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छतरपुर में कैंडी धाम के अजयपार बाबा और बाबा बागेश्वर का मिलन हुआ है, जिसकी चर्चा सोशल मीडिया पर तेज़ी से हो रही है। इस समय कैंडी धाम के अजयपार बाबा सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहे हैं, और इसी क्रम में बाबा बागेश्वर ने अपनी गाड़ी रोककर उनसे मुलाकात की।
Sitaram ray
छतरपुर में कैंडी धाम के अजयपार बाबा और बाबा बागेश्वर का मिलन हुआ है, जिसकी चर्चा सोशल मीडिया पर तेज़ी से हो रही है। इस समय कैंडी धाम के अजयपार बाबा सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहे हैं, और इसी क्रम में बाबा बागेश्वर ने अपनी गाड़ी रोककर उनसे मुलाकात की।
More news from Panna and nearby areas
- पन्ना स्थित मिनी वृंदावन धाम में भगवान जुगल किशोर महाराज के दर्शन का आह्वान किया गया है। यह शुभ सोमवार का अवसर है, जिस पर 'जय श्री कृष्णा' के उद्घोष के साथ भक्तों को दर्शन करने के लिए आमंत्रित किया गया है।1
- तेज रफ्तार आंधी इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते एक नीम का पूरा पेड़ धराशाई हो गया। यह विशालकाय पेड़ बिजली के खंभे से टकराया, उसे तोड़ता हुआ एक छत पर जा गिरा। रात के समय हुई इस घटना के कारण बिजली के खंभे और पूरी लाइट व्यवस्था के टूट जाने से गांव वाले भीषण गर्मी में अत्यधिक परेशानी का सामना कर रहे हैं।1
- Post by Prakash Pathak Satna1
- चंदई ग्राम के नंद गांव में स्थित काली मंदिर की जमीन पर चल रहे विकास कार्य में ग्रामीणों द्वारा लगातार हस्तक्षेप किया जा रहा है। गांव वाले मंदिर के निर्माण में बाधा डाल रहे हैं और मंदिर न बने, इसके लिए आपस में विचार-विमर्श कर रहे हैं। इस मुद्दे पर ग्रामीणों के बीच सहमति नहीं बन पा रही है, जिसके कारण गांव के सरपंच और उप-सरपंच दोनों को स्थिति संभालने और मामले को सुलझाने के लिए आगे आना पड़ा है।2
- पैलानी क्षेत्र के सिंधनकलां में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई तब की गई जब खदान की जांच के दौरान पट्टा क्षेत्र से बाहर अवैध खनन पाए जाने का पता चला।1
- एक दिल दहला देने वाली घटना में, एक प्रेमी देवर ने एकतरफा प्यार में पागल होकर अपने डेढ़ साल के मासूम भतीजे की बेरहमी से हत्या कर दी। इस अमानवीय कृत्य को सदी की सबसे क्रूरतम घटनाओं में से एक बताया जा रहा है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यह खौफनाक वारदात तब सामने आई जब आरोपी, जिसे 'नारंगी खटमल' के नाम से संदर्भित किया गया है, के शादी के प्रस्ताव को ठुकरा दिया गया। इस गुस्से में वह जल्लाद बन गया और मासूम बच्चे को बेरहमी से पटक-पटक कर मौत के घाट उतार दिया। जनता इस हैवान को इंसान नहीं बल्कि दैत्य राक्षस 'Ghost नारंगी खटमल' बता रही है और मांग कर रही है कि उसे जीने का कोई अधिकार नहीं है। लोग चाहते हैं कि उसे ठीक वैसी ही दर्दनाक सजा मिलनी चाहिए जैसी उसने उस मासूम सी जान के साथ की है।3
- सतना के गहरानाल नई बस्ती रोड पर नगर निगम की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहाँ नाले की सफाई का काम तो किया गया, लेकिन सफाई के बाद मलबा उठाना नगर निगम भूल गया। इसका परिणाम यह हुआ कि बारिश होने पर यह सारा मलबा बहकर पूरी सड़क पर फैल गया, जिससे इलाके में भयंकर गंदगी पसरी हुई है।1
- प्रकाश पाठक ने मनीष पटेल मामले पर कई वीडियो बनाए हैं, जिनमें कुछ पूरे मामले की जानकारी देते हैं, कुछ उनके व्यक्तिगत विचार प्रस्तुत करते हैं, और कुछ लोगों की राय जानने का प्रयास करते हैं। ये वीडियो हजारों बार देखे गए हैं और उन पर सैकड़ों टिप्पणियाँ (कमेंट्स) आई हैं। इन टिप्पणियों को देखकर प्रकाश पाठक हैरान रह गए हैं, क्योंकि जहाँ कई लोगों ने अपनी बात सम्मानजनक तरीके से रखी है, वहीं कुछ व्यक्तियों ने अभद्र और अपमानजनक भाषा का प्रयोग भी किया है। पाठक का मानना है कि किसी भी मुद्दे पर अलग-अलग राय होना स्वाभाविक है और किसी को उनकी बात से सहमत या असहमत होने का पूरा अधिकार है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि अपनी बात को सभ्यता और सम्मान के साथ रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। प्रकाश पाठक ने स्पष्ट किया है कि उनके वीडियो का उद्देश्य किसी का समर्थन या विरोध करना नहीं, बल्कि एक स्वस्थ चर्चा को बढ़ावा देना है। उन्होंने दर्शकों से यह सवाल भी पूछा है कि क्या सोशल मीडिया पर असहमति का जवाब गाली या अभद्रता से दिया जाना चाहिए।1
