राजस्थान के डूंगरपुर जिले के चिखली ब्लॉक में विभिन्न आदिवासी संगठनों और समाज के प्रतिनिधियों ने पृथक भील प्रदेश की मांग को लेकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम चिखली तहसीलदार अविनाश कुमार को ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में भीली संस्कृति, परंपराओं व भीली बोली के संरक्षण तथा संवैधानिक पहचान के आधार पर एक अलग भील प्रदेश के निर्माण की मांग उठाई गई है। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने भील समाज की समृद्ध संस्कृति, भाषा और परंपराओं को सहेजने के लिए तुरंत आवश्यक कदम उठाने तथा मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई किए जाने का पुरजोर आग्रह किया है। ज्ञापन सौंपने के दौरान भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा (BPMM), भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा (BPVM), भील प्रदेश महिला मोर्चा, भील प्रदेश युवा मोर्चा के पदाधिकारियों के साथ ही विभिन्न ग्राम पंचायतों के वीसीसी (VCC) सदस्य, भारत आदिवासी पार्टी के कार्यकर्ता और आदिवासी परिवारों के अनेक प्रतिनिधि भारी संख्या में एकजुट होकर उपस्थित रहे। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में ब्लॉक अध्यक्ष रमेश बामणिया, मंडल अध्यक्ष राजमल खराड़ी, संभाग सदस्य देवीलाल मकवना, जिला परिषद सदस्य अशोक रोत, भचड़िया ग्राम पंचायत प्रशासक देवेंद्र डामोर, मंडल अध्यक्ष दिनेश ताबियाड़, दिनेश डामोर (गंदेरी), रमेश डामोर (पंचकुंडी), विमल प्रकाश डामोर, चेतन डामोर, रमेश डामोर, अम्बाड़ा ग्राम पंचायत प्रशासक नवीन डामोर, लालशंकर, दिनेश कुमार, दिनेश खाट, खातुराम, हाजा भाई, शरण मंडल अध्यक्ष प्रभु डामोर, कैलाश डिंडोर, पीयूष, राजेंद्र, गजेंद्र डिंडोर और सुमित्रा सहित विभिन्न ब्लॉकों के वीसीसी सदस्य एवं भारत आदिवासी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
राजस्थान के डूंगरपुर जिले के चिखली ब्लॉक में विभिन्न आदिवासी संगठनों और समाज के प्रतिनिधियों ने पृथक भील प्रदेश की मांग को लेकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम चिखली तहसीलदार अविनाश कुमार को ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में भीली संस्कृति, परंपराओं व भीली बोली के संरक्षण तथा संवैधानिक पहचान के आधार पर एक अलग भील प्रदेश के निर्माण की मांग उठाई गई है। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने भील समाज की समृद्ध संस्कृति, भाषा और परंपराओं को सहेजने के लिए तुरंत आवश्यक कदम उठाने तथा मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई किए जाने का पुरजोर आग्रह किया है। ज्ञापन सौंपने के दौरान भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा (BPMM), भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा (BPVM), भील प्रदेश महिला मोर्चा, भील प्रदेश युवा मोर्चा के पदाधिकारियों के साथ ही विभिन्न ग्राम पंचायतों के वीसीसी (VCC) सदस्य, भारत आदिवासी पार्टी के कार्यकर्ता और आदिवासी परिवारों के अनेक प्रतिनिधि भारी संख्या में एकजुट होकर उपस्थित रहे। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में ब्लॉक अध्यक्ष रमेश बामणिया, मंडल अध्यक्ष राजमल खराड़ी, संभाग सदस्य देवीलाल मकवना, जिला परिषद सदस्य अशोक रोत, भचड़िया ग्राम पंचायत प्रशासक देवेंद्र डामोर, मंडल अध्यक्ष दिनेश ताबियाड़, दिनेश डामोर (गंदेरी), रमेश डामोर (पंचकुंडी), विमल प्रकाश डामोर, चेतन डामोर, रमेश डामोर, अम्बाड़ा ग्राम पंचायत प्रशासक नवीन डामोर, लालशंकर, दिनेश कुमार, दिनेश खाट, खातुराम, हाजा भाई, शरण मंडल अध्यक्ष प्रभु डामोर, कैलाश डिंडोर, पीयूष, राजेंद्र, गजेंद्र डिंडोर और सुमित्रा सहित विभिन्न ब्लॉकों के वीसीसी सदस्य एवं भारत आदिवासी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
