बैतूल से रवाना हुईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, ऐतिहासिक दौरे का हुआ समापन बैतूल से रवाना हुईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, ऐतिहासिक दौरे का हुआ समापन द्रोपदी मुर्मू के बैतूल प्रवास का गुरुवार को गरिमामय समापन हुआ। दौरे के बाद राष्ट्रपति को जिले के हेलीपैड पर आत्मीय विदाई दी गई। लगभग दोपहर 12:30 बजे राष्ट्रपति विशेष हेलीकॉप्टर से रवाना हुईं। विदाई अवसर पर केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री दुर्गादास उइके, मध्यप्रदेश शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, मध्यप्रदेश के राज्यपाल मांगूभाई पटेल, अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला, कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे एवं पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन सहित जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी अतिथियों एवं अधिकारियों ने राष्ट्रपति का अभिवादन करते हुए उनके सफल बैतूल प्रवास के लिए आभार व्यक्त किया। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर जिलेभर में उत्साह का माहौल देखने को मिला। सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बीच सभी कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक संचालन किया गया। राष्ट्रपति का यह दौरा बैतूल जिले के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अवसर के रूप में याद किया जाएगा। जनजातीय क्षेत्र के विकास, शिक्षा और सामाजिक उत्थान से जुड़े कार्यक्रमों में उनकी सहभागिता ने जिले को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। राष्ट्रपति के सफल प्रवास से जिलेवासियों में विशेष उत्साह और गर्व का वातावरण रहा।
बैतूल से रवाना हुईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, ऐतिहासिक दौरे का हुआ समापन बैतूल से रवाना हुईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, ऐतिहासिक दौरे का हुआ समापन द्रोपदी मुर्मू के बैतूल प्रवास का गुरुवार को गरिमामय समापन हुआ। दौरे के बाद राष्ट्रपति को जिले के हेलीपैड पर आत्मीय विदाई दी गई। लगभग दोपहर 12:30 बजे राष्ट्रपति विशेष हेलीकॉप्टर से रवाना हुईं। विदाई अवसर पर केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री दुर्गादास उइके, मध्यप्रदेश शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, मध्यप्रदेश के राज्यपाल मांगूभाई पटेल, अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला, कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे एवं पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन सहित जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी अतिथियों एवं अधिकारियों ने राष्ट्रपति का अभिवादन करते हुए उनके सफल बैतूल प्रवास के लिए आभार व्यक्त किया। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर जिलेभर में उत्साह का माहौल देखने को मिला। सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बीच सभी कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक संचालन किया गया। राष्ट्रपति का यह दौरा बैतूल जिले के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अवसर के रूप में याद किया जाएगा। जनजातीय क्षेत्र के विकास, शिक्षा और सामाजिक उत्थान से जुड़े कार्यक्रमों में उनकी सहभागिता ने जिले को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। राष्ट्रपति के सफल प्रवास से जिलेवासियों में विशेष उत्साह और गर्व का वातावरण रहा।
- राष्ट्रपति मुर्मू के दौरे के बीच बैतूल में आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन। राष्ट्रपति मुर्मू के दौरे के बीच बैतूल में आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन। बैतूल। एक ओर जिले में महामहिम राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के आगमन को लेकर उत्साह का माहौल देखा गया, हजारों लोग उनके कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे तो वहीं दूसरी ओर अपनी मांगों को लेकर आशा एवं ऊषा कार्यकर्ताओं का आक्रोश भी देखने को मिला। जिला मुख्यालय पर पिछले कई दिनों से आशा-ऊषा कार्यकर्ता धरना-प्रदर्शन कर रही हैं और अब उन्होंने अनिश्चितकालीन हड़ताल प्रारंभ करने के संकेत दिए हैं। प्रदर्शनकारी आशा उषा कार्यकर्ताओं का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा वेतन वृद्धि सहित विभिन्न मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक उस पर अमल नहीं