- सतना जिले के बिरहुली में निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज के काम में चार साल की अत्यधिक देरी से नाराज़ क्षेत्रवासियों ने आज, 1 जून 2026 को, 'रेल रोको' आंदोलन किया। सतना को कोटर, बिरसिंहपुर और सेमरिया से जोड़ने वाले इस अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग पर पुल का काम लंबे समय से अधूरा पड़ा है, जिससे प्रतिदिन लाखों लोगों को आवागमन में भारी परेशानी, दुर्घटनाओं और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। जनता का आरोप है कि अधूरे ब्रिज और जर्जर डायवर्शन रोड के बावजूद निर्माण एजेंसियां और संबंधित विभाग वर्षों से लगातार लापरवाही बरत रहे हैं। समाजसेवी राजेश दुबे जी के नेतृत्व में सुबह 11 बजे बिरहुली रेलवे फाटक पर हुए इस एक दिवसीय आंदोलन में विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंचों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित आसपास के सैकड़ों गांवों से भारी संख्या में आक्रोशित ग्रामीण और आम नागरिक शामिल हुए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, सतना जिले के तीनों थानों की पुलिस, रेलवे पुलिस, सिटी अनुविभागीय अधिकारी सतना और सीएसपी सतना भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। आंदोलन के दौरान, रेलवे और ब्रिज निर्माण से जुड़े अधिकारियों ने जनता और आंदोलनकारियों को आश्वासन दिया कि 31 जुलाई तक ब्रिज निर्माण कार्य पूर्ण कर दिया जाएगा और डायवर्शन रोड को भी दुरुस्त किया जाएगा। काफी विचार-विमर्श और सकारात्मक चर्चा के बाद, प्रशासन ने आंदोलनकारियों को लिखित में आश्वासन दिया कि बिरहुली रेलवे ओवरब्रिज का शेष कार्य युद्धस्तर पर पूरा कर 31 जुलाई 2026 तक आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इस लिखित सहमति के बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया। हालांकि, समाजसेवी राजेश दुबे ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 31 जुलाई तक पुल का निर्माण पूरा नहीं हुआ, तो क्षेत्र की जनता के साथ मिलकर इससे भी बड़ा और उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और निर्माण एजेंसियों की होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीति के लिए नहीं, बल्कि क्षेत्र की जनता के अधिकार, सुरक्षा और सम्मान के लिए किया गया है। जनता ने एक स्वर में कहा कि अब क्षेत्र की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन के लिखित वादे के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है और अब सभी की निगाहें 31 जुलाई की तारीख पर टिकी हैं, इस उम्मीद के साथ कि प्रशासन इस बार अपने वादे पर खरा उतरेगा और तय समय सीमा के भीतर पुल का निर्माण कार्य पूरा कर उसे जनता को सौंप देगा। रेलवे प्रशासन की ओर से कमांडेंट रेल सुरक्षा बल, एस.डी.एम. राहुल सिलडिया और नगर पुलिस अधीक्षक डी.पी. सिंह चौहान की मध्यस्थता में यह लिखित समझौता संपन्न हुआ। इस दौरान थाना प्रभारी सुदीप सोनी, सिविल लाइन थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह, आर.पी.एफ. पोस्ट सतना प्रभारी वीरेंद्र यादव, जी.आर.पी. चौकी प्रभारी राजेश राज सहित प्रशासनिक अमले और भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। आंदोलन में रामबहादुर सिंह, हरिशंकर तिवारी, सगमनिया सरपंच, पवन पांडे, कुलभूषण पाण्डेय, राजकरण पाण्डेय, देवेंद्र पाण्डेय, वेद प्रकाश पाण्डेय, विनीत शुक्ला, अर्जुन सिंह, साधु पयासी, पुष्पराज मिश्रा, अनुज चतुर्वेदी, उमेश पयशी, अनुज मालवीय, किसन तिवारी, भाईयन तिवारी, मुकेश शुक्ला और सत्यनारायण त्रिपाठी भी उपस्थित थे।1