जहानाबाद जिले के ओयना लाखापुर गांव के निवासी सीआईएसएफ जवान रौशन कुमार के मुंबई एयरपोर्ट पर ड्यूटी के दौरान हृदयाघात से निधन हो जाने के कारण पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई। यह दुखद समाचार जैसे ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचा, परिवार सहित पूरे इलाके में मातम छा गया। उनका पार्थिव शरीर मुंबई से पटना लाए जाने के बाद देर रात उनके पैतृक गांव ओयना लाखापुर पहुंचा। शुक्रवार सुबह से ही रौशन कुमार के अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोगों की भीड़ गांव में जुटने लगी, जिससे पूरा माहौल गमगीन हो गया। इस दौरान "रौशन कुमार अमर रहें" और "भारत माता की जय" के नारों से पूरा गांव गूंज उठा। नम आंखों से लोगों ने अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सम्मान व्यक्त किया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, माता-पिता, पत्नी और अन्य स्वजन गहरे सदमे में थे, जिन्हें संभालने के लिए ग्रामीणों और रिश्तेदारों को कई बार हस्तक्षेप करना पड़ा। गांव के लोगों ने भी इस दुख की घड़ी में परिवार को सांत्वना दी। रौशन कुमार अपने कर्तव्यनिष्ठ स्वभाव, अनुशासन और मिलनसार व्यक्तित्व के लिए क्षेत्र में जाने जाते थे, और उनके असामयिक निधन से न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज को गहरा आघात लगा है। अंतिम दर्शन के लिए जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न संगठनों के सदस्य भी पहुंचे, जिन्होंने श्रद्धासुमन अर्पित कर शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। ग्रामीणों ने रौशन कुमार की देश सेवा के प्रति ईमानदारी और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। लोगों का यह भी कहना था कि गांव ने एक कर्मठ, जिम्मेदार और होनहार बेटे को खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी। उनकी स्मृति में गांव में एक शोकसभा आयोजित की गई, जहाँ उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत जवान को श्रद्धांजलि दी और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
जहानाबाद जिले के ओयना लाखापुर गांव के निवासी सीआईएसएफ जवान रौशन कुमार के मुंबई एयरपोर्ट पर ड्यूटी के दौरान हृदयाघात से निधन हो जाने के कारण पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई। यह दुखद समाचार जैसे ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचा, परिवार सहित पूरे इलाके में मातम छा गया। उनका पार्थिव शरीर मुंबई से पटना लाए जाने के बाद देर रात उनके पैतृक गांव ओयना लाखापुर पहुंचा। शुक्रवार सुबह से ही रौशन कुमार के अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोगों की भीड़ गांव में जुटने लगी, जिससे पूरा माहौल गमगीन हो गया। इस दौरान "रौशन कुमार अमर रहें" और "भारत माता की जय" के नारों से पूरा गांव गूंज उठा। नम आंखों से लोगों ने अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सम्मान व्यक्त किया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, माता-पिता, पत्नी और अन्य स्वजन गहरे सदमे में थे, जिन्हें संभालने के लिए ग्रामीणों और रिश्तेदारों को कई बार हस्तक्षेप करना पड़ा। गांव के लोगों ने भी इस दुख की घड़ी में परिवार को सांत्वना दी। रौशन कुमार अपने कर्तव्यनिष्ठ स्वभाव, अनुशासन और मिलनसार व्यक्तित्व के लिए क्षेत्र में जाने जाते थे, और उनके असामयिक निधन से न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज को गहरा आघात लगा है। अंतिम दर्शन के लिए जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न संगठनों के सदस्य भी पहुंचे, जिन्होंने श्रद्धासुमन अर्पित कर शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। ग्रामीणों ने रौशन कुमार की देश सेवा के प्रति ईमानदारी और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। लोगों का यह भी कहना था कि गांव ने एक कर्मठ, जिम्मेदार और होनहार बेटे को खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी। उनकी स्मृति में गांव में एक शोकसभा आयोजित की गई, जहाँ उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत जवान को श्रद्धांजलि दी और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
