सैंज के पनवी में शरारती तत्वों ने फूंका मेहनत से तैयार किया 'छोटा जंगल', ग्रामीणों ने जान पर खेलकर बुझाई आग, देखें वीडियो रिपोर्ट 11 मार्च बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। तलाड़ा (पनवी): ग्राम पंचायत तालाड़ा के पनवी गाँव में एक शरारती तत्व की करतूत ने ग्रामीणों के बरसों के सपने को जलाकर राख कर दिया। गाँव के पीछे जिस पहाड़ी पर लोगों ने अपनी मेहनत से दियार (देवदार) के छोटे-छोटे पौधों का जंगल तैयार किया था, वहाँ रात के अंधेरे में आग लगा दी गई। जान पर खेलकर बुझाई आग: आग इतनी भीषण थी कि पूरे गाँव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर रात 11 बजे तक पहाड़ी पर मोर्चा संभाला और आग पर काबू पाया। हालाँकि, तब तक भारी नुकसान हो चुका था। उप-प्रधान की कड़ी मांग: उप-प्रधान सुभाष ठाकुर ने इस घटना पर कड़ा रोष जताया है। उन्होंने कहा कि: आग लगाने वालों की सूचना देने वालों को नकद इनाम दिया जाए। वन विभाग मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे। पनवी महिला मंडल को सरकार द्वारा दी जाने वाली 2 लाख रुपये की पौधरोपण राशि तुरंत स्वीकृत की जाए ताकि जले हुए जंगल को फिर से हरा-भरा किया जा सके। "सूखे से जूझ रहे पनवी गाँव में जंगल बड़ी मुश्किल से तैयार हो रहे थे, जिसे किसी ने उजाड़ दिया। अब प्रशासन को जागने की ज़रूरत है।" — सुभाष ठाकुर
सैंज के पनवी में शरारती तत्वों ने फूंका मेहनत से तैयार किया 'छोटा जंगल', ग्रामीणों ने जान पर खेलकर बुझाई आग, देखें वीडियो रिपोर्ट 11 मार्च बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। तलाड़ा (पनवी): ग्राम पंचायत तालाड़ा के पनवी गाँव में एक शरारती तत्व की करतूत ने ग्रामीणों के बरसों के सपने को जलाकर राख कर दिया। गाँव के पीछे जिस पहाड़ी पर लोगों ने अपनी मेहनत से दियार (देवदार) के छोटे-छोटे पौधों का जंगल तैयार किया था, वहाँ रात के अंधेरे में आग लगा दी गई। जान पर खेलकर बुझाई आग: आग इतनी भीषण थी कि पूरे गाँव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर रात 11 बजे तक पहाड़ी पर मोर्चा संभाला और आग पर काबू पाया। हालाँकि, तब तक भारी नुकसान हो चुका था। उप-प्रधान की कड़ी मांग: उप-प्रधान सुभाष ठाकुर ने इस घटना पर कड़ा रोष जताया है। उन्होंने कहा कि: आग लगाने वालों की सूचना देने वालों को नकद इनाम दिया जाए। वन विभाग मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे। पनवी महिला मंडल को सरकार द्वारा दी जाने वाली 2 लाख रुपये की पौधरोपण राशि तुरंत स्वीकृत की जाए ताकि जले हुए जंगल को फिर से हरा-भरा किया जा सके। "सूखे से जूझ रहे पनवी गाँव में जंगल बड़ी मुश्किल से तैयार हो रहे थे, जिसे किसी ने उजाड़ दिया। अब प्रशासन को जागने की ज़रूरत है।" — सुभाष ठाकुर
- रिपोर्ट 11 मार्च बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। कल्लू की शिलहीहार पंचायत के विभाजन पर पंचायत दो बनने लोगों ने खुशी मनाई है इस खुशी के मौके पर ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक सुंदर ठाकुर के साथ कुल्ल्वी नाट्टी डालकर जश्न मनाया इस पंचायत के सीमकन को लेकर विधायक ने बहुत बड़ा सहयोग दिया है1
- Post by Himachal Update 24 News3
- Post by Dev Raj Thakur1
