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पन्ना स्थित मिनी वृंदावन धाम में भगवान जुगल किशोर महाराज के दर्शन का आह्वान किया गया है। यह शुभ सोमवार का अवसर है, जिस पर 'जय श्री कृष्णा' के उद्घोष के साथ भक्तों को दर्शन करने के लिए आमंत्रित किया गया है।
Sandeep shukla
पन्ना स्थित मिनी वृंदावन धाम में भगवान जुगल किशोर महाराज के दर्शन का आह्वान किया गया है। यह शुभ सोमवार का अवसर है, जिस पर 'जय श्री कृष्णा' के उद्घोष के साथ भक्तों को दर्शन करने के लिए आमंत्रित किया गया है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- छतरपुर में कैंडी धाम के अजयपार बाबा और बाबा बागेश्वर का मिलन हुआ है, जिसकी चर्चा सोशल मीडिया पर तेज़ी से हो रही है। इस समय कैंडी धाम के अजयपार बाबा सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहे हैं, और इसी क्रम में बाबा बागेश्वर ने अपनी गाड़ी रोककर उनसे मुलाकात की।1
- सतना शहर में विकास कार्यों की धीमी गति को लेकर सियासी संग्राम छिड़ गया है, जहाँ विंध्य चेंबर ऑफ कॉमर्स और महापौर योगेश ताम्रकार आमने-सामने आ गए हैं। इस मुद्दे पर दोनों के बीच तीखी बयानबाजी जारी है। चेंबर ने शहर के विकास कार्यों में अपेक्षित गति न होने पर धरना-प्रदर्शन किया है। उन्होंने सवाल उठाया है कि क्या विकास कार्यों को गति देने के लिए हर बार ऐसे विरोध का सहारा लेना पड़ेगा। दूसरी ओर, महापौर योगेश ताम्रकार ने इस धरने को चेंबर के आगामी चुनावों से जोड़ते हुए इसे एक राजनीतिक स्टंट बताया है। उनका कहना है कि जिन कार्यों को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है, वे पहले से ही शुरू होने की प्रक्रिया में थे, और यह धरना केवल प्रचार पाने का एक प्रयास है। इन दोनों पक्षों के बीच चल रही आरोप-प्रत्यारोप की इस बयानबाजी के बीच, सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर शहर के विकास कार्यों में विलंब क्यों हो रहा है। जनता की स्पष्ट मांग है कि उन्हें कोरी बयानबाजी नहीं, बल्कि धरातल पर वास्तविक विकास कार्य दिखाई देने चाहिए। इस पूरे मुद्दे ने सतना की राजनीति में गरमाहट ला दी है और विकास बनाम राजनीति की बहस को और तेज कर दिया है।1
- एक तीखा और बार-बार दोहराया गया सवाल उठाया गया है, जिसमें नेताओं और अधिकारियों से पूछा जा रहा है कि क्या वे 'ऐसी जगह' में रह सकते हैं। इस प्रश्न को कई बार दोहराकर इस बात पर जोर दिया गया है कि जिस 'जगह' का जिक्र किया जा रहा है, वहां की परिस्थितियां संभवतः स्वीकार्य नहीं हैं। यह सवाल एक चुनौती के रूप में सामने आता है, जो उन जिम्मेदार लोगों से उन स्थितियों का अनुभव करने की अपेक्षा करता है, जिनका सामना अन्य लोग कर रहे होंगे।1
- मैहर के ग्राम डेल्हा में एक भव्य निःशुल्क नेत्र प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। इस आयोजन की खास बात यह रही कि सरपंच अभिषेक जायसवाल ने इसमें सक्रिय और अहम भूमिका निभाई, जिनके प्रयासों और पहल से ही यह स्वास्थ्य शिविर संभव हो सका। शिविर में उपस्थित डॉक्टरों की टीम ने आंखों की देखभाल, बीमारियों की प्रारंभिक पहचान, उचित पोषण और नियमित जांच के महत्व पर ग्रामीणों को विस्तार से जानकारी प्रदान की। ग्रामीणों ने इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और विशेषज्ञों से अपने नेत्र स्वास्थ्य से जुड़े कई सवालों के समाधान भी प्राप्त किए। लोगों ने सरपंच की इस पहल की सराहना करते हुए मांग की कि गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बेहतर बनाने के लिए ऐसे शिविरों का समय-समय पर आयोजन किया जाना चाहिए। यह निःशुल्क नेत्र प्रशिक्षण शिविर ग्राम डेल्हा में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक प्रभावी और अत्यंत सराहनीय कदम माना जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होने का महत्वपूर्ण अवसर मिला।4
