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राजस्थान की सियासत से बड़ी खबर आ रही है, जहां कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट ने एक बार फिर मौजूदा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गणोड़ा के ऐतिहासिक और पवित्र बेणेश्वर धाम पहुंचे सचिन पायलट ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए सरकार की नीतियों और कानून-व्यवस्था पर जमकर निशाना साधा। सचिन पायलट ने सीधे तौर पर युवाओं के मुद्दों को उठाते हुए सरकार को घेरा है। उन्होंने पेपर लीक, चंदा चोरी, बढ़ते अपराध और बुनियादी ढांचे में हो रहे कथित घोटालों को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। इसके साथ ही, पायलट ने सड़कों और पुलों के निर्माण में गंभीर धांधली होने का आरोप लगाते हुए सरकार से इन बुनियादी घोटालों पर जवाब मांगा है।
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राजस्थान की सियासत से बड़ी खबर आ रही है, जहां कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट ने एक बार फिर मौजूदा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गणोड़ा के ऐतिहासिक और पवित्र बेणेश्वर धाम पहुंचे सचिन पायलट ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए सरकार की नीतियों और कानून-व्यवस्था पर जमकर निशाना साधा। सचिन पायलट ने सीधे तौर पर युवाओं के मुद्दों को उठाते हुए सरकार को घेरा है। उन्होंने पेपर लीक, चंदा चोरी, बढ़ते अपराध और बुनियादी ढांचे में हो रहे कथित घोटालों को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। इसके साथ ही, पायलट ने सड़कों और पुलों के निर्माण में गंभीर धांधली होने का आरोप लगाते हुए सरकार से इन बुनियादी घोटालों पर जवाब मांगा है।
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- राजस्थान की सियासत से बड़ी खबर आ रही है, जहां कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट ने एक बार फिर मौजूदा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गणोड़ा के ऐतिहासिक और पवित्र बेणेश्वर धाम पहुंचे सचिन पायलट ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए सरकार की नीतियों और कानून-व्यवस्था पर जमकर निशाना साधा। सचिन पायलट ने सीधे तौर पर युवाओं के मुद्दों को उठाते हुए सरकार को घेरा है। उन्होंने पेपर लीक, चंदा चोरी, बढ़ते अपराध और बुनियादी ढांचे में हो रहे कथित घोटालों को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। इसके साथ ही, पायलट ने सड़कों और पुलों के निर्माण में गंभीर धांधली होने का आरोप लगाते हुए सरकार से इन बुनियादी घोटालों पर जवाब मांगा है।1
- राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट के डूंगरपुर जिले के दौरे के दौरान भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। पायलट ने अपने दौरे की शुरुआत बेणेश्वर धाम में श्री हरि मंदिर, राधा-कृष्ण मंदिर, शिव मंदिर और ब्रह्मा मंदिर में दर्शन-पूजन के साथ की, जहां उन्होंने बेणेश्वर पीठाधीश्वर महंत अच्युतानंद महाराज से भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद साबला पहुंचने पर पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह सिसोदिया के नेतृत्व में उनका भव्य स्वागत किया गया, जिसमें सिसोदिया ने आसमान में ड्रोन उड़ाकर पुष्प वर्षा की और पायलट को पगड़ी पहनाकर व तलवार भेंट कर सम्मानित किया। साबला में सिसोदिया कार्यालय और आसपुर सर्किट हाउस में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सचिन पायलट ने केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि ढाई साल के कार्यकाल में राज्य सरकार ने जनता का विश्वास पूरी तरह खो दिया है और डबल इंजन में केवल धुआं बचा है। पायलट ने तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि चंपत मंदिर के चढ़ावे को चपत लगा गया और सरकार इस पर लीपापोती करने में जुटी है। उन्होंने दावा किया कि चिकित्सा और शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और सरकार पंचायत चुनाव कराने में आनाकानी कर रही है, लेकिन यदि आज चुनाव करा दिए जाएं तो कांग्रेस पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी। सभा स्थल पर मौजूद महिलाओं से बातचीत के दौरान महिलाओं ने रोजगार न मिलने, महंगाई की मार, पानी-बिजली कटौती और गैस सिलेंडर की बढ़ती दरों की शिकायत की, जिससे उन्हें जंगलों से लकड़ी लाकर खाना पकाना पड़ रहा है। पायलट ने कहा कि सरकार गरीबों के रोजगार पर संकट पैदा करने और नरेगा को पूरी तरह बंद करने की मंशा से एक अलग योजना लेकर आई है। इस दौरान स्थानीय लोगों ने सोम कमला बांध का पानी सागवाड़ा न ले जाने की मांग रखी, वहीं कई दावेदारों ने गाड़ियों में कार्यकर्ताओं को लाकर पायलट के सामने अपनी दावेदारी का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा, रघुवीर सिंह मीणा, प्रेम कुमार पाटीदार, जिलाध्यक्ष गणेश घोघरा, पूर्व जिलाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह, शंकर यादव और पूर्व विधायक पुजीलाल परमार सहित कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भारी संख्या में उपस्थित रहे।1