- निरमंड उपमंडल के पर्वतारोही प्रशिक्षु बालकृष्ण ठाकुर ने मार्च माह में ही समुद्र तल से लगभग 5187 मीटर ऊंची श्रीखंड महादेव कैलाश की चोटी फतह कर नया रिकॉर्ड बनाया है। आमतौर पर इस दुर्गम पर्वत पर मई–जून के बाद ही श्रद्धालु और पर्वतारोही पहुंचते हैं, लेकिन इस बार कम हिमपात के कारण बालकृष्ण ठाकुर ने 8 मार्च को ही यहां तक पहुंचने में सफलता हासिल की। इस वर्ष पूरे उत्तर भारत में पिछले साल की तुलना में कम हिमपात हुआ है, जिसके कारण निचले क्षेत्रों में तापमान बढ़ा है और ऊंचे पहाड़ों पर भी बर्फ तेजी से पिघल रही है। विशेषज्ञों के अनुसार इसका असर आने वाले महीनों में तापमान पर पड़ सकता है और मई–जून में गर्मी पिछले वर्षों से अधिक बढ़ सकती है। बालकृष्ण ठाकुर ने बताया कि कम बर्फबारी को देखते हुए उन्होंने इस बार मार्च में ही रैकी करने का निर्णय लिया। वे 8 मार्च को सुबह करीब 2 बजे बाराटी नाला से श्रीखंड महादेव के लिए रवाना हुए। सुबह 5 बजे कालीघाटी पहुंचे और उसके बाद लगभग 9 बजे भीम डवारी पहुंचे। वहां जलपान करने के बाद 10 बजे पार्वती बाग के लिए आगे बढ़े और करीब 11 बजे 75 फीट ऊंचे शिवलिंग के दर्शन किए। पूजा-अर्चना और थोड़े विश्राम के बाद वे वापस लौट आए। इस पूरी यात्रा को पूरा करने में उन्हें कुल 9 घंटे 1 मिनट का समय लगा। उन्होंने बताया कि इस समय श्रीखंड क्षेत्र में पिछले साल की तुलना में बहुत कम बर्फ है और करीब 4 फीट ही बर्फ बची है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रशासन यात्रा एक माह पहले शुरू करता है तो भीम डवारी में स्नो ब्रिज के बिना यात्रा करना बेहद कठिन हो सकता है। श्रीखंड महादेव यात्रा उत्तर भारत की प्रमुख धार्मिक यात्राओं में शामिल है, जिसे हर वर्ष जुलाई माह में श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट कुल्लू द्वारा हरी झंडी दिखाकर शुरू किया जाता है। हालांकि कुछ श्रद्धालु आधिकारिक यात्रा से पहले भी भोले बाबा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। बालकृष्ण ठाकुर ने लोगों से अपील की है कि फिलहाल इस समय यात्रा का प्रयास न करें, क्योंकि यह केवल रैकी थी जो बिना प्रशिक्षण के करना बेहद जोखिम भरा हो सकता है।1
- जोगिंदर नगर में बोले राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा- मुख्यमंत्री की सोच पर खरा उतरना मेरे लिये है बड़ा चैलेंज। अंकित कुमार, जोगिंदर नगर। राज्यसभा सांसद बनने के बाद आज जोगिंदर नगर पहुंचे अनुराग शर्मा का कांग्रेस कार्यकर्ताओं व अन्य लोगों ने जोरदार स्वागत किया। हारों से लदे सांसद अनुराग शर्मा को नारों के साथ सभा स्थल तक लाया गया, जहां कांग्रेस नेता जीवन ठाकुर ने अनुराग शर्मा को शॉल-टोपी पहनाकर सम्मानित किया व उपस्थित जनता को भी संबोधित किया। उसके बाद राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा ने जनता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मैंने सपने में भी ये पद नहीं सोचा था, जो आज कांग्रेस पार्टी ने मुझे सौंपा है। अनुराग ने कहा कि मुख्यमंत्री की सोच पर खरा उतरना मेरे लिये बहुत बडा चैंलेज है, जिसके लिये हर कार्यकर्ता व नेता का साथ जरूरी है। वहीं, उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेताओं का भी धन्यवाद किया।1
- Post by हमीरपुरी पत्रकार1
- हिमाचल के 30वें राज्यपाल बने कविंद्र गुप्ता, CJ गुरमीत सिंह संधावलिया ने दिलवाई शपथ हिमाचल प्रदेश को कविंद्र गुप्ता के रूप में अपना नया राज्यपाल मिल गया है. कविंद्र गुप्ता हिमाचल के 30वें राज्यपाल बने हैं. उन्हें हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावलिया ने उन्हें संविधान और विधि के संरक्षण की शपथ दिलवाई. शिमला स्थित लोकभवन में राष्ट्रीय गीत के सभी 6 छंदों के गायन के बाद कविंद्र गुप्ता ने शपथ ली. इस दौरान हरियाणा के राज्यपाल प्रो. आशिम कुमार घोष अपनी धर्मपत्नी मित्रा घोष के साथ मौजूद रहे. इसके अलावा प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर समेत कई गणमान्य मौजूद रहे. राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने शिमला में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि