प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की निशुल्क जांच प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत जिलेभर के चिकित्सा संस्थानों में गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में महिलाओं की समग्र गर्भावस्था जांच कर निशुल्क उपचार उपलब्ध कराया गया। सीएमएचओ डॉ खुशपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि अभियान के दौरान गर्भवती महिलाओं का वजन, रक्तचाप (बीपी), शुगर सहित आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण किए गए। साथ ही निशुल्क सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मां वाउचर योजना के तहत कूपन वितरित किए गए, जिससे महिलाएं सूचीबद्ध सोनोग्राफी केंद्रों पर जांच करवा सकें। चिकित्सा अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान संतुलित आहार, नियमित जांच एवं आवश्यक सावधानियों को लेकर पोषण संबंधी परामर्श भी दिया गया। अभियान का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और शिशु के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखते हुए मातृ मृत्यु दर में कमी लाना है। स्वास्थ्य विभाग ने अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं से समय पर जांच कराकर अभियान का लाभ लेने की अपील की है। इधर आरसीएचओ डॉ दिनेश कुमार भाबोर ने परतापुर क्षेत्र में निरीक्षण किया। हाउसिंग बॉर्ड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉ सुमितारंजन ने बताया कि हर माह की 9,18 व 27 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की निशुल्क जांच की जाती है। साथ ही उनकी काउंसलिंग कर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को लेकर पूरी तरह से मदद के प्रयास किए जाते हैं। निशुल्क सोनोग्राफी के लिए कूपन देकर प्रेरित भी किया जाता है।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की निशुल्क जांच प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत जिलेभर के चिकित्सा संस्थानों में गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में महिलाओं की समग्र गर्भावस्था जांच कर निशुल्क उपचार उपलब्ध कराया गया। सीएमएचओ डॉ खुशपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि अभियान के दौरान गर्भवती महिलाओं का वजन, रक्तचाप (बीपी), शुगर सहित आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण किए गए। साथ ही निशुल्क सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मां वाउचर योजना के तहत कूपन वितरित किए गए, जिससे महिलाएं सूचीबद्ध सोनोग्राफी केंद्रों पर जांच करवा सकें। चिकित्सा अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान संतुलित आहार, नियमित जांच एवं आवश्यक सावधानियों को लेकर पोषण संबंधी परामर्श भी
दिया गया। अभियान का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और शिशु के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखते हुए मातृ मृत्यु दर में कमी लाना है। स्वास्थ्य विभाग ने अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं से समय पर जांच कराकर अभियान का लाभ लेने की अपील की है। इधर आरसीएचओ डॉ दिनेश कुमार भाबोर ने परतापुर क्षेत्र में निरीक्षण किया। हाउसिंग बॉर्ड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉ सुमितारंजन ने बताया कि हर माह की 9,18 व 27 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की निशुल्क जांच की जाती है। साथ ही उनकी काउंसलिंग कर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को लेकर पूरी तरह से मदद के प्रयास किए जाते हैं। निशुल्क सोनोग्राफी के लिए कूपन देकर प्रेरित भी किया जाता है।
- प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत जिलेभर के चिकित्सा संस्थानों में गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में महिलाओं की समग्र गर्भावस्था जांच कर निशुल्क उपचार उपलब्ध कराया गया। सीएमएचओ डॉ खुशपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि अभियान के दौरान गर्भवती महिलाओं का वजन, रक्तचाप (बीपी), शुगर सहित आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण किए गए। साथ ही निशुल्क सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मां वाउचर योजना के तहत कूपन वितरित किए गए, जिससे महिलाएं सूचीबद्ध सोनोग्राफी केंद्रों पर जांच करवा सकें। चिकित्सा अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान संतुलित आहार, नियमित जांच एवं आवश्यक सावधानियों को लेकर पोषण संबंधी परामर्श भी दिया गया। अभियान का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और शिशु के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखते हुए मातृ मृत्यु दर में कमी लाना है। स्वास्थ्य विभाग ने अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं से समय पर जांच कराकर अभियान का लाभ लेने की अपील की है। इधर आरसीएचओ डॉ दिनेश कुमार भाबोर ने परतापुर क्षेत्र में निरीक्षण किया। हाउसिंग बॉर्ड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉ सुमितारंजन ने बताया कि हर माह की 9,18 व 27 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की निशुल्क जांच की जाती है। साथ ही उनकी काउंसलिंग कर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को लेकर पूरी तरह से मदद के प्रयास किए जाते हैं। निशुल्क सोनोग्राफी के लिए कूपन देकर प्रेरित भी किया जाता है।2
