महिलाओं के सशक्तिकरण की मिसाल बनीं गीता कम्बोज, रीप परियोजना से शुरू किया रेस्टोरेंट शक्तिफार्म/उधम सिंह नगर। उत्तराखण्ड के लोकप्रिय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए चलाए जा रहे प्रयास अब ज़मीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम दे रहे हैं। इसका प्रेरणादायक उदाहरण विकास खंड रुद्रपुर के दानपुर ग्राम की निवासी श्रीमती गीता कम्बोज हैं, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों से निकलकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है। एक समय आर्थिक तंगी से जूझ रहीं गीता कम्बोज के लिए सीमित पारिवारिक आय और बढ़ती जिम्मेदारियों के बीच घर चलाना चुनौतीपूर्ण हो गया था। इसी दौरान उन्होंने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपने जीवन की दिशा बदलने का निर्णय लिया। समूह में सक्रिय भागीदारी के साथ उन्होंने ग्राम संगठन और क्लस्टर स्तर तक अपनी भूमिका निभाई। ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना की टीम द्वारा उन्हें व्यक्तिगत उद्यम योजना की जानकारी दी गई, जिससे उन्हें स्वरोजगार का अवसर मिला। परियोजना के अंतर्गत उन्हें 50 हजार रुपये का बैंक ऋण, 30 हजार रुपये की अनुदान राशि तथा 20 हजार रुपये स्वयं का अंश लगाकर एक रेस्टोरेंट शुरू करने में सहयोग मिला। आज उनका छोटा सा रेस्टोरेंट एक सफल व्यवसाय में परिवर्तित हो चुका है। गीता कम्बोज प्रतिदिन लगभग 3 से 4 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है और आत्मविश्वास भी बढ़ा है। श्रीमती गीता की सफलता न केवल उनकी मेहनत और लगन का परिणाम है, बल्कि राज्य सरकार की उन योजनाओं का भी प्रमाण है, जिनके माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। आज गीता जैसी अनेक महिलाएं सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं और प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं।
महिलाओं के सशक्तिकरण की मिसाल बनीं गीता कम्बोज, रीप परियोजना से शुरू किया रेस्टोरेंट शक्तिफार्म/उधम सिंह नगर। उत्तराखण्ड के लोकप्रिय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए चलाए जा रहे प्रयास अब ज़मीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम दे रहे हैं। इसका प्रेरणादायक उदाहरण विकास खंड रुद्रपुर के दानपुर ग्राम की निवासी श्रीमती गीता कम्बोज हैं, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों से निकलकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है। एक समय आर्थिक तंगी से जूझ रहीं गीता कम्बोज के लिए सीमित पारिवारिक आय और बढ़ती जिम्मेदारियों के बीच घर चलाना चुनौतीपूर्ण हो
गया था। इसी दौरान उन्होंने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपने जीवन की दिशा बदलने का निर्णय लिया। समूह में सक्रिय भागीदारी के साथ उन्होंने ग्राम संगठन और क्लस्टर स्तर तक अपनी भूमिका निभाई। ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना की टीम द्वारा उन्हें व्यक्तिगत उद्यम योजना की जानकारी दी गई, जिससे उन्हें स्वरोजगार का अवसर मिला। परियोजना के अंतर्गत उन्हें 50 हजार रुपये का बैंक ऋण, 30 हजार रुपये की अनुदान राशि तथा 20 हजार रुपये स्वयं का अंश लगाकर एक रेस्टोरेंट शुरू करने में सहयोग मिला। आज उनका छोटा सा रेस्टोरेंट एक सफल व्यवसाय में परिवर्तित हो चुका
है। गीता कम्बोज प्रतिदिन लगभग 3 से 4 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है और आत्मविश्वास भी बढ़ा है। श्रीमती गीता की सफलता न केवल उनकी मेहनत और लगन का परिणाम है, बल्कि राज्य सरकार की उन योजनाओं का भी प्रमाण है, जिनके माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। आज गीता जैसी अनेक महिलाएं सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं और प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं।
- Post by Radhe Shayam2
- Post by भारतीय किसान यूनियन जिला अध्यक्ष1
- Jay mahrshi Kashyap ji1