- राजस्थान के डूंगरपुर जिले के चिखली ब्लॉक में विभिन्न आदिवासी संगठनों और समाज के प्रतिनिधियों ने पृथक भील प्रदेश की मांग को लेकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम चिखली तहसीलदार अविनाश कुमार को ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में भीली संस्कृति, परंपराओं व भीली बोली के संरक्षण तथा संवैधानिक पहचान के आधार पर एक अलग भील प्रदेश के निर्माण की मांग उठाई गई है। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने भील समाज की समृद्ध संस्कृति, भाषा और परंपराओं को सहेजने के लिए तुरंत आवश्यक कदम उठाने तथा मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई किए जाने का पुरजोर आग्रह किया है। ज्ञापन सौंपने के दौरान भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा (BPMM), भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा (BPVM), भील प्रदेश महिला मोर्चा, भील प्रदेश युवा मोर्चा के पदाधिकारियों के साथ ही विभिन्न ग्राम पंचायतों के वीसीसी (VCC) सदस्य, भारत आदिवासी पार्टी के कार्यकर्ता और आदिवासी परिवारों के अनेक प्रतिनिधि भारी संख्या में एकजुट होकर उपस्थित रहे। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में ब्लॉक अध्यक्ष रमेश बामणिया, मंडल अध्यक्ष राजमल खराड़ी, संभाग सदस्य देवीलाल मकवना, जिला परिषद सदस्य अशोक रोत, भचड़िया ग्राम पंचायत प्रशासक देवेंद्र डामोर, मंडल अध्यक्ष दिनेश ताबियाड़, दिनेश डामोर (गंदेरी), रमेश डामोर (पंचकुंडी), विमल प्रकाश डामोर, चेतन डामोर, रमेश डामोर, अम्बाड़ा ग्राम पंचायत प्रशासक नवीन डामोर, लालशंकर, दिनेश कुमार, दिनेश खाट, खातुराम, हाजा भाई, शरण मंडल अध्यक्ष प्रभु डामोर, कैलाश डिंडोर, पीयूष, राजेंद्र, गजेंद्र डिंडोर और सुमित्रा सहित विभिन्न ब्लॉकों के वीसीसी सदस्य एवं भारत आदिवासी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।1
- Raj Kumar ji rot.........................,............1
- राजस्थान के धरियावद में अलग से भील प्रदेश राज्य बनाने की मांग तेज हो गई है। बुधवार को भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने एकत्रित होकर उपखण्ड अधिकारी धरियावद को एक ज्ञापन सौंपा। आदिवासी कन्हैयालाल बरोड़ और रामलाल बरगोट ने जानकारी देते हुए बताया कि जिस प्रकार भारत के भीतर बोली के आधार पर अलग-अलग राज्य बने हुए हैं, उसी तरह भीली बोली के आधार पर भारत में एक अलग भील प्रदेश राज्य की मांग की जा रही है। उनका मानना है कि भील प्रदेश राज्य बनने से वे और उनका समाज सुरक्षित रहेगा। भील प्रदेश की इस मांग को लेकर बुधवार को चार राज्यों में प्रत्येक जिला और ब्लॉक स्तर पर ज्ञापन दिए गए हैं, जिसके तहत धरियावद ब्लॉक में भी यह ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन के माध्यम से यह मांग की गई है कि पूर्वजों की मांग और हक-अधिकारों के चलते इस मांग को पूरा किया जाए। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार उनकी इस मांग की विरोधी है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी यह मांग पूरी नहीं होती है, तो वे चारों राज्यों में आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और सरकार की होगी।3
- राजस्थान के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में 'CSR-22 स्टाफ नर्स राजमेस भर्ती 2025' के तहत नवनियुक्त संविदा स्टाफ नर्स ग्रेड-2 (नर्सिंग ऑफिसर्स) ने अपने गृह जिलों में रिलोकेशन (समायोजन) की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है। डूंगरपुर प्रवास के दौरान इन नवनियुक्त नर्सिंग कर्मियों ने प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर को एक ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि भर्ती की वेटिंग सूची जारी करने से पहले वर्तमान में कार्यरत कर्मियों को उनके गृह जिलों या नजदीकी मेडिकल कॉलेजों में समायोजित किया जाए। नर्सिंग कर्मियों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में युवाओं को रोजगार देने के कार्य की सराहना करते हुए पदस्थापन नीति में व्यावहारिक सुधार की आवश्यकता जताई