हुआ। साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक पहल नहीं की जा रही है, जिससे उनमें भारी नाराजगी है। आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं का कहना है कि लंबे समय से वे स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बनकर कार्य कर रही हैं, लेकिन उन्हें अपेक्षित मानदेय और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। मांगों के निराकरण नहीं होने के कारण उन्होंने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का मन बना लिया है। इसका असर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ने लगा है। राष्ट्रपति के बैतूल आगमन के दौरान आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं ने समस्याओं को उनके समक्ष रखने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें मिलने की अनुमति नहीं मिल सकी। इससे नाराज कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन कर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी आशा उषा कार्यकर्त्ताओं का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। फिलहाल जिला मुख्यालय पर उनका धरना-प्रदर्शन लगातार जारी है और प्रशासन की ओर से किसी ठोस समाधान की प्रतीक्षा की जा रही है।1
- बैतूल जिले के आठनेर विकासखंड के पांढुर्णा निवासी किसान ओमकार मसराम की छह बोरी खाद का ई-टोकन 90 किलोमीटर दूर शाहपुर के श्रीकृष्ण ट्रेंड्स का फटा। इस घटना से किसान ओमकार मसराम काफी नाराज हैं। उन्होंने इस स्थिति को छोटे किसानों के लिए एक मज़ाक बताया और सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल किसानों को परेशान किया जा रहा है। मसराम ने माँग की है कि किसानों को खाद सहकारी समितियों में ही उपलब्ध कराई जाए या फिर गांवों में इसका वितरण किया जाए।1
- ज्येष्ठ मास के सातवें मंगलवार को पांढुर्णा में 'बड़ा मंगल' का पावन पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान श्री हनुमान जी की विशेष आराधना कर सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की। मान्यता है कि संकटमोचन श्री हनुमान जी की कृपा से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं और उनके जीवन में सफलता के नए मार्ग खुलते हैं। इस विशेष अवसर पर मंदिरों में विभिन्न धार्मिक आयोजनों का आयोजन किया गया, जिनमें पूजा-अर्चना, सुंदरकांड पाठ और भंडारे शामिल थे। पूरे पांढुर्णा में श्रीराम और हनुमान भक्ति का जयघोष गूंजता रहा। कामना की गई कि श्री जामसांवली हनुमान जी महाराज की असीम कृपा सभी भक्तों पर बनी रहे, जिससे उनके जीवन में सुख, शांति, स्वास्थ्य और निरंतर प्रगति का वास हो।1
- उमंग सिंगार की PC1
- भैंसदेही विकासखंड में किसानों को खाद खरीदने में ई-टोकन प्रणाली से बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने खाद की कालाबाजारी रोकने और किसानों को सस्ते दाम पर खाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह प्रणाली शुरू की थी, ताकि किसान अपनी सुविधा के अनुसार खाद प्राप्त कर सकें। हालांकि, विभागों की लापरवाही के कारण ई-टोकन पर दर्शाए गए पते पर दुकानें नहीं मिल रही हैं, जिससे किसान भटक रहे हैं और उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला भैंसदेही के विकास खंड स्तरीय जन कल्याणकारी शिविर में सामने आया। आठनेर ब्लॉक के ग्राम गूनखेड़ की किसान उर्मिला माकोड़े के परिजन 1 बोरी यूरिया खरीदने के लिए ई-टोकन में दर्शाए गए भैंसदेही के पते पर पहुंचे। जब वहां दुकान नहीं मिली तो वे परेशान होकर शिविर में अपनी समस्या लेकर पहुंचे। कृषि विभाग के अधिकारी एल.एन. टेकाम ने पता किया तो सामने आया कि दुकान वास्तव में खामला में है। बैतूल डिवीजन में फोन कर जानकारी ली गई कि दुकान का सही पता क्यों नहीं दिखाया जा रहा, तब पता चला कि मैपिंग करने वाले विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण किसानों को परेशानी हो रही है। अधिकारियों ने सुधार करने का आश्वासन दिया है। जानकारी के अनुसार, भैंसदेही ब्लॉक की अधिकतर दुकानों का सही पता ई-टोकन में दर्ज नहीं है, जिससे किसान खाद दुकानों की जानकारी को लेकर परेशान हैं। पीड़ित किसान काशीनाथ माकोड़े ने बताया कि उन्हें 1 बोरी यूरिया का पता भैंसदेही और 1 बोरी डीएपी का पता आठनेर दिया गया था। जब वे भैंसदेही पहुंचे, तो पता चला कि यूरिया वाली दुकान खामला में है। शिव साईं कृषि सेवा केंद्र खामला के संचालक शिवहरे ने बताया कि उन्होंने अपना सही पता दिया था और उनकी दुकान खामला में ही है। उन्होंने इसके लिए विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। कृषि विस्तार अधिकारी राजपूत ने बताया कि दुकान खामला की है और उसमें मोबाइल नंबर दर्ज है, जिस पर किसान संपर्क कर सकते हैं।2
