बिक्रम नगर पंचायत के खोरैठा स्थित प्राथमिक विद्यालय खोरैठा (एससी) में कार्यरत विशिष्ट शिक्षिका रीता कुमारी को उनकी सेवानिवृत्ति के अवसर पर भावभीनी विदाई दी गई। स्कूल प्रांगण में आयोजित इस विदाई सह सम्मान समारोह के दौरान उन्हें अंग वस्त्र और उपहार देकर सम्मानित किया गया। समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी रविकांत शर्मा, शिक्षक नेता नीरज कुमार कमल, और सेवानिवृत्त शिक्षक सह डायट पटना के अतिथि प्रशिक्षक अजय कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इसके बाद विद्यालय परिवार ने अंग वस्त्र और माला आदि भेंट कर आए हुए अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर बोलते हुए, बीईओ रविकांत शर्मा ने रीता कुमारी की प्रतिभा, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और सहज प्रवृत्ति की सराहना की, जिनके कारण उन्होंने बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों के बीच गहरी छाप छोड़ी है। प्रधान शिक्षक अभिषेक कुमार ने उनके स्वच्छ, पारदर्शी और भावनात्मक विचारों को विद्यालय परिवार के लिए नई ऊर्जा का स्रोत बताया। शिक्षक नेता नीरज कुमार कमल ने पर्यावरण और अध्यापन कार्य में रीता कुमारी की अप्रतिम रुचि को रेखांकित करते हुए उन्हें एक आदर्श शिक्षिका बताया। वहीं, डायट पटना के प्रशिक्षक अजय कुमार ने कहा कि रीता कुमारी आज केवल सरकारी दायित्वों से मुक्त हो रही हैं, समाज के लिए एक शिक्षक के रूप में उनका सफर आगे भी जारी रहेगा। कार्यक्रम को पूर्व बीआरपी शिक्षक नीतीश कुमार, शिक्षक अमित कुमार और प्रधान शिक्षिका संगीता कुमारी सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया, जिन्होंने रीता कुमारी के स्वस्थ, सुखद और दीर्घायु जीवन की कामना की। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान शिक्षक अभिषेक कुमार ने की और इसका संचालन गोपाल विद्यार्थी ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक रंजन कुमार, उमेश कुमार, टोला सेवक रविन्द्र कुमार, साथ ही प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक रितेश कुमार, विशाल कुमार, संजीव कुमार, सुरेन्द्र कुमार, मनीष कुमार, राजेश पासवान, श्रीकांत कुमार, प्राथमिक विद्यालय गंगाचक के अमित कुमार और मदनधारी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के मिथिलेश कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और बच्चे उपस्थित रहे।
बिक्रम नगर पंचायत के खोरैठा स्थित प्राथमिक विद्यालय खोरैठा (एससी) में कार्यरत विशिष्ट शिक्षिका रीता कुमारी को उनकी सेवानिवृत्ति के अवसर पर भावभीनी विदाई दी गई। स्कूल प्रांगण में आयोजित इस विदाई सह सम्मान समारोह के दौरान उन्हें अंग वस्त्र और उपहार देकर सम्मानित किया गया। समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी रविकांत शर्मा, शिक्षक नेता नीरज कुमार कमल, और सेवानिवृत्त शिक्षक सह डायट पटना के अतिथि प्रशिक्षक अजय कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इसके बाद विद्यालय परिवार ने अंग वस्त्र और माला आदि भेंट कर आए हुए अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर बोलते हुए, बीईओ रविकांत शर्मा ने रीता कुमारी की प्रतिभा, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और सहज प्रवृत्ति की सराहना की, जिनके कारण उन्होंने बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों के बीच गहरी छाप छोड़ी है। प्रधान शिक्षक अभिषेक कुमार ने उनके स्वच्छ, पारदर्शी और भावनात्मक विचारों को विद्यालय परिवार के लिए नई ऊर्जा का स्रोत बताया। शिक्षक नेता नीरज कुमार कमल ने पर्यावरण और अध्यापन कार्य में रीता कुमारी की अप्रतिम रुचि को रेखांकित करते हुए उन्हें एक आदर्श शिक्षिका बताया। वहीं, डायट पटना के प्रशिक्षक अजय कुमार ने कहा कि रीता कुमारी आज केवल सरकारी दायित्वों से मुक्त हो रही हैं, समाज के लिए एक शिक्षक के रूप में उनका सफर आगे भी जारी रहेगा। कार्यक्रम को पूर्व बीआरपी शिक्षक नीतीश कुमार, शिक्षक अमित कुमार और प्रधान शिक्षिका संगीता कुमारी सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया, जिन्होंने रीता कुमारी के स्वस्थ, सुखद और दीर्घायु जीवन की कामना की। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान शिक्षक अभिषेक कुमार ने की और इसका संचालन गोपाल विद्यार्थी ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक रंजन कुमार, उमेश कुमार, टोला सेवक रविन्द्र कुमार, साथ ही प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक रितेश कुमार, विशाल कुमार, संजीव कुमार, सुरेन्द्र कुमार, मनीष कुमार, राजेश पासवान, श्रीकांत कुमार, प्राथमिक विद्यालय गंगाचक के अमित कुमार और मदनधारी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के मिथिलेश कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और बच्चे उपस्थित रहे।
- बिक्रम नगर पंचायत के खोरैठा स्थित प्राथमिक विद्यालय खोरैठा (एससी) में कार्यरत विशिष्ट शिक्षिका रीता कुमारी को उनकी सेवानिवृत्ति के अवसर पर भावभीनी विदाई दी गई। स्कूल प्रांगण में आयोजित इस विदाई सह सम्मान समारोह के दौरान उन्हें अंग वस्त्र और उपहार देकर सम्मानित किया गया। समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी रविकांत शर्मा, शिक्षक नेता नीरज कुमार कमल, और सेवानिवृत्त शिक्षक सह डायट पटना के अतिथि प्रशिक्षक अजय कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इसके बाद विद्यालय परिवार ने अंग वस्त्र और माला आदि भेंट कर आए हुए अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर बोलते हुए, बीईओ रविकांत शर्मा ने रीता कुमारी की प्रतिभा, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और सहज प्रवृत्ति की सराहना की, जिनके कारण उन्होंने बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों के बीच गहरी छाप छोड़ी है। प्रधान शिक्षक अभिषेक कुमार ने उनके स्वच्छ, पारदर्शी और भावनात्मक विचारों को विद्यालय परिवार के लिए नई ऊर्जा का स्रोत बताया। शिक्षक नेता नीरज कुमार कमल ने पर्यावरण और अध्यापन कार्य में रीता कुमारी की अप्रतिम रुचि को रेखांकित करते हुए उन्हें एक आदर्श शिक्षिका बताया। वहीं, डायट पटना के प्रशिक्षक अजय कुमार ने कहा कि रीता कुमारी आज केवल सरकारी दायित्वों से मुक्त हो रही हैं, समाज के लिए एक शिक्षक के रूप में उनका सफर आगे भी जारी रहेगा। कार्यक्रम को पूर्व बीआरपी शिक्षक नीतीश कुमार, शिक्षक अमित कुमार और प्रधान शिक्षिका संगीता कुमारी सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया, जिन्होंने रीता कुमारी के स्वस्थ, सुखद और दीर्घायु जीवन की कामना की। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान शिक्षक अभिषेक कुमार ने की और इसका संचालन गोपाल विद्यार्थी ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक रंजन कुमार, उमेश कुमार, टोला सेवक रविन्द्र कुमार, साथ ही प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक रितेश कुमार, विशाल कुमार, संजीव कुमार, सुरेन्द्र कुमार, मनीष कुमार, राजेश पासवान, श्रीकांत कुमार, प्राथमिक विद्यालय गंगाचक के अमित कुमार और मदनधारी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के मिथिलेश कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और बच्चे उपस्थित रहे।1
- बिहार के बिहटा में शाहपुर प्रखंड के बीलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी के कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में न्याय की मांग को लेकर बुधवार को एक कैंडल मार्च निकाला गया। यह मार्च राघोपुर स्थित स्वामी सहजानंद सरस्वती आश्रम से शुरू होकर बिहटा चौक तक पहुँचा, जिसमें जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, युवाओं, महिलाओं और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया। मार्च में शामिल लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर भरत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि दी और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। लोगों का आरोप