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भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपनी ही बीजेपी सरकार द्वारा किए गए 'कारनामों' को उजागर किया है। यह टिप्पणी अपनी ही पार्टी की सरकार के क्रियाकलापों पर आंतरिक रूप से ध्यान आकर्षित करती है।
Arun Kumarroy
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपनी ही बीजेपी सरकार द्वारा किए गए 'कारनामों' को उजागर किया है। यह टिप्पणी अपनी ही पार्टी की सरकार के क्रियाकलापों पर आंतरिक रूप से ध्यान आकर्षित करती है।
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- नोएडा में एक 15 वर्षीय लड़के गोपाल की हत्या के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। इस घटना को लेकर ग्रामीणों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अगले दो दिनों के भीतर इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे एक बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।1
- कस्बा पिनाहट के मुख्य बाजार में बीती सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात एक प्रतिष्ठित सोने-चांदी की दुकान में अज्ञात चोर ने सेंधमारी का प्रयास किया, जो विफल रहा। चोर ने दुकान के ठीक ऊपर बने कमरे के लोहे के जंगले को काटने और तोड़ने की कोशिश की थी, लेकिन वह अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सका। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोहल्ला खिरकिया निवासी नवल किशोर सोनी पुत्र श्री रामजीलाल सोनी की 'नवल किशोर एंड रामजीलाल स्वर्णकार' नाम से दुकान है। चोर ने दुकान के ऊपर बने उस कमरे में सेंध लगाने का प्रयास किया, जिसका उपयोग सामान रखने के लिए किया जाता है। मंगलवार दोपहर को जब नवल किशोर ऊपर के कमरे में गए, तो उन्होंने जंगले में हुई छेड़छाड़ और काटने के निशान देखे, जिससे उन्हें घटना की भनक लगी। गनीमत रही कि चोर जंगले को पूरी तरह से काटकर अंदर घुसने में नाकाम रहा, जिससे दुकान और कमरे में रखा सारा सामान सुरक्षित बचा रहा और एक बड़ी सर्राफा चोरी की वारदात टल गई। इस घटना के बाद से स्थानीय व्यापारियों में असुरक्षा का माहौल है। पीड़ित व्यापारी नवल किशोर सोनी ने मंगलवार को पिनाहट थाने पहुंचकर पुलिस को मामले की लिखित तहरीर सौंपी है। उन्होंने पुलिस से रिपोर्ट दर्ज करने और क्षेत्र में रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने की मांग की है, ताकि व्यापारी खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। पुलिस इस तहरीर के आधार पर मामले की जांच कर रही है।3
- आगरा कैंट की जीआरपी और आरपीएफ पुलिस की संयुक्त टीम ने ट्रेनों और स्टेशनों पर चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले दो शातिर चोरों को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इन शातिर चोरों के पास से चोरी किए गए मोबाइल फोन और अन्य सामान भी बरामद किया है। गिरफ्तार किए गए दोनों चोर मेरठ जिले के निवासी हैं।1
- उत्तर प्रदेश के बाह में बिजली की किल्लत और खराब ट्रांसफार्मरों से जूझ रहे किसानों का गुस्सा अब सड़कों पर उतर आया है, जहाँ उन्होंने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। सोमवार को बाह के बिजली घर पर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के बैनर तले किसानों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। तहसील अध्यक्ष अनुज भदौरिया के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता और किसान अधिशासी अभियंता कार्यालय के बाहर फर्श बिछाकर बैठ गए हैं। किसानों की प्रमुख माँगें हैं कि भदौरौनी फीडर के अंतर्गत इंद्रायनी और विजयगढ़ी के खराब ट्रांसफार्मरों को तुरंत बदला जाए, पिछले एक साल से लंबित शिकायतों का तुरंत निपटारा हो, और भ्रष्ट व लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। किसानों का आरोप है कि वे पिछले एक साल से बिजली की समस्याओं को लेकर लगातार शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन विभाग उनकी सुनवाई नहीं कर रहा। जिला उपाध्यक्ष सत्येंद्र भदौरिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जब तक बाह के अधिशासी अभियंता और जेई भदौली को उनके पद से नहीं हटाया जाता, तब तक यह धरना समाप्त नहीं होगा। अधिकारियों की मनमानी से नाराज़ अन्नदाता बिजली घर का घेराव कर हटने को तैयार नहीं हैं।4