- अवैध कोयला उत्खनन कर रहे स्थलों को डब्ल्यूसीएल राजस्व की टीम द्वारा पुरवाया छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा जिले के अंतर्गत तहसील परासिया के ग्राम रावनवाडा में डब्ल्यूसीएल की ओपन कास्ट खदान में अवैध कोयला उत्खनन कर रहे स्थलों को डब्ल्यूसीएल की टीम के साथ मिलकर राजस्व की टीम द्वारा जेसीबी से पुरवाया गया ।1
- 21 जून को होने वाली NEET-UG री-परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और लीक-प्रूफ बनाने के उद्देश्य से प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। इसी कड़ी में, प्रश्न-पत्रों की सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए भारतीय वायुसेना (IAF) ने कमान संभाली है। गुरुवार को छिंदवाड़ा की इमलीखेड़ा हवाई पट्टी पर भारतीय वायुसेना का एक विशेष हेलिकॉप्टर उतरा, जिसमें नीट परीक्षा के गोपनीय प्रश्न-पत्र लाए गए। वायुसेना का हेलिकॉप्टर लैंड होते ही, वहां पहले से तैनात प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी सक्रिय हो गए। प्रश्न-पत्रों की गोपनीयता बनाए रखने के लिए इस पूरे ऑपरेशन को बेहद गोपनीय रखा गया। एयरफोर्स के जवानों ने कड़ी सुरक्षा के बीच इन पेपरों को उतारा, जिसके बाद स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की निगरानी में इन्हें सीधे स्ट्रांग रूम की ओर भेज दिया गया। प्रश्न-पत्रों के स्ट्रांग रूम तक पहुंचने के बाद, सुरक्षा व्यवस्था को और भी पुख्ता कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, स्ट्रांग रूम की सुरक्षा में हथियारों से लैस पुलिस बल को तैनात किया गया है और पूरे परिसर पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए 24 घंटे नजर रखी जा रही है। किसी भी अनधिकृत व्यक्ति का स्ट्रांग रूम के पास जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) इस बार परीक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की कोताही बरतने के मूड में नहीं है। पिछली पेपर लीक की घटनाओं को देखते हुए, देशभर में परीक्षा सामग्री को एयरफोर्स और सेना के जरिए सुरक्षित पहुंचाने का निर्णय लिया गया है। छिंदवाड़ा में वायुसेना का यह कदम इसी 'जीरो टॉलरेंस' और 'जीरो-लीक' नीति का हिस्सा है। प्रशासन ने छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त किया है कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सुरक्षा का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। 21 जून को तय समय पर और पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षा आयोजित करने के लिए पूरा सिस्टम 'मिशन मोड' में काम कर रहा है।1
- बैतूल से रवाना हुईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, ऐतिहासिक दौरे का हुआ समापन बैतूल से रवाना हुईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, ऐतिहासिक दौरे का हुआ समापन द्रोपदी मुर्मू के बैतूल प्रवास का गुरुवार को गरिमामय समापन हुआ। दौरे के बाद राष्ट्रपति को जिले के हेलीपैड पर आत्मीय विदाई दी गई। लगभग दोपहर 12:30 बजे राष्ट्रपति विशेष हेलीकॉप्टर से रवाना हुईं। विदाई अवसर पर केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री दुर्गादास उइके, मध्यप्रदेश शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, मध्यप्रदेश के राज्यपाल मांगूभाई पटेल, अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला, कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे एवं पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन सहित जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी अतिथियों एवं अधिकारियों ने राष्ट्रपति का अभिवादन करते हुए उनके सफल बैतूल प्रवास के लिए आभार व्यक्त किया। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर जिलेभर में उत्साह का माहौल देखने को मिला। सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बीच सभी कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक संचालन किया गया। राष्ट्रपति का यह दौरा बैतूल जिले के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अवसर के रूप में याद किया जाएगा। जनजातीय क्षेत्र के विकास, शिक्षा और सामाजिक उत्थान से जुड़े कार्यक्रमों में उनकी सहभागिता ने जिले को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। राष्ट्रपति के सफल प्रवास से जिलेवासियों में विशेष उत्साह और गर्व का वातावरण रहा।1