टीकमगढ़ जिले के वार्ड क्रमांक 20 के निवासी मुस्ताक मुहम्मद ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) को लिखित शिकायत सौंपकर बल्देवगढ़ निवासी मोहम्मद यूनुस खान पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, मोहम्मद यूनुस खान ने बल्देवगढ़ स्थित अपनी करीब 28 हजार वर्गफुट की भूमि का प्लॉट ₹17.50 लाख में बेचने का प्रस्ताव दिया था। मुस्ताक ने इस पर भरोसा कर पूरी रकम का भुगतान कर दिया, लेकिन अब आरोपी प्लॉट की रजिस्ट्री करने से मुकर रहा है। आरोप है कि जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगी, तो उसे जान से मारने और झूठे आपराधिक मुकदमों में फंसाने की धमकी दी गई। भुगतान के विवरण के अनुसार, पीड़ित ने गवाहों की मौजूदगी में 25 दिसंबर 2025 को ₹6 लाख बयाने के तौर पर दिए थे और इसके बाद 19 मई 2026 को शेष ₹11.50 लाख का भुगतान किया। इस शेष राशि में से ₹10 लाख बैंक खाते से सेल्फ चेक के जरिए निकाले गए थे, जबकि ₹1.50 लाख नकद दिए गए थे। आरोपी द्वारा मोबाइल बातचीत और पंचायत के दौरान पैसे लेने की बात स्वीकार करने के सबूत के तौर पर पीड़ित ने ऑडियो रिकॉर्डिंग और वीडियो क्लिप से लैस एक पेनड्राइव पुलिस को सौंपी है। पीड़ित ने एसपी से भूमि की रजिस्ट्री कराने या ₹17.50 लाख वापस दिलाने के साथ-साथ आरोपी पर धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज करने की मांग की है। इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। एसडीओपी राहुल कटारे और बल्देवगढ़ थाना प्रभारी चंदन शाक्य ने बताया कि शिकायत मिल चुकी है और इसकी निष्पक्ष जांच की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
टीकमगढ़ जिले के वार्ड क्रमांक 20 के निवासी मुस्ताक मुहम्मद ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) को लिखित शिकायत सौंपकर बल्देवगढ़ निवासी मोहम्मद यूनुस खान पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, मोहम्मद यूनुस खान ने बल्देवगढ़ स्थित अपनी करीब 28 हजार वर्गफुट की भूमि का प्लॉट ₹17.50 लाख में बेचने का प्रस्ताव दिया था। मुस्ताक ने इस पर भरोसा कर पूरी रकम का भुगतान कर दिया, लेकिन अब आरोपी प्लॉट की रजिस्ट्री करने से मुकर रहा है। आरोप है कि जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगी, तो उसे जान से मारने और झूठे आपराधिक मुकदमों में फंसाने की धमकी दी गई। भुगतान के विवरण के अनुसार, पीड़ित ने गवाहों की मौजूदगी में 25 दिसंबर 2025 को ₹6 लाख बयाने के तौर पर दिए थे और इसके बाद 19 मई 2026 को शेष ₹11.50 लाख का भुगतान किया। इस शेष राशि में से ₹10 लाख बैंक खाते से सेल्फ चेक के जरिए निकाले गए थे, जबकि ₹1.50 लाख नकद दिए गए थे। आरोपी द्वारा मोबाइल बातचीत और पंचायत के दौरान पैसे लेने की बात स्वीकार करने के सबूत के तौर पर पीड़ित ने ऑडियो रिकॉर्डिंग और वीडियो क्लिप से लैस एक पेनड्राइव पुलिस को सौंपी है। पीड़ित ने एसपी से भूमि की रजिस्ट्री कराने या ₹17.50 लाख वापस दिलाने के साथ-साथ आरोपी पर धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज करने की मांग की है। इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। एसडीओपी राहुल कटारे और बल्देवगढ़ थाना प्रभारी चंदन शाक्य ने बताया कि शिकायत मिल चुकी है और इसकी निष्पक्ष जांच की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
- टीकमगढ़ जिले के खरगापुर थाना अंतर्गत देरी चौकी पुलिस ने पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई के निर्देशन में नशे के विरुद्ध एक व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया है। इस अभियान के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों के प्रति समाज को सचेत किया जा रहा है। इसके तहत युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों और ग्रामीणों को एक स्वस्थ, सुरक्षित और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के लिए लगातार प्रेरित किया जा रहा है। इसी क्रम में देरी पुलिस चौकी प्रभारी संदीप सोनी और समस्त पुलिस बल ने देरी के मुख्य बाजार सहित चौकी क्षेत्र के विभिन्न गांवों में नशा मुक्त समाज जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। पुलिस टीम ने नागरिकों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और सामाजिक दुष्परिणामों के बारे में बेहद सरल और व्यावहारिक उदाहरण देकर विस्तार से समझाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल नशे के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि समाज में जागरूकता और जनभागीदारी बढ़ाकर एक स्थायी सामाजिक परिवर्तन लाना है। टीकमगढ़ पुलिस इस मुहिम के जरिए "नशामुक्ति युवा, सुरक्षित समाज, सशक्त भविष्य" के संदेश को मजबूत कर रही है।1
