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Rajasthan 🎙️ Kesoraypatan-ट्रांसफॉर्मर और नलकूप केबल चोरी से गांव अंधेरे में
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Rajasthan 🎙️ Kesoraypatan-ट्रांसफॉर्मर और नलकूप केबल चोरी से गांव अंधेरे में
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- Post by Etv9 national news1
- सुखबीर सिंह जौनपुरिया के 'कंबल कांड' की वायरल वीडियो ने देशभर में आक्रोश पैदा किया, तो टोंक जिले के अकबर खान याद आ गए। यह वही अकबर खान हैं, जो हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदायों के सुख-दुख में बराबर साथ खड़े रहते हैं। रेल लाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष अकबर खान ने न सिर्फ रजाइयां बांटीं, बल्कि हिंदुओं के लिए शिव मंदिर भी बनवाया और हर महाशिवरात्रि पर खुद पूजा करते हैं।संपत्ति व्यवसायी अकबर खान ने अपनी प्रतिष्ठा का नाम 'शिव प्रॉपर्टी' रखा है, जो उनके सद्भाव के प्रतीक के रूप में जाना जाता है। जौनपुरिया की वीडियो में मुस्लिम महिला को कंबल न देने की घटना के बाद सोशल मीडिया पर अकबर खान के पुराने वीडियो वायरल हो रहे हैं। लोग कह रहे हैं, "अकबर भाई सच्चे अर्थों में धर्मनिरपेक्षता के पैसेंजर हैं।"टोंक में रेल सुविधा लाने के लिए सालों से संघर्षरत अकबर खान सैकड़ों राजनेताओं से मिल चुके हैं और ज्ञापन सौंप चुके हैं। वे कांग्रेस नेता सचिन पायलट के प्रशंसक हैं। पायलट के हर टोंक दौरे पर अकबर सैकड़ों हिंदू-मुस्लिम भाइयों-बहनों के साथ उनका स्वागत करते हैं। स्थानीय वासी बताते हैं कि अकबर खान गरीबों को रजाई-कंबल बांटते हैं और हर धर्म के त्योहारों में हिस्सा लेते हैं।जौनपुरिया कांड के बाद टोंक वासी अकबर खान को 'एकता का सितारा' बता रहे हैं। पूरा वीडियो देखें और जानें, कैसे एक सामान्य इंसान सद्भाव की मिसाल बन रहा है।1
- Post by एस पी न्यूज टोंक1
- Post by Rajesh meena rajesh meena1
- सवाई माधोपुर। पेड़ बचाओ आंदोलन के तत्वावधान में आज पुष्प के बालाजी परिसर में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में पर्यावरण संरक्षण, शहर में हो रही अवैध वृक्ष कटाई और उसके दुष्परिणामों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर सर्वसम्मति से 21 सदस्यीय “पेड़ बचाओ संघर्ष समिति” का गठन किया गया। संघर्ष समिति में संरक्षक, सलाहकार, समन्वयक, लीगल, सोशल मीडिया एवं प्रचार-प्रसार, सूचना एवं संपर्क जैसे विभिन्न प्रकोष्ठ बनाए गए हैं तथा सभी सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि आंदोलन को संगठित एवं प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया जा सके। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि बड़ी बेरहमी और अति-संवेदनहीनता के साथ बिना वैधानिक अनुमति (एनओसी) के पेड़ों की कटाई की गई है, जो एक घोर पर्यावरणीय अपराध है। यह कटाई न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि शहर के पर्यावरण, जलवायु संतुलन और भविष्य के लिए गंभीर खतरा भी है। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि संघर्ष समिति इस मुद्दे पर कानूनी लड़ाई के साथ-साथ लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन भी करेगी। अभी जो पेड़ बचे हुए हैं, उन्हें हर हाल में बचाने के लिए संघर्ष तेज किया जाएगा। साथ ही जिन पेड़ों को अवैध रूप से काट दिया गया है, उनके पुनः रोपण (री-प्लांटेशन) के लिए भी प्रशासन से मांग की जाएगी। संगोष्ठी में यह भी आरोप लगाया गया कि अवैध रूप से काटी गई लकड़ी का लदान, परिवहन और बिक्री एक संगठित अपराध के रूप में सामने आ रही है। संघर्ष समिति दोषी व्यक्तियों, ठेकेदारों तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए संबंधित विभागों और न्यायिक लड़ाई लड़ेगी। समिति में समिति में साहित्यकार प्रभाशंकर उपाध्याय, वरिष्ठ नागरिक एडवोकेट जगन्नाथ चौधरी, एडवोकेट भोलाशंकर,एडवोकेट मुकेश भूप्रेमी,एडवोकेट राजेश मीणा, शंकर लाल ,सोहन सिंह नरूका, राजेश पहाड़िया, अशोक जैन, अवधेश शर्मा, यशवंत भूप्रेमी, के.पी. सिंह, अजय शर्मा, राजकुमार दोसाया, राजीव जैन, हमदम मुकेश, महेश सोनी, डेविड, हेमराज रावल, प्रेमराज मीणा, चंद्रकांत जैन सहित अनेक पर्यावरण प्रेमी, सामाजिक कार्यकर्ता शामिल है । वहीं सभी संगोष्ठी में सभी उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा कि “विकास के नाम पर प्रकृति का विनाश स्वीकार नहीं किया जाएगा” और पेड़ों की रक्षा के लिए संघर्ष लगातार जारी रहेगा। इसी प्रकार आंदोलन संघर्ष समिति के लोगों ने आज भी दिनभर कटे हुए तथा बचे हुए पेड़ों का जिओ ट्रैकिंग फोटोग्राफी और सूची तैयार की है तथा स्थानीय लोगों के वक्तव्य भी लिए हैं ।1
- Post by VKH NEWS1
- KOTA/BUNDI | लोकसभा अध्यक्ष Om Birla आज बून्दी जिले के इन्द्रगढ़ क्षेत्र में आयोजित महत्वपूर्ण विकास कार्यक्रमों में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने मां बीजासन मंदिर में लगभग 18 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले रोप-वे परियोजना का शिलान्यास किया। कार्यक्रम में 62 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बांसी–देई–खजूरी–करवर–इन्द्रगढ़ सड़क का भी लोकार्पण किया गया। इस सड़क निर्माण से क्षेत्रीय संपर्क, पर्यटन विकास तथा ग्रामीण आवागमन को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। मां बीजासन मंदिर तक रोप-वे निर्माण से श्रद्धालुओं को सुगम पहुंच उपलब्ध होगी तथा धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों की उपस्थिति में समारोह संपन्न हुआ।1
- Post by Etv9 national news1