- राजस्थान के डूंगरपुर जिले के चिखली ब्लॉक में विभिन्न आदिवासी संगठनों और समाज के प्रतिनिधियों ने पृथक भील प्रदेश की मांग को लेकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम चिखली तहसीलदार अविनाश कुमार को ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में भीली संस्कृति, परंपराओं व भीली बोली के संरक्षण तथा संवैधानिक पहचान के आधार पर एक अलग भील प्रदेश के निर्माण की मांग उठाई गई है। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने भील समाज की समृद्ध संस्कृति, भाषा और परंपराओं को सहेजने के लिए तुरंत आवश्यक कदम उठाने तथा मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई किए जाने का पुरजोर आग्रह किया है। ज्ञापन सौंपने के दौरान भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा (BPMM), भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा (BPVM), भील प्रदेश महिला मोर्चा, भील प्रदेश युवा मोर्चा के पदाधिकारियों के साथ ही विभिन्न ग्राम पंचायतों के वीसीसी (VCC) सदस्य, भारत आदिवासी पार्टी के कार्यकर्ता और आदिवासी परिवारों के अनेक प्रतिनिधि भारी संख्या में एकजुट होकर उपस्थित रहे। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में ब्लॉक अध्यक्ष रमेश बामणिया, मंडल अध्यक्ष राजमल खराड़ी, संभाग सदस्य देवीलाल मकवना, जिला परिषद सदस्य अशोक रोत, भचड़िया ग्राम पंचायत प्रशासक देवेंद्र डामोर, मंडल अध्यक्ष दिनेश ताबियाड़, दिनेश डामोर (गंदेरी), रमेश डामोर (पंचकुंडी), विमल प्रकाश डामोर, चेतन डामोर, रमेश डामोर, अम्बाड़ा ग्राम पंचायत प्रशासक नवीन डामोर, लालशंकर, दिनेश कुमार, दिनेश खाट, खातुराम, हाजा भाई, शरण मंडल अध्यक्ष प्रभु डामोर, कैलाश डिंडोर, पीयूष, राजेंद्र, गजेंद्र डिंडोर और सुमित्रा सहित विभिन्न ब्लॉकों के वीसीसी सदस्य एवं भारत आदिवासी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।1
- राजस्थान के चौरासी विधानसभा क्षेत्र से विधायक अनिल कटारा ने भील प्रदेश संदेश यात्रा को लेकर एक जरूरी और महत्वपूर्ण संदेश जारी किया है।1
- डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा पंचायत समिति क्षेत्र की ग्राम पंचायत निठाउवा में बुधवार को राज्य सरकार के निर्देशानुसार ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने शिरकत कर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और मौके पर ही उनका त्वरित समाधान किया। इसके साथ ही शिविर के माध्यम से आम लोगों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लेकर लाभ उठाया। शिविर के प्रभारी और नायब तहसीलदार भूमल चौहान ने इस कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रशासन को गांव की चौपाल तक पहुंचाकर आमजन की समस्याओं का तुरंत निवारण करना है। उन्होंने बताया कि इस शिविर के जरिए राजस्व विभाग से जुड़े नामांतरण, सीमाज्ञान, रिकॉर्ड शुद्धिकरण और भूमि संबंधी मामलों के निस्तारण को प्राथमिकता देकर त्वरित रूप से पूरा किया जा रहा है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चौरासी विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रत्याशी कारीलाल ननोमा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की मंशा को सामने रखा। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि किसी भी ग्रामीण को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर न काटने पड़ें, इसीलिए एक ही जगह पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही भाजपा जिला महामंत्री ईश्वर लबाना ने इसे सरकार की कल्याणकारी सोच का परिणाम बताया और ग्रामीणों से शिविर में सक्रिय भागीदारी करके अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। इस अवसर पर मंडल महामंत्री रत्न सिंह चौहान, मंडल उपाध्यक्ष महिपाल सिंह राठौड़, सरपंच सूर्या देवी डामोर, पंचायत समिति सदस्य प्रताप सिंह डामोर, पूर्व सरपंच लक्ष्मण सिंह, रमेश, निवर्तमान नगर मंत्री पुष्पेंद्र डामोर, बूथ अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह डामोर, विशाल लबाना, केसर सिंह डामोर, मुलचंद लबाना, श्यामलाल डामोर और प्रवीण डामोर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। शिविर में पहुंचे अधिकारियों ने पात्र हितग्राहियों के आवेदन स्वीकार कर कई महत्वपूर्ण मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया।1
- राजस्थान के डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा ब्लॉक में भील प्रदेश की मांग को लेकर भीली संस्कृति और परंपरा के अनुसार प्रदर्शन किया गया। इस पारंपरिक प्रदर्शन के बाद महामहिम राष्ट्रपति महोदया के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया है, जिसमें भील प्रदेश की मांग की गई है।2
- सीमलवाड़ा और चौरासी विधानसभा क्षेत्र से सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डूंगरपुर जिले के आसपुर सर्किट हाउस पहुंचकर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट का भव्य स्वागत किया। वागड़ दौरे पर पहुंचे सचिन पायलट का स्वागत करने और उन्हें चौरासी विधानसभा क्षेत्र के आगामी दौरे का निमंत्रण देने के लिए कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा गया। जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व उपाध्यक्ष एवं पंचायत समिति सदस्य महेंद्र भगोरा के नेतृत्व में सुबह करीब 10 बजे विभिन्न ग्राम पंचायतों से कार्यकर्ता काफिलों के रूप में पहुंचे और सचिन पायलट का फूल-मालाओं व जोरदार नारों के साथ स्वागत किया। इस दौरान पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा, पूर्व राज्य मंत्री शंकर यादव, जिला कांग्रेस अध्यक्ष गणेश घोघरा और पूर्व जिला प्रमुख प्रेम कुमार पाटीदार की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं ने सचिन पायलट से मुलाकात की और प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें चौरासी विधानसभा क्षेत्र के आगामी दौरे का निमंत्रण दिया। इस कार्यक्रम में ओबीसी प्रदेश सचिव सुरेश भोई, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष प्रकाश पाटीदार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। मुलाकात के दौरान आगामी रैली और संगठनात्मक कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर भी चर्चा की गई। आसपुर सर्किट हाउस में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह साफ दिखाई दिया और अब यह देखना होगा कि आने वाले समय में प्रस्तावित दौरे को लेकर कांग्रेस संगठन क्या रणनीति तय करता है।3
- राजस्थान की सियासत से बड़ी खबर आ रही है, जहां कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट ने एक बार फिर मौजूदा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गणोड़ा के ऐतिहासिक और पवित्र बेणेश्वर धाम पहुंचे सचिन पायलट ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए सरकार की नीतियों और कानून-व्यवस्था पर जमकर निशाना साधा। सचिन पायलट ने सीधे तौर पर युवाओं के मुद्दों को उठाते हुए सरकार को घेरा है। उन्होंने पेपर लीक, चंदा चोरी, बढ़ते अपराध और बुनियादी ढांचे में हो रहे कथित घोटालों को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। इसके साथ ही, पायलट ने सड़कों और पुलों के निर्माण में गंभीर धांधली होने का आरोप लगाते हुए सरकार से इन बुनियादी घोटालों पर जवाब मांगा है।1