- कटनी जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम विलायत कला में नियमों का सरेआम उल्लंघन कर संचालित हो रही एक शासकीय शराब दुकान के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। दुकान को हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह विवादित शराब दुकान विलायत कला के खमतरा तिराहे पर स्थित है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस दुकान के कारण नेशनल-स्टेट हाईवे पर आए दिन भारी जाम लगता है। उनका यह भी कहना है कि शराबियों की आवाजाही और अव्यवस्था के चलते इस क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ तेजी से बढ़ा है, जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों का जीवन दूभर हो गया है। बढ़ती दुर्घटनाओं और क्षेत्र में फैल रही अशांति से परेशान होकर, सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए। उन्होंने तहसीलदार को एक लिखित ज्ञापन सौंपकर प्रशासनिक अधिकारी को क्षेत्र की गंभीर स्थिति से अवगत कराया और शराब दुकान को तत्काल प्रभाव से वहां से हटाने की मांग की। ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सात दिन के भीतर इस शराब दुकान को खमतरा तिराहे से हटाकर अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय युवा उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रशासन से इस मामले में तुरंत सख्त कदम उठाने की अपील की। अब देखना यह होगा कि बड़वारा प्रशासन इस संवेदनशील मामले पर सात दिनों के भीतर क्या कार्रवाई करता है।1
- एक दिल दहला देने वाली घटना में, एक प्रेमी देवर ने एकतरफा प्यार में पागल होकर अपने डेढ़ साल के मासूम भतीजे की बेरहमी से हत्या कर दी। इस अमानवीय कृत्य को सदी की सबसे क्रूरतम घटनाओं में से एक बताया जा रहा है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यह खौफनाक वारदात तब सामने आई जब आरोपी, जिसे 'नारंगी खटमल' के नाम से संदर्भित किया गया है, के शादी के प्रस्ताव को ठुकरा दिया गया। इस गुस्से में वह जल्लाद बन गया और मासूम बच्चे को बेरहमी से पटक-पटक कर मौत के घाट उतार दिया। जनता इस हैवान को इंसान नहीं बल्कि दैत्य राक्षस 'Ghost नारंगी खटमल' बता रही है और मांग कर रही है कि उसे जीने का कोई अधिकार नहीं है। लोग चाहते हैं कि उसे ठीक वैसी ही दर्दनाक सजा मिलनी चाहिए जैसी उसने उस मासूम सी जान के साथ की है।3
- मध्य प्रदेश के सतना में कानून व्यवस्था संभालने वाली पुलिस इस बार खुद सुर्खियों में है। यहाँ सिटी कोतवाली परिसर के भीतर आधी रात को दो पुलिसकर्मियों के बीच जमकर विवाद हो गया। यह विवाद देखते ही देखते गाली-गलौज और धक्का-मुक्की तक पहुंच गया, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मामला मामूली कहासुनी से शुरू हुआ था, जो बाद में तीखी नोकझोंक में बदल गया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने इस घटनाक्रम को अपने कैमरे में कैद कर लिया, जिसके बाद यह वीडियो शहरभर में चर्चा का विषय बन गया है। लोगों के बीच यह सवाल उठ रहे हैं कि जिस स्थान से कानून और अनुशासन की निगरानी की जाती है, यदि वहीं इस तरह के हालात बनते हैं, तो विभागीय अनुशासन को लेकर क्या संदेश जाएगा और पुलिस विभाग की छवि कैसे प्रभावित होगी। फिलहाल, इस वायरल वीडियो को लेकर शहर में बड़ी बहस छिड़ गई है और सभी की निगाहें वरिष्ठ अधिकारियों पर टिकी हैं। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिसकी प्रतीक्षा की जा रही है। यह भी बताया गया है कि प्रशासनिक आधिकारिक पक्ष प्राप्त होते ही उसे प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा, हालाँकि वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं की गई है।1
