनपुर टोल प्लाजा की वसूली तत्काल बंद की जाए। उन्होंने कहा कि टोल की समयावधि समाप्त हो चुकी है, फिर भी कोविड का हवाला देकर दो वर्ष नौ माह अठारह दिन का एक्सटेंशन दिया गया। सवाल यह है कि क्या कोविड से केवल टोल मालिक को नुकसान हुआ? आम जनता को नहीं? एक ओर लोग सड़क हादसों में जान गंवा रहे हैं, दूसरी ओर उनसे टोल वसूला जा रहा है — यह अन्याय है। उन्होंने यह भी कहा कि टोल नियमों के अनुसार 15–20 किलोमीटर की परिधि में आने वाले ग्रामवासियों को पास जारी किया जाना चाहिए, किंतु नकटे सहित कई गांवों से अवैध वसूली की शिकायतें हैं, जिसे तत्काल बंद किया जाए। 2. हाईवे को सिक्स लेन में अपग्रेड किया जाए, और जब तक यह संभव न हो तब तक चौड़ीकरण का कार्य तुरंत प्रारंभ किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि सिक्स लेन की प्रक्रिया लंबी है तो कम से कम सड़क का चौड़ीकरण तुरंत शुरू किया जाए। इस विषय पर अनेकों बैठकें हो चुकी हैं, परंतु धरातल पर कार्य शून्य है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि यदि बैठकों में चाय-नाश्ता हो सकता है तो सड़क निर्माण भी शुरू हो सकता है। चंबल नदी के पुल की तत्काल मरम्मत आवश्यक कटारे ने कहा कि भिंड से इटावा (उत्तर प्रदेश) को जोड़ने वाला यह एकमात्र प्रमुख पुल है, जो अक्सर क्षतिग्रस्त और जर्जर स्थिति में रहता है। इसकी समुचित मरम्मत कर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। यह केवल मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश से जुड़े आवागमन का भी प्रमुख मार्ग है। “मरीजों की जान से बढ़कर कुछ नहीं” अपने वक्तव्य के अंत में विधायक कटारे ने कहा कि यह विषय कांग्रेस या बीजेपी का नहीं है, बल्कि जनजीवन की सुरक्षा का है। सड़क हादसों में हो रही मौतें किसी भी राजनीति से ऊपर हैं। सदन को सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से आग्रह करना चाहिए कि 30–40 दिनों के भीतर कार्य प्रारंभ कराया जाए। उन्होंने कहा, “एक तरफ लोग मरें और दूसरी तरफ उनसे टोल वसूला जाए — यह स्वीकार्य नहीं है। सरकार तय करे कि वह टोल मालिक के साथ खड़ी है या जनता के साथ।” अंत में उन्होंने अध्यक्ष महोदय को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्हें इस अत्यंत महत्वपूर्ण जनहित के विषय पर बोलने का अवसर दिया गया, इसके लिए वे हृदय से आभारी हैं।1
- *💥त्योहारों को लेकर शांति समिति की बैठक संपन्न* *▪️सभी पर्व आपसी सौहार्द, भाईचारे और शांति के साथ मनाए: रवि उपाध्याय* आलमपुर आगामी त्योहारों होली, ईद एवं नवरात्र को लेकर आलमपुर थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता आलमपुर थाना प्रभारी रवि उपाध्याय ने की। उन्होंने कहा कि सभी पर्व आपसी सौहार्द, भाईचारे और शांति के साथ मनाए जाएं। त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अफवाहों पर ध्यान न देने एवं किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई। त्योहारों के दौरान जुलूस मार्ग, यातायात व्यवस्था, साफ.-सफाई एवं सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाएंगे। उन्होंने सभी समुदायों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह या सोशल मीडिया पर भ्रामक संदेशों से बचें और शांति एवं सद्भाव बनाए रखें। बैठक का उद्देश्य क्षेत्र में शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करना रहा। बैठक में सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।1
- maa 👑 kali 🙏🚩 Divy Darbar maa 👑 Kali ka Aashirwad dhumanpura Etawah1
- पक्के पुल एप्रोच हेतु भूमि अधिग्रहण की धारा 11 की कार्रवाई पूर्ण, मुनादी से दी गई सार्वजनिक सूचना पिनाहट। कस्बा चंबल घाट पर निर्माणाधीन पक्के पुल के एप्रोच मार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण की धारा 11 की कार्रवाई पूर्ण कर ली गई है। प्रशासन द्वारा मुनादी कराकर सार्वजनिक सूचना जारी कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, पुल निर्माण कार्य वर्ष 2015 से मध्य प्रदेश सरकार की ओर से कराया जा रहा है। गुजरात की सेतु निर्माण कंपनी द्वारा लगभग 1 किलोमीटर लंबा, 19 पिलरों पर आधारित करीब 40 मीटर ऊंचा पुल बनाया जा रहा है, जिसका लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। मध्य प्रदेश सीमा में एप्रोच मार्ग का निर्माण पूरा हो गया है, जबकि उत्तर प्रदेश सीमा में 19 पिलरों तक गार्डर पटाव का कार्य संपन्न हो चुका है। उत्तर प्रदेश क्षेत्र में एप्रोच मार्ग के लिए किसानों से भूमि की सहमति न बनने के कारण निर्माण कार्य बाधित है । जिला प्रशासन द्वारा धारा 11 की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विकासखंड बाह तथा ग्राम पंचायत चचिहा में प्रधान को भी सार्वजनिक सूचना दे दी गई है। प्रस्तावित एप्रोच मार्ग ग्राम पंचायत चचिहा की भूमि पर बनाया जाएगा। परियोजना से जुड़े इंजीनियर मुकेश कुमार ने बताया कि धारा 11 की अंतिम कार्रवाई पूरी होने के बाद अब धारा 19 की प्रक्रिया शुरू की जानी है। प्रशासन चाहे तो आगे की कार्रवाई शीघ्र शुरू की जा सकती है। उन्होंने कहा कि शासकीय प्रक्रियाओं की धीमी गति के कारण कार्य में देरी हो रही है।1
- नगला सांवला कट के समीप हुए इस हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूचना मिलते ही थाना मलपुरा पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक ककुआ की ओर से न्यू दक्षिणी बाइपास होते हुए लालऊ गांव की तरफ जा रहा था। जैसे ही वह नगला सांवला कट के पास पहुंचा, तभी पीछे से तेज गति से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक बाइक से उछलकर सड़क पर दूर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद अज्ञात वाहन चालक मौके से फरार हो गया। घटना को देख आसपास के लोग और राहगीर मौके पर एकत्र हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। कुछ ही देर में थाना मलपुरा पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को तत्काल एंबुलेंस की सहायता से एसएन मेडिकल कॉलेज अस्पताल, आगरा ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।2
- इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा द्वारा दी गयी बाइट।1
- सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए प्रकरण की गम्भीरता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा द्वारा थाना इकदिल क्षेत्र की चौकी चितभवन पर तैनात आरक्षी को निलंबित किया गया है तथा जांच क्षेत्राधिकारी नगर को दी गई है। जांच के आधार पर आवश्यक विधिक कार्यवाही की जायेगी । इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा द्वारा दी गयी बाइट।1
- श्योपुर कूनो में चीता प्रोजेक्ट के नए चरण के लिए बोत्सवाना से 9 चीते भारत लाये गए. अब चीतों की संख्या 39 से बढ़कर 48 हो गई हैँ.नई खेप में 6 मादा और 3 नर चीते शामिल हैँ.चीतो को कूनो नेशनल पार्क में केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव रिलीज करेंगे. वही चीतो को एक महीने क्वारंटीन में रखा जाएगा.1