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पटना के मसौढ़ी में मुहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, अमन और भाईचारे के साथ संपन्न हुआ, जहाँ 'या हुसैन... या अली...' के नारों से पूरा शहर गूंज उठा। इस अवसर पर कर्बला की कुर्बानी को सलाम किया गया। नगर के विभिन्न इमामबाड़ों से निकले ताजिया और अखाड़ों में हजारों लोगों ने शिरकत की। इन अखाड़ों में युवाओं ने लाठी और तलवार की पारंपरिक युद्ध कला का शानदार प्रदर्शन किया। देर रात तारेगना कर्बला में ताजियों का पहलाम किया गया। पूरे आयोजन के दौरान एसडीएम, एएसपी कोमल मीणा, बीडीओ, सीओ और थाना अध्यक्ष विवेक भारती लगातार जुलूस मार्ग का निरीक्षण करते रहे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और लोगों के सहयोग के कारण मुहर्रम का जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस मुहर्रम ने एक बार फिर मसौढ़ी से अमन, इंसाफ, कुर्बानी और गंगा-जमुनी तहजीब का संदेश पूरे समाज तक पहुँचाया।
Niraj kumar
पटना के मसौढ़ी में मुहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, अमन और भाईचारे के साथ संपन्न हुआ, जहाँ 'या हुसैन... या अली...' के नारों से पूरा शहर गूंज उठा। इस अवसर पर कर्बला की कुर्बानी को सलाम किया गया। नगर के विभिन्न इमामबाड़ों से निकले ताजिया और अखाड़ों में हजारों लोगों ने शिरकत की। इन अखाड़ों में युवाओं ने लाठी और तलवार की पारंपरिक युद्ध कला का शानदार प्रदर्शन किया। देर रात तारेगना कर्बला में ताजियों का पहलाम किया गया। पूरे आयोजन के दौरान एसडीएम, एएसपी कोमल मीणा, बीडीओ, सीओ और थाना अध्यक्ष विवेक भारती लगातार जुलूस मार्ग का निरीक्षण करते रहे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और लोगों के सहयोग के कारण मुहर्रम का जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस मुहर्रम ने एक बार फिर मसौढ़ी से अमन, इंसाफ, कुर्बानी और गंगा-जमुनी तहजीब का संदेश पूरे समाज तक पहुँचाया।
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- पटना के मसौढ़ी में मुहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, अमन और भाईचारे के साथ संपन्न हुआ, जहाँ 'या हुसैन... या अली...' के नारों से पूरा शहर गूंज उठा। इस अवसर पर कर्बला की कुर्बानी को सलाम किया गया। नगर के विभिन्न इमामबाड़ों से निकले ताजिया और अखाड़ों में हजारों लोगों ने शिरकत की। इन अखाड़ों में युवाओं ने लाठी और तलवार की पारंपरिक युद्ध कला का शानदार प्रदर्शन किया। देर रात तारेगना कर्बला में ताजियों का पहलाम किया गया। पूरे आयोजन के दौरान एसडीएम, एएसपी कोमल मीणा, बीडीओ, सीओ और थाना अध्यक्ष विवेक भारती लगातार जुलूस मार्ग का निरीक्षण करते रहे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और लोगों के सहयोग के कारण मुहर्रम का जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस मुहर्रम ने एक बार फिर मसौढ़ी से अमन, इंसाफ, कुर्बानी और गंगा-जमुनी तहजीब का संदेश पूरे समाज तक पहुँचाया।1
- जहानाबाद जिले में मोहर्रम के अवसर पर शुक्रवार को नगर में पारंपरिक ताजिया जुलूस श्रद्धा, आस्था और अनुशासन के साथ निकाला गया। इस दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया, जिससे पूरा वातावरण "या हुसैन" के नारों से गूंज उठा। लोगों ने हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में मातम मनाया, उनकी कुर्बानी को इंसानियत, सत्य और न्याय के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान के रूप में याद किया। शहर के विभिन्न इमामबाड़ों और अखाड़ों से निकले ताजिया जुलूस निर्धारित मार्गों से होकर गुजरे, जहां पारंपरिक करतबों का प्रदर्शन किया गया और मातमी रस्में अदा की गईं। श्रद्धालुओं ने पूरी अकीदत के साथ जुलूस में भाग लेते हुए कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की। जुलूस मार्ग में जगह-जगह स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों द्वारा स्वागत एवं सेवा शिविर लगाए गए थे, जहाँ श्रद्धालुओं के लिए पेयजल समेत अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। लोगों ने आपसी सहयोग और सौहार्द का परिचय देते हुए इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मोहर्रम को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क रही। संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था और पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी लगातार जुलूस की निगरानी करते रहे। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से भी नजर रखी गई, अधिकारियों ने समय-समय पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेकर आवश्यक निर्देश दिए। यह मातमी जुलूस शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ, जिसने भाईचारे, एकता और आपसी सद्भाव का संदेश दिया। प्रशासन और आमजन के सहयोग से पूरे जिले में मोहर्रम का आयोजन श्रद्धा, सम्मान और गम के माहौल में पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।1