- राजस्थान के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में 'CSR-22 स्टाफ नर्स राजमेस भर्ती 2025' के तहत नवनियुक्त संविदा स्टाफ नर्स ग्रेड-2 (नर्सिंग ऑफिसर्स) ने अपने गृह जिलों में रिलोकेशन (समायोजन) की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है। डूंगरपुर प्रवास के दौरान इन नवनियुक्त नर्सिंग कर्मियों ने प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर को एक ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि भर्ती की वेटिंग सूची जारी करने से पहले वर्तमान में कार्यरत कर्मियों को उनके गृह जिलों या नजदीकी मेडिकल कॉलेजों में समायोजित किया जाए। नर्सिंग कर्मियों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में युवाओं को रोजगार देने के कार्य की सराहना करते हुए पदस्थापन नीति में व्यावहारिक सुधार की आवश्यकता जताई है। ज्ञापन में बताया गया है कि इस भर्ती के तहत नवनियुक्त कर्मियों को मात्र ₹18,900 मासिक मानदेय मिल रहा है, जिसमें गृह जिले से सैकड़ों किलोमीटर दूर सेवाएं देना बेहद चुनौतीपूर्ण है। इससे महिला, विवाहित, एकल, विधवा और आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों को भारी आर्थिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नर्सेज नेताओं का तर्क है कि रिक्त सीटों पर पहले समायोजन करने और उसके बाद बची सीटों पर वेटिंग सूची जारी करने से भर्ती किसी भी कानूनी या सामाजिक विवाद में फंसने से बच जाएगी। इससे पूर्व, बांसवाड़ा जाते समय डूंगरपुर के उदय बिलास पैलेस में रुके स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने विभाग के आला अधिकारियों के साथ बैठक कर क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने अस्पतालों को पूरी तरह संक्रमण मुक्त रखने तथा मरीजों व प्रसूताओं को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं देने के सख्त निर्देश दिए। इसी दौरान राजस्थान नर्सेज संयुक्त संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने भी मंत्री से मुलाकात कर अपनी मांगों का एक अन्य ज्ञापन सौंपा, जिसमें मुख्य रूप से 10, 20 और 30 बोनस अंकों के आधार पर नर्सिंग ऑफिसर और एएनएम की नई भर्ती जल्द आयोजित करने, टीएसपी क्षेत्र के लिए अलग पद स्वीकृत करने तथा CSR भर्ती से प्रभावित रहे नर्स ग्रेड-द्वितीय कार्मिकों की तत्काल सेवा बहाल करने की मांग की गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने दोनों ज्ञापनों पर गंभीरतापूर्वक विचार करने और सहानुभूतिपूर्वक उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है।1
- डूंगरपुर की ग्राम पंचायत निठाउवा में ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें पात्र ग्रामीणों को आवासीय पट्टे वितरित किए गए। शिविर में विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत ग्रामीणों को लाभान्वित करने के साथ ही उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं और उन पर आवश्यक कार्रवाई की। इस शिविर में तहसीलदार, विकास अधिकारी और नायब तहसीलदार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर पात्र लोगों को समय पर लाभ दिलाने का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से प्रशासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। शिविर में चौरासी विधानसभा के विधायक प्रत्याशी कारीलाल ननोमा, भाजपा जिला महामंत्री ईश्वर लबाना, मंडल महामंत्री रत्नसिंह चौहान, मंडल उपाध्यक्ष महिपाल सिंह राठौड़, सरपंच सूर्या देवी डामोर, पंचायत समिति सदस्य प्रताप सिंह डामोर, पूर्व सरपंच लक्ष्मण सिंह, रमेश जी, निवर्तमान नगर मंत्री पुष्पेंद्र डामोर, बूथ अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह डामोर, विशाल लबाना, केसर सिंह डामोर, मूलचंद लबाना, श्यामलाल डामोर, प्रवीण डामोर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।4