था कि भरत भूषण तिवारी ने जीवनभर गरीबों, वंचितों और शोषितों के हक की लड़ाई लड़ी तथा जनसरोकारों के विभिन्न मुद्दों को उठाया, लेकिन वे भ्रष्ट व्यवस्था और अफसरशाही के शिकार हो गए। मार्च के दौरान "भरत भूषण तिवारी अमर रहें", "न्याय दो" और "सत्य की जीत हो" जैसे नारे लगाए गए। समाजसेवी कुश कुमार ने स्पष्ट किया कि जब तक भरत भूषण तिवारी को न्याय नहीं मिल जाता और दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने इस लड़ाई में समाज के सभी वर्गों की एकजुटता पर जोर दिया। बिहटा चौक पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए चिकित्सक एवं समाजसेवी डॉ. ललित मोहन शर्मा ने कहा कि भरत भूषण तिवारी गरीबों की आवाज थे और जमानिया गांव के पुनर्स्थापन में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने मामले की जांच पूर्व डीजीपी अभयानंद की निगरानी में कराने की मांग की।1
- आरा शहर में मुहर्रम की 10 तारीख, जिसे 'यौमे आशूरा' भी कहा जाता है, के अवसर पर कर्बला के शहीदों के नाम एक विशाल 'ताज़िया का मातमी जुलूस' निकाला गया। यह जुलूस सुबह 9 बजे महादेवा महाजन टोली न.1 स्थित डिप्टी शेर अली के इमामबाड़ा से स्व. अहमद हुसैन की ओर से शुरू हुआ और महादेवा रोड, धर्मन चौक, टाउन थाना, नाला मोड़, पुरानी पुलीस लाइन होते हुए छोटी कर्बला मौला बाग़ में जाकर समाप्त हुआ। यह परंपरा लगभग 200 वर्ष पुरानी है और इसे हज़रत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की कर्बला में हुई शहादत को याद करने के लिए मनाया जाता है। इस शोकपूर्ण अवसर पर नौहा पढ़ा गया और मातम किया गया। शिया समुदाय के लोगों ने विशेषकर काले वस्त्र धारण कर इस घटना की याद में शोक व्यक्त किया। खास बात यह रही कि सभी समुदाय के लोग भी इस शोकपूर्ण घटना की याद में जुलूस के साथ शामिल होकर अपना भरपूर सहयोग दे रहे थे। जुलूस में सैयद रेयाज हुसैन, सैयद अली हुसैन, सैयद हसनैन, नासिर हसन, इंतसाब हसन ने नौहा पढ़ा। सैयद रेयाज हुसैन ने "ज़ुल्म जो मुसाफ़िर पर हो गया ना भूलेंगे", "भूल जाएंगे सब कुछ कर्बला ना भूलेंगे" पंक्तियाँ सुनाईं, वहीं सैयद अली हुसैन ने "शाहे करबोबला का मातम है, बेकसो बेनवा का मातम है" और "आओ-आओ मुराद ले जाओ, भीख मे कायनात ले जाओ" की पंक्तियाँ पढ़ीं। इस जुलूस में मौलाना रज़ा अब्बास, सैयद आबिद बिलग्रामी, सैयद काज़िम हुसैन, प्रो. सैयद एजाज़ हुसैन, मौलाना हसन अब्बास, सैयद अक़ील हैदर, शब्बीर हसन, सरफ़राज़ हैदर, शादाब हुसैन, डाक्टर कौनैन रज़ा, नासिर हसन, सैयद यावर हुसैन, क़मर हैदर, सैयद इख़्तियार हुसैन, गुड्डु अंसारी, लड्डन अंसारी सहित कई अन्य लोग शामिल थे। इसके संचालन में "सर्व-धर्म हुसैनी एकता समाज" की तरफ से ओम प्रकाश "मुन्ना", अजीत रंजन (अधिवक्ता), महफ़ूजआलम, एकराम आलम, अखिलेश कुमार, अंजनी सिन्हा, बिरेन्द्र श्रीवास्तव, विजय कुमार, वीर बहादुर आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा। प्रशासन ने जुलूस की देखरेख में अच्छी व्यवस्था बनाए रखी, और मीडिया कर्मियों द्वारा इसकी लगातार लाइव कवरेज की गई, जो प्रशंसनीय है।4
- पटना जिले के मनेर नगर परिषद क्षेत्र के बस्ती रोड स्थित कई मोहल्लों से शुक्रवार को मुहर्रम पर्व पर अलम मातमी जुलूस और ताजिया निकाली गई। यह आयोजन पुलिस प्रशासन की देखरेख में हुआ, जिसमें गाजे-बाजे, हाथी और घोड़े भी शामिल थे। इस दौरान मखदुमिया मुहर्रम कमेटी काजी मोहल्ला बड़ी ताजिया, पठान टोला यादगारे हुसैन कमेटी और चारहजार मोहल्ला, रसूलपुर मोहल्ला, नेवाती मोहल्ला आदि जगहों से ताजिया और जुलूस सुबह एक साथ निकले। ये जुलूस बस्ती मार्ग से होते हुए 'या हुसैन या अली या हसन' के नारों के साथ मुख्य सड़क और दरगाह मार्ग से गुजरे, पूरे नगर का भ्रमण किया। 'या हुसैन या अली या हसन' के नारों से पूरा नगर इलाका गूंज उठा। इसी अवसर पर मखदुमिया मुहर्रम कमेटी द्वारा पगड़ी सम्मान का आयोजन भी किया गया। इसमें विधायक भाई वीरेंद्र, नगर परिषद सभापति विद्याधर विनोद, कामेश्वर यादव, रणवीर कुमार, सनोज कुमार, भृगु यादव सहित कई प्रमुख लोगों को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया। जुलूस के दौरान स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह से चाक-चौबंद व्यवस्थाओं के साथ मुस्तैद रही। इस आयोजन में खलीफा गुड्डु खान, रिजवान खान, इम्तियाज दाद खान, मिस्टर खान, जुनैद हुसैन खान, शहाबुद्दीन खान, अजमल हुसैन, शाहनवाज खान, हैदर खान, मो. नोशद आलम, इरफान हुसैन, मो. लड्डन, सफूला खान, मन्ना खान, मो. फिरोज, मो. मनोव्वर, मो. इश्तेयाक सहित कई अन्य लोग शामिल थे।1