- बिक्रम नगर पंचायत के खोरैठा स्थित प्राथमिक विद्यालय खोरैठा (एससी) में कार्यरत विशिष्ट शिक्षिका रीता कुमारी को उनकी सेवानिवृत्ति के अवसर पर भावभीनी विदाई दी गई। स्कूल प्रांगण में आयोजित इस विदाई सह सम्मान समारोह के दौरान उन्हें अंग वस्त्र और उपहार देकर सम्मानित किया गया। समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी रविकांत शर्मा, शिक्षक नेता नीरज कुमार कमल, और सेवानिवृत्त शिक्षक सह डायट पटना के अतिथि प्रशिक्षक अजय कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इसके बाद विद्यालय परिवार ने अंग वस्त्र और माला आदि भेंट कर आए हुए अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर बोलते हुए, बीईओ रविकांत शर्मा ने रीता कुमारी की प्रतिभा, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और सहज प्रवृत्ति की सराहना की, जिनके कारण उन्होंने बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों के बीच गहरी छाप छोड़ी है। प्रधान शिक्षक अभिषेक कुमार ने उनके स्वच्छ, पारदर्शी और भावनात्मक विचारों को विद्यालय परिवार के लिए नई ऊर्जा का स्रोत बताया। शिक्षक नेता नीरज कुमार कमल ने पर्यावरण और अध्यापन कार्य में रीता कुमारी की अप्रतिम रुचि को रेखांकित करते हुए उन्हें एक आदर्श शिक्षिका बताया। वहीं, डायट पटना के प्रशिक्षक अजय कुमार ने कहा कि रीता कुमारी आज केवल सरकारी दायित्वों से मुक्त हो रही हैं, समाज के लिए एक शिक्षक के रूप में उनका सफर आगे भी जारी रहेगा। कार्यक्रम को पूर्व बीआरपी शिक्षक नीतीश कुमार, शिक्षक अमित कुमार और प्रधान शिक्षिका संगीता कुमारी सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया, जिन्होंने रीता कुमारी के स्वस्थ, सुखद और दीर्घायु जीवन की कामना की। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान शिक्षक अभिषेक कुमार ने की और इसका संचालन गोपाल विद्यार्थी ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक रंजन कुमार, उमेश कुमार, टोला सेवक रविन्द्र कुमार, साथ ही प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक रितेश कुमार, विशाल कुमार, संजीव कुमार, सुरेन्द्र कुमार, मनीष कुमार, राजेश पासवान, श्रीकांत कुमार, प्राथमिक विद्यालय गंगाचक के अमित कुमार और मदनधारी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के मिथिलेश कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और बच्चे उपस्थित रहे।1
- यह पोस्ट गुलचू भगवान की स्तुति को समर्पित है।1
- Post by Abdulkaisar1
- नौबतपुर प्रखंड में मुहर्रम के अवसर पर विभिन्न अखाड़ों और इमामबाड़ों से भव्य ताजिया जुलूस निकाला गया। "या हुसैन" की सदाओं के बीच अकीदतमंद मातम करते हुए आगे बढ़ते रहे, वहीं युवाओं ने पारंपरिक लाठी से युद्ध कलाओं का हैरतअंगेज प्रदर्शन किया। इस नजारे को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती कर सुरक्षा व्यवस्था की सघन निगरानी की गई, जिसके चलते शांतिपूर्ण माहौल में ताजिया जुलूस अपने निर्धारित मार्ग से गुजरते हुए आगे बढ़ा। नौबतपुर प्रखंड के शहर रामपुर गांव में भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह जुलूस निकला। इस मौके पर शहर रामपुर इमामबाड़ा के अध्यक्ष मोहमद शहाबुद्दीन आजाद उर्फ पप्पू आजाद ने एक-दूसरे की भावनाओं का ख्याल रखते हुए भागीदारी और सहयोग की भावना बनाए रखने का आह्वान किया। मुहर्रम का यह पर्व आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाया गया, जिसमें प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे।1
- फतुहा में मद्य निषेध विभाग और फतुहा पुलिस ने एक संयुक्त छापेमारी अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस और मद्य निषेध विभाग की टीम ने बीस लाख रुपये से अधिक मूल्य की शराब बरामद की है।1
- जहानाबाद जिले के ओयना लाखापुर गांव के निवासी सीआईएसएफ जवान रौशन कुमार के मुंबई एयरपोर्ट पर ड्यूटी के दौरान हृदयाघात से निधन हो जाने के कारण पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई। यह दुखद समाचार जैसे ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचा, परिवार सहित पूरे इलाके में मातम छा गया। उनका पार्थिव शरीर मुंबई से पटना लाए जाने के बाद देर रात उनके पैतृक गांव ओयना लाखापुर पहुंचा। शुक्रवार सुबह से ही रौशन कुमार के अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोगों की भीड़ गांव में जुटने लगी, जिससे पूरा माहौल गमगीन हो गया। इस दौरान "रौशन कुमार अमर रहें" और "भारत माता की जय" के नारों से पूरा गांव गूंज उठा। नम आंखों से लोगों ने अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सम्मान व्यक्त किया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, माता-पिता, पत्नी और अन्य स्वजन गहरे सदमे में थे, जिन्हें संभालने के लिए ग्रामीणों और रिश्तेदारों को कई बार हस्तक्षेप करना पड़ा। गांव के लोगों ने भी इस दुख की घड़ी में परिवार को सांत्वना दी। रौशन कुमार अपने कर्तव्यनिष्ठ स्वभाव, अनुशासन और मिलनसार व्यक्तित्व के लिए क्षेत्र में जाने जाते थे, और उनके असामयिक निधन से न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज को गहरा आघात लगा है। अंतिम दर्शन के लिए जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न संगठनों के सदस्य भी पहुंचे, जिन्होंने श्रद्धासुमन अर्पित कर शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। ग्रामीणों ने रौशन कुमार की देश सेवा के प्रति ईमानदारी और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। लोगों का यह भी कहना था कि गांव ने एक कर्मठ, जिम्मेदार और होनहार बेटे को खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी। उनकी स्मृति में गांव में एक शोकसभा आयोजित की गई, जहाँ उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत जवान को श्रद्धांजलि दी और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।1