- जहानाबाद जिले के ओयना लाखापुर गांव के निवासी सीआईएसएफ जवान रौशन कुमार के मुंबई एयरपोर्ट पर ड्यूटी के दौरान हृदयाघात से निधन हो जाने के कारण पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई। यह दुखद समाचार जैसे ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में पहुंचा, परिवार सहित पूरे इलाके में मातम छा गया। उनका पार्थिव शरीर मुंबई से पटना लाए जाने के बाद देर रात उनके पैतृक गांव ओयना लाखापुर पहुंचा। शुक्रवार सुबह से ही रौशन कुमार के अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोगों की भीड़ गांव में जुटने लगी, जिससे पूरा माहौल गमगीन हो गया। इस दौरान "रौशन कुमार अमर रहें" और "भारत माता की जय" के नारों से पूरा गांव गूंज उठा। नम आंखों से लोगों ने अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सम्मान व्यक्त किया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, माता-पिता, पत्नी और अन्य स्वजन गहरे सदमे में थे, जिन्हें संभालने के लिए ग्रामीणों और रिश्तेदारों को कई बार हस्तक्षेप करना पड़ा। गांव के लोगों ने भी इस दुख की घड़ी में परिवार को सांत्वना दी। रौशन कुमार अपने कर्तव्यनिष्ठ स्वभाव, अनुशासन और मिलनसार व्यक्तित्व के लिए क्षेत्र में जाने जाते थे, और उनके असामयिक निधन से न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज को गहरा आघात लगा है। अंतिम दर्शन के लिए जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न संगठनों के सदस्य भी पहुंचे, जिन्होंने श्रद्धासुमन अर्पित कर शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। ग्रामीणों ने रौशन कुमार की देश सेवा के प्रति ईमानदारी और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। लोगों का यह भी कहना था कि गांव ने एक कर्मठ, जिम्मेदार और होनहार बेटे को खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी। उनकी स्मृति में गांव में एक शोकसभा आयोजित की गई, जहाँ उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत जवान को श्रद्धांजलि दी और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।1
- बिक्रम नगर पंचायत के खोरैठा स्थित प्राथमिक विद्यालय खोरैठा (एससी) में कार्यरत विशिष्ट शिक्षिका रीता कुमारी को उनकी सेवानिवृत्ति के अवसर पर भावभीनी विदाई दी गई। स्कूल प्रांगण में आयोजित इस विदाई सह सम्मान समारोह के दौरान उन्हें अंग वस्त्र और उपहार देकर सम्मानित किया गया। समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी रविकांत शर्मा, शिक्षक नेता नीरज कुमार कमल, और सेवानिवृत्त शिक्षक सह डायट पटना के अतिथि प्रशिक्षक अजय कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इसके बाद विद्यालय परिवार ने अंग वस्त्र और माला आदि भेंट कर आए हुए अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर बोलते हुए, बीईओ रविकांत शर्मा ने रीता कुमारी की प्रतिभा, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और सहज प्रवृत्ति की सराहना की, जिनके कारण उन्होंने बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों के बीच गहरी छाप छोड़ी है। प्रधान शिक्षक अभिषेक कुमार ने उनके स्वच्छ, पारदर्शी और भावनात्मक विचारों को विद्यालय परिवार के लिए नई ऊर्जा का स्रोत बताया। शिक्षक नेता नीरज कुमार कमल ने पर्यावरण और अध्यापन कार्य में रीता कुमारी की अप्रतिम रुचि को रेखांकित करते हुए उन्हें एक आदर्श शिक्षिका बताया। वहीं, डायट पटना के प्रशिक्षक अजय कुमार ने कहा कि रीता कुमारी आज केवल सरकारी दायित्वों से मुक्त हो रही हैं, समाज के लिए एक शिक्षक के रूप में उनका सफर आगे भी जारी रहेगा। कार्यक्रम को पूर्व बीआरपी शिक्षक नीतीश कुमार, शिक्षक अमित कुमार और प्रधान शिक्षिका संगीता कुमारी सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया, जिन्होंने रीता कुमारी के स्वस्थ, सुखद और दीर्घायु जीवन की कामना की। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान शिक्षक अभिषेक कुमार ने की और इसका संचालन गोपाल विद्यार्थी ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक रंजन कुमार, उमेश कुमार, टोला सेवक रविन्द्र कुमार, साथ ही प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक रितेश कुमार, विशाल कुमार, संजीव कुमार, सुरेन्द्र कुमार, मनीष कुमार, राजेश पासवान, श्रीकांत कुमार, प्राथमिक विद्यालय गंगाचक के अमित कुमार और मदनधारी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के मिथिलेश कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और बच्चे उपस्थित रहे।1
- मुहर्रम पर्व के मद्देनजर, हुलासगंज पुलिस द्वारा विधि व्यवस्था को बनाए रखने के उद्देश्य से एक फ्लैग मार्च निकाला गया।1