है। ज्ञापन में बताया गया है कि इस भर्ती के तहत नवनियुक्त कर्मियों को मात्र ₹18,900 मासिक मानदेय मिल रहा है, जिसमें गृह जिले से सैकड़ों किलोमीटर दूर सेवाएं देना बेहद चुनौतीपूर्ण है। इससे महिला, विवाहित, एकल, विधवा और आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों को भारी आर्थिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नर्सेज नेताओं का तर्क है कि रिक्त सीटों पर पहले समायोजन करने और उसके बाद बची सीटों पर वेटिंग सूची जारी करने से भर्ती किसी भी कानूनी या सामाजिक विवाद में फंसने से बच जाएगी। इससे पूर्व, बांसवाड़ा जाते समय डूंगरपुर के उदय बिलास पैलेस में रुके स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने विभाग के आला अधिकारियों के साथ बैठक कर क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने अस्पतालों को पूरी तरह संक्रमण मुक्त रखने तथा मरीजों व प्रसूताओं को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं देने के सख्त निर्देश दिए। इसी दौरान राजस्थान नर्सेज संयुक्त संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने भी मंत्री से मुलाकात कर अपनी मांगों का एक अन्य ज्ञापन सौंपा, जिसमें मुख्य रूप से 10, 20 और 30 बोनस अंकों के आधार पर नर्सिंग ऑफिसर और एएनएम की नई भर्ती जल्द आयोजित करने, टीएसपी क्षेत्र के लिए अलग पद स्वीकृत करने तथा CSR भर्ती से प्रभावित रहे नर्स ग्रेड-द्वितीय कार्मिकों की तत्काल सेवा बहाल करने की मांग की गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने दोनों ज्ञापनों पर गंभीरतापूर्वक विचार करने और सहानुभूतिपूर्वक उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है।1
- राजस्थान के चौरासी विधानसभा क्षेत्र से विधायक अनिल कटारा ने भील प्रदेश संदेश यात्रा को लेकर एक जरूरी और महत्वपूर्ण संदेश जारी किया है।1
- राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री व अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने डूंगरपुर जिले के दौरे के दौरान भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि सरकार ने जनता के बीच अपना विश्वास पूरी तरह खो दिया है और अब डबल इंजन में केवल धुआं ही बचा है। अपने दौरे की शुरुआत में पायलट ने प्रसिद्ध बेणेश्वर धाम पहुंचकर श्री हरि मंदिर, राधा-कृष्ण मंदिर, शिव मंदिर और ब्रह्मा मंदिर में दर्शन-पूजन कर खुशहाली की कामना की और बेणेश्वर पीठाधीश्वर महंत अच्युतानंद महाराज से आशीर्वाद लिया। इसके बाद साबला पहुंचने पर पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह सिसोदिया के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया, जहां सिसोदिया ने आसमान में ड्रोन उड़ाकर पुष्प वर्षा की और पायलट को पगड़ी पहनाकर व तलवार भेंट कर सम्मानित किया। साबला में आयोजित सभा में सचिन पायलट ने केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया। इस दौरान वे सभा स्थल पर बैठी महिलाओं के पास पहुंचे और उनसे रोजगार गारंटी के भुगतान के बारे में जानकारी ली। महिलाओं ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि उन्हें रोजगार नहीं मिल पा रहा है और जनता महंगाई की मार से त्रस्त है। महिलाओं ने बिजली-पानी की कटौती और गैस सिलेंडर की बढ़ती दरों पर गुस्सा जताते हुए कहा कि अब घरों में खाना बनाना मुश्किल हो गया है और उन्हें जंगलों से लकड़ी लाकर खाना पकाना पड़ेगा। वहीं, मंदिर चढ़ावे को लेकर आरोप लगाया गया कि 'चंपत' मंदिर के चढ़ावे को चपत लगा गया और सरकार इस मामले में केवल लीपापोती करने में जुटी है। इसके बाद आसपुर सर्किट हाउस में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पायलट ने कहा कि भाजपा के ढाई साल के शासन से जनता त्रस्त हो चुकी है और राज्य की चिकित्सा व शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पंचायत चुनाव कराने में आनाकानी कर रही है और यदि आज चुनाव करा दिए जाएं, तो कांग्रेस भारी बहुमत से सरकार बनाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि नरेगा को पूरी तरह बंद करने की मंशा से सरकार अलग योजना लेकर आई है, जिससे गरीबों के रोजगार पर संकट खड़ा हो गया है। इस दौरान स्थानीय लोगों ने सोम कमला बांध का पानी सागवाड़ा न ले जाने की मांग उठाई, वहीं कई दावेदारों ने गाड़ियों में कार्यकर्ताओं को लाकर पायलट के सामने अपनी दावेदारी जताते हुए शक्ति प्रदर्शन किया। इस अवसर पर पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा, रघुवीर सिंह मीणा, प्रेम कुमार पाटीदार और जिलाध्यक्ष गणेश घोघरा सहित कई वरिष्ठ नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1