- Post by DINESH TABIYAR2
- गुरुदेव के आगमन पर बांसवाड़ा जिला में जैन समाज की पुरुष और महिलाओं ने महाराज जी पर फूलों की वर्षा की और शोभा यात्रा का आयोजन किया1
- बागेश्वर धाम सेवा मंडल जिला बांसवाड़ा (राजस्थान) के तत्वावधान में गढ़ी तहसील क्षेत्र के गांव करनपुर में परम पूज्य गुरुदेव बागेश्वर धाम सरकार के सानिध्य में भव्य धर्मसभा का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महंत परमेश्वर महाराज बागेश्वर धाम सरकार रहे। धर्मसभा में “भारत हिंदू राष्ट्र बने, गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित किया जाए, हिंदू-हिंदू भाईचारा मजबूत हो, प्रत्येक हिंदू घर पर भगवा ध्वज लगाए, मस्तिष्क पर तिलक व शिखा धारण करे” जैसे संकल्पों को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया। महंत परमेश्वर महाराज ने बागेश्वर धाम पर आयोजित होने वाले कन्या महोत्सव में 300 कन्याओं के सामूहिक विवाह, सवा लाख हनुमान चालीसा यज्ञ सहित अन्य धार्मिक आयोजनों में स्थानीय साधु-संत, महंत व श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया। धाम पर होने वाले आयोजनों में जनजातीय संस्कृति के विशेष प्रदर्शन की जानकारी भी दी गई, जिसमें स्थानीय जनजाति भाइयों द्वारा गैर नृत्य, ढोल-कुण्डी व वाध्य लोकगीतों की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इस अवसर पर करनपुर पंचायत के पूर्व सरपंच एवं समाजसेवी भगत धुला भाई, शास्त्री मन मंदिर गर्ग, कालूराम जी पोछीयां, सागर जी महाराज सुंदनी, मगन भाई भगत, नाथू नाथ जी, लालजी भाई भगत, अशोक महाराज आसन, जितेंद्र कुमार वैष्णव, गजू भगत, मोती सिंह जी, रघुवीर सिंह जी, रावजी भगत, नारजी भगत, लाला भगत, कचरा भगत, लालजी भगत, धना भगत, गटू भगत, समाजसेवी विमल जी, देवीलाल जी भगत, रमेश भगत, धुजलजी भगत, हूमा भगत, रूपा भगत रूंजीया, देवीलाल भगत, गौतम भगत रोहिणा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।1
- Post by Sohan lal Maida1
- Post by A M1
- आदिवासी बहुल डूंगरपुर में अपराधों की रोकथाम में पुलिस कामयाब रही है। डूंगरपुर जिले में वर्ष 2025 में वर्ष 2024 के मुकाबले 17 फीसदी अपराधों का ग्राफ कम हुआ है। पुलिस की चलाए गए विभिन्न ऑपरेशन के चलते चोरी, नकबजनी, लूट, दुष्कर्म और महिला अपराधों की संख्या में काफी कमियां आई है। डूंगरपुर जिले में एसपी मनीष कुमार के निर्देश पर जिले में अपराधो में कमी लाने के लिए विभिन्न प्रकार के ऑपरेशन चला रखे है। इन्ही ऑपरेशन की वजह से डूंगरपुर जिले की क्राइम रेट में कमी देखने को मिली है। एसपी मनीष कुमार ने बताया कि अपराधों की रोकथाम को लेकर सख्त कार्रवाई की गई। इसका असर ये हुआ कि 2024 के मुकाबले 2025 में 17 फीसदी तक अपराधों का ग्राफ घटा है। डूंगरपुर में क्राइम रेट के आंकड़ों पर गोर करे तो वर्ष 2024 के मुकाबले वर्ष 2025 में केवल हत्या की वारदात में इजाफा हुआ है। वर्ष 2024 में हत्या की जहा 28 घटना हुई थी वही वर्ष 2025 में ये आंकड़ा 30 रहा। जबकि हत्या के प्रयास में वर्ष 2024 के मुकाबले 2025 में 35 फीसदी की कमी देखी गई है। वर्ष 2024 के मुकाबले 2025 में 26.96 फीसदी तक चोरियों में कमी आई । इसी तरह नकबजनी में भी वर्ष 2024 के मुकाबले 2025 में करीब 18 फीसदी तक कमी आई है। इसके साथ ही लूट की वारदातों में भी 43.90 फीसदी की कमी आई है। एसपी मनीष कुमार ने बताया कि डूंगरपुर जिले में वर्ष 2024 के मुकाबले 2025 में अपरहण, रेप व महिला सम्बन्धी अपराधो का भी ग्राफ कम हुआ है। 53.44 फीसदी की कमी रैप, 28.52 फीसदी अपहरण के मामले कम दर्ज हुए। महिलाओं से संबंधित अपराधों में 27.72 फीसदी की कमी दर्ज की गई। एसपी मनीष कुमार ने विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम व ऑपरेशंस के माध्यम से आगे भी अपराधों पर रोकथाम के लिए जरूरी कार्रवाई होगी1
- बांसवाड़ा जिले के बागीदौरा क्षेत्र के बासला गांव में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नरेगा कानून बहाली की मांग को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया। महेंद्रजीत सिंह मालवीया की कांग्रेस में वापसी के बाद आयोजित इस पहले कार्यक्रम में भारी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी रैली के रूप में पहुंचे और शक्ति प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान मालवीया के समर्थन में जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिसे अब तक का सबसे बड़ा नरेगा आंदोलन बताया जा रहा है। करीब 24 महीने बाद महेंद्रजीत सिंह मालवीया और अर्जुन बामनिया एक मंच पर साथ नजर आए, जिसने राजनीतिक हलकों में चर्चा बढ़ा दी। सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने नरेगा कानून बहाली की मांग को जोरदार तरीके से उठाया और सरकार पर मजदूर हितों की अनदेखी का आरोप लगाया। कार्यक्रम के जरिए मालवीया ने अपनी राजनीतिक पकड़ और संगठनात्मक ताकत का प्रदर्शन भी किया।2