सीधी में नवजात की संदिग्ध मौत मामले में मां गिरफ्तार, पानी से भरे ड्रम में डुबोकर हत्या का आरोप पत्रकार रजनीश मौर्या सीधी, जिले के चुरहट थाना क्षेत्र में नवजात बच्ची की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए उसकी मां को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, जन्म के महज पांच दिन बाद नवजात को पानी से भरे ड्रम में डुबोकर मौत के घाट उतार दिया गया। मामले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। पुलिस जांच के अनुसार, 30 जुलाई को ग्राम भेलकी निवासी पंकज पटेल की पांच दिन की नवजात पुत्री की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। घटनास्थल का निरीक्षण, पंचनामा, पोस्टमार्टम तथा परिजनों से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। प्रारंभिक जांच में पता चला कि प्रसव के बाद नवजात की मां मानसिक तनाव और पालन-पोषण की चिंता से गुजर रही थी। इसी दौरान उसने कथित रूप से घर में रखे पानी से भरे ड्रम में बच्ची को डुबो दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण पानी में डूबने से श्वासावरोध (दम घुटना) बताया गया। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी मां के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच जारी है। गंभीर सवाल यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि समाज के सामने कई गंभीर प्रश्न भी खड़े करती है। आर्थिक तंगी, मानसिक तनाव, पारिवारिक सहयोग की कमी और प्रसव के बाद महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर समय रहते ध्यान देना आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
सीधी में नवजात की संदिग्ध मौत मामले में मां गिरफ्तार, पानी से भरे ड्रम में डुबोकर हत्या का आरोप पत्रकार रजनीश मौर्या सीधी, जिले के चुरहट थाना क्षेत्र में नवजात बच्ची की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए उसकी मां को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, जन्म के महज पांच दिन बाद नवजात को पानी से भरे ड्रम में डुबोकर मौत के घाट उतार दिया गया। मामले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। पुलिस जांच के अनुसार, 30 जुलाई को ग्राम भेलकी निवासी पंकज पटेल की पांच दिन की नवजात पुत्री की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। घटनास्थल का निरीक्षण, पंचनामा, पोस्टमार्टम तथा परिजनों से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। प्रारंभिक जांच में पता चला कि प्रसव के बाद नवजात की मां मानसिक तनाव और पालन-पोषण की चिंता से गुजर रही थी। इसी दौरान उसने कथित रूप से घर में रखे पानी से भरे ड्रम में बच्ची को डुबो दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण पानी में डूबने से श्वासावरोध (दम घुटना) बताया गया। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी मां के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच जारी है। गंभीर सवाल यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि समाज के सामने कई गंभीर प्रश्न भी खड़े करती है। आर्थिक तंगी, मानसिक तनाव, पारिवारिक सहयोग की कमी और प्रसव के बाद महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर समय रहते ध्यान देना आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
- जिला सिंगरौली:मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में आज सियासी पारा अचानक उस समय जिला सिंगरौली:मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में आज सियासी पारा अचानक उस समय गरमा गया, जब जिला कांग्रेस कार्यालय में 'अल्पसंख्यक विभाग' के नए शहर और ग्रामीण अध्यक्षों के चयन को लेकर एक हाई-प्रोफाइल बैठक बुलाई गई। मध्य प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश प्रभारी आबिद कागजी एवं सह प्रभारी लियाकत अली के कड़े निर्देशों पर संगठन को नया चेहरा देने की कवायद शुरू हो चुकी है।👑 दिग्गजों का जमावड़ा, बंद कमरे में चली रायशुमारी की 'महा-जंग'!इस अहम सांगठनिक बैठक को लेने के लिए सिंगरौली के प्रभारी उमर खान जिला सिंगरौली के, सह प्रभारी मो. शकील खान और सह प्रभारी एडवोकेट अफजल अली विशेष रूप से जिला कार्यालय पहुँचे। बैठक में मध्य प्रदेश के सह-प्रभारी रण विजय सिंह 'दिल्ली, जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सिंह चौहान, पूर्व विधायक व ग्रामीण जिला अध्यक्ष सरस्वती सिंह, पूर्व महापौर रेनू शाह, और पूर्व ग्रामीण जिला अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र द्विवेदी सहित जिले के तमाम कद्दावर और वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं की मौजूदगी ने बैठक की गंभीरता को और बढ़ा दिया।1