- सतना के गहरानाल नई बस्ती रोड पर नगर निगम की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहाँ नाले की सफाई का काम तो किया गया, लेकिन सफाई के बाद मलबा उठाना नगर निगम भूल गया। इसका परिणाम यह हुआ कि बारिश होने पर यह सारा मलबा बहकर पूरी सड़क पर फैल गया, जिससे इलाके में भयंकर गंदगी पसरी हुई है।1
- सतना जिले के बिरहुली में निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज के काम में चार साल की अत्यधिक देरी से नाराज़ क्षेत्रवासियों ने आज, 1 जून 2026 को, 'रेल रोको' आंदोलन किया। सतना को कोटर, बिरसिंहपुर और सेमरिया से जोड़ने वाले इस अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग पर पुल का काम लंबे समय से अधूरा पड़ा है, जिससे प्रतिदिन लाखों लोगों को आवागमन में भारी परेशानी, दुर्घटनाओं और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। जनता का आरोप है कि अधूरे ब्रिज और जर्जर डायवर्शन रोड के बावजूद निर्माण एजेंसियां और संबंधित विभाग वर्षों से लगातार लापरवाही बरत रहे हैं। समाजसेवी राजेश दुबे जी के नेतृत्व में सुबह 11 बजे बिरहुली रेलवे फाटक पर हुए इस एक दिवसीय आंदोलन में विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंचों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित आसपास के सैकड़ों गांवों से भारी संख्या में आक्रोशित ग्रामीण और आम नागरिक शामिल हुए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, सतना जिले के तीनों थानों की पुलिस, रेलवे पुलिस, सिटी अनुविभागीय अधिकारी सतना और सीएसपी सतना भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। आंदोलन के दौरान, रेलवे और ब्रिज निर्माण से जुड़े अधिकारियों ने जनता और आंदोलनकारियों को आश्वासन दिया कि 31 जुलाई तक ब्रिज निर्माण कार्य पूर्ण कर दिया जाएगा और डायवर्शन रोड को भी दुरुस्त किया जाएगा। काफी विचार-विमर्श और सकारात्मक चर्चा के बाद, प्रशासन ने आंदोलनकारियों को लिखित में आश्वासन दिया कि बिरहुली रेलवे ओवरब्रिज का शेष कार्य युद्धस्तर पर पूरा कर 31 जुलाई 2026 तक आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इस लिखित सहमति के बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया। हालांकि, समाजसेवी राजेश दुबे ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 31 जुलाई तक पुल का निर्माण पूरा नहीं हुआ, तो क्षेत्र की जनता के साथ मिलकर इससे भी बड़ा और उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और निर्माण एजेंसियों की होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीति के लिए नहीं, बल्कि क्षेत्र की जनता के अधिकार, सुरक्षा और सम्मान के लिए किया गया है। जनता ने एक स्वर में कहा कि अब क्षेत्र की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन के लिखित वादे के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है और अब सभी की निगाहें 31 जुलाई की तारीख पर टिकी हैं, इस उम्मीद के साथ कि प्रशासन इस बार अपने वादे पर खरा उतरेगा और तय समय सीमा के भीतर पुल का निर्माण कार्य पूरा कर उसे जनता को सौंप देगा। रेलवे प्रशासन की ओर से कमांडेंट रेल सुरक्षा बल, एस.डी.एम. राहुल सिलडिया और नगर पुलिस अधीक्षक डी.पी. सिंह चौहान की मध्यस्थता में यह लिखित समझौता संपन्न हुआ। इस दौरान थाना प्रभारी सुदीप सोनी, सिविल लाइन थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह, आर.पी.एफ. पोस्ट सतना प्रभारी वीरेंद्र यादव, जी.आर.पी. चौकी प्रभारी राजेश राज सहित प्रशासनिक अमले और भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। आंदोलन में रामबहादुर सिंह, हरिशंकर तिवारी, सगमनिया सरपंच, पवन पांडे, कुलभूषण पाण्डेय, राजकरण पाण्डेय, देवेंद्र पाण्डेय, वेद प्रकाश पाण्डेय, विनीत शुक्ला, अर्जुन सिंह, साधु पयासी, पुष्पराज मिश्रा, अनुज चतुर्वेदी, उमेश पयशी, अनुज मालवीय, किसन तिवारी, भाईयन तिवारी, मुकेश शुक्ला और सत्यनारायण त्रिपाठी भी उपस्थित थे।1