लद्दाख से उनका गहरा जुड़ाव रहा है. केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में उन्हें करीब से काम करने का अवसर मिला. उन्होंने कहा कि धारा 370 हटने और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद वहाँ विकास की गति तेज हुई है. उन्होंने बताया कि लद्दाख में रहते हुए उन्होंने 10 हजार किलोमीटर से अधिक का सफर किया और क्षेत्र के विकास को नज़दीक से देखा. अब उन्हें हिमाचल प्रदेश में सेवाएं देने का अवसर मिला है. इस पहाड़ी प्रदेश को उन्हें पहले भी करीब से देखने का अवसर मिला है. उन्होंने कहा कि हिमाचल में पर्यटन, आतिथ्य और धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएँ हैं. इस विषय पर उन्होंने प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी से भी चर्चा की है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि आने वाले तीन से चार महीनों में वह प्रदेश के सभी 12 जिलों का दौरा करेंगे और राज्य के विकास के लिए सरकार को हर संभव योगदान देंगे. कविंदर गुप्ता ने कहा कि देश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी युवा है. ऐसे में युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाला बनाने पर बल देना होगा. राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने कहा कि हिमाचल को आगे बढ़ाने के लिए सरकार और विपक्ष दोनों को मिलकर काम करना होगा. इसके अलावा पूर्व राज्यपाल आचार्य देवव्रत, राजेंद्र आर्लेकर और शिव प्रताप शुक्ल द्वारा शुरू किए गए कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा. उन्होंने कहा कि बतौर चांसलर प्रदेश के विश्वविद्यालयों पर भी उनकी विशेष प्राथमिकता रहेगी. उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि नशा समाज के लिए एक नासूर बनता जा रहा है. उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल सरकार के प्रयासों से खत्म नहीं होगी, बल्कि समाज को भी इसमें भागीदारी निभानी होगी। राज्यपाल ने कहा कि उन्हें केंद्र में बैठे अधिकांश मंत्रियों के साथ काम करने का अवसर मिला है. इसका लाभ पहले लद्दाख को मिला, अब हिमाचल प्रदेश को भी मिल सकता है. उन्होंने कहा कि इन सभी विषयों पर मिलकर बैठकर काम किया जा सकता है. उन्हें विश्वास है कि मुख्यमंत्री भी यही चाहते होंगे.उन्होंने कहा कि हिमाचल की बेहतरी के लिए सभी को मिलकर काम करने की जरूरत है. बाइट,,कविंदर गुप्ता राज्यपाल3
- रिपोर्ट 11 मार्च बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। तलाड़ा (पनवी): ग्राम पंचायत तालाड़ा के पनवी गाँव में एक शरारती तत्व की करतूत ने ग्रामीणों के बरसों के सपने को जलाकर राख कर दिया। गाँव के पीछे जिस पहाड़ी पर लोगों ने अपनी मेहनत से दियार (देवदार) के छोटे-छोटे पौधों का जंगल तैयार किया था, वहाँ रात के अंधेरे में आग लगा दी गई। जान पर खेलकर बुझाई आग: आग इतनी भीषण थी कि पूरे गाँव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर रात 11 बजे तक पहाड़ी पर मोर्चा संभाला और आग पर काबू पाया। हालाँकि, तब तक भारी नुकसान हो चुका था। उप-प्रधान की कड़ी मांग: उप-प्रधान सुभाष ठाकुर ने इस घटना पर कड़ा रोष जताया है। उन्होंने कहा कि: आग लगाने वालों की सूचना देने वालों को नकद इनाम दिया जाए। वन विभाग मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे। पनवी महिला मंडल को सरकार द्वारा दी जाने वाली 2 लाख रुपये की पौधरोपण राशि तुरंत स्वीकृत की जाए ताकि जले हुए जंगल को फिर से हरा-भरा किया जा सके। "सूखे से जूझ रहे पनवी गाँव में जंगल बड़ी मुश्किल से तैयार हो रहे थे, जिसे किसी ने उजाड़ दिया। अब प्रशासन को जागने की ज़रूरत है।" — सुभाष ठाकुर1