- पोस्ट में 'श्री श्री 108', 'ऊं नमः शिवाय', और 'हर हर महादेव जी हर हर' जैसे पवित्र मंत्रों से भगवान शिव का स्मरण किया गया है। इसके साथ ही 'जय बाबा शिव गुरु' का जयघोष करते हुए सभी के जीवन में खुशियों की बरसात होने और उनका जीवन मंगलमय होने की मंगलकामना की गई है। यह संदेश वीडियो क्रमांक 542 के साथ साझा किया गया है।1
- बिहार के बिहटा में शाहपुर प्रखंड के बीलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी के कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में न्याय की मांग को लेकर बुधवार को एक कैंडल मार्च निकाला गया। यह मार्च राघोपुर स्थित स्वामी सहजानंद सरस्वती आश्रम से शुरू होकर बिहटा चौक तक पहुँचा, जिसमें जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, युवाओं, महिलाओं और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया। मार्च में शामिल लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर भरत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि दी और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। लोगों का आरोप था कि भरत भूषण तिवारी ने जीवनभर गरीबों, वंचितों और शोषितों के हक की लड़ाई लड़ी तथा जनसरोकारों के विभिन्न मुद्दों को उठाया, लेकिन वे भ्रष्ट व्यवस्था और अफसरशाही के शिकार हो गए। मार्च के दौरान "भरत भूषण तिवारी अमर रहें", "न्याय दो" और "सत्य की जीत हो" जैसे नारे लगाए गए। समाजसेवी कुश कुमार ने स्पष्ट किया कि जब तक भरत भूषण तिवारी को न्याय नहीं मिल जाता और दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने इस लड़ाई में समाज के सभी वर्गों की एकजुटता पर जोर दिया। बिहटा चौक पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए चिकित्सक एवं समाजसेवी डॉ. ललित मोहन शर्मा ने कहा कि भरत भूषण तिवारी गरीबों की आवाज थे और जमानिया गांव के पुनर्स्थापन में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने मामले की जांच पूर्व डीजीपी अभयानंद की निगरानी में कराने की मांग की।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवरिया में बोलते हुए कुछ लोगों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि वे लोग श्रीराम का नाम लेने वालों पर लाठी और गोली चलाते थे, साथ ही अयोध्या के अस्तित्व को भी नकारते थे। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन लोगों ने राम मंदिर के निर्माण को रोकने के लिए अदालत में मुकदमे भी लड़े थे। योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि आज वही लोग बोल रहे हैं कि आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि क्या ऐसे लोग अब आस्था के बारे में सिखाएंगे।1
- जहानाबाद जिले में मोहर्रम की नौवीं तारीख के अवसर पर, बिहार सरकार के मंत्री और जहानाबाद के प्रभारी मंत्री जमा खान गुरुवार को अलीनगर पाली स्थित इमामबाड़े पहुंचे। इस दौरान उन्होंने शमा रौशन की और प्रदेश तथा देश में अमन, शांति एवं खुशहाली के लिए दुआ मांगी। मोहर्रम के मौके पर अलीनगर पाली में श्रद्धालुओं, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों का लगातार आना-जाना बना हुआ है। इससे पहले, मोहर्रम की सातवीं तारीख को अशोक चौधरी भी यहां पहुंचकर शमा रौशन कर चुके थे। इस आयोजन में सैयद सलमान हुसैन, अलमदार हुसैन, मुशर्रफ इमाम पालवी, हैदर काजमी, अकील काजमी, मजहर इमाम, जदयू जिलाध्यक्ष प्रोफेसर सुशील कुमार सिंह और मेराज अहमद सुड्डू सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर मंत्री जमा खान ने कहा कि अलीनगर पाली में मोहर्रम का वास्तविक स्वरूप और इसकी समृद्ध परंपरा देखने को मिलती है। उन्होंने यह भी बताया कि हजरत इमाम हुसैन की याद में व्यक्त की जाने वाली श्रद्धा, आस्था और गम इंसानियत, त्याग और बलिदान का संदेश देता है। मंत्री ने क्षेत्र में कायम धार्मिक सौहार्द और भाईचारे की परंपरा की सराहना करते हुए जोर दिया कि ऐसे आयोजन सामाजिक एकता को मजबूत करने का कार्य करते हैं। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने देश की तरक्की, आपसी सद्भाव, शांति और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं भी मांगीं। अलीनगर पाली का मोहर्रम अपनी विशिष्ट धार्मिक परंपराओं, अनुशासित आयोजन और व्यापक जनभागीदारी के लिए प्रसिद्ध है। हर साल दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचकर मोहर्रम की रस्मों में शामिल होते हैं।1
- अरवल जिले के नीमन तिराहा के समीप दो ट्रकों की आमने-सामने जबरदस्त भिड़ंत हो गई है। इस भीषण सड़क दुर्घटना में दोनों ट्रकों के चालक गंभीर रूप से घायल हो गए।1