- महिला टी-20 विश्व कप में भारतीय टीम ने बांग्लादेश को पांच विकेट से करारी शिकस्त दी, जिससे सेमीफाइनल में पहुंचने की उनकी उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं। यह जीत राधा यादव की धारदार फिरकी और शेफाली के बल्ले से निकले धमाकेदार प्रदर्शन की बदौलत संभव हुई। राधा यादव ने धीमी पिच पर तीन विकेट लेकर बांग्लादेश की बल्लेबाजी को बुरी तरह झकझोर दिया, जबकि शेफाली ने 53 रनों की शानदार पारी खेलकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। भारत ने 137 रन के लक्ष्य को 16.5 ओवर में केवल पांच विकेट खोकर 139 रन बनाकर आसानी से हासिल कर लिया। इस बड़ी जीत ने भारतीय टीम को आत्मविश्वास दिया है। अब सेमीफाइनल में अपनी जगह पूरी तरह से सुनिश्चित करने के लिए टीम को 28 जून को अपने आखिरी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को हराना होगा, अन्यथा उन्हें दूसरी टीमों के परिणाम पर निर्भर रहना पड़ेगा।1
- मुजफ्फरपुर मेडिकल कॉलेज पुल के पास एक भयंकर जाम लग गया है। इस भीषण ट्रैफिक जाम में फंसे लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनका हाल बेहाल हो गया है।1
- जहानाबाद जिले के ओयना लाखापुर गांव के निवासी सीआईएसएफ जवान रौशन कुमार के मुंबई एयरपोर्ट पर ड्यूटी के दौरान हृदयाघात से निधन हो जाने के कारण पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई। यह दुखद समाचार जैसे ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचा, परिवार सहित पूरे इलाके में मातम छा गया। उनका पार्थिव शरीर मुंबई से पटना लाए जाने के बाद देर रात उनके पैतृक गांव ओयना लाखापुर पहुंचा। शुक्रवार सुबह से ही रौशन कुमार के अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोगों की भीड़ गांव में जुटने लगी, जिससे पूरा माहौल गमगीन हो गया। इस दौरान "रौशन कुमार अमर रहें" और "भारत माता की जय" के नारों से पूरा गांव गूंज उठा। नम आंखों से लोगों ने अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सम्मान व्यक्त किया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, माता-पिता, पत्नी और अन्य स्वजन गहरे सदमे में थे, जिन्हें संभालने के लिए ग्रामीणों और रिश्तेदारों को कई बार हस्तक्षेप करना पड़ा। गांव के लोगों ने भी इस दुख की घड़ी में परिवार को सांत्वना दी। रौशन कुमार अपने कर्तव्यनिष्ठ स्वभाव, अनुशासन और मिलनसार व्यक्तित्व के लिए क्षेत्र में जाने जाते थे, और उनके असामयिक निधन से न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज को गहरा आघात लगा है। अंतिम दर्शन के लिए जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न संगठनों के सदस्य भी पहुंचे, जिन्होंने श्रद्धासुमन अर्पित कर शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। ग्रामीणों ने रौशन कुमार की देश सेवा के प्रति ईमानदारी और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। लोगों का यह भी कहना था कि गांव ने एक कर्मठ, जिम्मेदार और होनहार बेटे को खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी। उनकी स्मृति में गांव में एक शोकसभा आयोजित की गई, जहाँ उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत जवान को श्रद्धांजलि दी और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।1
- पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी सरकार में मंत्री का पद संभालने के बाद अर्जुन सिंह पहली बार अपने गृह जिले पहुंचे। इस अवसर पर कुलहरिया टोल पर उनका भव्य स्वागत किया गया।1