- बीसलपुर: मानपुर चौराहे पर सोमवार को तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते लोगों की भीड़ जुट गई। जानकारी के अनुसार, हादसे में बाइक सवार धर्मपाल, निवासी ग्राम किशनपुर, थाना दियोरिया कोतवाली, घायल हो गए। आसपास के लोगों ने तुरंत उन्हें उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भिजवाया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रक की रफ्तार काफी तेज थी, जिससे बाइक सवार संभल नहीं सका और हादसा हो गया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई में जुट गई। फिलहाल घायल का इलाज जारी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। #Bisalpur #Pilibhit #RoadAccident #BreakingNews #UPNews1
- स्वागत समारोह में सभा को संबोधित करते हुए नैनीताल जिलाध्यक्ष श्री प्रताप सिंह बिष्ट कहा...1
- पीलीभीत/बदायूं: बदायूं स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) प्लांट में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। घटना के हफ्तों बीत जाने के बाद भी ठोस कार्रवाई न होने से क्षुब्ध होकर मृतक सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा के परिजनों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार को पीलीभीत के पूरनपुर में एक प्रेस वार्ता के दौरान मृतक के पिता ने पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाते हुए आत्मदाह की चेतावनी दी है। "कोतवाली के सामने समाप्त कर लूंगा जीवन" मृतक हर्षित के पिता सुशील मिश्रा प्रेस वार्ता के दौरान बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गहरा अविश्वास जताते हुए कहा कि यदि निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा नहीं दी गई, तो वे कोतवाली के सामने आत्मदाह कर लेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की ढुलमुल कार्रवाई उन्हें मौत के करीब धकेल रही है। परिजनों द्वारा उठाए गए 4 सुलगते सवाल सुशील मिश्रा ने पुलिस और प्लांट प्रबंधन की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए निम्नलिखित आरोप लगाए हैं: उपचार में जानबूझकर देरी: आरोप है कि गोली लगने के बाद हर्षित और डीजीएम सुधीर गुप्ता करीब 40 मिनट तक प्लांट में तड़पते रहे, लेकिन किसी ने उन्हें अस्पताल नहीं पहुँचाया। उन्हें अस्पताल ले जाने में 1.5 घंटे की देरी की गई। मुख्य आरोपियों को संरक्षण: परिजनों का दावा है कि मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के परिवार (पिता, ताऊ और भाई) के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करने से बच रही है। गिरफ्तारी का 'ड्रामा': परिजनों के अनुसार, आरोपी ने स्वयं समर्पण किया था, जबकि पुलिस इसे अपनी बहादुरी और कामयाबी के तौर पर पेश कर रही है। प्रशासनिक मिलीभगत: स्थानीय स्तर पर कुछ लोग परिजनों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने से रोक रहे हैं, ताकि सच्चाई सामने न आ सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की उम्मीद सुशील मिश्रा ने कहा कि उन्हें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर पूरा भरोसा है। उन्होंने मांग की है कि: मामले की उच्च स्तरीय जांच (SIT या CBI) कराई जाए। मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात कराई जाए ताकि वे अपनी बात रख सकें। नामजद आरोपियों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई हो। "हमें यूपी के मुख्यमंत्री पर भरोसा है, लेकिन स्थानीय पुलिस नामजद आरोपियों को संरक्षण दे रही है। अगर हमें न्याय नहीं मिला, तो हमारे पास जीवन समाप्त करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।" > — सुशील मिश्रा, मृतक हर्षित के पिता क्या था मामला? बीती 12 मार्च को बदायूं के सैजनी स्थित HPCL प्लांट में वर्चस्व की जंग के चलते सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा और डीजीएम सुधीर गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने न केवल औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी थी, बल्कि अब परिजनों के आरोपों ने पुलिसिया जांच पर भी बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं।1
- Post by संदीप निडर1
- Post by Jagdish Ballabh Sharma1