- आगरा में नीट परीक्षा के पेपर लीक होने के विरोध में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और छात्रों ने सोहल्ला से लाल कुर्ती चौकी तक एक पैदल मार्च निकाला। इस प्रदर्शन में नीट पेपर लीक के कारण देशभर में व्याप्त भारी आक्रोश और छात्रों तथा परीक्षा कर्मियों में दिख रही नाराजगी को मुखर किया गया। उन्होंने सरकार के खिलाफ एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की। थाना सदर क्षेत्र की पुलिस ने इस पैदल मार्च को बीच में ही रोक दिया और प्रदर्शनकारियों से एक ज्ञापन लिया। यह विरोध प्रदर्शन थाना सदर क्षेत्र के सोहल्ला में किया गया था, जहाँ सैकड़ों समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ छात्रों ने सरकार के विरुद्ध प्रदर्शन किया। आयोजकों ने घोषणा की कि पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद अब यह पैदल मार्च गलियों में जारी रहेगा। इस पूरे घटनाक्रम के बीच, नीट पेपर लीक होने से सभी परीक्षा कर्मियों में भारी आक्रोश है, और सरकार ने नीट परीक्षा को फिर से आयोजित करने का निर्णय लिया है।1
- आगरा के फतेहाबाद रोड पर एक ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर (SI) की दबंगई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। इस घटना में, ट्रैफिक पुलिसकर्मी दिल्ली से आगरा घूमने आए एक युवक और युवती के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए 'रोड तुम्हारे बाप का नहीं है' जैसे अपशब्द कहते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में साफ दिख रहा है कि युवती लगातार हाथ जोड़कर माफी मांगती रही, लेकिन ट्रैफिक कर्मी का गुस्सा शांत नहीं हुआ और वह अपना रौब दिखाते रहे। यह घटना तब सामने आई जब युवक-युवती ने अपनी बाइक एक दुकान के बाहर खड़ी की थी। इस दौरान, स्थानीय दुकानदार ने भी ट्रैफिककर्मी से गुहार लगाई, लेकिन उनकी किसी भी बात पर ध्यान नहीं दिया गया। पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिसके बाद वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों में भारी रोष फैल गया है। पर्यटक के साथ पुलिस के इस रवैये पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं और ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली पर भी बहस छिड़ गई है, जिससे लोगों में नाराज़गी है कि "यही है ट्रैफिक सिस्टम?"।1
- भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपनी ही बीजेपी सरकार द्वारा किए गए 'कारनामों' को उजागर किया है। यह टिप्पणी अपनी ही पार्टी की सरकार के क्रियाकलापों पर आंतरिक रूप से ध्यान आकर्षित करती है।1
- कानपुर में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अखिलेश यादव के खिलाफ कुछ विवादित होर्डिंग लगाए गए हैं। इन होर्डिंगों के सामने आने के बाद, सपा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और इसे शहर का माहौल खराब करने की एक सुनियोजित साजिश करार दिया है।1
- आगरा के छिपी टोला क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच पानी की गंभीर किल्लत से जूझ रही महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और सड़क जाम कर दी। यह घटना योगी सरकार द्वारा 'हर घर गंगाजल', 'क्लीन आगरा ग्रीन आगरा' और 'ग्रेटर नोएडा' जैसे आगरा शहर के लिए किए गए बड़े-बड़े दावों की पोल खोलती दिखाई दे रही है। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना था कि वे लंबे समय से पानी की समस्या झेल रही हैं। भीषण गर्मी में, जब सरकार खुद आवश्यकता पड़ने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह देती है, तब भी उन्हें अपने बच्चों का पालन-पोषण करने के लिए दूर-दूर से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। उनका आरोप था कि कभी पानी मिलता है तो कभी नहीं, और ऐसी गर्मी में पानी न मिलना उनके लिए जीवन-मरण का प्रश्न बन गया है। महिलाओं के इस आक्रोश को सरकार की साफ नाकामी बताया जा रहा है। आगरा शहर के अन्य क्षेत्र, जैसे श्याम नगर और जगदीशपुर, में भी सालों से नाले, गंदगी और सड़कों की खराब स्थिति जैसी शिकायतें बनी हुई हैं, और यह भी बताया गया कि कोई अधिकारी या नेता इन समस्याओं पर संज्ञान नहीं लेता, और न ही कभी ले पाएगा। छिपी टोला की इन महिलाओं ने छोटे-छोटे बच्चों को घर पर छोड़कर विरोध प्रदर्शन किया और सड़क को ब्लॉक कर दिया। काफी मुश्किलों के बाद समझाने-बुझाने पर ही वे सड़क से हटीं। महिलाओं का यह गुस्सा पानी की कमी और बच्चों की व्याकुलता को देखते हुए सरकार की विफलताओं को उजागर करता है।3