- पेपर लीक की दीमक और भ्रष्ट तंत्र का कड़वा सच. नीट लीक से लूट तक: जब पेपर बिका तो ईमान लुटा, अब इलाज के नाम पर मची महालूट! . पेपर लीक का दंश और सफेद कोट का डाका: चोर दरवाजे से बने डॉक्टरों का अस्पताल में खुला खेल! लीक के आगे खुली लूट: कठोर कानून से आगे बढ़कर अब स्वास्थ्य तंत्र के डाकुओं पर वार जरूरी! विंध्य बलराम न्यूज. राष्ट्रीय स्तर की नीट (NEET) परीक्षा का उद्देश्य देश को योग्य और संवेदनशील डॉक्टर देना है, लेकिन जब परीक्षा का पर्चा ही सरेआम नीलाम होने लगे, तो व्यवस्था की साख पर गहरा बट्टा लग जाता है। लीक होना सरासर गलत है और इस अपराध को गलत ठहराया गया, तभी कठोर कानून, लंबी जेल और भारी-भरकम जुर्माने का प्रावधान सामने आया। लेकिन क्या सिर्फ पर्चा लीक रोकने से लड़ाई खत्म हो जाती है? असली चुनौती तो उस लीक के बाद शुरू होने वाली उस अनदेखी सच्चाई से निपटने की है, जो सीधे आम जनता की जेब और जिंदगी पर डाका डालती है। जब डॉक्टर की डिग्री के पीछे छिपी होती है बेहिसाब लूट लीक के गलियारों से चोर दरवाजे के जरिए जो फर्जी काबिलियत वाले डिग्रीधारी बाहर निकलते हैं, उनका असली खेल अस्पताल की चौखट पर शुरू होता है। ऐसी धांधली से निकले तत्व जब इलाज की कमान संभालते हैं, तो मरीज उनके लिए इंसान नहीं बल्कि महज कमाई का जरिया बन जाता है। गैर-जरूरी टेस्ट, महंगे इलाज का जाल और तीमारदारों की मजबूरी का फायदा उठाना लूट से भी बड़ा गुनाह है। यह व्यवस्था की वह नग्न हकीकत है, जहां पर्चा लीक की लाग-लपेट के आगे सिर्फ और सिर्फ मरीजों का शोषण खड़ा नजर आता है। व्यवस्था के इस काले खेल के खिलाफ जागते रहो का शंखनाद अब समय आ गया है कि समाज और शासन सिर्फ पेपर लीक के मुहाने पर रोना बंद करे और उसके बाद पैदा होने वाले इस भयानक डाके पर भी अपनी आंखें खोले। अगर इस संगठित लूट पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो आने वाली पीढ़ियों का स्वास्थ्य तंत्र से विश्वास पूरी तरह उठ जाएगा। इस दीमक को उखाड़ फेंकने के लिए हर स्तर पर कड़े कदम उठाने होंगे और जनता को भी अपने अधिकारों के प्रति सतर्क रहना होगा। पर्चा लीक से लेकर अस्पतालों की लूट तक, इस पूरे चक्रव्यूह को तोड़ने के लिए लगातार ‘जागते रहो’ का अलार्म बजाना ही होगा। — उमेश तिवारी, सीधी (म. प्र.)1
- हाथियों ने किसान का घर तोड़ा फसलों को रौंदा लगातार हाथी का उत्पात जारी है जनकपुर पार्क परिक्षेत्र के ग्राम ढाब में 12 हाथियों का उत्पात, एक मकान क्षतिग्रस्त, कई किसानों की फसल बर्बाद एमसीबी --- जिले के जनकपुर पार्क परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम ढाब में बुधवार, 30 जुलाई 2026 की रात लगभग 2 बजे 12 हाथियों के दल ने गांव में प्रवेश कर जमकर उत्पात मचाया। हाथियों के अचानक गांव में पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से हाथियों को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर खदेड़ने में सफलता प्राप्त की। हाथियों के हमले में ग्राम ढाब निवासी विशाले सिंह, पिता जयदीन सिंह का एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया। इसके अलावा गांव के कई किसानों की खेतों में खड़ी फसलों को भी हाथियों ने रौंद दिया, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। घटना के दौरान ग्रामीण पूरी रात भय और सतर्कता के बीच रहे। पार्क परिक्षेत्र अधिकारी शैलेश गुप्ता ने बताया कि 12 हाथियों का दल रात के समय जंगल से निकलकर गांव की ओर आ गया था। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। ग्रामीणों के सहयोग से सतर्कता एवं सुरक्षा के साथ हाथियों को पुनः जंगल की ओर खदेड़ दिया गया। उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर नुकसान का आकलन किया जा रहा है तथा नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों की गतिविधियों की सूचना मिलते ही उनके निकट जाने का प्रयास न करें, न ही उन्हें उकसाएं। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचना दें ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। विभाग द्वारा हाथियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, जिससे भविष्य में जन-धन की हानि को रोका जा सके।3
- 16 वर्षीय नाबालिका को बरगवां पुलिस ने 24 घंटे के भीतर पड़ोसी राज्य से किया दस्तयाब1
- इण्डेन गैस गोदाम अमलोरी की दिवाल छेदकर गैस टंकी चोरी करके ले जाने वाले आरोपियो को नावानगर पुलिस ने किया गिरफ्तार1