- जतारा तहसील के रजिस्ट्री कार्यालय में भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत किटाखेरा के सरपंच ने रजिस्ट्रार अधिकारी पर रजिस्ट्री के नाम पर 16 हजार रुपये की रिश्वत मांगने और किसानों को परेशान करने के आरोप लगाए हैं। सरपंच ने पूरे मामले की शिकायत टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय से करते हुए निष्पक्ष जांच और संबंधित अधिकारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। सरपंच के अनुसार, ग्राम पंचायत किटाखेरा की 32 आर भूमि की रजिस्ट्री कराई जानी थी, जो मुख्य सड़क से लगभग 300 से 400 फीट अंदर स्थित है। जब रजिस्ट्री लेखक ने दस्तावेज तैयार कर रजिस्ट्रार के समक्ष प्रस्तुत किए, तो रजिस्ट्रार ने सड़क पर स्थित भूमि के आधार पर ही रजिस्ट्री करने की बात कही। सरपंच के स्थल निरीक्षण के आग्रह को भी रजिस्ट्रार ने यह कहते हुए टाल दिया कि भूमि की तरमीम नहीं हुई है। आरोप है कि बाद में रजिस्ट्री लेखक ने फोन कर बताया कि रजिस्ट्रार 16 हजार रुपये की मांग कर रही हैं। इसके बाद रजिस्ट्री की राशि लगभग 1.35 लाख रुपये से घटकर 93 हजार रुपये में पूरी हो गई। सरपंच ने रजिस्ट्रार से हुई बातचीत का वीडियो पास में होने का भी दावा किया है। इसके अलावा, सरपंच ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के कई रजिस्ट्री लेखक भी संबंधित अधिकारी के कार्य व्यवहार से परेशान हैं। रोजाना 5 से 10 रजिस्ट्रियां टीकमगढ़ भेजी जाती हैं, जिससे किसानों और आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है और लोगों को कथित रूप से दबाव में लेकर अतिरिक्त राशि वसूली जाती है। सरपंच ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सत्यता सामने लाई जाए और दोषी पाए जाने पर संबंधित रजिस्ट्रार को जतारा से हटाया जाए।1
- मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के ग्राम कोड़ा में हुए गोलीकांड को लेकर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री महाराज ने अपना बयान दिया है।1
- टीकमगढ़ जिले के वार्ड क्रमांक 20 के निवासी मुस्ताक मुहम्मद ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) को लिखित शिकायत सौंपकर बल्देवगढ़ निवासी मोहम्मद यूनुस खान पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, मोहम्मद यूनुस खान ने बल्देवगढ़ स्थित अपनी करीब 28 हजार वर्गफुट की भूमि का प्लॉट ₹17.50 लाख में बेचने का प्रस्ताव दिया था। मुस्ताक ने इस पर भरोसा कर पूरी रकम का भुगतान कर दिया, लेकिन अब आरोपी प्लॉट की रजिस्ट्री करने से मुकर रहा है। आरोप है कि जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगी, तो उसे जान से मारने और झूठे आपराधिक मुकदमों में फंसाने की धमकी दी गई। भुगतान के विवरण के अनुसार, पीड़ित ने गवाहों की मौजूदगी में 25 दिसंबर 2025 को ₹6 लाख बयाने के तौर पर दिए थे और इसके बाद 19 मई 2026 को शेष ₹11.50 लाख का भुगतान किया। इस शेष राशि में से ₹10 लाख बैंक खाते से सेल्फ चेक के जरिए निकाले गए थे, जबकि ₹1.50 लाख नकद दिए गए थे। आरोपी द्वारा मोबाइल बातचीत और पंचायत के दौरान पैसे लेने की बात स्वीकार करने के सबूत के तौर पर पीड़ित ने ऑडियो रिकॉर्डिंग और वीडियो क्लिप से लैस एक पेनड्राइव पुलिस को सौंपी है। पीड़ित ने एसपी से भूमि की रजिस्ट्री कराने या ₹17.50 लाख वापस दिलाने के साथ-साथ आरोपी पर धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज करने की मांग की है। इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। एसडीओपी राहुल कटारे और बल्देवगढ़ थाना प्रभारी चंदन शाक्य ने बताया कि शिकायत मिल चुकी है और इसकी निष्पक्ष जांच की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।1
- टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ क्षेत्र के ग्राम बलवंतपुरा खास (खजवाई) में सरकारी राशन वितरण में बड़ी धांधली का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि श्यामपुरा स्थित सरकारी राशन वितरण केंद्र के संचालक ने मशीन पर उनके फिंगरप्रिंट (अंगूठे) तो लगवा लिए, लेकिन पिछले दो-तीन महीनों से उन्हें अनाज का एक दाना भी नहीं दिया गया है। राशन न मिलने के कारण इन गरीब परिवारों के सामने अब भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) को सौंपे शिकायती पत्र में शासकीय उचित मूल्य दुकान श्यामपुरा (संस्था कोड- 0304127) के संस्थापक अमान सिंह घोष और वितरण सदस्य अभिषेक लोधी (पिता भगवान दास) पर षड्यंत्रपूर्वक उनका हक मारने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों के अनुसार, मशीन पर फिंगरप्रिंट लेने के बाद करीब 35 से 40 क्विंटल राशन की पर्ची तो काट दी गई, लेकिन वास्तव में अनाज का वितरण नहीं किया गया। इससे राशन में एक बड़ा घोटाला होने की गंभीर आशंका जताई जा रही है। इस धांधली से आक्रोशित ग्रामीणों ने 13 जुलाई को बल्देवगढ़ पहुंचकर एसडीएम को लिखित शिकायत दर्ज कराई और न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई करने और ग्रामीणों को उनके पिछले महीनों के राशन का तुरंत भुगतान कराने की मांग की है। शिकायत दर्ज कराने वालों में ग्राम पंचायत श्यामपुरा के सरपंच सहित राजकुमार यादव, विजय यादव, राकेश यादव, रामसिंह यादव, बृजलाल यादव, राहुल गौर, सुदीश यादव, दिनेश अहिरवार, अखिलेश पाल, मुकुंदी ढीमर और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।4